#मनोरंजन

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बॉलीवुड के नेपोटिज्म को कैसे समाप्त किया जा सकता है?Bollywood Ke Nepotisim Ko Kaise Samapt Kiya Ja Sakta Hai
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1:38
देखे जो नेट विजन शब्द जो इंग्लिश का है जिसका मतलब होता है भाई भतीजावाद तो बॉलीवुड का जो यह प्रचलन है यह तो बहुत पहले से ही रहा है आप जितने भी देखे हैं जितने भी फिल्म स्टार हैं उनके लड़के आज की डेट में इस्टैबलिश्ड रूप से फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं बहुत हद तक बहुत फिल्म स्टारों की जो लड़के हैं फ्लॉप है लेकिन मैं किसी का नाम एक फिल्म स्टार का नहीं लेना चाहूंगा तो कहीं ना कहीं चोट प्रोड्यूसर से डायरेक्टर है वह इन पर ज्यादा ट्रस्ट करते हैं और जिसकी वजह से जो नए कलाकार हैं उनको उतना अच्छा मौका नहीं मिल पाता है आप देखे बहुत सारे ऐसे नए कलाकार जो आए जिनको की सही रूप से उनको एक दिशा नहीं मिल पाई शुरुआती दौर में उन्होंने बहुत अच्छा किया और शैतान सिंह वाला केस तो सब से किसी से छुपा नहीं है जो चीजें उनके साथ हुई और तमाम ऐसे कलाकार हैं जो अच्छे हैं लेकिन उनको मौका नहीं मिल पाता है तो यह चीज की सबसे बड़ी बात यह होनी चाहिए कि जो प्रोड्यूसर से डायरेक्ट से वह न्यू कमर को उनको मौका देना चाहिए और सरकार की भी इन सब पर पैनी नजर होनी चाहिए जो उनका शोषण होता है नए कलाकारों का वह नहीं होना चाहिए और जो नए इस फील्ड में भी नए डायरेक्टर जानी चाहिए और खासकर इसमें सबसे बड़ी जोर खराब है क्या कि ज्यादातर जो बॉलीवुड में पैसा लगता है वह गलत तरीके से पैसा लगता है जैसे कि माफियाओं का पैसा लगता है या जो भी इस तरह के डॉन से उनका पैसा लगता है इस वजह से यह चीजें खत्म नहीं हो पाती

#भारत की राजनीति

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मोदी सरकार की ऐसी कौन सी मजबूरी है जो कुछ आंदोलनकारियों पर लगाम नहीं लगा पा रही है?Modi Sarkar Ki Esi Kon Si Majburi Hai Jo Mutthi Bhar Andolankariyo Par Lagaam Nahi Lga Pa Rahi Hai
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1:58
देखें जरा पिछले 2 महीने के घटनाक्रम को बारीकी से अध्ययन करेंगे तो आपको सारी चीजें स्पष्ट दिखाई देगी मोदी सरकार की कौन सी मजबूरी है कि आंदोलनकारियों पर लगाम नहीं लगा उस सबसे पहले जो मजबूरी नहीं है उस पे समझ लेते हैं भारत सरकार ने 12 रावण की बातचीत किसानों से की लेकिन उसके बाद भी कोई फैसला नहीं निकला हालांकि लगभग बातें सरकार ने मान ली है अब सरकार को नीचा दिखाने के लिए जब सारी मांगे मान ली जाएंगे तो किसान आंदोलन को विपक्ष की पार्टियां बढ़ावा दे रही हैं और तमाम अभी आपने देखा होगा कि जो ग्रुप है खालिस्तान समर्थक और तमाम ऐसे संगठन जो है उसका हिस्सा थे जो कि गलत तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ा रहे थे तो मैं उस पर नहीं जाना चाहूंगा लेकिन सरकार ने लाल किले पर जो हुआ उस समय यह था कि यह किसान है और किसानों के सरकार को समर्थन देना चाहिए और सही बात भी है लेकिन लाल किले की घटना के बाद जिस तरह से गुड्डन को आंदोलन हुआ 400 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए उसके बाद से सरकार ने सिंधु बॉर्डर पर जहां पर किए आंदोलन चल रहा था वहां पर बैरिकेडिंग की और तार लगाए तो उसके बाद यह सरकार के ऊपर प्रश्नचिन्ह उठने लगा कि सरकार तो इन किसानों के साथ आतंकवादियों जैसा घुसपैठियों जैसा व्यवहार कर रही है तो सरकार अगर कुछ करती है तो उसके ऊपर यह आरोप लगता है नहीं करती है तो सरकार गलत है और सरकार दुख रही है तो देखिए आलोचना करना हर आदमी का कर्तव्य है लेकिन गलत तरीके से सरकार को रिप्रेजेंट करना आलोचना करना वह सही नहीं किसान का बिल्कुल अधिकार है और उनको अपने राइट के लिए प्रदर्शन करने का भी अधिकार है लेकिन गलत तरीके से नहीं उसको सही तरीके से प्रदर्शन करें और सरकार को दबाव में लेने के लिए जो जायज मांगे हैं उन पर सैद्धांतिक रूप से सरकार से बात करें
Dekhen jara pichhale 2 maheene ke ghatanaakram ko baareekee se adhyayan karenge to aapako saaree cheejen spasht dikhaee degee modee sarakaar kee kaun see majabooree hai ki aandolanakaariyon par lagaam nahin laga us sabase pahale jo majabooree nahin hai us pe samajh lete hain bhaarat sarakaar ne 12 raavan kee baatacheet kisaanon se kee lekin usake baad bhee koee phaisala nahin nikala haalaanki lagabhag baaten sarakaar ne maan lee hai ab sarakaar ko neecha dikhaane ke lie jab saaree maange maan lee jaenge to kisaan aandolan ko vipaksh kee paartiyaan badhaava de rahee hain aur tamaam abhee aapane dekha hoga ki jo grup hai khaalistaan samarthak aur tamaam aise sangathan jo hai usaka hissa the jo ki galat tareeke se aandolan ko aage badha rahe the to main us par nahin jaana chaahoonga lekin sarakaar ne laal kile par jo hua us samay yah tha ki yah kisaan hai aur kisaanon ke sarakaar ko samarthan dena chaahie aur sahee baat bhee hai lekin laal kile kee ghatana ke baad jis tarah se guddan ko aandolan hua 400 se adhik pulisakarmee ghaayal hue usake baad se sarakaar ne sindhu bordar par jahaan par kie aandolan chal raha tha vahaan par bairikeding kee aur taar lagae to usake baad yah sarakaar ke oopar prashnachinh uthane laga ki sarakaar to in kisaanon ke saath aatankavaadiyon jaisa ghusapaithiyon jaisa vyavahaar kar rahee hai to sarakaar agar kuchh karatee hai to usake oopar yah aarop lagata hai nahin karatee hai to sarakaar galat hai aur sarakaar dukh rahee hai to dekhie aalochana karana har aadamee ka kartavy hai lekin galat tareeke se sarakaar ko riprejent karana aalochana karana vah sahee nahin kisaan ka bilkul adhikaar hai aur unako apane rait ke lie pradarshan karane ka bhee adhikaar hai lekin galat tareeke se nahin usako sahee tareeke se pradarshan karen aur sarakaar ko dabaav mein lene ke lie jo jaayaj maange hain un par saiddhaantik roop se sarakaar se baat karen

#भारत की राजनीति

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भारत की अर्थव्यवस्था का नीचे जाने का कारण लॉकडाउन है या सरकार की नीतियां?Bharat Ki Arthvyavastha Ka Neeche Jane Ka Karan Lockdown Hai Ya Sarkar Ki Neetiyaan
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1:22
देखी मुझे समझ में नहीं आ रहा कि आपने क्वेश्चन किस आधार पर पूछा हुआ है आपको या तो अर्थव्यवस्था की समझ नहीं आया आलोचनात्मक रूप से अपने प्रश्न पूछा हुआ है अब आते हैं मेन क्वेश्चन पर भारत की अर्थव्यवस्था लॉकडाउन के बाद लॉकडाउन में निश्चित तौर पर सभी देशों की अर्थव्यवस्था गिरी थी तो भारत भी उसी का एक भाग था अगर आप पिछले 4 से 5 महीने का लगातार ट्रैक रिकॉर्ड देखें तो भारत का अर्थव्यवस्था का इंडेक्स नापा जाता है वह फॉरेन रिजर्व से नापा जाता है और भारत ने अभी हाल में ही रसिया को भी पीछे कर दिया है इस मामले में तो आप समझ सकते हैं कि चौथे नंबर की जो अर्थव्यवस्था है वह भारत की उम्र के आई है बैंकिंग और एफएमसीजी सेक्टर के जो शेयर थे बहुत नीचे जा रहे थे लेकिन इधर भी लगभग डबल से भी ज्यादा उस पर उछाल देखने को मिला है तो यह कहा जा सकता है एक पॉजिटिव साइन है लगातार हमारे जो रक्षा क्षेत्र में भी हमारी आत्मनिर्भरता भरी है और अभी आपने तेजस और एम का तमाम ऐसी मिसाइलें लगभग 12 से अधिक मसालों का भी परीक्षण करके और तमाम ऐसे कंट्रीज हैं जो कि हमारे देश से इंपोर्ट एक्सपोर्ट को बढ़ाने में इंटरेस्ट ले रहे हैं तो इस तरह से अगर देखा जाए तो इंडिया आत्मनिर्भर भारत की तरफ बढ़ रहा है और साथ में अर्थव्यवस्था भी बहुत तेजी के साथ आगे गुरु कर रही है
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#भारत की राजनीति

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1:08
देखिए जहां तक मोदी जी की बात है वह भारत के प्रधानमंत्री हैं तो उनकी आलोचना करना निश्चित रूप से सही है अगर कहीं पर उनकी नीतियां गलत है तो लेकिन यहां पर झोलाछाप से मुझे जहां तक लग रहा है कि उनके पास नॉलेज का मैं तो मुझे नहीं लगता कि जो आदमी इंटरनेशनल लेवल पर प्रतिनिधित्व कर रहा है इंटरनेशनल मीडिया में का आइकॉन के रूप में उभरा है विश्व लीडर के रूप में उभरा है उसको झोलाछाप कहना बिल्कुल ही सही नहीं है और खासकर जो कूटनीति के मामले में भारत की जो साथ इंटरनेशनल लेवल पर बड़ी है वह निश्चित रूप से किसी और कंट्री में देखने को नहीं मिली है दूसरी बात है कि जहां पर झूला भरने की बात है तो झूला देखिए उन्होंने अपने परिवार के जो भी उनके भाई हैं आज तक उन्होंने उनके लिए कुछ नहीं किया है केवल देश के लिए वह आदमी काम कर रहा है निश्चित रूप से हो सकता है कुछ कमियां है रहती भी है तो उसको सुधार करने की जरूरत है लेकिन इस तरह से गलत आरोप-प्रत्यारोप करना यह बिल्कुल सच में सही नहीं है
Dekhie jahaan tak modee jee kee baat hai vah bhaarat ke pradhaanamantree hain to unakee aalochana karana nishchit roop se sahee hai agar kaheen par unakee neetiyaan galat hai to lekin yahaan par jholaachhaap se mujhe jahaan tak lag raha hai ki unake paas nolej ka main to mujhe nahin lagata ki jo aadamee intaraneshanal leval par pratinidhitv kar raha hai intaraneshanal meediya mein ka aaikon ke roop mein ubhara hai vishv leedar ke roop mein ubhara hai usako jholaachhaap kahana bilkul hee sahee nahin hai aur khaasakar jo kootaneeti ke maamale mein bhaarat kee jo saath intaraneshanal leval par badee hai vah nishchit roop se kisee aur kantree mein dekhane ko nahin milee hai doosaree baat hai ki jahaan par jhoola bharane kee baat hai to jhoola dekhie unhonne apane parivaar ke jo bhee unake bhaee hain aaj tak unhonne unake lie kuchh nahin kiya hai keval desh ke lie vah aadamee kaam kar raha hai nishchit roop se ho sakata hai kuchh kamiyaan hai rahatee bhee hai to usako sudhaar karane kee jaroorat hai lekin is tarah se galat aarop-pratyaarop karana yah bilkul sach mein sahee nahin hai

#धर्म और ज्योतिषी

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टाटा मोटर्स के शेयरों में इतनी तेजी क्यों दिखाई दे रही है?Tata Moters Ke Shero Mei Itne Teji Kyo Dikha De Rahe Hai
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2:13
देखिए एक समय था कि जब का टाटा की गाड़ियों से लोगों का मोहभंग होना शुरु हो गया था और खासकर अगर भी किसने कमेंट की बात की जाए जिसमें की इंडिगो चेस्ट और इंडिका जैसी गाड़ियां टाटा ने लांच की थी लेकिन वह कस्टमर को खासकर सर्विसिस उसकी वजह से खास सक्सेस नहीं हो पाई लेकिन इधर लॉकडाउन के बाद से जिस तरह से टाटा ने बहुत ही बड़ा इंप्रूवमेंट किया है खासकर व्हीकल सेगमेंट में वह देखने लायक है इससे पहले भी आपने देखा था कि लैंडरोवर और जगुआर जैसी बड़ी कंपनियों को एक वायर करके टाटा ने एक बहुत बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया था कि सबसे ज्यादा वर्ल्ड में दूसरे नंबर पर गाड़ियां बेचने का और इसी सेगमेंट को बनाते हुए अभी लॉकडाउन के बाद से लगातार जो मार्केट शेयर है इंडिया के अंदर टाटा का बड़ा है खासकर कुछ 1 गाड़ियां हैं जो जनता के सेफ्टी रेजर में टीचर में नंबर एक पर तो टाटा की अगर बात की जाए तो जो अभी नई गाड़ियां जो भी टाटा की आ रही है वह बहुत ही अच्छे सेफ्टी फीचर के साथ है और कंजूमर का बहुत ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है और खासकर अभी जो सर्विसेज इश्यूज थे जो टाटा के साथ वह भी कंपनी ने काफी इंप्रूव किए गए हैं तो इसी सेगमेंट में जैसे टियागो हो गई टैगोर हो गई टाटा हैरियर है जो बहुत ही बढ़िया रिस्पांस दे रही है अभी सफारी पंजाबी न्यू लुक लांच हुआ है अल्टरूज मिड रेंज में है और नेक्स्ट वन जो टाटा नेक्सों है उसने एक एसयूवी सेगमेंट में गतिमान स्थापित किया है और अभी इंडिया के अंदर लास्ट 3 सेलिंग कंपनी बन चुकी है तो इस वजह से पब्लिक को लग रहा है कि टाटा एक अच्छा गुरु कर रही है और जिसकी वजह से शेयर काफी तेजी देखने को मिल रही है और यही रहा तो तमाम और सेगमेंट में भी टाटा जो है कुछ लोअर सेगमेंट में भी गाड़ियां अपनी लांच करने वाली है जिसमें कि निश्चित तौर पर एक अच्छा रिस्पांस देखने को मिल रहा है यह कैप जो कि राष्ट्र रेटिंग है उसमें भी 5 से 4 स्टार टाटा की गाड़ी आ रही है दूसरी पब्लिक का रुझान बढ़ रहा है और लोगों में अच्छी संभावनाएं टाटा में नजर आ रही है
Dekhie ek samay tha ki jab ka taata kee gaadiyon se logon ka mohabhang hona shuru ho gaya tha aur khaasakar agar bhee kisane kament kee baat kee jae jisamen kee indigo chest aur indika jaisee gaadiyaan taata ne laanch kee thee lekin vah kastamar ko khaasakar sarvisis usakee vajah se khaas sakses nahin ho paee lekin idhar lokadaun ke baad se jis tarah se taata ne bahut hee bada improovament kiya hai khaasakar vheekal segament mein vah dekhane laayak hai isase pahale bhee aapane dekha tha ki laindarovar aur jaguaar jaisee badee kampaniyon ko ek vaayar karake taata ne ek bahut bada keertimaan sthaapit kiya tha ki sabase jyaada varld mein doosare nambar par gaadiyaan bechane ka aur isee segament ko banaate hue abhee lokadaun ke baad se lagaataar jo maarket sheyar hai indiya ke andar taata ka bada hai khaasakar kuchh 1 gaadiyaan hain jo janata ke sephtee rejar mein teechar mein nambar ek par to taata kee agar baat kee jae to jo abhee naee gaadiyaan jo bhee taata kee aa rahee hai vah bahut hee achchhe sephtee pheechar ke saath hai aur kanjoomar ka bahut jyaada dhyaan diya ja raha hai aur khaasakar abhee jo sarvisej ishyooj the jo taata ke saath vah bhee kampanee ne kaaphee improov kie gae hain to isee segament mein jaise tiyaago ho gaee taigor ho gaee taata hairiyar hai jo bahut hee badhiya rispaans de rahee hai abhee saphaaree panjaabee nyoo luk laanch hua hai altarooj mid renj mein hai aur nekst van jo taata nekson hai usane ek esayoovee segament mein gatimaan sthaapit kiya hai aur abhee indiya ke andar laast 3 seling kampanee ban chukee hai to is vajah se pablik ko lag raha hai ki taata ek achchha guru kar rahee hai aur jisakee vajah se sheyar kaaphee tejee dekhane ko mil rahee hai aur yahee raha to tamaam aur segament mein bhee taata jo hai kuchh loar segament mein bhee gaadiyaan apanee laanch karane vaalee hai jisamen ki nishchit taur par ek achchha rispaans dekhane ko mil raha hai yah kaip jo ki raashtr reting hai usamen bhee 5 se 4 staar taata kee gaadee aa rahee hai doosaree pablik ka rujhaan badh raha hai aur logon mein achchhee sambhaavanaen taata mein najar aa rahee hai

#भारत की राजनीति

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1:37
देखिए किसानों को अपनी मांग और अपने जो भी समस्याएं हैं उनको रखने का सरकार पर अधिकार है और बिल्कुल प्रदर्शन करना ये उनका मौलिक अधिकार है अब पिछले 2 से ढाई महीने से जो प्रदर्शन हुए हैं वह निश्चित तौर पर काफी कुछ हद तक सही रहे हैं लेकिन 26 जनवरी की अगर आप घटना को देखें तो जिस तरह से प्रदर्शन के नाम पर जिस तरह से आंदोलन हुआ है उग्र हुआ है और तोड़फोड़ हुई है आगजनी हुई है हिंसा हुई है और जिसमें से कि 400 पुलिसवाले घायल भी हो चुके हैं तू ही बहुत ही सही नहीं है क्योंकि इससे लगता है कहीं ना कहीं आंदोलन को हाईजैक कर लिया गया है तो इसमें तमाम ऐसे संगठन भी है जो देश विरोधी ताकतों को बल दे रहे हैं और ऐसी स्थिति में जब सरकार ने को पूछा ही जा रहा था कि वह आपकी सरकारी आपकी पुलिस क्या कर रही थी जब यह लोग का उस समय तोड़फोड़ कर रहे थे ऐसा कर रहे थे तो अब उसके जवाब में जब सरकार ने घेराबंदी शुरू कर दी है बॉर्डर पर तारे लगाना उन्होंने शुरू कर दिया तो अब लोग वहीं विपक्ष वाले यह पूछने की भी आप ऐसा क्यों कर रहे हैं तो यह दोनों चीजें हैं सरकार को दोनों चीजें देखनी है कि भाई जो आंदोलन है लगातार 17 से 18 रावण की बातचीत भी सरकार की हो चुकी है किसानों से लेकिन फिर भी मुद्दे नहीं सुलझ रहे हैं तो किसानों को चाहिए कि वह शांतिपूर्ण ढंग से अपनी जो भी मांगो सरकार में रखें और सरकार को भी इस पर अमल करना चाहिए
Dekhie kisaanon ko apanee maang aur apane jo bhee samasyaen hain unako rakhane ka sarakaar par adhikaar hai aur bilkul pradarshan karana ye unaka maulik adhikaar hai ab pichhale 2 se dhaee maheene se jo pradarshan hue hain vah nishchit taur par kaaphee kuchh had tak sahee rahe hain lekin 26 janavaree kee agar aap ghatana ko dekhen to jis tarah se pradarshan ke naam par jis tarah se aandolan hua hai ugr hua hai aur todaphod huee hai aagajanee huee hai hinsa huee hai aur jisamen se ki 400 pulisavaale ghaayal bhee ho chuke hain too hee bahut hee sahee nahin hai kyonki isase lagata hai kaheen na kaheen aandolan ko haeejaik kar liya gaya hai to isamen tamaam aise sangathan bhee hai jo desh virodhee taakaton ko bal de rahe hain aur aisee sthiti mein jab sarakaar ne ko poochha hee ja raha tha ki vah aapakee sarakaaree aapakee pulis kya kar rahee thee jab yah log ka us samay todaphod kar rahe the aisa kar rahe the to ab usake javaab mein jab sarakaar ne gheraabandee shuroo kar dee hai bordar par taare lagaana unhonne shuroo kar diya to ab log vaheen vipaksh vaale yah poochhane kee bhee aap aisa kyon kar rahe hain to yah donon cheejen hain sarakaar ko donon cheejen dekhanee hai ki bhaee jo aandolan hai lagaataar 17 se 18 raavan kee baatacheet bhee sarakaar kee ho chukee hai kisaanon se lekin phir bhee mudde nahin sulajh rahe hain to kisaanon ko chaahie ki vah shaantipoorn dhang se apanee jo bhee maango sarakaar mein rakhen aur sarakaar ko bhee is par amal karana chaahie

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1:58
देखे निश्चित तौर पर मोदी जी लगा था दूसरा अपना कार्यकाल पूरा करने जा रहे हैं तो यह कहीं ना कहीं दिखाता है कि जनता अभी भी उनके पक्ष में है तो जहां तक विपक्ष की बात है तो पंचातंत्र विपक्ष की भी भूमिका सकारात्मक होनी चाहिए और यह स्वस्थ प्रजातंत्र के लिए जरूरी भी है लेकिन जब आप अनर्गल और गलत तरीके से प्रचार प्रसार शुरू कर दें और देश विरोधी ताकतें इकट्ठा होना शुरू हो जाए तो ऐसे में यह प्रतीत होता है कहीं ना कहीं तो विपक्ष है वह सकारात्मक मुद्दों से लेकर सरकार को परेशान नहीं करता है बल्कि नेगेटिव मुद्दों को पक्ष में रखकर वह सरकार को खेलना चाहता है रही बात अभी खास के मुद्दे देखे हैं जैसे सीए एनआरसी और अब किसान आंदोलन इन सभी मुद्दों के पीछे की तरफ हिस्ट्री देखेंगे तो कहीं ना कहीं विपक्ष यह चाहता है कि किसी भी तरह का सरकार काम करें उस पर अड़चनें लगाई जाए इसी तरह से जितने भी विकास के कार्य प्रधानमंत्री जी द्वारा किए जा रहे हैं उनमें कहीं ना कहीं विरोध अच्छा लगता है और पुरजोर विपक्ष की यह कोशिश रहती है कि किसी तरह से इसको खत्म किया जाए ताकि उसका श्रेय भारतीय जनता पार्टी है मोदी जी को ना मिले अगर आप पिछली सरकारों से तुलना करेंगे तो बहुत ही बेहतर रहा है क्योंकि अभी इंडिया की भी एकोनोमी चौथे से पांचवें स्तर पर पूरे विश्व में पहुंच गई है तमाम ऐसे जो रक्षा क्षेत्र में जो विकास की बात की जाए या आत्मनिर्भरता की बात की जाए तो सरकार ने बहुत बढ़िया काम किया है और खासकर चाइना के अगेंस्ट जो इनीशिएटिव प्रधानमंत्री जी ने लिए हैं वह निश्चित ही सराहनीय है लेकिन मैं यह भी मानता हूं कि विपक्ष का भी रहना बहुत जरूरी है और जहां जहां सरकार एक अपनी कमियां कर रही हैं उसका विरोध विरोध होना चाहिए लेकिन वह सही तरीके से होना चाहिए और पोस्टिंग दिशा में होना चाहिए ताकि एक अच्छे प्रजातंत्र की हम कल्पना कर सके
Dekhe nishchit taur par modee jee laga tha doosara apana kaaryakaal poora karane ja rahe hain to yah kaheen na kaheen dikhaata hai ki janata abhee bhee unake paksh mein hai to jahaan tak vipaksh kee baat hai to panchaatantr vipaksh kee bhee bhoomika sakaaraatmak honee chaahie aur yah svasth prajaatantr ke lie jarooree bhee hai lekin jab aap anargal aur galat tareeke se prachaar prasaar shuroo kar den aur desh virodhee taakaten ikattha hona shuroo ho jae to aise mein yah prateet hota hai kaheen na kaheen to vipaksh hai vah sakaaraatmak muddon se lekar sarakaar ko pareshaan nahin karata hai balki negetiv muddon ko paksh mein rakhakar vah sarakaar ko khelana chaahata hai rahee baat abhee khaas ke mudde dekhe hain jaise seee enaarasee aur ab kisaan aandolan in sabhee muddon ke peechhe kee taraph histree dekhenge to kaheen na kaheen vipaksh yah chaahata hai ki kisee bhee tarah ka sarakaar kaam karen us par adachanen lagaee jae isee tarah se jitane bhee vikaas ke kaary pradhaanamantree jee dvaara kie ja rahe hain unamen kaheen na kaheen virodh achchha lagata hai aur purajor vipaksh kee yah koshish rahatee hai ki kisee tarah se isako khatm kiya jae taaki usaka shrey bhaarateey janata paartee hai modee jee ko na mile agar aap pichhalee sarakaaron se tulana karenge to bahut hee behatar raha hai kyonki abhee indiya kee bhee ekonomee chauthe se paanchaven star par poore vishv mein pahunch gaee hai tamaam aise jo raksha kshetr mein jo vikaas kee baat kee jae ya aatmanirbharata kee baat kee jae to sarakaar ne bahut badhiya kaam kiya hai aur khaasakar chaina ke agenst jo ineeshietiv pradhaanamantree jee ne lie hain vah nishchit hee saraahaneey hai lekin main yah bhee maanata hoon ki vipaksh ka bhee rahana bahut jarooree hai aur jahaan jahaan sarakaar ek apanee kamiyaan kar rahee hain usaka virodh virodh hona chaahie lekin vah sahee tareeke se hona chaahie aur posting disha mein hona chaahie taaki ek achchhe prajaatantr kee ham kalpana kar sake

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पश्चिम बंगाल की जो हालत है इस समय क्या आपको लगता है वहां बीजेपी की सरकार बन सकती है?Pashchim Bengal Ki Jo Haalat Hai Is Samay Kya Aapko Lagta Hai Vahaan Bjp Ki Sarkar Ban Sakti Hai
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1:50
देखिए अगर बंगाल की बात की जाए तो वहां पर 1977 से लेकर 2011 तक ज्योति बसु जी का शासन रहा है यानी सीबीआई का शासन रहा है और उसके बाद से 2011 के बाद से तृणमूल कांग्रेस ममता जी लगातार शासन में रही है और वहां के वोटर्स को ऐसा माना जाता है कि बहुत ऑर्थोडॉक्स वोटर वहां पर हैं लेकिन अगर पिछले लोकसभा का अगर आप 2019 का रिकॉर्ड देखे तो जिस में बीजेपी को 18 सीटें मिली थी इसका मतलब यह है कि वहां की जो जनता है वह निश्चित रूप से बदलाव के और जाना चाहती हैं क्योंकि लंबे समय से जो सीपीआई और टीम कांग्रेस वहां पर शासन किया लेकिन बहुत खास इंपैक्ट वहां पर देखने को नहीं मिला है खासकर विकास की बात की जाए या फिर किसी भी लेवल पर वहां पर इंडस्ट्राइलाइजेशन अभी आपने देखा होगा कि बहुत सारी कंपनियां टाटा ने अपना नैनो वाला जो प्लांट है वहां से हटा दिया था तो तमाम ऐसी चीजें हैं जिसकी वजह से वह के लोगों को भी रोजगार और तमाम चीजों से जोड़ने का जो कार्य है यह सारी सरकारी नहीं कर पाए हैं अब भारतीय जनता पार्टी की ओर जो पब्लिक है वह एक देख रही है कि शायद कुछ चीजें गए हैं जिस तरह से डेवलपमेंट के कार्य को इनीशिएट कर रही है भारतीय जनता पार्टी तो लोगों में एक आस लगी है कि शायद आने वाले समय में कुछ बंगाल के लिए अच्छा हो जाए अभी आपने देखा होगा ममता बनर्जी ने जो किसान सम्मान निधि है उसका पैसा तक किसानों तक नहीं जाने दिया तुझसे काफी लोगों में रोष भी है और एकजुटता भी है और तमाम इस तरह से जो लिंचिंग और एक का जो दंगे वहां पर हो रहे हैं उसकी वजह से भी एक मोबिलाइजेशन बीजेपी की तरफ जा रहा है तो निश्चित तौर पर यह आने वाले समय में बीजेपी को उसका एक प्रॉफिट मिल सकता है और हम हो सकता है कि बीजेपी की सरकार देखने को मैं मिल सकती है
Dekhie agar bangaal kee baat kee jae to vahaan par 1977 se lekar 2011 tak jyoti basu jee ka shaasan raha hai yaanee seebeeaee ka shaasan raha hai aur usake baad se 2011 ke baad se trnamool kaangres mamata jee lagaataar shaasan mein rahee hai aur vahaan ke votars ko aisa maana jaata hai ki bahut orthodoks votar vahaan par hain lekin agar pichhale lokasabha ka agar aap 2019 ka rikord dekhe to jis mein beejepee ko 18 seeten milee thee isaka matalab yah hai ki vahaan kee jo janata hai vah nishchit roop se badalaav ke aur jaana chaahatee hain kyonki lambe samay se jo seepeeaee aur teem kaangres vahaan par shaasan kiya lekin bahut khaas impaikt vahaan par dekhane ko nahin mila hai khaasakar vikaas kee baat kee jae ya phir kisee bhee leval par vahaan par indastrailaijeshan abhee aapane dekha hoga ki bahut saaree kampaniyaan taata ne apana naino vaala jo plaant hai vahaan se hata diya tha to tamaam aisee cheejen hain jisakee vajah se vah ke logon ko bhee rojagaar aur tamaam cheejon se jodane ka jo kaary hai yah saaree sarakaaree nahin kar pae hain ab bhaarateey janata paartee kee or jo pablik hai vah ek dekh rahee hai ki shaayad kuchh cheejen gae hain jis tarah se devalapament ke kaary ko ineeshiet kar rahee hai bhaarateey janata paartee to logon mein ek aas lagee hai ki shaayad aane vaale samay mein kuchh bangaal ke lie achchha ho jae abhee aapane dekha hoga mamata banarjee ne jo kisaan sammaan nidhi hai usaka paisa tak kisaanon tak nahin jaane diya tujhase kaaphee logon mein rosh bhee hai aur ekajutata bhee hai aur tamaam is tarah se jo linching aur ek ka jo dange vahaan par ho rahe hain usakee vajah se bhee ek mobilaijeshan beejepee kee taraph ja raha hai to nishchit taur par yah aane vaale samay mein beejepee ko usaka ek prophit mil sakata hai aur ham ho sakata hai ki beejepee kee sarakaar dekhane ko main mil sakatee hai

#जीवन शैली

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1:45
ठीक है जैसा कि आपके सवाल से ही लग रहा है कि आप अपने जीवन में समस्याओं का सामना नहीं कर पा रहे हैं तुम्हारी लाइफ में समस्या ना एक साधारण बातें तो की कोई भी कितने भी पैसे वाला कोई कितना भी अमीर हो कितना भी गरीब हो लगभग मनुष्य के जीवन में समस्याओं का आना जाना एक प्रकृति के अंदर प्रकार से इंसान जीवन जीता है और जन्म लेता है फिर इसके बाद जवान होता है फिर इसके बाद पीड़ित होता है इसी तरह से हमारे जीवन में भी परिवर्तन होते रात होती है दिन होता है इस तरह से एक अमीर और गरीब दोनों के लिए समस्याओं का सामना करना पड़ता है और यह प्रकृति का नियम है आपको अपनी समस्याओं का समाधान ढूंढना ही पड़ेगा बहुत सारे लोग जिनके पास बहुत पैसा है उनकी पास भी समस्याएं लेकिन यह है कि हमें अपने जो भी समस्या है उनका निदान जरूर करना है और यहां पर चाहे कोई महलों में रहता है कि वह सही से सो नहीं पाता है और कई बार लोग जो करीब होते हैं वह भी सही से नहीं सो पाते हैं लेकिन दोनों की समस्या है अलग-अलग है तो कहने का मतलब यह है कि आप अपनी प्रॉब्लम उसको अपने दोस्तों के साथ अपनी फैमिली के साथ शेयर करें और कोशिश करें कि वह कैसे उसका निदान हो सकता है और जीवन में समस्याएं तो आएंगे लेकिन हर समय और आने वाले समय में उस समस्या का निदान करने के लिए भरसक कोशिश करें और इसी का नाम ही जीवन है
Theek hai jaisa ki aapake savaal se hee lag raha hai ki aap apane jeevan mein samasyaon ka saamana nahin kar pa rahe hain tumhaaree laiph mein samasya na ek saadhaaran baaten to kee koee bhee kitane bhee paise vaala koee kitana bhee ameer ho kitana bhee gareeb ho lagabhag manushy ke jeevan mein samasyaon ka aana jaana ek prakrti ke andar prakaar se insaan jeevan jeeta hai aur janm leta hai phir isake baad javaan hota hai phir isake baad peedit hota hai isee tarah se hamaare jeevan mein bhee parivartan hote raat hotee hai din hota hai is tarah se ek ameer aur gareeb donon ke lie samasyaon ka saamana karana padata hai aur yah prakrti ka niyam hai aapako apanee samasyaon ka samaadhaan dhoondhana hee padega bahut saare log jinake paas bahut paisa hai unakee paas bhee samasyaen lekin yah hai ki hamen apane jo bhee samasya hai unaka nidaan jaroor karana hai aur yahaan par chaahe koee mahalon mein rahata hai ki vah sahee se so nahin paata hai aur kaee baar log jo kareeb hote hain vah bhee sahee se nahin so paate hain lekin donon kee samasya hai alag-alag hai to kahane ka matalab yah hai ki aap apanee problam usako apane doston ke saath apanee phaimilee ke saath sheyar karen aur koshish karen ki vah kaise usaka nidaan ho sakata hai aur jeevan mein samasyaen to aaenge lekin har samay aur aane vaale samay mein us samasya ka nidaan karane ke lie bharasak koshish karen aur isee ka naam hee jeevan hai

#जीवन शैली

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ज्यादा सोचने से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?Jyada Sochne Se Svasthya Par Kya Prabhav Padta Hai
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1:20
लेकिन सोच समझ कर काम करना अच्छी बात है लगातार सोचते रहना एक परेशानी है आपके साथ कोई अप्रिय घटना घट जाती है तो आप हर समय उसके बारे में सोच सोच कर परेशान रहते हैं क्या आपने सोचा है कि जरूरत से ज्यादा सोचने की आदत आपको भी मार कर सकती है इसका प्रभाव आपकी कार्यक्षमता पर भी पड़ता है यह सच है कि सोचने की शक्ति भगवान आपको भगवान से मिली है और यह बड़ी ताकत भी है जिसका इस्तेमाल करके आप अपनी मुश्किलों को आसान कर सकते हैं परंतु ज्यादा सोचना आपके लिए मुश्किलों का सबब बन जाता है एकली एकली कल जो साइकोलॉजिस्ट यह कहते हैं कि अगर आप ज्यादा सोचते सोचते हैं इस आदमी को बदलने की कोशिश करें क्योंकि इस तरह की चीजों से हाइपरटेंशन या फिर आए प्रशासन समिति तमाम ऐसे मानसिक अवसाद है का शिकार हो जाते हैं और धीरे-धीरे आपको यह महसूस होने लगता है कि शायद अब आपको देखने की जरूरत है तो सही समय यही है कि किसी भी समस्या को समाधान निकाले बजाय इसके कि उसके बारे में बहुत ज्यादा चिंतन बना दिया सोचने की
Lekin soch samajh kar kaam karana achchhee baat hai lagaataar sochate rahana ek pareshaanee hai aapake saath koee apriy ghatana ghat jaatee hai to aap har samay usake baare mein soch soch kar pareshaan rahate hain kya aapane socha hai ki jaroorat se jyaada sochane kee aadat aapako bhee maar kar sakatee hai isaka prabhaav aapakee kaaryakshamata par bhee padata hai yah sach hai ki sochane kee shakti bhagavaan aapako bhagavaan se milee hai aur yah badee taakat bhee hai jisaka istemaal karake aap apanee mushkilon ko aasaan kar sakate hain parantu jyaada sochana aapake lie mushkilon ka sabab ban jaata hai ekalee ekalee kal jo saikolojist yah kahate hain ki agar aap jyaada sochate sochate hain is aadamee ko badalane kee koshish karen kyonki is tarah kee cheejon se haiparatenshan ya phir aae prashaasan samiti tamaam aise maanasik avasaad hai ka shikaar ho jaate hain aur dheere-dheere aapako yah mahasoos hone lagata hai ki shaayad ab aapako dekhane kee jaroorat hai to sahee samay yahee hai ki kisee bhee samasya ko samaadhaan nikaale bajaay isake ki usake baare mein bahut jyaada chintan bana diya sochane kee

#जीवन शैली

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1:23
अंधेरे से डर लगता है जो कुछ दिखता नहीं वाक्यात नहीं है वह हमेशा होता जगाता है अभी रहे हो हमेशा भूत राक्षस और अब सामान जिसे हम लोग पैरानॉर्मल कहते हैं प्राणियों की आवासीय स्थान के रूप में माना जाता है क्योंकि माना जाता रहा है कि अंधेरे में कुछ इंतजाम ना इसके विपरीत एक व्यक्ति जिसने कभी फोन या कुछ पूरे प्राणियों के बारे में सुना देंगे वह देरी से नहीं डरता है लेकिन दलितों की प्रकृति ऐसी मानी जाती है हीरा है बोलिए की विधि का प्रतीक है इसलिए इस तरह के डर को विज्ञानिक होने दिया एक दुख हो गया यार इतना बोलने जाना जाता है इसका अर्थ है कि आखिरी काजल भोजपुरी गडर एक तरह से सही भी है क्योंकि ऐसे नहीं कि भूत वाला जो है वह सकारात्मकता का प्रतीक है और जो मेरा है वह नकारात्मकता का प्रतीक इसलिए लोगों को डर लगता है और खासकर बच्चों में तो बहुत ज्यादा लगता है और एक तरह से कई लोग बीमारी होती है कि बहुत ज्यादा अंधेरा हो जाने से अचानक उनकी गिनती आज बहुत सुंदर जाती है
Andhere se dar lagata hai jo kuchh dikhata nahin vaakyaat nahin hai vah hamesha hota jagaata hai abhee rahe ho hamesha bhoot raakshas aur ab saamaan jise ham log pairaanormal kahate hain praaniyon kee aavaaseey sthaan ke roop mein maana jaata hai kyonki maana jaata raha hai ki andhere mein kuchh intajaam na isake vipareet ek vyakti jisane kabhee phon ya kuchh poore praaniyon ke baare mein suna denge vah deree se nahin darata hai lekin daliton kee prakrti aisee maanee jaatee hai heera hai bolie kee vidhi ka prateek hai isalie is tarah ke dar ko vigyaanik hone diya ek dukh ho gaya yaar itana bolane jaana jaata hai isaka arth hai ki aakhiree kaajal bhojapuree gadar ek tarah se sahee bhee hai kyonki aise nahin ki bhoot vaala jo hai vah sakaaraatmakata ka prateek hai aur jo mera hai vah nakaaraatmakata ka prateek isalie logon ko dar lagata hai aur khaasakar bachchon mein to bahut jyaada lagata hai aur ek tarah se kaee log beemaaree hotee hai ki bahut jyaada andhera ho jaane se achaanak unakee ginatee aaj bahut sundar jaatee hai

#जीवन शैली

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गर्म दूध या चाय में कुछ देर बाद पपड़ी क्यों जम जाती है?Garm Dudh Ya Chai Mein Kuchh Der Baad Papdi Kyun Jam Jati Hai
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0:49
देखिए चाय और दूध में पपड़ी अक्षर में देखने को मिलती है और इसका कारण यह है कि अगर हम दूध की बात करें तो दूध में जो दूध कैल्शियम का और प्रोटीन का स्रोत माना जाता है और दूध में डूबी नामक एक प्रोटीन होता है और इसी तरह से अन्य तरह के विटामिन भी होते हैं यह सभी जब गर्म होते हैं तो उसमें थक्का जमा देते हैं और जो प्रोटीन होता है वह बहुत हल्का होता है जिसकी वजह से वह ऊपर आ जाता है और एक परत बना लेता है जिसे आप अपनी भी कहते हैं जब दूध को तेजी से हम कमाते हैं तो वह अक्सर पपड़ी टूटकर दूध में मिल जाती है तो यही कारण होता है
Dekhie chaay aur doodh mein papadee akshar mein dekhane ko milatee hai aur isaka kaaran yah hai ki agar ham doodh kee baat karen to doodh mein jo doodh kailshiyam ka aur proteen ka srot maana jaata hai aur doodh mein doobee naamak ek proteen hota hai aur isee tarah se any tarah ke vitaamin bhee hote hain yah sabhee jab garm hote hain to usamen thakka jama dete hain aur jo proteen hota hai vah bahut halka hota hai jisakee vajah se vah oopar aa jaata hai aur ek parat bana leta hai jise aap apanee bhee kahate hain jab doodh ko tejee se ham kamaate hain to vah aksar papadee tootakar doodh mein mil jaatee hai to yahee kaaran hota hai

#जीवन शैली

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कोरोना का टीका किस तरह काम करेगा?Corona Ka Teeka Kis Tarah Kaam Karega
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2:08
देखिए अंग्रेजी में एक कहावत है आयरन कट सायरन मिनी लोहा लोहे को काटता है जहां तक पूर्ण काटे का है अलग-अलग कंपनियां अलग-अलग आधार पर इस को विकसित कर रही हैं लेकिन अभी हाल फिलहाल में जो कुछ एक कंपनियों ने इस पर सर्च किया था लेकिन इंडिया की स्टेशन का भी है ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ और ब्रिटेन में भी और साथ में जो रूस की भूमिका तैयार किया गया है उस सब में काफी कुछ हद तक जो चीजें यूटिलाइज की गई है उसमें यह था कि यह टीका चिंपैंजी कि शरीर से लिए गए साधारण वायरस से प्यार किया गया है जिसमें सर्दी जुकाम जैसी शिकायतें होती है इसे एंड ई नो वायरस भी कहते हैं इस वायरस एक तरह से वायरस का कमजोर पड़ चुका होता है और ठीक है मैं इस वायरस में ऐसी बदलाव किए जाते हैं जिसमें कि इंसानों में विकसित ना हो तो इंसानों में विकसित होगा तो इंसानों को साइड इफेक्ट्स के होंगे तो आज कोर्ट की 1 मार्च के लिए टीका तैयार किया था जो एक दूसरे किस्म का कोरोनावायरस था उसी के आधार पर यह कोरोनावायरस का टीका तैयार किया कि आप ऐसा कह सकते कि एक मरे हुए रोना वायरस को आपके शरीर में डाला जाता है जो कि बाहर से आने वाले कोरोनावायरस से लड़ता है या कमजोर पड़ा जो वायरस है वह लड़का है और आपके जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है तो इस तरह से टीका पड़ता है बनता है और अभी आपने देखा होगा कि जो फाइजर का टीका वह काफी स्ट्रॉन्ग है और उसके साइड इफेक्ट भी काफी आ रहे हैं क्योंकि वहां पर क्या है कि कृषकों वायरस को शरीर में दिया जा रहा है जो कि एक शर्ट एंड सेंटीग्रेड तापमान पर हूं काम करता है तो वैसे कंपनियों का अलग-अलग लेकिन सब का यही है कि आपकी जो रोग प्रतिरोधक क्षमता आपकी बाहर के जो बैक्टीरिया से कोरोनावायरस तू उससे जो है आपका जो अंदर वाला जो व्यक्ति दिया वह फाइट करें
Dekhie angrejee mein ek kahaavat hai aayaran kat saayaran minee loha lohe ko kaatata hai jahaan tak poorn kaate ka hai alag-alag kampaniyaan alag-alag aadhaar par is ko vikasit kar rahee hain lekin abhee haal philahaal mein jo kuchh ek kampaniyon ne is par sarch kiya tha lekin indiya kee steshan ka bhee hai oksaphord yoonivarsitee ke saath aur briten mein bhee aur saath mein jo roos kee bhoomika taiyaar kiya gaya hai us sab mein kaaphee kuchh had tak jo cheejen yootilaij kee gaee hai usamen yah tha ki yah teeka chimpainjee ki shareer se lie gae saadhaaran vaayaras se pyaar kiya gaya hai jisamen sardee jukaam jaisee shikaayaten hotee hai ise end ee no vaayaras bhee kahate hain is vaayaras ek tarah se vaayaras ka kamajor pad chuka hota hai aur theek hai main is vaayaras mein aisee badalaav kie jaate hain jisamen ki insaanon mein vikasit na ho to insaanon mein vikasit hoga to insaanon ko said iphekts ke honge to aaj kort kee 1 maarch ke lie teeka taiyaar kiya tha jo ek doosare kism ka koronaavaayaras tha usee ke aadhaar par yah koronaavaayaras ka teeka taiyaar kiya ki aap aisa kah sakate ki ek mare hue rona vaayaras ko aapake shareer mein daala jaata hai jo ki baahar se aane vaale koronaavaayaras se ladata hai ya kamajor pada jo vaayaras hai vah ladaka hai aur aapake jo shareer kee rog pratirodhak kshamata ko badhaata hai to is tarah se teeka padata hai banata hai aur abhee aapane dekha hoga ki jo phaijar ka teeka vah kaaphee strong hai aur usake said iphekt bhee kaaphee aa rahe hain kyonki vahaan par kya hai ki krshakon vaayaras ko shareer mein diya ja raha hai jo ki ek shart end senteegred taapamaan par hoon kaam karata hai to vaise kampaniyon ka alag-alag lekin sab ka yahee hai ki aapakee jo rog pratirodhak kshamata aapakee baahar ke jo baikteeriya se koronaavaayaras too usase jo hai aapaka jo andar vaala jo vyakti diya vah phait karen

#टेक्नोलॉजी

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1:08
आपका सवाल है कि आपको कौन सा वाईफाई नेटवर्क है जो 30GB अमृत दिन आपको दिला सकते हैं तो जहां तक वाईफाई नेटवर्क की बात है तो आईएसपी की आप बात कर रहे हैं अभी हाल फिलहाल में जिओ फाइबर का जो प्लान है अमेरिका से काफी दिनों में इस समय से स्कूल है और जो सिटी में मेगा सिटी से वहां पर भी है प्लान 399 से लेकर 15 सौ पच्चीस सौ तक के प्लान है जो कि अनलिमिटेड डेल है और मिनिमम आपको जो स्पीड मिलती है त्रिवेदी बियर से लेकर 1 जीपीएस तक आपको स्पीड मिलती है तो निश्चित तौर पर मुझे लगता है कि आपको जिओ फाइबर की तरफ जाना चाहिए क्योंकि प्रजेंट टाइम में क्यों नहीं करें ट्यूशन इस फील्ड में खड़ा किया है हालांकि एयरटेल एयरटेल एयरटेल एक्सट्रीम इलाज करके भी इस दिशा में एक अच्छा प्रयास किया है हालांकि यह सर्विसेज बहुत सारे शहरों में भी नहीं उपलब्ध हो पाई है लेकिन जहां तक जिओ गीगा फाइबर की बात तो काफी शहरों में यह स्टार्ट हो चुका है एक बार बिल्कुल आपको यह ट्राई करना चाहिए मुझे लगता है कि इससे आपकी रिक्वायरमेंट पीछे दौड़ में पूरी हो जाएगी
Aapaka savaal hai ki aapako kaun sa vaeephaee netavark hai jo 30gb amrt din aapako dila sakate hain to jahaan tak vaeephaee netavark kee baat hai to aaeeesapee kee aap baat kar rahe hain abhee haal philahaal mein jio phaibar ka jo plaan hai amerika se kaaphee dinon mein is samay se skool hai aur jo sitee mein mega sitee se vahaan par bhee hai plaan 399 se lekar 15 sau pachchees sau tak ke plaan hai jo ki analimited del hai aur minimam aapako jo speed milatee hai trivedee biyar se lekar 1 jeepeees tak aapako speed milatee hai to nishchit taur par mujhe lagata hai ki aapako jio phaibar kee taraph jaana chaahie kyonki prajent taim mein kyon nahin karen tyooshan is pheeld mein khada kiya hai haalaanki eyaratel eyaratel eyaratel eksatreem ilaaj karake bhee is disha mein ek achchha prayaas kiya hai haalaanki yah sarvisej bahut saare shaharon mein bhee nahin upalabdh ho paee hai lekin jahaan tak jio geega phaibar kee baat to kaaphee shaharon mein yah staart ho chuka hai ek baar bilkul aapako yah traee karana chaahie mujhe lagata hai ki isase aapakee rikvaayarament peechhe daud mein pooree ho jaegee

#टेक्नोलॉजी

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1:15
देखिए ब्लॉग लिखना एक कला है और अगर आप लोग हैं और आपने कर एक वेबसाइट बनाई हुई है तो सबसे पहले कोशिश तो पूरी करेगी आपको सेंड की अच्छी जानकारी होनी चाहिए और एकलव्य मूवी जाना पहुंच रही है कि आपके लिए कंटेंट राइटर कौन है और किस से आप दिखा रहे हैं तो सबसे पहले तो आप एक काम तमाम एडवर्टाइजमेंट के माध्यम से एक पोस्ट करें सोशल वेबसाइट एंड डिजिटल प्लेटफॉर्म पर और उसके बाद जब आपको कंटेंट राइटर मिले तो उनका भी दिखे फ्लाइट कि आपका कंटेंट है वही आपकी वेबसाइट को हैक कर सकता है और रजिस्ट्रेशन भी जरूरी होनी चाहिए क्योंकि वह भी कंटेंट आप अपनी वेबसाइट पर डालने हो वह कहीं और का कंटेंट नहीं होना चाहिए या उसमें लिखे बर्ड्स कहीं पर कॉपी नहीं होनी चाहिए तभी जाकर आपको एसेंस का अप्रूवल भीम जी बहुत इंपॉर्टेंट है प्लीज पैसे की संभाल ले तू अगर अच्छे कंटेंट मिल रहे हैं तो पैसा देने में कोई गुरेज नहीं है क्योंकि वह आगे चलके आपकी वेबसाइट के लिए बहुत ही अच्छा रहेगा
Dekhie blog likhana ek kala hai aur agar aap log hain aur aapane kar ek vebasait banaee huee hai to sabase pahale koshish to pooree karegee aapako send kee achchhee jaanakaaree honee chaahie aur ekalavy moovee jaana pahunch rahee hai ki aapake lie kantent raitar kaun hai aur kis se aap dikha rahe hain to sabase pahale to aap ek kaam tamaam edavartaijament ke maadhyam se ek post karen soshal vebasait end dijital pletaphorm par aur usake baad jab aapako kantent raitar mile to unaka bhee dikhe phlait ki aapaka kantent hai vahee aapakee vebasait ko haik kar sakata hai aur rajistreshan bhee jarooree honee chaahie kyonki vah bhee kantent aap apanee vebasait par daalane ho vah kaheen aur ka kantent nahin hona chaahie ya usamen likhe bards kaheen par kopee nahin honee chaahie tabhee jaakar aapako esens ka aprooval bheem jee bahut importent hai pleej paise kee sambhaal le too agar achchhe kantent mil rahe hain to paisa dene mein koee gurej nahin hai kyonki vah aage chalake aapakee vebasait ke lie bahut hee achchha rahega

#टेक्नोलॉजी

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1:20
देखिए अगर आप लंबे समय तक धूप में नहीं रहते तो जैसे कि आप अपनी क्लासेज में भी पढ़ चुके हो कि जो जो सूर्य की किरणें होती है वह विटामिन डी का अच्छा स्रोत मानी जाती है और एक शोध के अनुसार यह पता चला है कि पूरे विश्व में लगभग 50 करोड लोग होंगे जिनको की विटामिन डी की समस्या रहती है और विटामिन डी से हमारे शरीर को काफी ऊर्जा मिलती है और हमारा जो शरीर है सुचारू ढंग से काम करता है और शरीर में कैल्शियम के स्तर को भी यह नियंत्रित करता है जो कि तंत्रिका तंत्र की कार्यप्रणाली और हड्डियों की मजबूती के लिए आवश्यक है यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है तो विटामिन डी अगर आपकी बॉडी में रहेगा तो आपकी बॉडी में थकान महसूस नहीं होगी कमजोरी नहीं लगेगी और हड्डियां भी आपका अच्छा काम करेंगी और कर रही है धूप आपको नहीं मिलती है विटामिन डी प्रॉपर्ली नहीं मिलता है तो खास का शहर शहर में जो लोग रह रहे हैं उनको तो यह बहुत ज्यादा समस्या रहती है तो उनकी मांसपेशियां कमजोर हो जाती है थकान हमेशा बनी रहती है तो इसका यही है कि संतुलित डाइट रखें और ज्यादा फास्ट फूड अवॉइड करें और अपनी दिनचर्या को संतुलित रखें और जो विटामिन डी रिच फूड्स है दूध है इन सब का जो सेवन करें तो निश्चित रूप से इस को बैलेंस रखा जा सकता है
Dekhie agar aap lambe samay tak dhoop mein nahin rahate to jaise ki aap apanee klaasej mein bhee padh chuke ho ki jo jo soory kee kiranen hotee hai vah vitaamin dee ka achchha srot maanee jaatee hai aur ek shodh ke anusaar yah pata chala hai ki poore vishv mein lagabhag 50 karod log honge jinako kee vitaamin dee kee samasya rahatee hai aur vitaamin dee se hamaare shareer ko kaaphee oorja milatee hai aur hamaara jo shareer hai suchaaroo dhang se kaam karata hai aur shareer mein kailshiyam ke star ko bhee yah niyantrit karata hai jo ki tantrika tantr kee kaaryapranaalee aur haddiyon kee majabootee ke lie aavashyak hai yah shareer kee rog pratirodhak kshamata ko badhaata hai to vitaamin dee agar aapakee bodee mein rahega to aapakee bodee mein thakaan mahasoos nahin hogee kamajoree nahin lagegee aur haddiyaan bhee aapaka achchha kaam karengee aur kar rahee hai dhoop aapako nahin milatee hai vitaamin dee proparlee nahin milata hai to khaas ka shahar shahar mein jo log rah rahe hain unako to yah bahut jyaada samasya rahatee hai to unakee maansapeshiyaan kamajor ho jaatee hai thakaan hamesha banee rahatee hai to isaka yahee hai ki santulit dait rakhen aur jyaada phaast phood avoid karen aur apanee dinacharya ko santulit rakhen aur jo vitaamin dee rich phoods hai doodh hai in sab ka jo sevan karen to nishchit roop se is ko bailens rakha ja sakata hai

#टेक्नोलॉजी

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गठिया बीमारी के लक्षण क्या है?Gathiya Bimari Ke Lakshan Kya Hai
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1:29
देखिए गठिया बीमारी खासकर एक तो अनुवांशिक होती है और खासकर 35 की उम्र के बाद ज्यादातर लोगों में यह देखी जाती है गठिया जनरली होता क्या है कि जो हमारे शरीर में है जब हम कुछ खानपान में ज्यादा मसालेदार चीजों का या हाई प्रोटीन चीजों का प्रयोग करते हैं जिसमें कि प्यूरीन की मात्रा ज्यादा होती है तो वह प्यूरीन शरीर में काफी बढ़ जाता है और जिसको हमारी जो किडनी है उसको बाहर नहीं निकाल पाती है एक तरह से यह शरीर का बेस्ट पदार्थ होता है जिसको की पेशाब के रास्ते जो हमारी किडनी हो निकाल देती है लेकिन जब तक सांस प्यूरीन हो जाती है तो वह उतने सही तरीके से किडनी निकाल नहीं पाती और ऐसी स्थिति में क्या होता है तू जो प्यूरीन होता है जो हमारे गांठ हैं बड़े-बड़े उसमें छिद्र होते तो वहां पर जाकर वह इकट्ठा हो जाता है और ऐसी स्थिति में गायों में सूजन स्वेलिंग और बेतहाशा दर्द भी परिस्थिति में होता है यह शुरुआती लक्षण होते लेकिन अगर आप टाइम से इसका इलाज करते हैं दवा लेते हैं और खानपान में नियंत्रण रखते हैं और ऐसे ही चीजें जिसमें कि बहुत ज्यादा प्रोटीन पाया जाए जैसे पनीर है और मटर है गोभी है तुझे सब का प्रयोग बिल्कुल नहीं करना है तो जीवनशैली में सुधार लाकर इस बीमारी से निजात पाया जा सकता है लेकिन अगर यह बीमारी बहुत बढ़ जाती है तो फिर उस केसेस में ऑपरेशन तक भी कराने की नौबत आ सकती है
Dekhie gathiya beemaaree khaasakar ek to anuvaanshik hotee hai aur khaasakar 35 kee umr ke baad jyaadaatar logon mein yah dekhee jaatee hai gathiya janaralee hota kya hai ki jo hamaare shareer mein hai jab ham kuchh khaanapaan mein jyaada masaaledaar cheejon ka ya haee proteen cheejon ka prayog karate hain jisamen ki pyooreen kee maatra jyaada hotee hai to vah pyooreen shareer mein kaaphee badh jaata hai aur jisako hamaaree jo kidanee hai usako baahar nahin nikaal paatee hai ek tarah se yah shareer ka best padaarth hota hai jisako kee peshaab ke raaste jo hamaaree kidanee ho nikaal detee hai lekin jab tak saans pyooreen ho jaatee hai to vah utane sahee tareeke se kidanee nikaal nahin paatee aur aisee sthiti mein kya hota hai too jo pyooreen hota hai jo hamaare gaanth hain bade-bade usamen chhidr hote to vahaan par jaakar vah ikattha ho jaata hai aur aisee sthiti mein gaayon mein soojan sveling aur betahaasha dard bhee paristhiti mein hota hai yah shuruaatee lakshan hote lekin agar aap taim se isaka ilaaj karate hain dava lete hain aur khaanapaan mein niyantran rakhate hain aur aise hee cheejen jisamen ki bahut jyaada proteen paaya jae jaise paneer hai aur matar hai gobhee hai tujhe sab ka prayog bilkul nahin karana hai to jeevanashailee mein sudhaar laakar is beemaaree se nijaat paaya ja sakata hai lekin agar yah beemaaree bahut badh jaatee hai to phir us keses mein opareshan tak bhee karaane kee naubat aa sakatee hai

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1:09
देखिए अगर किसी भी व्यक्ति को कभी चलते समय अपने घुटनों को मोड़ते समय कट चटकने की आवाज आती है तो यह किसी भी समस्या का संकेत आगे भविष्य में हो सकता है हालांकि इस स्थिति को नि पंपिंग कहा जाता है यह समस्या काफी आम है हालांकि इससे भयभीत होने की जरूरत नहीं है आमतौर पर जब जोड़ों में हवा भर जाती है तब गुटों में ऐसी आवाज आती है वैसे हवा सिर्फ घुटने के जोड़ों में नहीं बढ़ती है यह शरीर के किसी भी जोड़ में भर सकती है डॉक्टर जोड़ों से आवाज आने की स्थिति का वर्णन करने के लिए क्राफ्ट इस शब्द का प्रयोग करते हैं जिसमें कि जो घुटने में लिक्विडिटी है वह कम हो जाती है हालांकि कई केसेज में यह देखा जाता है कि अर्थराइटिस के भी शुरुआती लक्षण हो सकते हैं और निश्चित तौर पर इस पर यूरिक एसिड टेस्ट और जो कुछ एक टेस्ट और कराने चाहिए ताकि यह पता चल जाए कि एक्जेक्टली यह विटामिन डी की कमी से हो रहा है या फिर किसी और कारण से हो रहा है ताकि सही उसका इलाज अगर समय पर किया जा सके किया जा सके
Dekhie agar kisee bhee vyakti ko kabhee chalate samay apane ghutanon ko modate samay kat chatakane kee aavaaj aatee hai to yah kisee bhee samasya ka sanket aage bhavishy mein ho sakata hai haalaanki is sthiti ko ni pamping kaha jaata hai yah samasya kaaphee aam hai haalaanki isase bhayabheet hone kee jaroorat nahin hai aamataur par jab jodon mein hava bhar jaatee hai tab guton mein aisee aavaaj aatee hai vaise hava sirph ghutane ke jodon mein nahin badhatee hai yah shareer ke kisee bhee jod mein bhar sakatee hai doktar jodon se aavaaj aane kee sthiti ka varnan karane ke lie kraapht is shabd ka prayog karate hain jisamen ki jo ghutane mein likviditee hai vah kam ho jaatee hai haalaanki kaee kesej mein yah dekha jaata hai ki artharaitis ke bhee shuruaatee lakshan ho sakate hain aur nishchit taur par is par yoorik esid test aur jo kuchh ek test aur karaane chaahie taaki yah pata chal jae ki ekjektalee yah vitaamin dee kee kamee se ho raha hai ya phir kisee aur kaaran se ho raha hai taaki sahee usaka ilaaj agar samay par kiya ja sake kiya ja sake

#टेक्नोलॉजी

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क्या सवेरे चाय पीने के बाद थायराइड की दवा ली जा सकती है?Kya Savere Chai Peene Ke Baad Thyroid Ki Dava Lee Ja Sakti Hai
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1:00
देखिए थायराइड की जो दवा है वह आपको सुबह लेनी चाहिए खाली पेट और यह बहुत ही इंपॉर्टेंट है और डॉक्टर जो कंसल्ट करते हैं क्योंकि यह एक तरह से जो थायराइड की दवा आपको दी जाती है वह जो ग्रंथि T3 और t4 नाम का हार्मोन बनाती है और लगभग इसका जो इंपैक्ट पूरे बॉडी में पड़ता है और यह हार्मोन है T3 t4 यह हमारे शरीर के तापमान को नियंत्रण करता है और शरीर के मेटाबॉलिज्म सिस्टम का एक प्रमुख नियंत्रक तो इसी वजह से अगर आप चाय पी रहे हैं तो बिल्कुल कम से कम 45 मिनट आपको कुछ भी खाना पीना नहीं है इस दवा को लेने के बाद और दवा 45 मिनट के बाद आप खा पी भी सकते हैं और कुछ ले सकते हैं क्योंकि एक टाइम लगता है जब यह दवा पूरी तरह से एक तरफ से जो हार्मोन को stimu-let करती है
Dekhie thaayaraid kee jo dava hai vah aapako subah lenee chaahie khaalee pet aur yah bahut hee importent hai aur doktar jo kansalt karate hain kyonki yah ek tarah se jo thaayaraid kee dava aapako dee jaatee hai vah jo granthi t3 aur t4 naam ka haarmon banaatee hai aur lagabhag isaka jo impaikt poore bodee mein padata hai aur yah haarmon hai t3 t4 yah hamaare shareer ke taapamaan ko niyantran karata hai aur shareer ke metaabolijm sistam ka ek pramukh niyantrak to isee vajah se agar aap chaay pee rahe hain to bilkul kam se kam 45 minat aapako kuchh bhee khaana peena nahin hai is dava ko lene ke baad aur dava 45 minat ke baad aap kha pee bhee sakate hain aur kuchh le sakate hain kyonki ek taim lagata hai jab yah dava pooree tarah se ek taraph se jo haarmon ko stimu-lait karatee hai

#भारत की राजनीति

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क्या मोदी सरकार के शासनकाल में किसानों की समस्याओं का समाधान हुआ?Kya Modi Sarkar Ke Shasankal Mein Kisanon Ki Samasyaon Ka Samadhan Hua
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1:26
देखिए जहां तक किसानों की बात है अगर इस मोदी सरकार की बात आप करेंगे और अन्य गवर्नमेंट की तुलना इस सरकार से करेंगे तो निश्चित रूप से यह सरकार बेहतर रूप से काम की है अगर किसानों की बात की जाए उनके मुद्दों की बात की जाए तो जितने भी स्कीम्स गवर्नमेंट ने चलाई है वह काफी कारगर भी साबित हुई हैं नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर इसी गवर्नमेंट की शुरुआत की हुई योजना है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जिसमें कि किसानों को जो उनकी फसलें बर्बाद हो जाती थी उनका बीमा देना प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना किसानों को कम पैसे में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराना प्रधानमंत्री कृषि विकास योजना और इसके अलावा प्रधानमंत्री जो कृषि किसान विकास निधि है जो ₹2000 किसानों को मिलती है और सबसे ज्यादा पैसा उनके अकाउंट में ट्रांसफर हुआ है तो इसी सरकार की देन है अब कुछ एक मुद्दे हैं जिस पर किसान सहमत नहीं है और सरकार ने उस पर बातचीत भी की की है और जब कभी भी सरकार किसानों की बात आती है तो उस पर सुनती भी है अब रही बात एमएसपी की तो मिनिमम सपोर्ट प्राइस भी आप देखेंगे कि अच्छे तरीके से बीजेपी की सरकारी जहां पर भी है वहां किसानों को दिया जा रहा है लेकिन केवल समझ का अंतर है और किसान जो आंदोलन कर रहे हैं कुछेक स्थानों पर उस पर भी सरकार ने अपनी कई मुद्दों पर सहमति भी जताई है
Dekhie jahaan tak kisaanon kee baat hai agar is modee sarakaar kee baat aap karenge aur any gavarnament kee tulana is sarakaar se karenge to nishchit roop se yah sarakaar behatar roop se kaam kee hai agar kisaanon kee baat kee jae unake muddon kee baat kee jae to jitane bhee skeems gavarnament ne chalaee hai vah kaaphee kaaragar bhee saabit huee hain neshanal mishan phor sastenebal egreekalchar isee gavarnament kee shuruaat kee huee yojana hai pradhaanamantree phasal beema yojana jisamen ki kisaanon ko jo unakee phasalen barbaad ho jaatee thee unaka beema dena pradhaanamantree krshi sinchaee yojana kisaanon ko kam paise mein sinchaee kee suvidha upalabdh karaana pradhaanamantree krshi vikaas yojana aur isake alaava pradhaanamantree jo krshi kisaan vikaas nidhi hai jo ₹2000 kisaanon ko milatee hai aur sabase jyaada paisa unake akaunt mein traansaphar hua hai to isee sarakaar kee den hai ab kuchh ek mudde hain jis par kisaan sahamat nahin hai aur sarakaar ne us par baatacheet bhee kee kee hai aur jab kabhee bhee sarakaar kisaanon kee baat aatee hai to us par sunatee bhee hai ab rahee baat emesapee kee to minimam saport prais bhee aap dekhenge ki achchhe tareeke se beejepee kee sarakaaree jahaan par bhee hai vahaan kisaanon ko diya ja raha hai lekin keval samajh ka antar hai aur kisaan jo aandolan kar rahe hain kuchhek sthaanon par us par bhee sarakaar ne apanee kaee muddon par sahamati bhee jataee hai

#जीवन शैली

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ब्रांडेड कपड़ों की पहचान कैसे करें?Branded Kapdon Ki Pehchan Kaise Kare
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1:23
देखिए ऐसे तो ब्रांडेड कपड़े अपने आप में बिल्कुल यूनिक ही होते हैं और इसीलिए ब्रांडेड है लेकिन आजकल कॉपिर का जमाना है और हर ब्रांड की लगभग कॉपी आपको या सेकंड कॉपी आपको मार्केट में देखने को मिल जाती है यहां तक कि बहुत ही अच्छी तरीके से जो कॉपी करने वाली कंपनियां है बड़े बड़े ब्रांड की इंटरनेशनल ब्रांड की कॉपी कर लेते हैं लेकिन जो रेगुलर ब्रांडेड कपड़े पहनते हैं उनको यह चीज बिल्कुल समझ में आ जाती है कपड़े आज छू कर भी और देखने में भी आपको पता चल जाएगा एक तो यह दूसरी है कंपनी की जो फिटिंग होती है अब नॉर्मल होती है या नहीं सपोर्ट कि आप एक जींस लेना चाह रहे हैं अगर अनब्रांडेड में लेते हैं यानी कॉपी में लेते हैं तो उसकी साइज आपको 34 कि अगर आपकी बेस्ट है तो एग्जैक्ट हो 34 होगा ही नहीं वह 32 साडे 3233 होता है दूसरी चीज कपड़े में आर्टिफिशियल चमक आपको दिखाई देती है जो की कॉपी और होता है ब्रांडेड में जो कंपनी का भार को टैगलाइन और यूनिक जो एक तरह से आईडेंटिफिकेशन बारकोड होता है उस के थ्रू यह पहचाना जा सकता है कि वह कब की मैन्युफैक्चरिंग है और कौन सा नोट है वह तो इस वजह से आप चेक कर सकते हैं और हालांकि बहुत सारे ब्रांडों की इस समय कॉपी हर तरह से मार्केट में अवेलेबल है
Dekhie aise to braanded kapade apane aap mein bilkul yoonik hee hote hain aur iseelie braanded hai lekin aajakal kopir ka jamaana hai aur har braand kee lagabhag kopee aapako ya sekand kopee aapako maarket mein dekhane ko mil jaatee hai yahaan tak ki bahut hee achchhee tareeke se jo kopee karane vaalee kampaniyaan hai bade bade braand kee intaraneshanal braand kee kopee kar lete hain lekin jo regular braanded kapade pahanate hain unako yah cheej bilkul samajh mein aa jaatee hai kapade aaj chhoo kar bhee aur dekhane mein bhee aapako pata chal jaega ek to yah doosaree hai kampanee kee jo phiting hotee hai ab normal hotee hai ya nahin saport ki aap ek jeens lena chaah rahe hain agar anabraanded mein lete hain yaanee kopee mein lete hain to usakee saij aapako 34 ki agar aapakee best hai to egjaikt ho 34 hoga hee nahin vah 32 saade 3233 hota hai doosaree cheej kapade mein aartiphishiyal chamak aapako dikhaee detee hai jo kee kopee aur hota hai braanded mein jo kampanee ka bhaar ko taigalain aur yoonik jo ek tarah se aaeedentiphikeshan baarakod hota hai us ke throo yah pahachaana ja sakata hai ki vah kab kee mainyuphaikcharing hai aur kaun sa not hai vah to is vajah se aap chek kar sakate hain aur haalaanki bahut saare braandon kee is samay kopee har tarah se maarket mein avelebal hai

#जीवन शैली

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मौत के डर पर काबू कैसे पाएं?Maut Ke Dar Par Kabu Kaise Paye
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1:06
जी की मृत्यु एक कड़वा सच है जो इस दुनिया में आया है उसको तो जाना ही पड़ेगा और यह सभी धर्म इस चीज को स्वीकार भी करते हैं वह आपको भी इस कटु सत्य को सोचना पड़ेगा समझना पड़ेगा स्वीकार करना पड़ेगा क्योंकि इस दुनिया में जब बड़े-बड़े महर्षि बड़े-बड़े करोड़पति या कह सकते कि बहुत अच्छे समिति प्राप्त लोग भी इस दुनिया में जब नहीं टिक पाए यहां तक कि भगवान जो राम थे या तमाम ऐसे धर्मों के जो संस्थापक थे उन्होंने भी अपना शरीर छोड़ दिया बड़े-बड़े जो उपदेशक थे वह भी इस दुनिया में नहीं रहे तो कहीं न कहीं यह प्रकृति का नियम है जो चीज बनी है वह कहीं ना कहीं उसका 6 होना जरूरी है और वह का भी और चेंजिंग इज द लॉ ऑफ नेचर इस चीज को आप को स्वीकार करना पड़ेगा और इसकी आदत भी डालनी पड़ेगी और अपठित शायद इसी का नाम ही जिंदगी है या जीवन है और इसको हमें स्वीकार करेंगे तो हमें शायद धीरे-धीरे हम इस चीज को एक्सेप्ट करना शुरू कर देंगे
Jee kee mrtyu ek kadava sach hai jo is duniya mein aaya hai usako to jaana hee padega aur yah sabhee dharm is cheej ko sveekaar bhee karate hain vah aapako bhee is katu saty ko sochana padega samajhana padega sveekaar karana padega kyonki is duniya mein jab bade-bade maharshi bade-bade karodapati ya kah sakate ki bahut achchhe samiti praapt log bhee is duniya mein jab nahin tik pae yahaan tak ki bhagavaan jo raam the ya tamaam aise dharmon ke jo sansthaapak the unhonne bhee apana shareer chhod diya bade-bade jo upadeshak the vah bhee is duniya mein nahin rahe to kaheen na kaheen yah prakrti ka niyam hai jo cheej banee hai vah kaheen na kaheen usaka 6 hona jarooree hai aur vah ka bhee aur chenjing ij da lo oph nechar is cheej ko aap ko sveekaar karana padega aur isakee aadat bhee daalanee padegee aur apathit shaayad isee ka naam hee jindagee hai ya jeevan hai aur isako hamen sveekaar karenge to hamen shaayad dheere-dheere ham is cheej ko eksept karana shuroo kar denge

#जीवन शैली

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1:38
देखिए जो मानव का जीवन है उसमें नित्य प्रतिदिन जो है नए नए अविष्कार नए नए शोध नई नई टेक्नोलॉजी डेवलप हो रही है और जैसे-जैसे हम आगे बढ़ते जाते हैं वैसे वैसे हम अपनी पुरानी विचारधारा संस्कृति को छोड़कर चले जा रहे हैं और आप चाहे तमाम चीजों को देख ले चाय हम अपने त्यौहारों को देख ले अपनी संस्कृति के तमाम मान्यताओं को देख ले तो धीरे-धीरे हम सब कहीं ना कहीं उसको कम करते जा रहे हैं यही कारण होता है कि जो आपको सुख और शांति मिलती है पैसे से कभी यह चीजें नहीं मिलती है तो वह पुराने आज जैसे-जैसे चीजें होती जाती है वैसे वैसे हमें लगता है कि वह टाइम ज्यादा अच्छा था उस टाइम में सुकून था और एक तरह का जीवन जीने की एक अलग लालसा थी लेकिन जैसे-जैसे भौतिकवादी दुनिया में आप आगे बढ़ते चले जाते हैं वहां वहां पर क्या है अपने लिए आपके लिए समय बहुत कम हो जाता है तो यही कारण है कि जो पुरानी चीजें होती है मान्यताएं होती है पुराने जो सिस्टम थे कहीं न कहीं जब एक समय के बाद वही अच्छे लग जाते हैं और पुरानी चीजों से ही हमें हमेशा सीख भी मिलती है कि हमें जो गलतियां की थी वो शायद आगे ना हो हालांकि अब जिस तरह से चीजें आगे बहुत तेजी से बढ़ रही है वह जनरेशन गैप को दिखाता है तो आज के लोग हैं अभी 20 साल बाद तो रात को ही बेहतर कहेंगे तो यह प्रकृति का नियम है और यही कारण है कि जो हमारे पुराने लोग हैं वह पुराने जमाने की चीजों को ही लाइक करते क्योंकि वह उसी जमाने में गुरु किए हैं
Dekhie jo maanav ka jeevan hai usamen nity pratidin jo hai nae nae avishkaar nae nae shodh naee naee teknolojee devalap ho rahee hai aur jaise-jaise ham aage badhate jaate hain vaise vaise ham apanee puraanee vichaaradhaara sanskrti ko chhodakar chale ja rahe hain aur aap chaahe tamaam cheejon ko dekh le chaay ham apane tyauhaaron ko dekh le apanee sanskrti ke tamaam maanyataon ko dekh le to dheere-dheere ham sab kaheen na kaheen usako kam karate ja rahe hain yahee kaaran hota hai ki jo aapako sukh aur shaanti milatee hai paise se kabhee yah cheejen nahin milatee hai to vah puraane aaj jaise-jaise cheejen hotee jaatee hai vaise vaise hamen lagata hai ki vah taim jyaada achchha tha us taim mein sukoon tha aur ek tarah ka jeevan jeene kee ek alag laalasa thee lekin jaise-jaise bhautikavaadee duniya mein aap aage badhate chale jaate hain vahaan vahaan par kya hai apane lie aapake lie samay bahut kam ho jaata hai to yahee kaaran hai ki jo puraanee cheejen hotee hai maanyataen hotee hai puraane jo sistam the kaheen na kaheen jab ek samay ke baad vahee achchhe lag jaate hain aur puraanee cheejon se hee hamen hamesha seekh bhee milatee hai ki hamen jo galatiyaan kee thee vo shaayad aage na ho haalaanki ab jis tarah se cheejen aage bahut tejee se badh rahee hai vah janareshan gaip ko dikhaata hai to aaj ke log hain abhee 20 saal baad to raat ko hee behatar kahenge to yah prakrti ka niyam hai aur yahee kaaran hai ki jo hamaare puraane log hain vah puraane jamaane kee cheejon ko hee laik karate kyonki vah usee jamaane mein guru kie hain

#धर्म और ज्योतिषी

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जिस समस्या का कोई समाधान ना हो क्या उसे ईश्वर के भरोसे छोड़ देना चाहिए?Jis Samasya Ka Koi Samadhan Na Ho Kya Use Ishvar Ke Bharose Chod Dena Chaiye
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0:47
देखिए जिस समस्या का समाधान ना हो तो उसके समाधान के लिए अनवरत कार्य और प्रयास करना चाहिए कि भगवान ने गीता में भी कहा है कि आप कर्म करते रहो फल की चिंता ना करिए तो समस्या का समाधान अगर समस्या है तो उसके समाधान के लिए तो काम करना ही पड़ेगा यह तो समस्या का समाधान ही नहीं मिलेगा और वह समय से बनी रहेगी देखी भगवान भी उन्हीं की मदद करता है जो अपनी मदद खुद करते हैं तो अगले अंग्रेजी में भी यह कहावत है गॉड हेल्प दूर हूं हेल्प दम सेल्फ तो निश्चित तौर पर आपको भगवान के ऊपर तो नहीं छोड़ना है हां आपको कार्य करते रहना है उसके बाद जो है उस चीज को भगवान के ऊपर छोड़ ना है तो वह निश्चित रूप से समस्या का आपके समाधान मिल जाएगा
Dekhie jis samasya ka samaadhaan na ho to usake samaadhaan ke lie anavarat kaary aur prayaas karana chaahie ki bhagavaan ne geeta mein bhee kaha hai ki aap karm karate raho phal kee chinta na karie to samasya ka samaadhaan agar samasya hai to usake samaadhaan ke lie to kaam karana hee padega yah to samasya ka samaadhaan hee nahin milega aur vah samay se banee rahegee dekhee bhagavaan bhee unheen kee madad karata hai jo apanee madad khud karate hain to agale angrejee mein bhee yah kahaavat hai god help door hoon help dam selph to nishchit taur par aapako bhagavaan ke oopar to nahin chhodana hai haan aapako kaary karate rahana hai usake baad jo hai us cheej ko bhagavaan ke oopar chhod na hai to vah nishchit roop se samasya ka aapake samaadhaan mil jaega

#धर्म और ज्योतिषी

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रात में झाड़ू नहीं निकालने के पीछे क्या मान्यता है?Raat Mein Jhadu Nahi Nikalne Ke Piche Kya Manyata Hai
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1:11
देखिए सवाल तो बहुत ही आपका सही है क्योंकि इस के दो पहलू हैं सवाल के जो मुझे पता है एक पहले तो धार्मिक है धार्मिक रूप से जो शाम का जो समय होता है वह लक्ष्मी का समय होता है और उस समय में अगर आप घर में झाड़ू लगाते हैं तो यह मान्यता है कि आप अपनी लक्ष्मी को बाहर कर रहे हैं विदा कर रहे हैं तो कहीं ना कहीं यह जो गोडेस लक्ष्मी है उनको नाराज कर रहे हैं आप इसी वजह से जो धार्मिक मान्यताओं के आधार पर जो लोग जो है वह रात को झाड़ू नहीं लगाना चाहते हैं दूसरा है वैज्ञानिक वैज्ञानिक कारण यह है कि रात को आप झाड़ू लगाते हैं तो निश्चित रूप से उसे डस्ट उत्पन्न होती है और रात का समय ज्यादातर लोगों को सोने का होता है तो ऐसे समय में धूल जब हवा में या कमरे में उड़ती है तो कहीं ना कहीं हमारी जो नाक नाक की जो चित्र है वहां तक वह धूल जमा होते हैं जिसकी वजह से रात को सोने में हमें असुविधा हो सकती है बेचैनी हो सकती है और स्वास्थ्य के लिए भी वह चीजें सही नहीं होती है तो यही कारण होता है कि यह जो दोनों कारण है उसकी वजह से लोग क्यों है कहीं ना कहीं इस चीज को अवॉइड करते हैं कि रात को झाड़ू ना लगाया जाए
Dekhie savaal to bahut hee aapaka sahee hai kyonki is ke do pahaloo hain savaal ke jo mujhe pata hai ek pahale to dhaarmik hai dhaarmik roop se jo shaam ka jo samay hota hai vah lakshmee ka samay hota hai aur us samay mein agar aap ghar mein jhaadoo lagaate hain to yah maanyata hai ki aap apanee lakshmee ko baahar kar rahe hain vida kar rahe hain to kaheen na kaheen yah jo godes lakshmee hai unako naaraaj kar rahe hain aap isee vajah se jo dhaarmik maanyataon ke aadhaar par jo log jo hai vah raat ko jhaadoo nahin lagaana chaahate hain doosara hai vaigyaanik vaigyaanik kaaran yah hai ki raat ko aap jhaadoo lagaate hain to nishchit roop se use dast utpann hotee hai aur raat ka samay jyaadaatar logon ko sone ka hota hai to aise samay mein dhool jab hava mein ya kamare mein udatee hai to kaheen na kaheen hamaaree jo naak naak kee jo chitr hai vahaan tak vah dhool jama hote hain jisakee vajah se raat ko sone mein hamen asuvidha ho sakatee hai bechainee ho sakatee hai aur svaasthy ke lie bhee vah cheejen sahee nahin hotee hai to yahee kaaran hota hai ki yah jo donon kaaran hai usakee vajah se log kyon hai kaheen na kaheen is cheej ko avoid karate hain ki raat ko jhaadoo na lagaaya jae

#रिश्ते और संबंध

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1:35
विकी आपका सवाल बिल्कुल ही गलत है और इनमें चोर आपका सवाल है कि आप ने एक तरफ तो कहा है कि दहेज लेना गलत है दूसरी तरफ आप ही कह रहे हैं कि एक लड़का है जिस को पढ़ाने के लिए पैसा लगता है और उस पैसे को आप दूसरे किसी लड़की के पिता से अब वसूल करना चाहते हैं तो बिल्कुल यह गलत सोच है और यह ट्रेडिशनल जो सोच है यही बदलने की जरूरत है क्योंकि किसी के पैसे से आप अमीर नहीं हो सकते और आपको अपना टैलेंट यानी लड़के को खुद अपने लिए जॉब अपॉर्चुनिटी और रोजगार के अवसर को तलाश करना है ना की किसी के दिए हुए पैसे या दान के अभी के या दहेज के से उसका बिजनेस चल सकता है या उसके घर में एक अच्छी खासी इनकम हो सकती है तो मुझे लगता है कि कहीं ना कहीं हर घर में लड़का भी होता है और लड़की भी होती है तो इस नजरिए से आप उसको कुछ क्वेश्चन को समझे कि आपके घर में भी जिस लड़के की बात आप कर रहे हैं अगर उस घर में लड़की होगी तो उसके लिए भी उसी तरह की प्रक्रिया आपको अपनानी पड़ेगी तो ऐसे में बेहतर यही है कि आप ना तो दहेज को ले और ना दे और वही यह समाज की एक बहुत बड़ी कुर्ती है इसको खत्म करने की जरूरत है तभी देश में सही तरीके से देश आगे बढ़ सकता है क्योंकि आपको पता होगा कि पूरे भारत भर में लगभग 10,000 से अधिक लड़कियां जो है वह दहेज प्रथा का शिकार होती हैं उनको प्रताड़ित किया जाता है चलाया जाता है मारी जाती है तो ऐसी स्थिति को देखते हुए इस प्रथा को बिल्कुल ही खत्म कर देना चाहिए और सरकार हालांकि इसके ऊपर कड़ा कानून बनाए हुए हैं लेकिन मुझे लगता है कि और अच्छे तरीके से इसका अनुपालन होना चाहिए
Vikee aapaka savaal bilkul hee galat hai aur inamen chor aapaka savaal hai ki aap ne ek taraph to kaha hai ki dahej lena galat hai doosaree taraph aap hee kah rahe hain ki ek ladaka hai jis ko padhaane ke lie paisa lagata hai aur us paise ko aap doosare kisee ladakee ke pita se ab vasool karana chaahate hain to bilkul yah galat soch hai aur yah tredishanal jo soch hai yahee badalane kee jaroorat hai kyonki kisee ke paise se aap ameer nahin ho sakate aur aapako apana tailent yaanee ladake ko khud apane lie job aporchunitee aur rojagaar ke avasar ko talaash karana hai na kee kisee ke die hue paise ya daan ke abhee ke ya dahej ke se usaka bijanes chal sakata hai ya usake ghar mein ek achchhee khaasee inakam ho sakatee hai to mujhe lagata hai ki kaheen na kaheen har ghar mein ladaka bhee hota hai aur ladakee bhee hotee hai to is najarie se aap usako kuchh kveshchan ko samajhe ki aapake ghar mein bhee jis ladake kee baat aap kar rahe hain agar us ghar mein ladakee hogee to usake lie bhee usee tarah kee prakriya aapako apanaanee padegee to aise mein behatar yahee hai ki aap na to dahej ko le aur na de aur vahee yah samaaj kee ek bahut badee kurtee hai isako khatm karane kee jaroorat hai tabhee desh mein sahee tareeke se desh aage badh sakata hai kyonki aapako pata hoga ki poore bhaarat bhar mein lagabhag 10,000 se adhik ladakiyaan jo hai vah dahej pratha ka shikaar hotee hain unako prataadit kiya jaata hai chalaaya jaata hai maaree jaatee hai to aisee sthiti ko dekhate hue is pratha ko bilkul hee khatm kar dena chaahie aur sarakaar haalaanki isake oopar kada kaanoon banae hue hain lekin mujhe lagata hai ki aur achchhe tareeke se isaka anupaalan hona chaahie

#भारत की राजनीति

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1:34
देखिए जहां तक नरेंद्र मोदी जी की विकल्प का सवाल है तो नरेंद्र मोदी जी के विकल्प खुद नरेंद्र मोदी जी ही हो सकते हैं उनका कोई विकल्प नहीं है और रही बात अमित शाह और योगी जी में हालांकि दोनों ही बीजेपी के बहुत ही कद्दावर नेता है और अपने अपने क्षेत्र में दोनों लोग माहिर हैं लेकिन दोनों लोगों के अगर स्वभाव की बात करें तो अमित शाह जी जहां पर एक तरफ बहुत ही अदृश्य लीडर माने जाते हैं तो उस हिसाब से कर बड़ा होता उनको दिया जाता है तू इतना ज्यादा जोमैचे डिसीजन से वह नहीं ले पा ले पाते हैं और 12 उनके बयान अभी तक भी है जिनसे उनकी एडिशन दिखाई देती है तो शायद लोग बहुत सारे लोग उनको ऐसे नहीं कर पाएंगे रही बात योगी आदित्य जी की तो वह निश्चित तौर पर हिंदू धर्म के प्रबल समर्थक हैं और उनको एक हिंदुत्व का प्रतीक भी माना जाता है लेकिन सरकार चलाने के लिए यह पूरे देश को चलाने के लिए आपको बेहतरीन धार्मिक समरसता को भी बनाने की जरूरत होती है और दूसरी तरफ यह भी जरूरत हो कि आप को तकनीकी रूप से भी सक्षम होना होता है क्योंकि रोजगार और आर्थिक मुद्दों की समझ होना भी आपके लिए बहुत ही जरूरी है तो ऐसे में मुझे लगता है कि अगर मुझसे पूछा जाएगा तो दोनों ही प्रधानमंत्री पद के लिए मेरे हिसाब से उपयुक्त नहीं है लेकिन अब यह देखना है कि बीजेपी किस तरह का डिसीजन लेती है जहां तक का ऐसे प्राइम मिनिस्टर का विकल्प है तो मोदी जी का विकल्प शायद यह दोनों उस लेवल पर फिट नहीं बैठ पाएंगे
Dekhie jahaan tak narendr modee jee kee vikalp ka savaal hai to narendr modee jee ke vikalp khud narendr modee jee hee ho sakate hain unaka koee vikalp nahin hai aur rahee baat amit shaah aur yogee jee mein haalaanki donon hee beejepee ke bahut hee kaddaavar neta hai aur apane apane kshetr mein donon log maahir hain lekin donon logon ke agar svabhaav kee baat karen to amit shaah jee jahaan par ek taraph bahut hee adrshy leedar maane jaate hain to us hisaab se kar bada hota unako diya jaata hai too itana jyaada jomaiche diseejan se vah nahin le pa le paate hain aur 12 unake bayaan abhee tak bhee hai jinase unakee edishan dikhaee detee hai to shaayad log bahut saare log unako aise nahin kar paenge rahee baat yogee aadity jee kee to vah nishchit taur par hindoo dharm ke prabal samarthak hain aur unako ek hindutv ka prateek bhee maana jaata hai lekin sarakaar chalaane ke lie yah poore desh ko chalaane ke lie aapako behatareen dhaarmik samarasata ko bhee banaane kee jaroorat hotee hai aur doosaree taraph yah bhee jaroorat ho ki aap ko takaneekee roop se bhee saksham hona hota hai kyonki rojagaar aur aarthik muddon kee samajh hona bhee aapake lie bahut hee jarooree hai to aise mein mujhe lagata hai ki agar mujhase poochha jaega to donon hee pradhaanamantree pad ke lie mere hisaab se upayukt nahin hai lekin ab yah dekhana hai ki beejepee kis tarah ka diseejan letee hai jahaan tak ka aise praim ministar ka vikalp hai to modee jee ka vikalp shaayad yah donon us leval par phit nahin baith paenge

#भारत की राजनीति

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भारत में जब भी भाजपा की सरकार बनती है तो दंगे क्यों होते हैं?Bharat Mein Jab Bhe Bjp Ki Sarkaar Banti Hai To Dange Kyun Hote Hain
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1:23
देखे मैं भारतीय जनता पार्टी का प्रवक्ता तो नहीं हूं लेकिन इस सवाल को समझने की जरूरत है जहां तक दंगे होने की बात है पिछले 7 से 8 साल हो गए इस सरकार को चलते हुए और आप बताइए कि कौन सा एक बड़ा दंगा हुआ है लेकिन जब कांग्रेस का इतिहास उठाकर देखते हैं चाहे वह 984 का सिख दंगा हुआ हो मुजफ्फरनगर कराओ तमाम ऐसे दंगे रहे हैं और इसका बहुत बड़ा एग्जांपल रहा है यूपी के अंदर अखिलेश सरकार जब रही है तो उसमें भी बहुत ही बड़े लेवल पर दंगे हुए थे तो दंगे देखिए होते हैं सर जब सरकार कानून व्यवस्था को संभाल पाने में सक्षम नहीं होती है और सरकारें जो होती है वही जंगे के लिए विश्व में निश्चित रूप से जिम्मेदार भी होते लेकिन पिछले कुछेक सात-आठ सालों का रिकॉर्ड देखे तो कोई बड़ा दंगा नहीं देखने को मिला है तो इससे कहीं न कहीं सरकार की चुस्ती देखने को मिलती है बाकी यह समझने की बात है कुछेक लोग दंगा करवाना चाहते हैं और करवाते भी है अब आप दे दिल्ली में आम आदमी की सरकार थी तो वहां पर आप कहेंगे कि नहीं बीजेपी की सरकार थी इसलिए दंगे भी कुछ दिन पहले हुए और कौन-कौन दंगे में था कोर्ट ने और जो भी एजेंसी आते ही उन्होंने डिटेक्ट करके आप सामने आया आया वह चीज है जो है तो यह आप समझ सकते हैं बाकी ऐसा नहीं है कि सरकारें जो होती है वह अगर मुस्तैद रहती हैं तो दंगे होने की संभावना बहुत कम होती
Dekhe main bhaarateey janata paartee ka pravakta to nahin hoon lekin is savaal ko samajhane kee jaroorat hai jahaan tak dange hone kee baat hai pichhale 7 se 8 saal ho gae is sarakaar ko chalate hue aur aap bataie ki kaun sa ek bada danga hua hai lekin jab kaangres ka itihaas uthaakar dekhate hain chaahe vah 984 ka sikh danga hua ho mujaphpharanagar karao tamaam aise dange rahe hain aur isaka bahut bada egjaampal raha hai yoopee ke andar akhilesh sarakaar jab rahee hai to usamen bhee bahut hee bade leval par dange hue the to dange dekhie hote hain sar jab sarakaar kaanoon vyavastha ko sambhaal paane mein saksham nahin hotee hai aur sarakaaren jo hotee hai vahee jange ke lie vishv mein nishchit roop se jimmedaar bhee hote lekin pichhale kuchhek saat-aath saalon ka rikord dekhe to koee bada danga nahin dekhane ko mila hai to isase kaheen na kaheen sarakaar kee chustee dekhane ko milatee hai baakee yah samajhane kee baat hai kuchhek log danga karavaana chaahate hain aur karavaate bhee hai ab aap de dillee mein aam aadamee kee sarakaar thee to vahaan par aap kahenge ki nahin beejepee kee sarakaar thee isalie dange bhee kuchh din pahale hue aur kaun-kaun dange mein tha kort ne aur jo bhee ejensee aate hee unhonne ditekt karake aap saamane aaya aaya vah cheej hai jo hai to yah aap samajh sakate hain baakee aisa nahin hai ki sarakaaren jo hotee hai vah agar mustaid rahatee hain to dange hone kee sambhaavana bahut kam hotee

#भारत की राजनीति

bolkar speaker
किसान नेता बनने के लिए किन योग्यताओं का होना अनिवार्य है?Kisaan Neta Banane Ke Liye Kin Yogyataon Ka Hona Anivaarya Hai
KAUSHAL KUMAR SINGH Bolkar App
Top Speaker,Level 77
सुनिए KAUSHAL जी का जवाब
Gmind institute
1:22
ऐसे तो किसान नेता बनने के लिए उनको लीड करने के लिए एक जज्बा होना चाहिए और एक डेडीकेशन एंड डिवोशन होना चाहिए जो कि नैसर्गिक रूप में पाया जाता है अगर आप कह रहे हैं कि हम एक बिजनेस समझ कर या फिर एक आर्टिफिशियल रूप से हम किसान नेता बन जाए हालांकि वह अब के युग में तो पॉसिबल है क्योंकि जिस तरह से मीडिया और छोटी-छोटी यूट्यूब चैनल सो गए हैं तो किसी को भी कभी भी नेता बना भी सकते हैं और कभी किसी को हटा भी सकते हैं लेकिन महत्वपूर्ण बात यह कि किसानों के मुद्दों की और उनके वास्तविक प्रॉब्लम की बात कौन कर रहा है तो मुझे नहीं लग रहा है कि सभी लोग कहीं ना कहीं जो नेता आगे उठते हैं वह अपने कहीं ना कहीं अपनी राजनीति चमकाने के चक्कर में किसानों का प्रयोग करते हैं और वास्तविक रूप से कोई भी उनकी समस्या पर फोकस नहीं करता है यही कारण है कि पिछले कई सालों से लगातार किसान आत्महत्या करते रहे हैं और सरकारी बड़े-बड़े दावे भी करती है लेकिन उनका कहीं ना कहीं समाधान न आता है तो मुझे लगता है कि अगर आपकी एक किसान नेता बनना चाहते हैं तो लोगों के बीच में जाएं उनकी समस्याओं को समझे और साथ में उनकी समस्याओं का निवारण करने के लिए अपने स्तर पर काम करें वही एक सफल नेता माना जाएगा और वही एक सही सच्चे नहीं ताकि वह है लेकिन वह आज देखने को शायद बहुत कम मिलती हैं
Aise to kisaan neta banane ke lie unako leed karane ke lie ek jajba hona chaahie aur ek dedeekeshan end divoshan hona chaahie jo ki naisargik roop mein paaya jaata hai agar aap kah rahe hain ki ham ek bijanes samajh kar ya phir ek aartiphishiyal roop se ham kisaan neta ban jae haalaanki vah ab ke yug mein to posibal hai kyonki jis tarah se meediya aur chhotee-chhotee yootyoob chainal so gae hain to kisee ko bhee kabhee bhee neta bana bhee sakate hain aur kabhee kisee ko hata bhee sakate hain lekin mahatvapoorn baat yah ki kisaanon ke muddon kee aur unake vaastavik problam kee baat kaun kar raha hai to mujhe nahin lag raha hai ki sabhee log kaheen na kaheen jo neta aage uthate hain vah apane kaheen na kaheen apanee raajaneeti chamakaane ke chakkar mein kisaanon ka prayog karate hain aur vaastavik roop se koee bhee unakee samasya par phokas nahin karata hai yahee kaaran hai ki pichhale kaee saalon se lagaataar kisaan aatmahatya karate rahe hain aur sarakaaree bade-bade daave bhee karatee hai lekin unaka kaheen na kaheen samaadhaan na aata hai to mujhe lagata hai ki agar aapakee ek kisaan neta banana chaahate hain to logon ke beech mein jaen unakee samasyaon ko samajhe aur saath mein unakee samasyaon ka nivaaran karane ke lie apane star par kaam karen vahee ek saphal neta maana jaega aur vahee ek sahee sachche nahin taaki vah hai lekin vah aaj dekhane ko shaayad bahut kam milatee hain

#भारत की राजनीति

KAUSHAL KUMAR SINGH Bolkar App
Top Speaker,Level 77
सुनिए KAUSHAL जी का जवाब
Gmind institute
2:00
देखी वास्तविकता क्या है यह तो अभी एक अलग बात है लेकिन इसको पूरा समझने की जरूरत है क्योंकि 20 से 25 दिनों से अधिक किसान आंदोलन लगातार चल रहा है और 12 से 13 राउंड की बातचीत भी सरकार से किसानों की हो चुकी है हालांकि इसमें बहुत सारे छोटे बड़े संगठन शामिल है लेकिन इस बात को समझने की भी जरूरत है कि जैसे कि लगातार सचिन उठ रहा है किसानों के ऊपर भी कि यह प्रायोजित है या फिर लगातार सरकार भी तमाम ऐसे संशोधन है जिनको मानने के लिए तैयार है यानी जो किसान एमएसपी की बात कर रहे हैं उसको भी किसान ने सरकार ने मान लिया उसके बाद भी आप देखे तो किसान बिल्कुल इस मूड में नहीं है कि वह धरना अपना खत्म करें प्रदर्शन खत्म करें और कहीं ना कहीं कोर्ट भी अब इसमें शामिल हो चुका है लेकिन यह बात महत्वपूर्ण है कि कहीं न कहीं सरकारों की ही जिम्मेदारी होती है कि कानून बनाना इस तरह से आप देखें बहुत सारे लेवल पर सरकार फैसले ले रही है क्या सब का एक ही गो समझ कर भेज भूत होना शुरू हो जाए उससे पहले भी एनआरसी और सीएबी ऊपर भी विरोध बहुत लंबा चला था जिसको सरकार को टालना पड़ा था और फिर हाल के लिए भी सरकार ने इस चीज को ठंडे बस्ते में भी डाल दिया है कि वे 2 साल तक हम फिलहाल कोई इस तरह का कानून नहीं बनाने जा रहे हैं लेकिन उसके बाद भी लगातार किसान आंदोलन कर रहे हैं प्रदर्शन कर रहे हैं और एक खास तरीके से उनको प्रायोजित भी किया जा रहा है इन सब में वास्तविकता यही है कि सही चीजें किसानों तक भी नहीं पहुंच पा रही हो सही चीज है सरकार तक भी नहीं पहुंच पा रही है तो दोनों में एक कन्फ्यूजन की स्थिति क्रिएट हुई है कहीं ना कहीं मीडिया का भी तो उसमें बहुत अहम हो जाता है क्योंकि दूधडे मीडिया के भी हो गए हैं जहां वह इसके विरोध में भी कुछ लोग खबरें दिखा रहे हैं कुछ लोग इसके पक्ष में दिखा रहे हैं तो इस वजह से कहीं न कहीं इस को एक फ्लोर मिल रहा है तो निश्चित तौर पर इसका एक समाधान निकालना चाहिए क्योंकि जहां पर भी जो लोग भी आंदोलन कर रहे हैं बातचीत से ही उनको बेहतर तरीके से कुछ रास्ता निकल सकता
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