#पढ़ाई लिखाई

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क्या स्कूल बंदी से करोड़ों बच्चों को सीखने की क्षमता घटी है?Kya Skool Bandee Se Karodon Bachchon Ko Seekhane Kee Kshamata Ghatee Hai
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3:02
प्रश्न है कि क्या स्कूल बंदी से करोड़ों बच्चों को सीखने की क्षमता घटती है तो जहां तक मेरा अनुभव है कि मेरे राज्य बिहार में 1 मार्च 2000 1st 1:00 से 5:00 पर एक ही कक्षा जो है संचालित हो रही है मैंने देखा कि कुछ बच्चे जो हैं ऐसे व्यवहार कर रहे हैं जो करुणा के पहले स्कूल में थे वैसा भी है उनके पास नहीं थी यानी कुल मिलाकर ऑन डिसिप्लिन बच्चे जरूर हुए हैं और ना संक्रमण के कारण स्कूल के बंद होने का शिक्षा का प्रतिकूल असर भी दिखा गया है कुछ असर ऐसे हैं कि उसे कल्पना हम नहीं कर सकते थे देश में लगभग 1 साल तक स्कूल बंद रहे और इसका असर बच्चों के सीखने की क्षमता पर पर पड़ा है ऐसा यूनिसेफ का मानना है मैंने कहीं पढ़ा था कि यूनिसेफ के अनुसार भारत में करुणा के कारण डेढ़ लाख है स्कूलों के बंद होने से प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के 24.7 करोड बच्चों की शिक्षा पर असर पड़ा है संस्था ने भारत सरकार से अपील की है कि प्राथमिकता के आधार पर तत्काल स्कूलों को खोला जाना चाहिए और बताया है कि स्कूल बंद होने के बाद ऑनलाइन शिक्षा का दायरा बढ़ा है लेकिन यह भारत में स्कूली शिक्षा का विकल्प नहीं हो सकता क्योंकि देश में 4 मैसेज सिर्फ एक बच्चे के पास इंटरनेट और मोबाइल की सुविधा उपलब्ध है करो ना से पहले देश में सिर्फ 24 दिन जो है घरों में इंटरनेट की सुविधा थी और यही नहीं देश के इंटरनेट की उपलब्धता के मामले में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में काफी अंतर है साथ ही इंटरनेट की पहुंच लड़कियों के मुकाबले लड़कों में अधिक है मौजूदा समय में सिर्फ 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कक्षा 1 से 12 तक के स्कूल खोले गए हैं जबकि अरे राज्य में कक्षा 6 से 12 और 15 राज्य में 9 से 12 सखी कक्षा शुरू हुई है स्कूल बंद होने से बच्चे मूलभूत बातें सीखने से वंचित हो रहे हैं और ऑनलाइन शिक्षा कभी स्कूली शिक्षा की पूर्ण विकल्प नहीं हो सकता स्कूल बंद होने के सबसे अधिक असर गरीब परिवार के बच्चों पर पड़ा है और इसे एक बार फिर यह स्कूल से बाहर आने वाले बच्चों की संख्या में बढ़ने का डर है कि कहीं फिर पुराना ना हो जाए और भारत में यूनिसेफ के प्रतिनिधि ने बताया है कि 1 साल में स्कूल बंद होने से बच्चों के दैनिक क्रियाकलाप पर असर पड़ा है लंबे समय से स्कूल से बाहर आने से बच्चे में स्कूल नहीं जाने की प्रवृत्ति घर कर जाती है और बच्चों की मानसिक स्थिति पर भी असर पड़ा है या चिंता का विषय है ऐसे में सरकार को बच्चों को हित को देखते हुए स्कूल खोलने का निर्णय जो किया गया है वह काफी सराहनीय है और साथ ही शिक्षकों को छूटे हुए पाठ्यक्रम को पूरा करने पर विशेष ध्यान देना होगा धन्यवाद

#खेल कूद

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एसबीआई पहले किस नाम से जाना जाता था?Sbi Pehle Kis Naam Se Jana Jata Tha
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0:51
लगना है कि एसबीआई बैंक को पहले किस नाम से जाना जाता था तो मैं आपको बता दूं कि 1 जुलाई 1955 को इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया यानी उसके पहले ईमेल बैंक ऑफ इंडिया के नाम से जाना जाता था और उनको इंपिरियल बैंक ऑफ इंडिया भारतीय स्टेट बैंक बन गया था और 27 जनवरी 1921 को बैंक ऑफ़ बंगाल बैंक ऑफ़ मुंबई और बैंक ऑफ़ मद्रास को मिला दिया गया था और यह इंपिरियल बैंक बन गया था और यह भी चर्चा करना जरूरी है कि अनीता 20 के तहत इसका गठन भी किया गया था चाहिए एसबीआई के बैंक से कुछ मुख्य बिंदु थे धन्यवाद

#खेल कूद

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क्या कोरोना वायरस से भारत को भी खतरा है ?Kya Korona Vaayaras Se Bhaarat Ko Bhee Khatara Hai
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1:04
मिलाकर हम बात करें भारत में कोरोनावायरस को तो करो ना का खतरा अभी टला नहीं है सावधान रहने की जरूरत है कोरोना संक्रमण अभी टला नहीं है और जरा सी लापरवाही के कारण करो ना फिर से दस्तक दे दी है भारत में विशेषज्ञ बार-बार चेतावनी भी दे रहे थे इसके बावजूद हम नहीं माने और हमारी लापरवाही हम लोगों पर भारी पड़ रही है महाराष्ट्र और दक्षिणी के हिस्से में तेजी से यह बीमारी फैल रही है देशवासियों के चिंता भी बढ़ा दी है और करो ना कि तेज रफ्तार और ग्रामीण इलाकों में भी अपनी चपेट में ले रही है भारत कोरोना का वैक्सीन बढ़ाने में तो सफल हुआ है लेकिन वैक्सीनेशन की रफ्तार में तेजी नहीं होने के कारण निराशा झलक रही है भारत में इस टिकट को लेकर सकारात्मक पहल करने की जरूरत है और साथ ही साथ 2 गज की दूरी बहुत जरूरी है क्योंकि इसके लिए खुद को जागरूक रखना पड़ेगा तो कुल मिलाकर जो है भारत में कोरोना का प्रकोप जारी है और मैं बचाव ही हमारे लिए लाभदायक है

#धर्म और ज्योतिषी

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फणीश्वर नाथ रेणु की कौन सी रचना है?phaneeshvar naath renu kee kaun see rachana hai
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1:25
प्रश्न है कि फणीश्वर नाथ रेणु की रचनाएं कौन है तो हम सभी अपने कक्षा में भी पढ़े हैं मैला आंचल काफी फेमस रही है जो 1954 के आसपास में प्रकाशित हुई थी वहीं पर थी परी का था जो है या नहीं सो 57 के करीब में प्रकाशित हुई थी उसके बाद है रेणु रचनावली है जो काफी एबी फेमस है इसके बारे में आप पढ़ेंगे तो बहुत सारी चीजें आपको मिलेगी और इनके जो भी कहानियां है या अभी जो भी कविताएं हैं इसमें काफी रोचक पर आती है अगर हम इसमें बात करें तो इनका जो अली खान था उसमें इन्होंने बहुत सारी चीजों को दर्शाया है और उनके कथाओं में प्रेम सौंदर्य और जीवन के रस केंद्रित है कस्टमर ने कहा था कि अपनी मौलिक शैली के कारण रेणु जी की पहचान अन्य कथा कारों की अपेक्षा अलग है और उनकी रचना जनमानस के करीब है और सहेली सरस होने के कारण पाठकों की पहली पसंद बनी रही मतलब कि इनके जो लिखने की शैली है काफी सिंपल है साधारण है कार्यक्रम का मैं यह भी जाते भी थे और जो भी बातें बोलते थे ऐसा लगता था कि हमारे आसपास या हमारे जमीनी स्तर या हमारे परिवार की कोई सदस्य बोल रहा है इनकी बहुत सरल भाषा थी जिसकी वजह से इनकी रचनाओं को काफी पसंद किए गए

#जीवन शैली

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फणीश्वर नाथ रेणु के जीवन के बारे में आप कुछ बता सकते हैं ?phaneeshvar naath renu ke jeevan ke baare mein aap kuchh bata sakate hain
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2:38
हम सभी जानते हैं कि फणीश्वर नाथ रेणु का जीवन बहुत रोचक रहा है और उन्होंने समाज और जीवन की गरिमा के बात करने वाले लेखों में रहे हैं आज जो भाषा के लेखक राजनीति की जा रही है रोने उसको बखूबी समझते थे उन्होंने अपनी रचनाओं में ऐसे लोगों को सामने रखा था वह भविष्य के लेखक थे उनकी रचना तीसरी कसम को लोग प्रेम से जोड़कर देखते थे जबकि यह कहानी भरोसा विश्वास और सीता के भीतर के रस को उजागर करती है इससे प्रेम का सही मायने में उत्पत्ति होती है रेणु उस विश्वास और भरोसे को रखते हैं इसके अलावा उनकी रचनाओं में एक अद्भुत कौशल दिखता है दो पंक्तियों के बीच जो पंक्तियां बनती है उससे बिना जिक्र करते हुए लोगों के सामने रख देते थे उनके लेखनी में जीवन की आस छुपी हुई होती है जीवन जहां से शुरू होता है वह अपनी रचनाओं में उसे क्या करते हैं और यही कौशल उन्हें अलग बनाता है रेणु की कुछ रचनाओं को मैंने पढ़ा है उनके रचनाओं में जीवन के विभिन्न आयामों को बड़ी सहजता के साथ दर्शाया गया है मुझे यह समझ में नहीं आता कि उन्होंने भाषा के स्तर पर और स्वीकार करने की कोशिश से क्यों की गई रेणु जीवन की जो है जिजीविषा खराश और हरा के लेखक हैं प्रेमचंद की रचनाओं में हम बात करें तो उसमें भी गांव है पर वह पर अस्तराग नहीं है उनकी रचनाओं में कभी हिंदी बाधित होती नहीं दिखती उनकी रचनाओं में ग्रामीण समाज के प्रति प्रतिबद्धता और जीवन के प्रेम को जितनी ऊंचाई दी गई है वह शायरी किसी अन्य लेखक की रचना में देखने को मिलती तो इस तरह के हैं अगर बात करें रेणु की आगे की इनकी दास्तां की तो उसमें देखा गया कि जो संस्कृतियों आज हो यह हमारे देश में तो यह भी जानते हैं कि यह पटना में सांस्कृतिक रूप से विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़ी हुए भी थे और समाजवादी कार्यकर्ता लेखक और आंदोलन कार में संस्कृति कर्मी अभी रहे थे नाटक में बहुत प्यार करते थे और कई रूप में रेणु जी के व्यक्तित्व था उप निश्चयवाद के बाद देशभर में संसदीय राजनीति की नई चीज भी इन्हीं के दौर में आई थी तब रेणु के साहित्य में पहली बार राजनीतिक कार्यकर्ता आते थे तो कई चीजें हैं कि रेणु के आसपास में पुना पुना चीज है

#टेक्नोलॉजी

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1:44
बैंक से होम लोन लेते समय हमें कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान देना चाहिए जैसे कि आप पर होम लोन ले रहे हैं और कितने ले रहे हैं इस बात का ध्यान रखना चाहिए क्योंकि आपको लोन चुकाना भी होता है आप अपने आमदनी के अनुसार ले सकते हैं आपकी इमाई जो है कितनी हर महीने हैं इस बात का भी ध्यान रखें इसके अलावा अगर आपका ही माई हर माह जमा हो रहे हैं तो आपका ही माई मिस ना हो कभी-कभी होता है कि आप के कारण बस यदि आप में नहीं जमा कर पाते हैं तो उसमें आपका क्रेडिट इसको भी देखा जाता है तो इस बात का ध्यान जरूर रखें क्योंकि 1mi छूटने पर आपको दोबारा और फिर उसका इंटरेस्ट आपको देना होता है तो इस तरह धीरे-धीरे वही हो जाता है चाहे जो भी प्रस्तुति हो आप ही माई जो है समय पर आप दें ताकि आपको बाद में इसके लिए पछताना न पड़े आप लंबे समय के लिए होम लोन लिए हैं तो उसमें इंश्योरेंस कराना भी आपके लिए महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि कभी-कभी होता है कि जिनके नाम पर होम लोन है अगर अचानक उनकी मृत्यु हो जाती है तो अगर इंसुरेंस रहता है तो उसका कवर मिल जाता है या नहीं उनके न रहने पर भी उस इंश्योरेंस से जो है उनकी अलोन की पूर्ति हो जाती है तो यह फायदेमंद होता है तो इस बात का भी ध्यान रखें कि अगर आप का 10 साल से ऊपर लोन है यानी 10 साल की अवधि से ज्यादा है तो उस समय आप पर इंश्योरेंस जरूर करा लें ताकि उस व्यक्ति को ना रहने पर भी आपको किसी तरह का भार ना हो तो यह चीज है जो है हमेशा ध्यान देने की बात होते हैं

#टेक्नोलॉजी

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खिलौना के उद्योग के संबंध में आपके क्या विचार हैं?Khilauna Ke Udyog Ke Sambandh Mein Aapke Kya Vichaar Hai
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1:51
खिलौना के हम बात करें तो खिलौने बच्चों को सीखने और समझने का नजरिया होते हैं भारत में लोक कलाओं और लोक संस्कृतियों की झलक खिलौने की बनावट में दिखती है मिट्टी कपड़े बात और लकड़ी आदि से बनने वाले खिलौने देश दूरदराज के इलाकों तक प्रसारित होते रहते हैं हर बात तो अभी सरकार जो है परंपरा खिलौनों को बढ़ावा दे रही है और ऐसा कहा जा रहा है कि भारत में अगर खिलौने बनते हैं तो यही इसकी जो भी है बिजनेस सॉन्ग है इससे भारत के लोग को भी फायदा होगा हमारे देश में विभिन्न प्रकार के समग्र शिक्षा होने को तैयार करने का काला मौजूद है जिसमें धातु मेथी लकड़ी पत्थर आदि से बनाए जाते हैं और एक नजर इन खिलौनों के बारे में भी आकर देख सकते हैं कि धातु के खिलौने जो है गुजरात उत्तर प्रदेश तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में काफी और तमीज से धातु और खिलौने बनाए जाते हैं मैं तो शताब्दियों से हमारे देश में लकड़ी के कारीगरों की विकास होता रहा है और लकड़ी की बनी गुड़िया देश में काफी लोकप्रिय रही है मिट्टी के खिलौने भी हम लोग देखे हैं खुद आप यहां हम हम तो इस मिट्टी से खिलौने से खेले हैं और भारत में तीर कोटा के मुरतिया भी काल 3000 वर्ष से भी अधिक पुराना है इसे कोटा से बने देवी-देवताओं की मूर्तियां दुर्गा पूजा गणेश चतुर्थी को हमें बरसों पहले या अभी भी देखते आ रहे हैं कुल मिलाकर कहें तो अभी भी खिलौने का बाजार जो है अपनी परंपरा बनाए हुए हैं अगर हम इसमें उद्योग करते हैं तो बेशक जो है हम काफी फायदेमंद में रहेंगे तो बिल्कुल जो है खिलौने के उद्योग के सम्मान में आपसे एक नहीं रख सकते हैं अगर आपके पास एक कला है तो आप इसकी बिजनेस कर सकते हैं
Khilauna ke ham baat karen to khilaune bachchon ko seekhane aur samajhane ka najariya hote hain bhaarat mein lok kalaon aur lok sanskrtiyon kee jhalak khilaune kee banaavat mein dikhatee hai mittee kapade baat aur lakadee aadi se banane vaale khilaune desh dooradaraaj ke ilaakon tak prasaarit hote rahate hain har baat to abhee sarakaar jo hai parampara khilaunon ko badhaava de rahee hai aur aisa kaha ja raha hai ki bhaarat mein agar khilaune banate hain to yahee isakee jo bhee hai bijanes song hai isase bhaarat ke log ko bhee phaayada hoga hamaare desh mein vibhinn prakaar ke samagr shiksha hone ko taiyaar karane ka kaala maujood hai jisamen dhaatu methee lakadee patthar aadi se banae jaate hain aur ek najar in khilaunon ke baare mein bhee aakar dekh sakate hain ki dhaatu ke khilaune jo hai gujaraat uttar pradesh tamilanaadu aur aandhr pradesh mein kaaphee aur tameej se dhaatu aur khilaune banae jaate hain main to shataabdiyon se hamaare desh mein lakadee ke kaareegaron kee vikaas hota raha hai aur lakadee kee banee gudiya desh mein kaaphee lokapriy rahee hai mittee ke khilaune bhee ham log dekhe hain khud aap yahaan ham ham to is mittee se khilaune se khele hain aur bhaarat mein teer kota ke muratiya bhee kaal 3000 varsh se bhee adhik puraana hai ise kota se bane devee-devataon kee moortiyaan durga pooja ganesh chaturthee ko hamen barason pahale ya abhee bhee dekhate aa rahe hain kul milaakar kahen to abhee bhee khilaune ka baajaar jo hai apanee parampara banae hue hain agar ham isamen udyog karate hain to beshak jo hai ham kaaphee phaayademand mein rahenge to bilkul jo hai khilaune ke udyog ke sammaan mein aapase ek nahin rakh sakate hain agar aapake paas ek kala hai to aap isakee bijanes kar sakate hain

#भारत की राजनीति

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क्या जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाया जाना चाहिए?kya janasankhya niyantran kaanoon banaaya jaana chaahie
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1:11
भारत में तेजी से बढ़ रही जनसंख्या वृद्धि को अगर समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया तो अगले कुछ वर्षों में दुनिया के सबसे बड़ा आबादी वाला देश भी बन जाएगा इसके बहुत तेज दुष्परिणाम सामने आएंगे और देश में गरीबी बेरोजगारी भुखमरी महंगाई भ्रष्टाचार समेत कई समस्याएं बढ़ेगी और लोगों के सामने रोजी-रोटी का वेतन काटा जाएगा और तुझे पटरी हो जाएगी इसलिए जरूरी है कि सरकार के साथ आम आदमी भी इसकी भयावहता को समझें और इसकी रोकथाम की दिशा में अपनी मानसिकता को बदल है खासकर मुस्लिम लोगों में देखा जाता है कि वह जनसंख्या वृद्धि में रुकावट नहीं करते लोगों को हम दो हमारे दो नहीं बल्कि हमारे एक वाला सिद्धांत भी अपनाना होगा सरकार को भी जनसंख्या नियंत्रित करने के लिए कानून बनाने की जरूरत है और इसके लिए हम या आम लोगों को भी जागरूक तो होना चाहिए तभी ये काम सफल हो पाएगा क्योंकि अभी जो है जिस प्रकार नौकरियों के लिए हम तत्पर है या नौकरिया नहीं मिल रही है तो कहीं ना कहीं संकेत है
Bhaarat mein tejee se badh rahee janasankhya vrddhi ko agar samay rahate niyantrit nahin kiya gaya to agale kuchh varshon mein duniya ke sabase bada aabaadee vaala desh bhee ban jaega isake bahut tej dushparinaam saamane aaenge aur desh mein gareebee berojagaaree bhukhamaree mahangaee bhrashtaachaar samet kaee samasyaen badhegee aur logon ke saamane rojee-rotee ka vetan kaata jaega aur tujhe pataree ho jaegee isalie jarooree hai ki sarakaar ke saath aam aadamee bhee isakee bhayaavahata ko samajhen aur isakee rokathaam kee disha mein apanee maanasikata ko badal hai khaasakar muslim logon mein dekha jaata hai ki vah janasankhya vrddhi mein rukaavat nahin karate logon ko ham do hamaare do nahin balki hamaare ek vaala siddhaant bhee apanaana hoga sarakaar ko bhee janasankhya niyantrit karane ke lie kaanoon banaane kee jaroorat hai aur isake lie ham ya aam logon ko bhee jaagarook to hona chaahie tabhee ye kaam saphal ho paega kyonki abhee jo hai jis prakaar naukariyon ke lie ham tatpar hai ya naukariya nahin mil rahee hai to kaheen na kaheen sanket hai

#भारत की राजनीति

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क्या अब समय आ गया है कि पेट्रोल व डीजल के विकल्प की तलाश की जाए?Kya Ab Samay Aa Gaya Hai Ki Petrol Va Diesel Ke Vikalp Ki Talaash Ki Jaye
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1:32
जिस प्रकार विगत दिनों में देखा गया कि पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ रहे हैं तो कहीं ना कहीं इसका एक विकल्प हमें ढूंढना ही होगा पेट्रोल और डीजल पर पूरा पीस पनीर पर हो गया है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में समय-समय पर उतार चढ़ाव होता रहता है और इसका प्रभाव यह होता है कि कई देशों में पेट्रोल व डीजल की कीमत में वृद्धि हो जाती है किसी भी देश की अर्थव्यवस्था पेट्रोल डीजल के वेदर काम नहीं चल सकती है और इन दिनों पेट्रोल पदार्थों की बढ़ी कीमत ने भारतीय अर्थव्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमतों से आम लोग परेशान हो गए हैं और महंगाई भी बढ़ी है पेट्रोलियम पदार्थों को भी जीएसटी में शामिल करने की मांग उठी है लेकिन प्रदेश सरकार इसके लिए तैयार नहीं दिख रही है इसलिए यह जरूरी है कि डीजल व पेट्रोल के लिए एक मजबूत विकल्प की तलाश करने की जरूरत है उल्लेखनीय है कि यह पेट्रोल व डीजल पर्यावरण गोभी दूषित करते हैं और जलवायु परिवर्तन को भी यह एक महत्वपूर्ण वजह है और इस कारण देश एवं जनमानस को सुरक्षित और संरक्षित करने के लिए हमें वैकल्पिक व्यवस्था की तलाश करने की आवश्यकता है जैसे अगर हमको कहीं जाना है मार्केट जाना है तो बाइक से ना जाए साइकिल चला है और जहां तक संभव हो सके साइकिल चला है अगर ज्यादा दूरी तय करना हो तो उस समय हम भाई का यूज करें या फोर व्हीलर का यूज़ करें एक विकल्प के तौर पर हम इसकी तलाश कर सकते हैं
Jis prakaar vigat dinon mein dekha gaya ki petrol aur deejal ke daam badh rahe hain to kaheen na kaheen isaka ek vikalp hamen dhoondhana hee hoga petrol aur deejal par poora pees paneer par ho gaya hai aur antararaashtreey baajaar mein kachche tel kee keemat mein samay-samay par utaar chadhaav hota rahata hai aur isaka prabhaav yah hota hai ki kaee deshon mein petrol va deejal kee keemat mein vrddhi ho jaatee hai kisee bhee desh kee arthavyavastha petrol deejal ke vedar kaam nahin chal sakatee hai aur in dinon petrol padaarthon kee badhee keemat ne bhaarateey arthavyavastha ko jhakajhor kar rakh diya hai petroliyam padaarthon kee badhatee keematon se aam log pareshaan ho gae hain aur mahangaee bhee badhee hai petroliyam padaarthon ko bhee jeeesatee mein shaamil karane kee maang uthee hai lekin pradesh sarakaar isake lie taiyaar nahin dikh rahee hai isalie yah jarooree hai ki deejal va petrol ke lie ek majaboot vikalp kee talaash karane kee jaroorat hai ullekhaneey hai ki yah petrol va deejal paryaavaran gobhee dooshit karate hain aur jalavaayu parivartan ko bhee yah ek mahatvapoorn vajah hai aur is kaaran desh evan janamaanas ko surakshit aur sanrakshit karane ke lie hamen vaikalpik vyavastha kee talaash karane kee aavashyakata hai jaise agar hamako kaheen jaana hai maarket jaana hai to baik se na jae saikil chala hai aur jahaan tak sambhav ho sake saikil chala hai agar jyaada dooree tay karana ho to us samay ham bhaee ka yooj karen ya phor vheelar ka yooz karen ek vikalp ke taur par ham isakee talaash kar sakate hain

#भारत की राजनीति

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1:13
बिहार राज्य के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने कहा है कि अब जो भी अस्पताल हैं और उनका को लेकर तीसरे चरण की निशुल्क टीकाकरण की शुरुआत करेंगे और इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री तारकेश्वर प्रसाद और रेणु देवी सहित अन्य मंत्री भी थे और सभी को टीका लगा निजी अस्पताल में भी लोगों को निशुल्क ठीक रहेगा प्रति टीका ₹28 का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी फिलहाल सुबह 10:00 बजे से रजिस्ट्रेशन शुरू होगा और 3 मार्च से 50 निजी और 625 सरकारी अस्पतालों में टिका लगाए जा सकेंगे 1 सप्ताह बाद विल्सन सेंटर से जुड़कर 800 सरकारी अस्पतालों में भी टीकाकरण की व्यवस्था होगी लिए 4 मानक निर्धारित किया गया है इनमें वैक्सीनेटर की उपलब्धता होगी कोल्ड चेन सुविधा रजिस्ट्रेशन व टीकाकरण के लिए पर्याप्त जगह रजिस्ट्रेशन के आधार पर अनिवार्य है आधार कार्ड आपको लाेगाेस के नहीं होने पर वोटर आई कार्ड पैन कार्ड सहित फोटो और ना जानती थी के साथ वाले परिचय पत्र भी शामिल होंगे और यह काफी सराहनीय कदम है
Bihaar raajy ke mukhyamantree shree neeteesh kumaar ne kaha hai ki ab jo bhee aspataal hain aur unaka ko lekar teesare charan kee nishulk teekaakaran kee shuruaat karenge aur is avasar par up mukhyamantree taarakeshvar prasaad aur renu devee sahit any mantree bhee the aur sabhee ko teeka laga nijee aspataal mein bhee logon ko nishulk theek rahega prati teeka ₹28 ka kharch raajy sarakaar vahan karegee philahaal subah 10:00 baje se rajistreshan shuroo hoga aur 3 maarch se 50 nijee aur 625 sarakaaree aspataalon mein tika lagae ja sakenge 1 saptaah baad vilsan sentar se judakar 800 sarakaaree aspataalon mein bhee teekaakaran kee vyavastha hogee lie 4 maanak nirdhaarit kiya gaya hai inamen vaikseenetar kee upalabdhata hogee kold chen suvidha rajistreshan va teekaakaran ke lie paryaapt jagah rajistreshan ke aadhaar par anivaary hai aadhaar kaard aapako laaegaaes ke nahin hone par votar aaee kaard pain kaard sahit photo aur na jaanatee thee ke saath vaale parichay patr bhee shaamil honge aur yah kaaphee saraahaneey kadam hai

#पढ़ाई लिखाई

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1:59
आज के परिपेक्ष में है यह बहुत महत्वपूर्ण प्रश्नों हो जाता है हम सभी देखते हैं कि सरकारी स्कूलों में लक्ष्य शिक्षा व्यवस्था के कारण निजी विद्यालयों का चलन काफी बढ़ गया है और पिछले दो दशकों में मैंने देखा है कि निजी विद्यालयों की संख्या में जिस गति से इजाफा हुआ है यह बताता है कि लोगों की जो भी निर्भरता है और विश्वास है निजी संस्थाओं के प्रति जो गया है यह कहीं ना कहीं इस विश्वास और निर्भरता का लाभ इस संस्था को उठा रहे हैं बेहिसाब शुल्क किताबों को विद्यालय या किसी खास दुकान से खरीदने की मर्यादा होती है और उनकी कीमत इन सब से अभिभावक काफी परेशान होते हैं जिस क्लास की किताबें एनसीआरटी ₹50 में उपलब्ध कराता है और उसकी कीमत निजी संस्था में आते आते 4:30 सौ से ₹600 तक हो जाता है हम जानते हैं कि निजी की तुलना में तर्क अरे विद्यालय का प्रभार हैं लेकिन सरकार के ध्यान देने मात्र से इनमें बेहतर सुधार हो सकती है निजी संस्थाओं के संदर्भ में सरकार यह सुनिश्चित करें कि देशभर में किताबों की कीमतें लगभग समान होगी और ऐसा रूल नियम लगाया जाए अगर ऐसा कोई विद्यालय नहीं करता है तो उसकी रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाए और उस पर संज्ञान लिया जाए अगर ऐसा होता है तो मुझे लगता है कि हमारी पढ़ाई दो आस्था अच्छी होगी और बिजी विद्यालय की जो अपनी किताबें होती है जिस की कीमतें काफी हाई होती है ऐसा कोई ग्रांट इसमें नहीं होती है कि उसमें जो मैटेरियल्स टेडी मेडी हेलो मानक को पूरा करते हैं या नहीं करते हैं यह सारी चीजें इसमें भी दिमाग है तो मुझे लगता है कि सरकार को निजी स्कूलों की किताबों की कीमतों पर नियंत्रण जरूर रखना चाहिए और एक ही किताब लागू करना चाहिए जिसमें सारे विद्यालय में उसकी पढ़ाई हो और वही किताब चले और उसका समान एक समान हो धन्यवाद
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#भारत की राजनीति

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आपको क्या लगता है इस बार भाजपा बंगाल में सरकार बना पाएगी?Aapako Kya Lagata Hai Is Baar Bhaajapa Bangaal Mein Sarakaar Bana Paegee
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0:55
मुझे तो नहीं लगता है कि इस बार भी भाजपा जो है बंगाल में सरकार बना पाएगी क्योंकि हम सभी देख रहे हैं कि जो एक दूसरे पे खींचातानी हो रही है या जो केंद्र सरकार में जिस प्रकार महंगाई बढ़ रही है यह रिकॉर्ड रहा है कि ₹100 पेट्रोल हो गए और इस तरह की चीजें मुझे लगता है कि जनता के प्रति आक्रोश भी है वही हमारे किसान आंदोलन भी लंबे समय से चल रहा है तो कहीं ना कहीं यह सारी चीजें रिलेटिव नकारात्मक चीज है जो इस चुनाव को पड़ेगी तो मुझे नहीं लगता है कि यह भाजपा बंगाल में सरकार बना पाएगी लेकिन यह तो जरूर है कि टक्कर देगी ममता के लिए अबकी बार जो है आसान नहीं होगी लेकिन कुल मिलाकर जो है मुझे लगता है कि इसमें ममता बनर्जी की पार्टी जो है तृणमूल कांग्रेस सफल रहेगी
Mujhe to nahin lagata hai ki is baar bhee bhaajapa jo hai bangaal mein sarakaar bana paegee kyonki ham sabhee dekh rahe hain ki jo ek doosare pe kheenchaataanee ho rahee hai ya jo kendr sarakaar mein jis prakaar mahangaee badh rahee hai yah rikord raha hai ki ₹100 petrol ho gae aur is tarah kee cheejen mujhe lagata hai ki janata ke prati aakrosh bhee hai vahee hamaare kisaan aandolan bhee lambe samay se chal raha hai to kaheen na kaheen yah saaree cheejen riletiv nakaaraatmak cheej hai jo is chunaav ko padegee to mujhe nahin lagata hai ki yah bhaajapa bangaal mein sarakaar bana paegee lekin yah to jaroor hai ki takkar degee mamata ke lie abakee baar jo hai aasaan nahin hogee lekin kul milaakar jo hai mujhe lagata hai ki isamen mamata banarjee kee paartee jo hai trnamool kaangres saphal rahegee

#पढ़ाई लिखाई

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मोबाइल में पानी चला जाए तो क्या करें?Mobile Mein Paani Chala Jaye To Kya Karein
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0:59
कभी आपके यहां मारे साथ होता है कि अचानक मोबाइल जो है पानी में चली जाती है उस स्थिति में आपको सबसे पहले जब भी आपका मोबाइल पानी में गिर जाए तो स्विच ऑफ कर दें लेकिन कभी-कभी होता है कि मोबाइल में गिरता है स्विच ऑफ हो जाता है आप तुरंत उसका बैटरी अगर रिमूवल है तो उसको निकाले और धूप में सूखने दें धूप में जब तक सूखने दें जब तक है कि आपको ऐसा नहीं लगेगी कहीं पाठ में पानी तो नहीं है अगर आप ऐसा करते हैं उसके बाद अगर आप मोबाइल फोन करते हैं तो हो सकता है कि मोबाइल आपका ठीक रहे और ऑन हो जाए क्योंकि ऐसा होता है कि जो मोबाइल में पानी चला जाता है उस स्थिति में धूप में सुखाने पर जो भी पार्ट पुर्जा होते हैं सुख जाते हैं और आसानी से मोबाइल फिर से काम करना स्टार्ट हो जाता है तो आप ऐसा कर सकते हैं
Kabhee aapake yahaan maare saath hota hai ki achaanak mobail jo hai paanee mein chalee jaatee hai us sthiti mein aapako sabase pahale jab bhee aapaka mobail paanee mein gir jae to svich oph kar den lekin kabhee-kabhee hota hai ki mobail mein girata hai svich oph ho jaata hai aap turant usaka baitaree agar rimooval hai to usako nikaale aur dhoop mein sookhane den dhoop mein jab tak sookhane den jab tak hai ki aapako aisa nahin lagegee kaheen paath mein paanee to nahin hai agar aap aisa karate hain usake baad agar aap mobail phon karate hain to ho sakata hai ki mobail aapaka theek rahe aur on ho jae kyonki aisa hota hai ki jo mobail mein paanee chala jaata hai us sthiti mein dhoop mein sukhaane par jo bhee paart purja hote hain sukh jaate hain aur aasaanee se mobail phir se kaam karana staart ho jaata hai to aap aisa kar sakate hain

#भारत की राजनीति

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क्या आपको लगता है की उत्तरप्रदेश और बिहार की सरकारों को बड़ी IT companies को अपने यहां आमंत्रित करना चाहिए ताकि वह अपने development centre यहां शुरू कर सके?Kya Aapako Lagata Hai Kee Uttarapradesh Aur Bihaar Kee Sarakaaron Ko Badee It Chompaniais Ko Apane Yahaan Aamantrit Karana Chaahie Taaki Vah Apane Daivailopmaint Chaintrai Yahaan Shuroo Kar Sake
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1:33
प्रश्नों के अनुरूप पर मैं जवाब देने का प्रयत्न कर रहा हूं उत्तर प्रदेश और बिहार की सरकारों को जो आईटी कंपनी को अपने यहां आमंत्रित करने की बात है तो आपको या हमारे चाहने से नहीं होता जिस प्रकार पर डिपेंड करता है कि वह अपने जनता के लिए कितना कुछ समर्पित है और इसी से यह गुनाह हुआ चीज भी है अगर हम बात करें तो चुनाव में बहुत सारे वादे तो आते हैं लेकिन वह जमीनी स्तर पर लागू नहीं हो पाते हैं जिससे हम सभी को मलाल भी होता है तो इस वजह से उत्तर प्रदेश और बिहार की जनसंख्या और राज्यों की तुलना में अधिक है और यहां बेरोजगारों की संख्या भी काफी है हालांकि यहां के लोग मेहनती जरूर हैं लेकिन वही है कि बेरोजगारों की संख्या ज्यादा बढ़ रही है क्योंकि यहां उस तरह के संसाधन नहीं है तो आपको कहना तो बिल्कुल सत्य है कि यहां पर बड़ी कंपनियों के लिए आमंत्रित करना चाहिए लेकिन अभी भी सरकार जो है विफल रही है तो कहीं कहीं जो है हमारे या आपके चाहने से नहीं होगा क्योंकि जो ऊंचे स्तर पर हैं जो राजनीतिक दल के नेता है जो सरकार में है वही कुछ हमारे लिए कह सकते हैं हमारा केवल करतब होता है कि हम वोट देते हैं और हमारी इच्छा रहती है कि यह सरकार जो आएगी वह काम करेगी लेकिन सारे सरकार जो है वह सही हो जाते हैं तो कहीं ना कहीं ताता जब मिल जाती है तो यह तारे ता ता के सुख में यह सारे चाहिए भूल जाते हैं जो काफी हम सभी को अफसोस भी होता है तो यही बात नहीं है
Prashnon ke anuroop par main javaab dene ka prayatn kar raha hoon uttar pradesh aur bihaar kee sarakaaron ko jo aaeetee kampanee ko apane yahaan aamantrit karane kee baat hai to aapako ya hamaare chaahane se nahin hota jis prakaar par dipend karata hai ki vah apane janata ke lie kitana kuchh samarpit hai aur isee se yah gunaah hua cheej bhee hai agar ham baat karen to chunaav mein bahut saare vaade to aate hain lekin vah jameenee star par laagoo nahin ho paate hain jisase ham sabhee ko malaal bhee hota hai to is vajah se uttar pradesh aur bihaar kee janasankhya aur raajyon kee tulana mein adhik hai aur yahaan berojagaaron kee sankhya bhee kaaphee hai haalaanki yahaan ke log mehanatee jaroor hain lekin vahee hai ki berojagaaron kee sankhya jyaada badh rahee hai kyonki yahaan us tarah ke sansaadhan nahin hai to aapako kahana to bilkul saty hai ki yahaan par badee kampaniyon ke lie aamantrit karana chaahie lekin abhee bhee sarakaar jo hai viphal rahee hai to kaheen kaheen jo hai hamaare ya aapake chaahane se nahin hoga kyonki jo oonche star par hain jo raajaneetik dal ke neta hai jo sarakaar mein hai vahee kuchh hamaare lie kah sakate hain hamaara keval karatab hota hai ki ham vot dete hain aur hamaaree ichchha rahatee hai ki yah sarakaar jo aaegee vah kaam karegee lekin saare sarakaar jo hai vah sahee ho jaate hain to kaheen na kaheen taata jab mil jaatee hai to yah taare ta ta ke sukh mein yah saare chaahie bhool jaate hain jo kaaphee ham sabhee ko aphasos bhee hota hai to yahee baat nahin hai

#टेक्नोलॉजी

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बोलकर ऐप अकाउंट को कैसे डिलीट कर सकते हैं?Bolkar App Account Ko Kaise Delete Kar Sakte Hain
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0:40
बोलकर ऐप पर अकाउंट डिलीट करने का बहुत आसान तरीका है आप एक कर सकते हैं कि जाकर प्ले स्टोर से इंस्टॉल ब्रोकर को कर सकते हैं और जब तक आप पर है उसको लॉगिन नहीं करते हैं लॉग इन करने का वहीं एक है कि आप मोबाइल के माध्यम से लविंग करेंगे तो यह तरीका एक है इसके अलावा और तरीकों की बात किया जाए तो और तारीख को तो इस अवसर में नहीं है सबसे वही उपाय है कि आप पर प्ले स्टोर से जाकर और उसको ऐप को इंस्टॉल कर सकते हैं
Bolakar aip par akaunt dileet karane ka bahut aasaan tareeka hai aap ek kar sakate hain ki jaakar ple stor se instol brokar ko kar sakate hain aur jab tak aap par hai usako login nahin karate hain log in karane ka vaheen ek hai ki aap mobail ke maadhyam se laving karenge to yah tareeka ek hai isake alaava aur tareekon kee baat kiya jae to aur taareekh ko to is avasar mein nahin hai sabase vahee upaay hai ki aap par ple stor se jaakar aur usako aip ko instol kar sakate hain

#जीवन शैली

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2:03
प्रश्न है कि क्या दिव्यांगों को भी टेंशन लेने के लिए जीवन प्रमाण पत्र देना होगा अगर हां तो 100% विकलांग है वह कैसे जाएंगे हम आपके प्रस्तुति को स्थिति को समझ रहे हैं हालांकि इसके पहले जो पेंशन मिलती थी वह उसके लिए जो है दिव्यांगों को जीवन प्रमाण पत्र नहीं देना होता था लेकिन जो देखा जा रहा है कि इस बार जो है सरकार ने ऐलान किया और यह दिव्यांगों के लिए एक परेशानी जरूर है क्योंकि सरकार जितनी पेंशन नहीं देती है उससे ज्यादा दिव्यांगों के परेशान होगी देखा जाता है कि केंद्र सरकार ने दिव्यांगों को ₹200 मात्र पेंशन देती है और राज्य सरकार कुछ रखो मिला कर देती है तो कहीं ना कहीं तेरे दिव्यांग जो है वह जो है अपना जीवन प्रमाण पत्र देने में असमर्थ होंगे और उसके लिए उनका पेंशन बंद हो जाएगा जो भी एक उनके लिए यह के मां का काम करता था वह भी अब बंद हो जाएगा क्योंकि देखा जाता है कि दिव्यांग जो है एक तोला चार असहाय होते हैं ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं बहुत दिव्यांगों को यह जो जीवन प्रमाण पत्र देने की बात है वह पता नहीं है और इसकी वजह से उनको पेंशन बंद होगा और प्रार्थना है कि आप क्यों प्रश्न विकलांग है तो कैसे जाएंगे तो आपको तो जाना ही होगा किसी अभी सेंटर पर जहां पर आप पर थाना अध्यक्ष का खेल का पंखा के निशान लगा सके अगर आप स्थिति में नहीं है तो आप किसी असिस्टेंट के माध्यम से आपको जाना ही होगा कहीं भी नहीं देखी वसुधा केंद्र पर जहां पर जो ठाक निकाल लिया जाता हो जहां पर यह सेंटर हो वहां पर आपको या देना होगा यह प्रकृति के अनुसार आपको इस में डालना ही होगा क्योंकि सरकार ने एक तरफ समझती है और ₹200 पेंशन के लिए दिव्यांगों को यह बुजुर्गों को इस तरह परेशान करना मुझे लगता है कि यह हित में नहीं है
Prashn hai ki kya divyaangon ko bhee tenshan lene ke lie jeevan pramaan patr dena hoga agar haan to 100% vikalaang hai vah kaise jaenge ham aapake prastuti ko sthiti ko samajh rahe hain haalaanki isake pahale jo penshan milatee thee vah usake lie jo hai divyaangon ko jeevan pramaan patr nahin dena hota tha lekin jo dekha ja raha hai ki is baar jo hai sarakaar ne ailaan kiya aur yah divyaangon ke lie ek pareshaanee jaroor hai kyonki sarakaar jitanee penshan nahin detee hai usase jyaada divyaangon ke pareshaan hogee dekha jaata hai ki kendr sarakaar ne divyaangon ko ₹200 maatr penshan detee hai aur raajy sarakaar kuchh rakho mila kar detee hai to kaheen na kaheen tere divyaang jo hai vah jo hai apana jeevan pramaan patr dene mein asamarth honge aur usake lie unaka penshan band ho jaega jo bhee ek unake lie yah ke maan ka kaam karata tha vah bhee ab band ho jaega kyonki dekha jaata hai ki divyaang jo hai ek tola chaar asahaay hote hain graameen kshetr mein rahate hain bahut divyaangon ko yah jo jeevan pramaan patr dene kee baat hai vah pata nahin hai aur isakee vajah se unako penshan band hoga aur praarthana hai ki aap kyon prashn vikalaang hai to kaise jaenge to aapako to jaana hee hoga kisee abhee sentar par jahaan par aap par thaana adhyaksh ka khel ka pankha ke nishaan laga sake agar aap sthiti mein nahin hai to aap kisee asistent ke maadhyam se aapako jaana hee hoga kaheen bhee nahin dekhee vasudha kendr par jahaan par jo thaak nikaal liya jaata ho jahaan par yah sentar ho vahaan par aapako ya dena hoga yah prakrti ke anusaar aapako is mein daalana hee hoga kyonki sarakaar ne ek taraph samajhatee hai aur ₹200 penshan ke lie divyaangon ko yah bujurgon ko is tarah pareshaan karana mujhe lagata hai ki yah hit mein nahin hai

#जीवन शैली

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1:42
पुष्पांजलि जी के माध्यम से अनुरोध प्रार्थना आया है तो मैं यह गाना सुना रहा हूं खाली दिल किसी से कहें किसी को चाहते रहना कोई खता तो नहीं किसी को चाहते रहना कोई खता तो नहीं खाता तो जब हो के हम हाले दिल किसी से कहें किसी को चाहते रहना कोई खता तो नहीं आ मिर्च मेरे तू है तो इतना जरा बता दे मुझे गरीबी मैं हूं मगर मेरी खता तो नहीं किसी को चाहते रहना कोई खता तो नहीं पूरा गाना नहीं सुना पाऊंगा कला कुछ नहीं लग रहा है आशा है कि आप सभी को पसंद आया होगा धन्यवाद
Pushpaanjali jee ke maadhyam se anurodh praarthana aaya hai to main yah gaana suna raha hoon khaalee dil kisee se kahen kisee ko chaahate rahana koee khata to nahin kisee ko chaahate rahana koee khata to nahin khaata to jab ho ke ham haale dil kisee se kahen kisee ko chaahate rahana koee khata to nahin aa mirch mere too hai to itana jara bata de mujhe gareebee main hoon magar meree khata to nahin kisee ko chaahate rahana koee khata to nahin poora gaana nahin suna paoonga kala kuchh nahin lag raha hai aasha hai ki aap sabhee ko pasand aaya hoga dhanyavaad

#मनोरंजन

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बधाई 2 फिल्म के बारे में कुछ मुख्य बातें बताएं?Badhai 2 Film Ke Bare Mein Kuch Mukhy Baate Btaye
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1:04
अभी पिछले सप्ताह ही बधाई 2 फिल्म का शेड्यूल जारी हुआ है जंगली पिक्चर की बधाई दो नए फिल्म के शेड्यूल पूरा कर लिया है और जश्न मनाने का मौका भी है इसलिए निर्देशक और क्रू के साथ राजकुमार राव और भूमि पेडणेकर भी आइए ट्रेन में शामिल हो गए हैं बधाई 2 साल 2018 के नेशनल अवार्ड फिल्म विनिंग बधाई हो चाचा जी का एक हिस्सा है जिसमें अंशुमान खुराना अहम किरदार में नजर आए थे और फिल्म के दर्शकों को आलोचकों द्वारा बेहद पसंद भी किया गया था राजकुमार पहली बार एक पुलिसवाले की भूमिका में निभा रहे हैं और इस लुक के मांग को ध्यान में रखते हुए उन्होंने मुझे बढ़ाई है और डिस्ट्रिक्ट बनाया है जबकि भूमि 11 पीटी टीचर के किरदार में नजर आएंगे लगभग दो महीनों के लिए मसूरी और देहरादून में शूटिंग कर रहे हैं अभिनेताओं के लिए इंटरव्यू ले रहा है हर्ष वर्धन पुरी द्वारा निर्देशित और अग्निशमन अधिकारी बधाई दो जंगली पिचक द्वारा या निर्मित है
Abhee pichhale saptaah hee badhaee 2 philm ka shedyool jaaree hua hai jangalee pikchar kee badhaee do nae philm ke shedyool poora kar liya hai aur jashn manaane ka mauka bhee hai isalie nirdeshak aur kroo ke saath raajakumaar raav aur bhoomi pedanekar bhee aaie tren mein shaamil ho gae hain badhaee 2 saal 2018 ke neshanal avaard philm vining badhaee ho chaacha jee ka ek hissa hai jisamen anshumaan khuraana aham kiradaar mein najar aae the aur philm ke darshakon ko aalochakon dvaara behad pasand bhee kiya gaya tha raajakumaar pahalee baar ek pulisavaale kee bhoomika mein nibha rahe hain aur is luk ke maang ko dhyaan mein rakhate hue unhonne mujhe badhaee hai aur distrikt banaaya hai jabaki bhoomi 11 peetee teechar ke kiradaar mein najar aaenge lagabhag do maheenon ke lie masooree aur deharaadoon mein shooting kar rahe hain abhinetaon ke lie intaravyoo le raha hai harsh vardhan puree dvaara nirdeshit aur agnishaman adhikaaree badhaee do jangalee pichak dvaara ya nirmit hai

#मनोरंजन

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क्या मोबाइल की वजह से कम उम्र में बच्चों को बड़ी बड़ी बीमारी हो रही है?Kya Mobile Ki Vajah Se Kam Umr Mein Bachon Ko Badi Badi Bimaari Ho Rahi Hai
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👨‍🏫 Teacher.
2:34
प्रश्न है कि क्या मोबाइल की वजह से कम उम्र के बच्चों को बड़ी बड़ी बीमारी हो रही है तो बिल्कुल ऐसा ही फैक्ट है और देखा गया है कि करो ना कॉल में ऑनलाइन क्लास के कारण बच्चे मोबाइल और कंप्यूटर से ज्यादा कनेक्ट हुए हैं पढ़ाई भी घंटों ऑनलाइन हो रही है और सामान्य दिनों में आधा घंटा मोबाइल चलाने वाले बच्चे तीन से 5 घंटे मोबाइल व कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बिता रहे हैं जरूरत ज्यादा मोबाइल चलाने से बच्चों को आंखों की बीमारी के साथ सिर दर्द और हड्डियों की दिक्कत भी होने लगी है करके देखा गया है कि पीएमसीएच और अन्य अस्पतालों में इस तरह की की यात्रा से संबंधित है न्यूज़ आई है और बहुत सारे लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं और कई बच्चों को करानी पड़ी है फिजियोथैरेपी मैंने देखा है अपने आस पास के हॉस्पिटल में घंटों मोबाइल पर क्लास व गेम खेलने की वजह से कुछ ऐसे बचे हैं जिनकी हड्डी रोग से संबंधित परेशानी हो रही है और यहां तक की हड्डी रोग विभाग के कई बच्चे भी फिजियोथैरेपी भी करानी पड़ रही अब हम बात इसमें करें तो एक के चिकित्सा विभाग के ओटीपी में मोबाइल से जुड़ी बीमारी के मरीज बढ़ गए हैं वहां देखा गया कि ओटीपी में करीब 4 मर जाते हैं और इनमें से 10 से 15 बच्चे होते हैं इसके उल्टा अगर आप 40 से 50 बच्चे आ रहे हैं तो इनकी उम्र 4 साल से 16 साल के बीच हो रही है यही हाल पीएमसीएच का भी है इसी तरह दोनों ही अस्पतालों में हड्डी रोग विभाग में करीब 4 से 800 मरीज हो जाते हैं और पहले गर्दन और रीढ़ की हड्डी में दर्द वाले 10 से 20 बच्चे आते थे अब संख्या बढ़कर 50 से 60 के बीच पहुंच गई है और देर तक एस्प्रिन देखने के नुकसान भी हो रहा है मोबाइल की वजह से बच्चों को दिमाग को नुकसान पहुंच सकता है इससे बच्चे एक काम छुपाते हैं जिसकी असर मानसिक व शारीरिक विकास पर पड़ता है ऐसे बच्चे बड़े होकर शारीरिक रूप से कम सक्रिय रहते हैं और 12 माह से कम उम्र के बच्चों को आतिफ जैसे लक्षणों की आशंका होती है पीएमसीएच के मनोचिकित्सक विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर एक है जो ने बताया कि ऑनलाइन क्लास के कारण मोबाइल के ज्यादा इस्तेमाल से शरीर दर्द आंखों से दर्द और चक्कर आना जैसे दिखते हो रही है तो कहीं ना कहीं जो है यह समस्या जरूर है धन्यवाद
Prashn hai ki kya mobail kee vajah se kam umr ke bachchon ko badee badee beemaaree ho rahee hai to bilkul aisa hee phaikt hai aur dekha gaya hai ki karo na kol mein onalain klaas ke kaaran bachche mobail aur kampyootar se jyaada kanekt hue hain padhaee bhee ghanton onalain ho rahee hai aur saamaany dinon mein aadha ghanta mobail chalaane vaale bachche teen se 5 ghante mobail va kampyootar skreen ke saamane bita rahe hain jaroorat jyaada mobail chalaane se bachchon ko aankhon kee beemaaree ke saath sir dard aur haddiyon kee dikkat bhee hone lagee hai karake dekha gaya hai ki peeemaseeech aur any aspataalon mein is tarah kee kee yaatra se sambandhit hai nyooz aaee hai aur bahut saare log is samasya se joojh rahe hain aur kaee bachchon ko karaanee padee hai phijiyothairepee mainne dekha hai apane aas paas ke hospital mein ghanton mobail par klaas va gem khelane kee vajah se kuchh aise bache hain jinakee haddee rog se sambandhit pareshaanee ho rahee hai aur yahaan tak kee haddee rog vibhaag ke kaee bachche bhee phijiyothairepee bhee karaanee pad rahee ab ham baat isamen karen to ek ke chikitsa vibhaag ke oteepee mein mobail se judee beemaaree ke mareej badh gae hain vahaan dekha gaya ki oteepee mein kareeb 4 mar jaate hain aur inamen se 10 se 15 bachche hote hain isake ulta agar aap 40 se 50 bachche aa rahe hain to inakee umr 4 saal se 16 saal ke beech ho rahee hai yahee haal peeemaseeech ka bhee hai isee tarah donon hee aspataalon mein haddee rog vibhaag mein kareeb 4 se 800 mareej ho jaate hain aur pahale gardan aur reedh kee haddee mein dard vaale 10 se 20 bachche aate the ab sankhya badhakar 50 se 60 ke beech pahunch gaee hai aur der tak esprin dekhane ke nukasaan bhee ho raha hai mobail kee vajah se bachchon ko dimaag ko nukasaan pahunch sakata hai isase bachche ek kaam chhupaate hain jisakee asar maanasik va shaareerik vikaas par padata hai aise bachche bade hokar shaareerik roop se kam sakriy rahate hain aur 12 maah se kam umr ke bachchon ko aatiph jaise lakshanon kee aashanka hotee hai peeemaseeech ke manochikitsak vibhaag ke asistent prophesar ek hai jo ne bataaya ki onalain klaas ke kaaran mobail ke jyaada istemaal se shareer dard aankhon se dard aur chakkar aana jaise dikhate ho rahee hai to kaheen na kaheen jo hai yah samasya jaroor hai dhanyavaad

#भारत की राजनीति

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ग्राहकों के मोल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए?Grahko Ke Mol Bhav Karne Par Vyapariyo Ko Kya Karna Chaiyia
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👨‍🏫 Teacher.
1:22
लाना है के गानों को मोलभाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए तो देखिए जहां तक मेरा अनुभव है कुछ व्यापारी ऐसे होते हैं जो भी उचित मूल्य मूल्य होता है जो भी सामान है उससे भी बढ़ा चढ़ाकर दामों का मूल करते हैं जिसे कुछ कह को क्या पता होता है कि ऐसे जो है इसका उचित मूल्य कितना है और इस वजह से मोलभाव करने लगते हैं क्योंकि उनको पता है कि व्यापारी जो है कुछ अनुचित दामले रहा है तो इसके वजह से यह के मन में या यूं कहें कि यह कि हमारे मन में धारणा बनी रहती है कि इतने जो है जो उचित दाम है उससे अधिक दाम का रहा है जिसके वजह से ग्राहकों को मोलभाव करना मुझे एक मजबूरी हो जाती है और कहीं-कहीं देखा जाता है कि कुछ व्यापारी जो है उचित दाम अपना कहते हैं लेकिन फिर भी जो है ग्राहकों को आदत होती है क्यों कोई ऐसा लगता है कि यह भी व्यापारी जो है उचित मूल्य से अधिक दाम मांग रहा है जिसके वजह से उससे भी मोलभाव करते हैं तो मुझे नहीं लगता है कि इसमें ज्यादा रखो छे अंदर भाग है जैसे चल रहा है वैसे चलना चाहिए और जो भी सामान है उचित दाम भैया कुछ होना था वहीं व्यापारियों को समान को देखना चाहिए
Laana hai ke gaanon ko molabhaav karane par vyaapaariyon ko kya karana chaahie to dekhie jahaan tak mera anubhav hai kuchh vyaapaaree aise hote hain jo bhee uchit mooly mooly hota hai jo bhee saamaan hai usase bhee badha chadhaakar daamon ka mool karate hain jise kuchh kah ko kya pata hota hai ki aise jo hai isaka uchit mooly kitana hai aur is vajah se molabhaav karane lagate hain kyonki unako pata hai ki vyaapaaree jo hai kuchh anuchit daamale raha hai to isake vajah se yah ke man mein ya yoon kahen ki yah ki hamaare man mein dhaarana banee rahatee hai ki itane jo hai jo uchit daam hai usase adhik daam ka raha hai jisake vajah se graahakon ko molabhaav karana mujhe ek majabooree ho jaatee hai aur kaheen-kaheen dekha jaata hai ki kuchh vyaapaaree jo hai uchit daam apana kahate hain lekin phir bhee jo hai graahakon ko aadat hotee hai kyon koee aisa lagata hai ki yah bhee vyaapaaree jo hai uchit mooly se adhik daam maang raha hai jisake vajah se usase bhee molabhaav karate hain to mujhe nahin lagata hai ki isamen jyaada rakho chhe andar bhaag hai jaise chal raha hai vaise chalana chaahie aur jo bhee saamaan hai uchit daam bhaiya kuchh hona tha vaheen vyaapaariyon ko samaan ko dekhana chaahie

#धर्म और ज्योतिषी

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कोई एक लोकगीत के दो चार पंक्तियां सुनाइए?Koi Ek Lokgeet Ke Do Caar Panktiyaan Sunaiye
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👨‍🏫 Teacher.
2:27
बोलकर ऐप पर एक प्रार्थना आया है कि कोई एक लोकगीत के दो चार पंक्तियां सुनाइए तो मैं आपको सुना रहा हूं जबकि यह बसंत ऋतु का मौसम भी है और इससे संबंधित जो है मैं आप सभी के सामने गीत प्रस्तुत कर रहा हूं मामा माहिया तेरी लाडली लाडली लाडली आने का था ना बलमुआ हमार कहने का क्या लाए बलमुआ हमरी ओरिया हो राजा हमरी जवानी आए राजा वागे रे ढोल नगारा वागे मारी लड़की कार्यालय ताका न बलमुआ हमरी ओरिया हो कॉलोनी जवानी 16 मानवराय टेलर कोहली क्या बोला मानव रायगढ़ साधना नजरिया का बेटा का नाम रोहित है और आशा है कि आप सभी को पसंद आया होगा
Bolakar aip par ek praarthana aaya hai ki koee ek lokageet ke do chaar panktiyaan sunaie to main aapako suna raha hoon jabaki yah basant rtu ka mausam bhee hai aur isase sambandhit jo hai main aap sabhee ke saamane geet prastut kar raha hoon maama maahiya teree laadalee laadalee laadalee aane ka tha na balamua hamaar kahane ka kya lae balamua hamaree oriya ho raaja hamaree javaanee aae raaja vaage re dhol nagaara vaage maaree ladakee kaaryaalay taaka na balamua hamaree oriya ho kolonee javaanee 16 maanavaraay telar kohalee kya bola maanav raayagadh saadhana najariya ka beta ka naam rohit hai aur aasha hai ki aap sabhee ko pasand aaya hoga

#धर्म और ज्योतिषी

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ब्रेस्ट कैंसर से किस प्रकार हम बच सकते हैं?Breast Cancer Se Kis Prakar Hum Bach Sakte Hain
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👨‍🏫 Teacher.
2:03
आमतौर पर देखा जाता है कि 40 वर्ष से कम उम्र की युवतियों को ब्रेस्ट कैंसर की पहचान करना काफी मुश्किल होता है क्योंकि युवतियों में टिशू ज्यादा गाने होते हैं जब तक गांठ के लक्षण उभरने शुरू होते हैं तब तक ट्यूमर एडवांस स्टेज में पहुंच चुका होता है और तेजी से बढ़ने लगता है ऐसी स्थिति में सजग रहना बहुत जरूरी होता है ब्रेस्ट कैंसर आकार और स्वरूप में जरी तुलनात्मक बदलाव नजर आए तो सचेत हो जाना चाहिए ब्रेड कैंसर अन्य हिस्सों की तुलना में गांठ वाला हिस्सा मोटा मौत हो जाता है ब्रेस्ट में दर्द होते हैं और आंख में सूजन होने लगता है नेपाल में द्रव के रिसाव होने लगता है और इस तरह से कई भी कई लक्षण दिखाई देने लगते हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए अगर आप की निप्पल में में कोई बदलाव आता है तो उसके आसपास सगरलाल होता है तो भी आप दिखाएं ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में आई हाल ही की तरह की के कारण इसके मरीजों की संख्या और मृत्यु दर में कमी आई है ट्यूमर के स्टेज और आकार के मुताबिक डॉक्टर निम्नलिखित इलाज बताते हैं जैसे ब्रेड सर्जरी होता है इसमें सर्जरी के जरिए सिर्फ 10 सर्विसगार्ड यानी ट्यूमर को निकाला जाता है ट्यूमर के प्रकार आकार और स्वरूप के आधार पर ले कंपैक्ट में आसपास के तीसरी 27 ट्यूमर निकाला जाता है मास्टर में इसमें सर्जरी के जरिए पूरी ब्रेस्ट काट दी जाती है विज्ञान और तकनीकी की तरक्की के कारण भी मास्टर टॉमी के बाद स्टीकर सर्जरी कराई जाती है इसके बाद रेडिएशन थेरेपी होता है कि मुझे भी होता है हार्मोन थेरेपी होता है टारगेट समय होता है तथा इसमें होता है यानी कुल मिलाकर हमका हैं कि जागरूकता और शुरुआती डायग्नोसिस से ही ब्रेस्ट कैंसर के इलाज का मूल मंत्र है और बचाव है
Aamataur par dekha jaata hai ki 40 varsh se kam umr kee yuvatiyon ko brest kainsar kee pahachaan karana kaaphee mushkil hota hai kyonki yuvatiyon mein tishoo jyaada gaane hote hain jab tak gaanth ke lakshan ubharane shuroo hote hain tab tak tyoomar edavaans stej mein pahunch chuka hota hai aur tejee se badhane lagata hai aisee sthiti mein sajag rahana bahut jarooree hota hai brest kainsar aakaar aur svaroop mein jaree tulanaatmak badalaav najar aae to sachet ho jaana chaahie bred kainsar any hisson kee tulana mein gaanth vaala hissa mota maut ho jaata hai brest mein dard hote hain aur aankh mein soojan hone lagata hai nepaal mein drav ke risaav hone lagata hai aur is tarah se kaee bhee kaee lakshan dikhaee dene lagate hain to turant doktar se sampark karana chaahie agar aap kee nippal mein mein koee badalaav aata hai to usake aasapaas sagaralaal hota hai to bhee aap dikhaen brest kainsar ke ilaaj mein aaee haal hee kee tarah kee ke kaaran isake mareejon kee sankhya aur mrtyu dar mein kamee aaee hai tyoomar ke stej aur aakaar ke mutaabik doktar nimnalikhit ilaaj bataate hain jaise bred sarjaree hota hai isamen sarjaree ke jarie sirph 10 sarvisagaard yaanee tyoomar ko nikaala jaata hai tyoomar ke prakaar aakaar aur svaroop ke aadhaar par le kampaikt mein aasapaas ke teesaree 27 tyoomar nikaala jaata hai maastar mein isamen sarjaree ke jarie pooree brest kaat dee jaatee hai vigyaan aur takaneekee kee tarakkee ke kaaran bhee maastar tomee ke baad steekar sarjaree karaee jaatee hai isake baad redieshan therepee hota hai ki mujhe bhee hota hai haarmon therepee hota hai taaraget samay hota hai tatha isamen hota hai yaanee kul milaakar hamaka hain ki jaagarookata aur shuruaatee daayagnosis se hee brest kainsar ke ilaaj ka mool mantr hai aur bachaav hai

#भारत की राजनीति

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एक देश एक राशन कार्ड से किस प्रकार जरूरतमंदों को होगा लाभ?Ek Desh Ek Rashan Card Se Kis Prakaar Jaruratmandon Ko Hoga Laabh
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👨‍🏫 Teacher.
1:29
सरकार द्वारा जो है लॉकडाउन के बाद देखा गया कि एक देश एक राशन कार्ड की पहल शुरू की है और यह काफी सराहना भी की हो रही है कि पहले जो व्यक्ति जो बाहर चले जाते थे मजदूर का माने तो उनको राशन आसानी से नहीं मिल पाती थी उनको घर आना होता था लेने के लिए तो कई चीजें के लिए उनको काफी सामना करना पड़ता था अब देखा जा रहा है कि गरीबों के लिए राशन कार्ड एक वरदान की तरह है राशन कार्ड से लोगों को कम कीमत पर अनाज मिलता है और कोरोना संक्रमण के दौरान कई लोग बेरोजगार हो गए थे इनमें मजदूरों की संख्या अधिक रही है इनके सामने भोजन की समस्या उत्पन्न हो गई है गृह राज्य में राशन कार्ड नहीं होने के कारण मजदूरों की परेशानी बढ़ गई थी सरकार और कई निजी संस्थाओं ने उन लोगों की मदद भी की थी लेकिन वह कौन था करो ना कॉल में सभी को एक देश एक राशन कार्ड की आवश्यकता महसूस समय की गई थी और इसके बाद बिहार में भी इसको लागू कर दिया गया था एक देश एक राशन कार्ड और इसका अनुकरण अन्य राज्यों में भी करना चाहिए इसे गरीबों को लाचार और लोगों में काफी मदद मिलेगी वह जहां भी रहेंगे रास्तों को आसानी से मिल पाएगी थी यह काफी सराहनीय कदम रही है जिससे जरूरतमंदों को ज्यादा लाभ हो रही है
Sarakaar dvaara jo hai lokadaun ke baad dekha gaya ki ek desh ek raashan kaard kee pahal shuroo kee hai aur yah kaaphee saraahana bhee kee ho rahee hai ki pahale jo vyakti jo baahar chale jaate the majadoor ka maane to unako raashan aasaanee se nahin mil paatee thee unako ghar aana hota tha lene ke lie to kaee cheejen ke lie unako kaaphee saamana karana padata tha ab dekha ja raha hai ki gareebon ke lie raashan kaard ek varadaan kee tarah hai raashan kaard se logon ko kam keemat par anaaj milata hai aur korona sankraman ke dauraan kaee log berojagaar ho gae the inamen majadooron kee sankhya adhik rahee hai inake saamane bhojan kee samasya utpann ho gaee hai grh raajy mein raashan kaard nahin hone ke kaaran majadooron kee pareshaanee badh gaee thee sarakaar aur kaee nijee sansthaon ne un logon kee madad bhee kee thee lekin vah kaun tha karo na kol mein sabhee ko ek desh ek raashan kaard kee aavashyakata mahasoos samay kee gaee thee aur isake baad bihaar mein bhee isako laagoo kar diya gaya tha ek desh ek raashan kaard aur isaka anukaran any raajyon mein bhee karana chaahie ise gareebon ko laachaar aur logon mein kaaphee madad milegee vah jahaan bhee rahenge raaston ko aasaanee se mil paegee thee yah kaaphee saraahaneey kadam rahee hai jisase jarooratamandon ko jyaada laabh ho rahee hai

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क्या मेडिटेशन से हम तनावमुक्त रह सकते हैं?Kya Meditation Se Hum Tanavmukt Rah Sakte Hain
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👨‍🏫 Teacher.
2:40
हां बिल्कुल यह सही बात है कि मेडिटेशन से हम तनाव मुक्त करा सकते हैं खुद को तनावमुक्त और तरोताजा रखने का सबसे बेहतरीन उपाय है मेडिटेशन यानी जिसको हम हिंदी में ध्यान कहते हैं लेकिन ध्यान का लाभ तभी होता है जब आप इसमें सही तरीके से करते हैं और शारीरिक तौर पर और मानसिक तौर पर भी हमें स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है ध्यान के कई तरीके हैं जिसका अलग-अलग तरह से किया जा सकता है किसी खास तरह के मेडिटेशन के लिए अनुभवी ट्रेन से ट्रेनिंग जरूर लेना चाहिए लेकिन सामान्य मेडिटेशन के लिए कुछ जरूरी बातों पर ध्यान देना बहुत जरूरी होता है लेटेस्ट 23 मई का चुनाव करें मेडिटेशन के लिए सही समय का चुनाव करना जरूरी इसलिए होता है कि अधिकांश लोग सुबह सुबह मेडिटेशन करते हैं आप चाहे तो दिन में कभी भी कर सकते हैं लेकिन एक समय निर्धारित करके मेडिटेशन यदि आप करते हैं तो आपको कोई व्यवधान उस समय ना पहुंच जय तो आमतौर पर सूर्योदय और सूर्यास्त का समय मेडिटेशन के लिए सबसे उपयुक्त समय माना जाता है और एक आइए का पार्टनर खोलें मेडिटेशन को बंद करते वक्त एकाएक आंखें ना खोलें धीरे-धीरे ध्यान क्रिया में खुद को दूर करें और एलेक्स रहे और धीरे-धीरे श्वास जो है छोड़ें इसके बाद स्थान स्थान चुनें मेडिटेशन के लिए आपको यह किस शांत वातावरण की जरूरत होता है इसे ध्यान लगाने और एकाग्रता को कायम रखने में मदद मिलती है सही स्थिति में बैठे कमर सीधे करके बैठे मेडिटेशन के लिए सीधा स्थिति में इसलिए ध्यान लगाने और शोषण पर लाने की क्षमता भी मजबूत होती है और पालथी मारकर बैठे जैसे हम लोग पालथी मारते हैं फिर सीधा रखें और आंखें बंद कर लें अगर किसी वजह से आप बैठ पाने में समर्थ नहीं है तो कुर्सी पर बैठकर ही ध्यान करें माइंड को पॉजिटिव रखे मेडिटेशन का दौरा दिमाग में नकारात्मक विचार को बिल्कुल आने ना दें एकाग्रता के लिए उल्टी गिनती गिन है और ध्यान लगाएं मेडिटेशन से पहले शरीर को स्ट्रेच राकेश साथ ही थोड़ी बहुत से बरामद भी कर ले इसलिए थोड़ी मेडिटेशन के लिए तैयार हो जाती है ध्यान के लिए ब्रिटिश एवरीथिंग जो है जैसे सांस लेना है यह भी एक्सरसाइज आवश्यक है और धीरे-धीरे सांस लें और छोड़ें श्वसन क्रिया पर फोकस करते हुए ध्यान लगाएं अघोरी सांस लें और इस क्रिया का दौरा है इसे ध्यान केंद्रित करने में भी मदद मिलती है
Haan bilkul yah sahee baat hai ki mediteshan se ham tanaav mukt kara sakate hain khud ko tanaavamukt aur tarotaaja rakhane ka sabase behatareen upaay hai mediteshan yaanee jisako ham hindee mein dhyaan kahate hain lekin dhyaan ka laabh tabhee hota hai jab aap isamen sahee tareeke se karate hain aur shaareerik taur par aur maanasik taur par bhee hamen svasth banae rakhane mein madad karata hai dhyaan ke kaee tareeke hain jisaka alag-alag tarah se kiya ja sakata hai kisee khaas tarah ke mediteshan ke lie anubhavee tren se trening jaroor lena chaahie lekin saamaany mediteshan ke lie kuchh jarooree baaton par dhyaan dena bahut jarooree hota hai letest 23 maee ka chunaav karen mediteshan ke lie sahee samay ka chunaav karana jarooree isalie hota hai ki adhikaansh log subah subah mediteshan karate hain aap chaahe to din mein kabhee bhee kar sakate hain lekin ek samay nirdhaarit karake mediteshan yadi aap karate hain to aapako koee vyavadhaan us samay na pahunch jay to aamataur par sooryoday aur sooryaast ka samay mediteshan ke lie sabase upayukt samay maana jaata hai aur ek aaie ka paartanar kholen mediteshan ko band karate vakt ekaek aankhen na kholen dheere-dheere dhyaan kriya mein khud ko door karen aur eleks rahe aur dheere-dheere shvaas jo hai chhoden isake baad sthaan sthaan chunen mediteshan ke lie aapako yah kis shaant vaataavaran kee jaroorat hota hai ise dhyaan lagaane aur ekaagrata ko kaayam rakhane mein madad milatee hai sahee sthiti mein baithe kamar seedhe karake baithe mediteshan ke lie seedha sthiti mein isalie dhyaan lagaane aur shoshan par laane kee kshamata bhee majaboot hotee hai aur paalathee maarakar baithe jaise ham log paalathee maarate hain phir seedha rakhen aur aankhen band kar len agar kisee vajah se aap baith paane mein samarth nahin hai to kursee par baithakar hee dhyaan karen maind ko pojitiv rakhe mediteshan ka daura dimaag mein nakaaraatmak vichaar ko bilkul aane na den ekaagrata ke lie ultee ginatee gin hai aur dhyaan lagaen mediteshan se pahale shareer ko strech raakesh saath hee thodee bahut se baraamad bhee kar le isalie thodee mediteshan ke lie taiyaar ho jaatee hai dhyaan ke lie british evareething jo hai jaise saans lena hai yah bhee eksarasaij aavashyak hai aur dheere-dheere saans len aur chhoden shvasan kriya par phokas karate hue dhyaan lagaen aghoree saans len aur is kriya ka daura hai ise dhyaan kendrit karane mein bhee madad milatee hai

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क्या स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है मजबूत मांसपेशियां?Kya Swasth Rahne Ke Liye Jaruri Hai Majbut Manspeshiya
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👨‍🏫 Teacher.
2:51
हम सभी जानते हैं कि मांस पेशियां हमारे शरीर को महत्वपूर्ण रचना करती है और इनके बिना ना हम खड़े हो सकते हैं और ना ही सीधे बैठ सकते हैं और नहीं चल सकते हैं मांसपेशियों में होने वाले दर्द को चिकित्सा भाषा में म्याल्जिया कहते हैं और यह दर्द शरीर के किसी भी भाग में हो सकता है क्योंकि मांसपेशियां उत्तक शरीर के हर भाग में होते हैं और मांसपेशियों में होने वाले दर्द मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं जैसे आजकल बहुत लोग दर्द से परेशान रहते हैं एक है लोकल लाइव मसल्स पेन जब मांस पेशियों का दर्द केवल कुछ मांस पेशियों या शरीर के किसी विशेष भाग को प्रभावित करता है तो इसे लो कोलाइज मसल्स पेन कहते हैं और यह दर्द मांसपेशियों के खिंचाव उनके अधिक इस्तेमाल या हल्की चोट लगने के कारण हो सकता है अब दूसरा है सिस्मेंटेक मसल पेन जब दर्द पूरे शरीर में होता है तो उसे सिस्टमैटिक बॉल पेन कहते हैं और यह शरीर की मांसपेशियों को अत्यधिक कमजोर होने जैसे संक्रमण बीमारी है दवाइयों के जो भी साइड इफेक्ट होते हैं इसके कारण होता है और प्रश्न है कि कैसे हम अपने मांसपेशियों को मजबूत रखे हैं तो खराब जीवनशैली के कारण ही मांसपेशियां समय से पहले कमजोर हो जाती है ऐसे में शारीरिक रूप से सक्रिय रहे हैं अधिक देर तक बैठे रहने या लेट रहने से मांस पेशियों का लचीलापन कम हो जाता है अपनी क्षमता से अधिक काम ना करें अति सक्रिय जीवन जीना मांसपेशियों को कमजोर बनाने में अहम भूमिका निभाता है और निंद्रा से बचे छह से आठ घंटा का पूरी नींद लें खानपान भी महत्वपूर्ण है मांस पेशियों का स्वास्थ्य पर खान-पान सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है संतुलित और पोषक भोजन का सेवन जरूरी है ताकि मांस पेशियों को समय पर पोषण उपलब्ध हो सके इसमें कैलोरी की मात्रा अधिक होती है जिसमें शरीर में वसा जमा होने लगती है जिसके मांसपेशियां कमजोर पड़ने लगती है और एक दिन में तीन मेगा मिल खाने की जगह मिली मिल खाए हो सकता है और अधिकतर लोगों में मांसपेशियों में होने वाला दर्द कुछ दिनों के अपने आप आप ठीक भी हो जाता है लेकिन कई बार महीने तक इस दर्द से छुटकारा नहीं मिलता है तो ऐसी स्थिति में विभिन्न जांचों का दौरा मांस पेशियों का दर्द वास्तविक दवाइयों का पता करने से भी ऐसा होता है तो अगर कोई काम करते हुए आप वर्कआउट करते समय मांसपेशियों में दर्द है अच्छी चावकड़ महसूस होते उसके उपाय करें आराम से जो भी काम हो रहा है उसे ही करें कि बहुत सारे चीज है किस पर ध्यान देना जरूरी होता है
Ham sabhee jaanate hain ki maans peshiyaan hamaare shareer ko mahatvapoorn rachana karatee hai aur inake bina na ham khade ho sakate hain aur na hee seedhe baith sakate hain aur nahin chal sakate hain maansapeshiyon mein hone vaale dard ko chikitsa bhaasha mein myaaljiya kahate hain aur yah dard shareer ke kisee bhee bhaag mein ho sakata hai kyonki maansapeshiyaan uttak shareer ke har bhaag mein hote hain aur maansapeshiyon mein hone vaale dard mukhyatah do prakaar ke hote hain jaise aajakal bahut log dard se pareshaan rahate hain ek hai lokal laiv masals pen jab maans peshiyon ka dard keval kuchh maans peshiyon ya shareer ke kisee vishesh bhaag ko prabhaavit karata hai to ise lo kolaij masals pen kahate hain aur yah dard maansapeshiyon ke khinchaav unake adhik istemaal ya halkee chot lagane ke kaaran ho sakata hai ab doosara hai sismentek masal pen jab dard poore shareer mein hota hai to use sistamaitik bol pen kahate hain aur yah shareer kee maansapeshiyon ko atyadhik kamajor hone jaise sankraman beemaaree hai davaiyon ke jo bhee said iphekt hote hain isake kaaran hota hai aur prashn hai ki kaise ham apane maansapeshiyon ko majaboot rakhe hain to kharaab jeevanashailee ke kaaran hee maansapeshiyaan samay se pahale kamajor ho jaatee hai aise mein shaareerik roop se sakriy rahe hain adhik der tak baithe rahane ya let rahane se maans peshiyon ka lacheelaapan kam ho jaata hai apanee kshamata se adhik kaam na karen ati sakriy jeevan jeena maansapeshiyon ko kamajor banaane mein aham bhoomika nibhaata hai aur nindra se bache chhah se aath ghanta ka pooree neend len khaanapaan bhee mahatvapoorn hai maans peshiyon ka svaasthy par khaan-paan sabase adhik prabhaav padata hai santulit aur poshak bhojan ka sevan jarooree hai taaki maans peshiyon ko samay par poshan upalabdh ho sake isamen kailoree kee maatra adhik hotee hai jisamen shareer mein vasa jama hone lagatee hai jisake maansapeshiyaan kamajor padane lagatee hai aur ek din mein teen mega mil khaane kee jagah milee mil khae ho sakata hai aur adhikatar logon mein maansapeshiyon mein hone vaala dard kuchh dinon ke apane aap aap theek bhee ho jaata hai lekin kaee baar maheene tak is dard se chhutakaara nahin milata hai to aisee sthiti mein vibhinn jaanchon ka daura maans peshiyon ka dard vaastavik davaiyon ka pata karane se bhee aisa hota hai to agar koee kaam karate hue aap varkaut karate samay maansapeshiyon mein dard hai achchhee chaavakad mahasoos hote usake upaay karen aaraam se jo bhee kaam ho raha hai use hee karen ki bahut saare cheej hai kis par dhyaan dena jarooree hota hai

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क्या सोशल मीडिया पर अंकुश लगाना जरूरी है?Kya Social Media Par Ankush Lgana Jaruri Hai
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👨‍🏫 Teacher.
3:30
हेलो रोहित प्रश्न है कि क्या सोशल मीडिया पर अंकुश लगाना जरूरी है तो देखा चाहिए अभी जो है भारत में किसानों के आंदोलन के मद्देनजर माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर की भूमिका विवादों का केंद्र भी बन गई है किसान निरंतर जैसे हैशटैग ट्रेनिंग के कारण ट्विटर पर भारत विरोधी मुहिम छेड़ा को बढ़ावा देना और भारत के खिलाफ नफरत को बढ़ावा देना आधी ट्विटर के अधिकारियों की इमानदारी पर प्रश्नचिन्ह लगाता है जबकि इस प्रकार इस तरह के घटनाक्रम को भारत के संविधान के खिलाफ होने की हवाला देते हुए ट्वीट को लेकर अपनी नाखुशी जाहिर भी कर चुकी है राजनेता अपने लाभ के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करते रहे हैं हालांकि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने कार्यकाल के अंतिम दौर में ट्विटर से टकराव में थे लेकिन राष्ट्रपति के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान या इससे पहले भी ट्विटर उनके लिए सबसे प्रिय मंच था उन्होंने अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए आने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करने के लिए भी जाना जाता है ना कुछ समय पहले रहस्य उद्घाटन हुआ था कि जबरन पहली बार राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ रहे थे तब कैंब्रिज एनालिटिका नाम की कंपनी ने 8.7 मिलियन अमेरिकी लोगों के फेसबुक डाटा को आधार पर ट्रंप के चुनाव अभियान में काम किया और इस कंपनी ने ट्रक को जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई कैंब्रिज एनरिक पहले भी सभी गलत कारणों से खबरों में रही है और कुछ राजनीतिक दलों के लाभ के लिए भारत में सामाजिक विघटन के बढ़ावा देने हेतु भारतीयों को फेसबुक डेटा का उपयोग करते हुए रंगे हाथों पकड़े गए हैं इस बात करें कि सोशल मीडिया कंपनियों की भूमिका को हमेशा हालांकि हाल ही में अमेरिका में संपन्न हुए राष्ट्रपति चुनाव में ट्विटर को एक बड़े विवाद में डाल दिया है और यह पोस्ट ना आकर हमारे सामने खड़ा हुआ है कि क्या सोशल मीडिया पर अंकुश लगाना जरूरी है इसी तरह हम बात करें तो मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने भी एक ट्विटर पर एक विशेष धार्मिक समूह द्वारा धर्म आधारित हिंसा को उदित नारायण था डॉक्टर ने उसे नजरअंदाज कर दिया था यदि हम भारतीय प्लेटफार्म के विकसित करने का प्रयास करें तो सोशल मीडिया कंपनियों का मौजूदा विवाद हमारे लिए वरदान साबित हो सकता है या न केवल सोशल मीडिया में अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष को एकाधिकार पर अंकुश लगाया था है बल्कि अरबों डॉलर की विदेशी मुद्रा को बचाने में भी मदद करता है सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के बीच प्रतिस्पर्धा उन्हें और अधिक अनुशासित करेगी और हमें लोकतंत्र के लिए खतरे को भी कम करेगी यानी कुल मिलाकर हम बात करें तो सभी सोशल मीडिया कम बनिया देते चाहे जिस तरह से चाहे सामाजिक को राजनीतिक विचारों को बदलने की स्थिति में है ये मान सकते उन्हें अजय बनाती है तो कहीं ना कहीं कुछ एक कानून होना चाहिए जिसको जो भी समाज के हित में ना हो उसे इस तरह की रोकने वाली चीज है इसको होना चाहिए जिससे जो भड़काऊ मैसेज या जो भी पोस्ट नाका होते हैं उस पर अंकुश लग सके तो कहीं ना कहीं एक कंट्रोल होना बहुत जरूरी है
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#मनोरंजन

Rakesh Kumar Yadav Bolkar App
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👨‍🏫 Teacher.
2:37
देखा जाए तो समाज में अच्छाई और बुराई दोनों विद्वान हैं और यह प्राकृतिक कि 1 दिन भी है कि जहां अच्छाई है वहां बुराई जरूर होगी आप पर यह हम पर निर्भर करता है कि किसी चीज को हम किस तरह किस नजरिए से देखते हैं जैसा की प्रार्थना है कि फिल्मों में समाज की बुराई और अच्छाई दोनों दिखाई जाती लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि फिल्मों को देखकर गलत होते हैं तो जैसे मैंने कहा कि आप पर निर्भर करता है किसी चीज को किस पॉइंट से देखते हैं आप सकारात्मक दृष्टि से देखते हैं या नकारात्मक दृष्टि से देखते हैं जहां तक मेरा अनुभव है मैंने फिल्में देखने जाता था तो मैं देखता था कि जो स्टाइल रोका होता है जो बात करने का तरीका जो दृश्य होते हैं जो गाने होते हैं जो हीरो हीरोइन होते हैं ऐसा मुझे लगता है कि मुझे व्यवस्था होने चाहिए और जब मैं हाई स्कूलों में था तो फिल्मों को देखकर काफी प्रेरित होता था और मुझे लगता था कि उनकी जो जीवन शैली है या उनका जो जीवन है वैसा ही भी हमारा जीवन होना चाहिए और पढ़ाई में भी काफी मदद करता था कुछ पढ़ाई में ज्यादा ही जोश होती थी और एक समय ऐसा था कि फिल्मों को देखकर काफी अपने आप को आत्मग्लानि भी महसूस करता था मतलब कि ऐसा लगता था कि फिल्मों में जो दिखाई जाती है वह हमारे रियल लाइफ में क्यों नहीं है हालांकि हम सभी जानते हैं कि वह कल अपने चीज है फिर भी कल्पना कल्पना होता है और वास्तविकता वास्तविकता होता है तो क्यों ना हम जो है फिल्मों की जो बात है जो उसमें बुराई है या जो नेगेटिव बातें हैं तो उसको अपने जीवन में क्यों उतारे जिससे कोई पसंद नहीं करता तो मुझे लगता है कि कुछ चीजें हैं कि अनुकरण व्यक्ति करता है क्योंकि मनुष्य की स्वाभाविक प्रक्रिया होती है कि कोई चीज को हम अनुकरण करें लेकिन अगर उसे समाज का अहित हो रहा है किसी दूसरे को परेशानी हो रहा है तो उस स्थिति को या उस चीज को हम अपने जीवन में नहीं उतरना चाहिए मुझे लगता है कि फिल्मों में कुछ अनुकरण की जाती है लेकिन आज कुछ चीजें है कि आप उसको नजरअंदाज कर सकते हैं जैसे कि मैंने बताया कि आप पर निर्भर करता है कि किसी चीज को आप नेगेटिव लेते हैं पोजिटिव लेते हैं तो मेरे दृष्टि से दोनों चीज इसमें विद्यमान है धन्यवाद
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0:54
जैसा कि आपका प्रार्थना है कि आप इस क्वेश्चन का जवाब दे चुके हैं और फिर उसी क्वेश्चन का जवाब देना चाहते हैं तो आप बोलकर पर अभी तक तो ऐसा अपडेट नहीं है आप नहीं दे सकते हैं क्योंकि जब आप उसी प्रश्नों को फिर जवाब देने जाते हैं टाइप करते हैं रिकॉर्डिंग बटन तो अस्पष्ट अंकित होता है कि आपने पहले हैं इस प्रश्न का जवाब दे दिया तो अभी तक कोई अपडेट नहीं है अगर आप ऐसा चाहते हैं तो उस प्रश्नों को डिलीट कर सकते हैं जो आप ने उत्तर दिया है और पुनः आप उसका उत्तर जगह देते हैं तो दे सकते हैं एक या एक विकल्प है लेकिन आप दोबारा उस प्रश्नों को बिना डिलीट किए हुए जवाब देना चाहते हैं तो ऐसा अभी तक गए संभव नहीं है
Jaisa ki aapaka praarthana hai ki aap is kveshchan ka javaab de chuke hain aur phir usee kveshchan ka javaab dena chaahate hain to aap bolakar par abhee tak to aisa apadet nahin hai aap nahin de sakate hain kyonki jab aap usee prashnon ko phir javaab dene jaate hain taip karate hain rikording batan to aspasht ankit hota hai ki aapane pahale hain is prashn ka javaab de diya to abhee tak koee apadet nahin hai agar aap aisa chaahate hain to us prashnon ko dileet kar sakate hain jo aap ne uttar diya hai aur punah aap usaka uttar jagah dete hain to de sakate hain ek ya ek vikalp hai lekin aap dobaara us prashnon ko bina dileet kie hue javaab dena chaahate hain to aisa abhee tak gae sambhav nahin hai

#पढ़ाई लिखाई

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जब नौकरी ना मिले तो क्या करना चाहिए?Jab Naukari Na Mile To Kya Karna Chahiye
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👨‍🏫 Teacher.
2:09
जिस प्रकार हमारे देश की जनसंख्या दिन पर दिन बढ़ रही है उस अनुरूप जो है रोजगार का सृजन नहीं हो पा रहा है इसके अलावा जो है आज बहुत सारे लोगों का जगह मशीन ले रहा है तो कहीं ना कहीं एक बेरोजगारी की समस्या हर किसी के पास है हर किसी को है जब नौकरी ना मिले तो मुझे लगता है कि नौकरी के इंतजार में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए आप कोई अच्छे रोजगार भी कर सकते हैं अगर आप चाय के रोजगार करते हैं तो आपके लिए बेहतर है नौकरी में तो एक सीमित तेरा काम आपको मिलती है लेकिन अगर रोजगार कोई करते हैं तो आप उससे अधिक काम आ सकते हैं ज्यादा और नहीं कर सकते हैं बस आपसे कि आप जहां रहते हैं वहां देखें कि यह कैसा माहौल है किस चीज का डिमांड है मार्केट में अगर आप को बंद है रहना है रोजगार में आपको अच्छे करना है तो सबसे पहले आप लाइपनेस रहे आंखों से अच्छी बातें करें अच्छी तरह से कस्टमर को डील करें और देखें किस चीज का आप के क्षेत्र में है बिजनेस चेयर ज्यादा आवश्यक है अगर आपके पास अरे मोटी रकम नहीं है कि बिजनेस अब शुरू करें तो आप सरकार द्वारा लोन भी ले सकते हैं तो यह सारे चीज है अगर आप खेती बारी करते हैं तो किसी भी बहुत अच्छी तरह से कर सकते हैं कुछ नगदी फसल या अनाज रुक जा कर भी आप अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं इसके अलावा अगर आपको गाड़ी चलाना पसंद करते हैं तो आप अपना खुद का गाड़ी खरीद करा भाई भी चला सकते हैं इसके अलावा अगर आप ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं तो किराना स्टोर या अन्य तरह की दुकान आप भूल सकते हैं इसके अलावा अगर आप शहरी क्षेत्र में रहते हैं तो फोटो स्टेट कंप्यूटर का दुकान आप खोल सकते हैं तो बहुत सारा व्यापक क्षेत्र है जहां आप एक के रोजगार के माध्यम से नौकरी जैसा आप पैसा कमा सकते हैं
Jis prakaar hamaare desh kee janasankhya din par din badh rahee hai us anuroop jo hai rojagaar ka srjan nahin ho pa raha hai isake alaava jo hai aaj bahut saare logon ka jagah masheen le raha hai to kaheen na kaheen ek berojagaaree kee samasya har kisee ke paas hai har kisee ko hai jab naukaree na mile to mujhe lagata hai ki naukaree ke intajaar mein samay barbaad nahin karana chaahie aap koee achchhe rojagaar bhee kar sakate hain agar aap chaay ke rojagaar karate hain to aapake lie behatar hai naukaree mein to ek seemit tera kaam aapako milatee hai lekin agar rojagaar koee karate hain to aap usase adhik kaam aa sakate hain jyaada aur nahin kar sakate hain bas aapase ki aap jahaan rahate hain vahaan dekhen ki yah kaisa maahaul hai kis cheej ka dimaand hai maarket mein agar aap ko band hai rahana hai rojagaar mein aapako achchhe karana hai to sabase pahale aap laipanes rahe aankhon se achchhee baaten karen achchhee tarah se kastamar ko deel karen aur dekhen kis cheej ka aap ke kshetr mein hai bijanes cheyar jyaada aavashyak hai agar aapake paas are motee rakam nahin hai ki bijanes ab shuroo karen to aap sarakaar dvaara lon bhee le sakate hain to yah saare cheej hai agar aap khetee baaree karate hain to kisee bhee bahut achchhee tarah se kar sakate hain kuchh nagadee phasal ya anaaj ruk ja kar bhee aap apanee aamadanee badha sakate hain isake alaava agar aapako gaadee chalaana pasand karate hain to aap apana khud ka gaadee khareed kara bhaee bhee chala sakate hain isake alaava agar aap graameen kshetr mein rahate hain to kiraana stor ya any tarah kee dukaan aap bhool sakate hain isake alaava agar aap shaharee kshetr mein rahate hain to photo stet kampyootar ka dukaan aap khol sakate hain to bahut saara vyaapak kshetr hai jahaan aap ek ke rojagaar ke maadhyam se naukaree jaisa aap paisa kama sakate hain

#भारत की राजनीति

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बिहार में एक भी बड़ा कंपनी क्यों नहीं है?Bihar Me Ek Bhi Bdi Company Kyo Nahi Hai
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👨‍🏫 Teacher.
1:22
आपका प्रार्थना बिल्कुल जायज है और कहना भी जायज है कि बिहार में अभी तक के कोई भी एक बड़ी कंपनी नहीं है इसका मुख्य कारण है कि यहां का सरकार इसके प्रति उदासीन है सरकार कंपनियों को ऑफर नहीं देती है उसके लिए भूमि उपलब्ध नहीं करवाती है उसके लिए सब्सिडी नहीं दे पाती है अगर सरकार जो है रोजगार सृजन के लिए कई हजार करोड़ बाजार के पास करती है और ऐसा दावा करती है कि रोजगार लोगों को देंगे लेकिन कुछ रिश्ते जो है अगर नई कंपनियों को ऑफर देकर जमीन देकर यहां पर अगर व्यवस्था की जाए तो बहुत सारे लोगों को रोजगार मिलेंगे और यह सारी चीजें या सारे बेनिफिट हमारे राज्य में ही होंगे तो बिहार में से देखा जाता है के चुनाव के पहले बहुत सारा है यह घोषणा होते हैं लेकिन यह कभी पूरे नहीं हो पाए हैं अभी बिहार की हम बात करें तो केवल शुगर मिल ही है जिसमें गाना की पढ़ाई होती है और वह भी जो है कई जिलों में बंद पड़ी हुई है देखकर चिंताजनक स्थिति है हालांकि कच्चे माल की दृष्टि से देखा जाए तो बहुत सारी चीजों में बिहार बहुत आगे हैं अगर यहां पर फैक्ट्री स्थापित की जाती है तो बहुत अच्छी आमदनी होगी और बहुत लोगों को रोजगार मिलेगा
Aapaka praarthana bilkul jaayaj hai aur kahana bhee jaayaj hai ki bihaar mein abhee tak ke koee bhee ek badee kampanee nahin hai isaka mukhy kaaran hai ki yahaan ka sarakaar isake prati udaaseen hai sarakaar kampaniyon ko ophar nahin detee hai usake lie bhoomi upalabdh nahin karavaatee hai usake lie sabsidee nahin de paatee hai agar sarakaar jo hai rojagaar srjan ke lie kaee hajaar karod baajaar ke paas karatee hai aur aisa daava karatee hai ki rojagaar logon ko denge lekin kuchh rishte jo hai agar naee kampaniyon ko ophar dekar jameen dekar yahaan par agar vyavastha kee jae to bahut saare logon ko rojagaar milenge aur yah saaree cheejen ya saare beniphit hamaare raajy mein hee honge to bihaar mein se dekha jaata hai ke chunaav ke pahale bahut saara hai yah ghoshana hote hain lekin yah kabhee poore nahin ho pae hain abhee bihaar kee ham baat karen to keval shugar mil hee hai jisamen gaana kee padhaee hotee hai aur vah bhee jo hai kaee jilon mein band padee huee hai dekhakar chintaajanak sthiti hai haalaanki kachche maal kee drshti se dekha jae to bahut saaree cheejon mein bihaar bahut aage hain agar yahaan par phaiktree sthaapit kee jaatee hai to bahut achchhee aamadanee hogee aur bahut logon ko rojagaar milega
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