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बुखार आ जाए तो तुरंत कौन सा घरेलू उपाय किया जा सकता है?Bukhar Aa Jaye To Turant Kon Sa Gharelu Upay Kiya Ja Sakta Hai
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0:37
कुछ आ गया है अगर एकदम बुखार आ जाए तो तुरंत कौन सा घरेलू उपाय किया जा सकता है तो देखिए कल अचानक से आपको बुखार आ जाओ और आपका टेंपरेचर कंट्रोल नहीं होता है तो सबसे बेहतरीन घरेलू उपाय क्या है कि आप ठंडे पानी की पट्टियां अपने सर पर रख लीजिए और अगर आप का टेंपरेचर बहुत हाय है तो उसका गर्दन पर मस्तक पर पीठ पर हाथों पर बॉडी कितने रुपए आप ठंडी पट्टियां रख सकते रखी से इंसटैंटली आपके शरीर के टेंपरेचर पर्फेक्ट पड़ेगा और आपको राहत महसूस होगी उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब आया होगा धन्यवाद

#भारत की राजनीति

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भारत का सबसे महान सम्राट कौन था?Bharat Ka Sabse Mahan Samrat Kon Tha
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1:23
वॉल पूछा गया है भारत का सबसे महान सम्राट कौन था तो देखिए इसके पीछे बहुत सारे लोगों का जो भारत को महान बनाने की पिक्चर भारत का महान सम्राट कहलाने के लायक बहुत सारे योगिता हैं जिनमें से आप चंद्रगुप्त मौर्य को मान सकते हैं जा हर्षवर्धन को मान सकते हैं राजा भोज को मान सकते हैं विक्रमादित्य को मान सकते हैं लेकिन मेरी नजर में आप पूछा जाए तो मेरी नजर में महाराणा प्रताप भारत के सबसे महान सम्राट थे और वह इसके लिए थे कि जब सारी दुसारा जो मुल्क है अकबर के कब्जे में था आसपास की सारी रियासतें उनके मुस्लिम मुगल सम्राट के अधीन थे मुस्लिम राज्य था उस वक्त उस इंसान ने अपने देश को अपनी प्रजा को अपने मातृभूमि की रक्षा को सर्वोपरि माना जबकि अकबर ने उन्हें अपने रियासत का आधा हिस्सा देने का वादा तक किया था पर वह नहीं माने उनको उनके मातृभूमि के लिए वह अपना सब कुछ न्योछावर कर गए और ऐसे महान सम्राट जिनको आप मानेंगे नहीं कि भारत के अलावा भी कई अन्य देश इन को अपना आदर्श मानता है और मेरी नजर में भी वह दुनिया के सबसे महान सम्राट हैं उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया हुआ धन्यवाद

#भारत की राजनीति

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सूक्ष्म जीवों द्वारा बनाए गए खाने की चीजों के दो उदाहरण?Sookshm Jeevo Dwara Banaye Gaye Khane Ki Cheejo Ke Do Udahran
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0:39
बाल पूछा गया है सुख मिलेगा द्वारा बनाए गए खाने की चीजों के दो उदाहरण बताइए तो देखिए सबसे इजी और सबसे आसान उदाहरण अस्थाई है दही दही जो है लैक्टोबैसिलस नाम के बैक्टीरिया मतलब सूक्ष्मजीव से बनता है उसके अलावा यहां एक तरह से कह सकते कि उसे नहीं बनता उनके द्वारा बनता है मतलब लैक्टोबैसिलस बैक्टीरिया दूध को दही में कन्वर्ट करने का काम करते हैं उसके अलावा दूसरा एग्जाम पर जो सबसे ज्यादा पॉपुलर हो रहा है अपने यहां पर वह पिज़्ज़ा पिज़्ज़ा चीज से बनता है उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद

#जीवन शैली

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1:17
सवाल पूछा गया है क्या हमें दहेज प्रथा के कारण बहन बेटियों पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ उंगली उठाने चाहिए तो देखिए बिल्कुल आराम कैपेबल है अगर हम आवाज उठा सकते हैं अगर हम उसी स्थिति में हमें बिल्कुल कोशिश करनी चाहिए क्योंकि भारत के आज भी कई हिस्सों में लोग बेटियों के जन्म को अच्छा नहीं मानती क्योंकि उनको पता होता है कि उनकी शादी में दहेज नहीं दे पाएंगे उनकी इतनी कैपेसिटी नहीं होती लेकिन अगर यह दहेज प्रथा कम हो जाए खत्म हो जाए तो लोग बेटियों को भी उतना ही लाड प्यार देंगे इतना बेटों को देते हैं और मैंने खुद अपने आसपास कई जगहों पर यह महसूस किया है कि जब लोग अपनी बेटी की शादी करते हैं तो बहुत सारा कर्जा लेते हैं अपनी जमीन अपना घर तक भेज देते हैं तो देखिए यह बिल्कुल सही नहीं है एक शादी विवाह खुशी का मौका है और इसमें एक परिवार बर्बाद हो जाइए कहां तक सही है तो मैं कोशिश करने से कम से कम आप पूरी दुनिया नहीं बदल सकते लेकिन कोशिश करके जरा अपनी एक बेटी के लिए कुछ कर दिया यह एक महिला के लिए कुछ कर दिया वह भी आपका बहुत बड़ा योगदान होगा इसको कुप्रथा को हटाने में उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद

#जीवन शैली

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1:14
सवाल पूछा गया है लॉ ऑफ अट्रैक्शन कैसे काम करता है और इससे हमें क्या लाभ हो सकता है और हमें इसे कैसे यूज़ नहीं लाना चाहिए तो देखे लॉ ऑफ अट्रैक्शन एक कॉन्सर्ट है जो यह कहता है कि अगर आप किसी चीज को पाने की चाहत रखते हो और आप मन में से कुछ चीज के बारे में सोचते हो तो धीरे-धीरे ऐसी स्थितियां बनती कि वह चीज आपके पास आ जाती है स्कूलों ऑफ अट्रैक्शन कहते हैं अब दिखी इससे हमें लाभ के अगर आप जैसे बहुत कुछ अच्छा करना चाहते हैं जैसे मान लीजिए आप कोई गवर्नमेंट जॉब चाहते हैं या आपको अपना खुद का घर बनवाना है यह गाड़ी है पूरे टाइम उसके बारे में सोचिए जब आप उसके बारे में सोचते रहेंगे तो आप उन तरीकों के बारे में भी सोचेंगे जिससे वह चीज आपकी अपनी हो जाए और उन में उन तरीकों को सोच कर समझ कर अब उस तरीके से कार्य करने लगेंगे कि वह चीज आपकी वजह एक लास्ट भले ही कुछ समय लगे पर वह चीज आपके पास होगी और इससे इसको यूज़ में लाने का भी वही तरीका है कि बस सोचिए पहले उसके बारे में सोचते रहेंगे तब के दिमाग में कुछ ऐसे आएंगे कि नहीं ऐसे करूंगा तुझे मुझे मिल जाएगी या फिर ऐसे करके मुझे चीज मिल जाएगी और आप उसकी तरफ बढ़ते चले जाएंगे उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद

#रिश्ते और संबंध

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जब हम किसी अपने से दूर हो जाए और वह हमसे बात ना करें तो हमें क्या करना चाहिए?Jab Hum Kisi Apne Se Door Ho Jaye Aur Wah Humse Baat Na Karein To Hume Kya Karna Chahiye
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1:02
बाल पूछा गया है जब हम किसी अपने से दूर हो जाए और वह हमसे बात ना करें तो हमें क्या करना चाहिए तो देखिए कई बार स्थिति ऐसी बन जाती है कि हमें किसी अपने से दूर होना पड़ता है और वह हमसे बात नहीं करते इसके कई कारण हो सकते शायद उसके पास वक्त ना हो शायद वो किसी गलतफहमी का शिकार हो ऐसा यदुवंशी किसी अच्छे नाराज हो तो सबसे पहले इसका कारण जाना चाहिए क्यों सामने वाला व्यक्ति हमसे बात नहीं कर रहा है अगर वह बिजी है व्यस्त है तो फिर कोई बहुत बड़ा इशू नहीं आप अपने आप को समझाइए कि जरूरी है जीवन में और भी बहुत सारी चीजें जो हमारे लिए जरूरी है उसको भी उन चीजों को व्यक्त डेरा इसका मतलब यह नहीं कि वह हमसे अलग हो गया है या हमारा जुड़ा उसके लिए कम हो गया है सब बिल्कुल नहीं होता है क्योंकि अगर कोई आपका अपना है तो आपका अपना तभी है जब वह आपसे बात नहीं करता है उसका अटैचमेंट आज भी उतना ही लेकिन अगर बात गलत फहमी की है या नाराजगी की है तो आपको इसको दूर करने की कोशिश करनी चाहिए उम्मीद करती हूं आपको जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद

#रिश्ते और संबंध

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ऑनलाइन डॉक्टर की सलाह और ऑफलाइन डॉक्टर की सलाह में से कौन सी अच्छी सलाह मानी जाएगी?Onalain Doktar Kee Salaah Aur Ophalain Doktar Kee Salaah Mein Se Kaun See Achchhee Salaah Maanee Jaegee
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1:03
पूछा गया है ऑनलाइन डॉक्टर की सलाह और ऑफलाइन डॉक्टर की सलाह में से कौन सी अच्छी सलाह मानी जाएगी तो देखिए इसके बारे में सबकी अपनी-अपनी राय है पता इस बारे में जरा मेरी राय जानना चाहे तो मैं यह कहना चाहती हूं कि मेरे हिसाब से ऑनलाइन की अपेक्षा ऑफलाइन चला ज्यादा बेहतर है अब इसका कारण भी मैं आपको क्लियर करना चाहूंगी कि जब आप ऑनलाइन डॉक्टर से कंसल्ट करते हो तो वह डॉक्टर सिर्फ वही बात जान पाता जो आप उसको बताते हो लेकिन जब ऑफलाइन में आप डॉक्टर के सामने बैठते हो तो वह हमारे शरीर के गेस्ट अ पोस्टर से हमारी बात करने के तरीके से भी बहुत सारी नई चीजें उसको समझ में आती है कि किस तरीके की स्थिति हमारे शरीर में बन रही है तो इसमें क्या है कि चीजें ज्यादा क्लियर होती है डॉक्टर को तो मेरा यही मानना है कि अगर आप ऑनलाइन ऑफलाइन में चुनाव करना चाहते तो बेहतर है कि आप स्वयं डॉक्टर से मिले और ऑफलाइन हो रहा है जो है साला आपने अमित सर आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद

#भारत की राजनीति

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चांद पर सबसे पहले किसने कदम रखा?Chaand Par Sabse Pahale Kisne Kadam Rakha
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0:14
पूछा गया है चांद पर सबसे पहले किसने कदम रखा तो देखे चांद पर सबसे पहले कदम रखने वाले व्यक्ति का नाम नील आर्मस्ट्रांग था उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद

#पढ़ाई लिखाई

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0:56
सवाल पूछा गया है एक आयताकार रंगीन कागज के टुकड़े का क्षेत्रफल 1 वर्ग सेंटीमीटर है यदि इस कागज की लंबाई 15 सेंटीमीटर हो तो चौड़ाई कितनी होगी तो देखी जैसा कि हम जानते हैं किसी भी आयताकार सत्र का जो क्षेत्रफल होता है वह उसकी लंबाई और चौड़ाई का गुणनफल होता है मतलब लंबाई * चौड़ाई बराबर क्षेत्रफल तब हमारे पास जो है लंबाई दी हुई है वह 15 सेंटीमीटर और क्षेत्रफल दिया हुआ है जो 1 वर्ग सेंटीमीटर और हमें चौड़ाई ज्ञात करनी है तो 15 का ऐसी किस संख्या से गुणा करें कि 1015 का गोना गर्म एक बटे 15 से करेंगे तो हमें क्षेत्रफल 1 वर्ग सेंटीमीटर प्राप्त होगा तो अतः हमें चौड़ाई प्राप्त हो गई एक बटे 15 सेंटीमीटर या फिर हम इसको डिवाइड करके दशमलव में भी लिख सकते हैं उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद

#जीवन शैली

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क्या कारण है आजकल चोरी और डकैती बढ़ती ही जा रही है?Kya Kaaran Hai Aajakal Choree Aur Dakaitee Badhatee Hee Ja Rahee Hai
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0:40
सवाल पूछा गया है क्या कारण आजकल छोरियों डकैती बढ़ती ही जा रही है तो देखिए जब से करो ना कल शुरू हुआ है उसको लगभग 1 साल का समय हो गया और इस पूरे समय में ज्यादातर लोगों की बहुत सारे लोगों की नौकरी आ गई है बहुत सारे लोगों के कमाई के साधन छूट गए हैं और बहुत सारे लोगों के तो खाने के लाले पड़ चुके हैं तो ऐसी स्थिति में अपना पेट पालने के लिए अपने परिवार को पालने के लिए लोगों ने चोरी डकैती जैसी चीजों का सहारा लेना शुरू कर दिया है और यही कारण है कि धीरे-धीरे आसपास चोरी डकैती के कैसे जो हम ज्यादा सुन रहे हैं उम्मीद करती हूं आप मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद

#धर्म और ज्योतिषी

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प्रत्यास्थता किसे कहते हैं?Pratyaasthata Kise Kahate Hain
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0:44
कल पूछा गया है प्रत्यास्थता किसे कहते हैं तो देखे प्रत्यास्थता जो इसको इंग्लिश में लास्ट इसे ही कहते हैं अब जब मैं इसका इंग्लिश नहीं समझते इलास्टिसिटी तो यह डिलीट करते इलास्टिक से इलास्टिक की प्रॉपर्टी होती क्या प्लास्टिक को खींचो और छोड़ दो प्लास्टिक अपनी पुरानी स्थिति में आ जाता है और यही गुण किसी भी वस्तु का यह * कि अगर आपने उसको किसी भी तरीके से उसकी एक्चुअल पोजीशन से विकृत कर दिया है उसको उसको खींच दिया उसको मरोड़ दिया या कुछ भी कर दिया और उसके बाद वह अपनी स्थिति में पुनः वापस हो जाता है तो उस वस्तु का यह गुण प्रत्यास्थता कहलाता है उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद

#धर्म और ज्योतिषी

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मस्तिष्क पर चंदन क्यू लगाते है?Mastishk Par Chandan Kyoo Lagaate Hai
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0:55
पूछा गया मस्तिष्क पर चंदन क्यों लगाते हैं तो देखिए जैसा क्यों सब जानते हैं चंदन एक ऐसी चीज है जो ठंडक प्रदान करती है शरीर को तो जब आप मस्तक पर चंदन लगाते हैं तो आपके दिमाग को शांत और ठंडा रखती है और ऐसी स्थिति में जब आपके घर तक पर चंदन लगा हो तो ऐसा माना जाता है कि आपकी जो डिसीजन होते हैं वह ज्यादा एक्यूरेट होते करें क्योंकि क्योंकि आप शांत मन से कोई भी डिसीजन लेते हैं और जब आपको चंदन लगाकर पढ़ाई करते हैं तो आपका मन ज्यादा एकाग्र चित्त होता है ज्यादा कंसंट्रेशन होता है और आपको बहुत जल्दी से जल्दी समझ में आने लगता है प्लीज ग्रास्पिंग पावर बढ़ जाती है और यह से पसंद नहीं है फैक्ट है क्योंकि चंदन साहब के शरीर आपके दिमाग का जो टेंपरेचर है क्या सकते हम वह कम होता है इससे आपका मन शांत रहता है उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद

#टेक्नोलॉजी

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मुझे सबसे ज्यादा आलस आता है मैं क्या करूं कोई उपाय बताइए?Muje Sabse Jyada Aalas Aata Hai Me Kya Karu Koi Upay Bataye
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1:11
पूछा गया है मुझे सबसे ज्यादा आलसी आती है मैं क्या करूं कोई उपाय बताइए सदस्य कई बार ऐसी स्थिति बनती है कि हमको बहुत ज्यादा लग जाता है और आलस हम पर हावी हो जाता है और फिर हम चाह कर भी कुछ नहीं कर पाते ऐसे समय में हमें चाहिए कि हम कुछ ऐसा करें आज इसमें हमको फिजिकल एक्टिविटी करनी हो लेकिन वह काम हमारे इंटरेस्ट कम से कम इतना ज्यादा हाथी किस शोरूम में पड़े रहते हैं बाहर नहीं निकलते लोगों से नहीं मिलते तो सबसे पहला काम हम यह कर सकते हैं कि कल सुबह मॉर्निंग वॉक इवनिंग वॉक पर चले जाएं इतना काम आप कर सकते अपने लिए 5 या 10 मिनट का टाइम लीजिए या फिर अगर आपसे यह भी नहीं हो पा रहा है तो उठाइए और अपने दोस्तों से मिलकर आ जाए ऐसे लोगों से मिलकर देश आपको पसंद है कुछ नहीं तो बाहर खाने चले जाइए ऐसे छोटी-छोटी फिजिकल एक्टिविटी जवाब करने लगेंगे तो धीरे-धीरे आप कॉलेज कम हो जाएगा और अगर आप जैसे कई लो मत हेल्थ फ्री होते हैं तो आपके कर सकते हैं कि योगा रनिंग इस तरीके चीजें करके भी आप अपने आलसी कम कर सकते हैं उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद

#धर्म और ज्योतिषी

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प्रकाश प्रदूषण क्या है यह आजकल इतना महत्वपूर्ण क्यों बन गया है?Prakash Pradushan Kya Hai Yah Aajkal Itna Mehtvpurn Kyun Ban Gaya Hai
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1:20
कल पूछा गया है प्रकाश प्रदूषण क्या है या आजकल इतना महत्वपूर्ण क्यों बन गया है दृश्य प्रकाश प्रदूषण अभी अभी जो है बहुत ज्यादा इसके बारे में बात होने लगी है पर यह काफी ज्यादा गंभीर मामला है क्योंकि हम लोग रात में बहुत ज्यादा लाइट यूज करते हैं आजकल शादी हुई आयोजनों में ऐसे लाइट कि उसके जाने लेकिन की रोशनी बहुत तेज होती है सीधा समान तक जाती है इन से क्या होता है कि जिन नेचुरल जो हमारे अलावा जो जीव जंतु जो नेचुरल हैबिटेट के आदी हैं उन लोगों के लिए काफी मुश्किल हो जाती है तो फिर क्योंकि उन्हें आर्टिफिशियल लाइट के बारे में नहीं पता उन्हें तो बस एक ही लाइट के बारे में पता जो सनलाइट है तो उसकी वजह से कई बार उन लोगों को बहुत ज्यादा मुसीबतों का सामना करना पड़ता है और लाइट जो पोलूशन है हमारे लिए भी अच्छा नहीं हमारे दिमाग पर भी इसका सीधा असर पड़ता है अगर आप रात में सो और हल्का सा भी लाइट आपके आसपास ए तापीय समझिए कि आपकी उस दिन नींद खराब होनी है और उसके अलावा आप अगर आपको से सड़क नहीं भी पड़ रहा है इंटरनेट भी आपको उससे फर्क पड़ता जो अपने आप को पता नहीं चल पाता है तो यह काफी ज्यादा गंभीर मामला है उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद
Kal poochha gaya hai prakaash pradooshan kya hai ya aajakal itana mahatvapoorn kyon ban gaya hai drshy prakaash pradooshan abhee abhee jo hai bahut jyaada isake baare mein baat hone lagee hai par yah kaaphee jyaada gambheer maamala hai kyonki ham log raat mein bahut jyaada lait yooj karate hain aajakal shaadee huee aayojanon mein aise lait ki usake jaane lekin kee roshanee bahut tej hotee hai seedha samaan tak jaatee hai in se kya hota hai ki jin nechural jo hamaare alaava jo jeev jantu jo nechural haibitet ke aadee hain un logon ke lie kaaphee mushkil ho jaatee hai to phir kyonki unhen aartiphishiyal lait ke baare mein nahin pata unhen to bas ek hee lait ke baare mein pata jo sanalait hai to usakee vajah se kaee baar un logon ko bahut jyaada museebaton ka saamana karana padata hai aur lait jo polooshan hai hamaare lie bhee achchha nahin hamaare dimaag par bhee isaka seedha asar padata hai agar aap raat mein so aur halka sa bhee lait aapake aasapaas e taapeey samajhie ki aapakee us din neend kharaab honee hai aur usake alaava aap agar aapako se sadak nahin bhee pad raha hai intaranet bhee aapako usase phark padata jo apane aap ko pata nahin chal paata hai to yah kaaphee jyaada gambheer maamala hai ummeed karatee hoon aapako mera javaab pasand aaya hoga dhanyavaad

#धर्म और ज्योतिषी

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1:11
कुछ आ गया है क्या एकदम आरोग्य व्यक्ति ही थोड़ा-बहुत व्यायाम का सहारा ले सकता है देखिए बिल्कुल यह बहुत ही अच्छा एक तरीका है अगर आप बीमार है और आपकी एज काफी ज्यादा है तब जो कठिन वाले योगासन है वह आपको अवॉइड कर सकते हैं लेकिन जो बेसिक है जैसे प्राणायाम वह बहुत आसानी से आप एक जगह बैठकर कर सकते हैं और ऐसे योगासन आप सुनिए जो जिसमें बहुत ज्यादा बॉडी मूवमेंट ना हो रिया पर बॉडी के मसल्स पुल होने के चांसेस ना हो ऐसे छोटे-मोटे हल्के-फुल्के आसन किए जा सकते आपका शरीर भी फिट रहेगा और जो है आपकी नींद पर विश का काफी असर पड़ेगा क्योंकि इस बढ़ने के साथ नींद बहुत नेगेटिव असर पड़ता है और शरीर बुढ़ापे में क्या शरीर थकता नहीं है तो जब आपके शरीर हल्का फुल्का थकेगा तब की नींद बहुत अच्छी होगी अगर आप योगासन नहीं कर पा रहे हैं या फिर थोड़ा बहुत एक्सरसाइज नहीं कर पा रहे हैं कम से कम जो है थोड़ा वॉक कर लीजिए चलने से भी काफी हद तक आपका शरीर रिलैक्स महसूस करता है उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद
Kuchh aa gaya hai kya ekadam aarogy vyakti hee thoda-bahut vyaayaam ka sahaara le sakata hai dekhie bilkul yah bahut hee achchha ek tareeka hai agar aap beemaar hai aur aapakee ej kaaphee jyaada hai tab jo kathin vaale yogaasan hai vah aapako avoid kar sakate hain lekin jo besik hai jaise praanaayaam vah bahut aasaanee se aap ek jagah baithakar kar sakate hain aur aise yogaasan aap sunie jo jisamen bahut jyaada bodee moovament na ho riya par bodee ke masals pul hone ke chaanses na ho aise chhote-mote halke-phulke aasan kie ja sakate aapaka shareer bhee phit rahega aur jo hai aapakee neend par vish ka kaaphee asar padega kyonki is badhane ke saath neend bahut negetiv asar padata hai aur shareer budhaape mein kya shareer thakata nahin hai to jab aapake shareer halka phulka thakega tab kee neend bahut achchhee hogee agar aap yogaasan nahin kar pa rahe hain ya phir thoda bahut eksarasaij nahin kar pa rahe hain kam se kam jo hai thoda vok kar leejie chalane se bhee kaaphee had tak aapaka shareer rilaiks mahasoos karata hai ummeed karatee hoon aapako mera javaab pasand aaya hoga dhanyavaad

#धर्म और ज्योतिषी

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शरीर में आयरन की कमी को पूरा करने के लिए शाकाहारी आहार कौन से हैं?Shareer Me Iron Ki Kami Ko Pura Karne Ke Liye Shakahari Aahar Kon Se Hai
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0:39
बाल पूछा गया है शरीर में आयरन की कमी को पूरा करने के लिए शाकाहारी आहार कौन से तो देखिए आयरन की कमी को पूरा करने के लिए काफी ज्यादा सब्जियां और फ्रूट हमारे पास अवेलेबल है जिसे की सबसे बेहतरीन जगह पालक को माना जाता है इसमें आजम कंटेंट काफी ज्यादा होता है उसके अलावा एप्पल में बैरन कंटेंट काफी ज्यादा होता है तो और आप रेड कलर जो देते हैं वह सब सूट पर आयरन वृक्ष होते हैं जैसे बीटरूट हो गया ना तो क्या पैसे चीजों का भी आप आसानी से सेवन कर सकते हैं उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद
Baal poochha gaya hai shareer mein aayaran kee kamee ko poora karane ke lie shaakaahaaree aahaar kaun se to dekhie aayaran kee kamee ko poora karane ke lie kaaphee jyaada sabjiyaan aur phroot hamaare paas avelebal hai jise kee sabase behatareen jagah paalak ko maana jaata hai isamen aajam kantent kaaphee jyaada hota hai usake alaava eppal mein bairan kantent kaaphee jyaada hota hai to aur aap red kalar jo dete hain vah sab soot par aayaran vrksh hote hain jaise beetaroot ho gaya na to kya paise cheejon ka bhee aap aasaanee se sevan kar sakate hain ummeed karatee hoon aapako mera javaab pasand aaya hoga dhanyavaad

#धर्म और ज्योतिषी

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2:06
बाल पूछा गया है ब्लड प्रेशर और डायबिटीज दोनों से पीड़ित लोगों के लिए कुछ स्वास्थ्य आहार टिप्स क्या है लेकिन ब्लड प्रेशर एक मानसिक कारण की वजह से भी ब्लड प्रेशर इनक्रीस हो सकता है लेकिन अगर हम बात करते डायबिटीज की तो इस कारखाने का काफी सीधा सीधा संबंध होता है तो अगर आप टाइपिंग है तो आपको खाने में बहुत ज्यादा पर एक करने की आवश्यकता है और आपको जो चीज आप लेती है उसके सब्सीट्यूट ढूंढने चाहिए जैसे कि नॉर्मल आटे की जगह आपको होल ग्रेन आटा या फिर सिंघाड़े का आटा उपयोग करना आपके लिए अच्छा नहीं है क्या इसमें और थोड़ा सा शुगर कंटेंट कम होता है और उसके अलावा जो है आपको कुछ ऐसी चीजें लेनी चाहिए अगर आप डायबिटिक हैं तो कीबोर्ड आई इन्सुलिन प्रोडक्शन जो आपके शरीर में बढ़ जाए ना कोई खास चीज बता दूं कि जितनी भी चीज में चिकनाहट एकता परिवर्तन से भिंडी में रहता है उस तरीके के जितने भी सब में इन्सुलिन प्रोडक्शन कैपेसिटी काफी अच्छी होती है तो आप अपने खाने में इनको ज्यादा से ज्यादा शामिल कीजिए अब अगर जैसे कि अगर हम बात करते भिंडी की तो उसको पता करने के बजाय कच्चा खाना ज्यादा बेहतर होता है उसका जो लड़का चिपचिपा पन है आपको आपके शरीर में डायरेक्ट जाएगा के पत्नी के बाद उसका लस लस आपन खत्म हो जाता है उसके अलावा कुछ पौधे हैं जिनके सेवन से आपको डायबिटीज में बहुत ज्यादा आराम मिलेगा जिनमें से इंसुलिन करके एक पौधा है इंसुलिन प्लांट करके पूरी तरह का घर कैसा होता है वह कंधवाला जो पौधा होता है जो बताता नहीं सब अपने घर में होगा सकते उसका आपको डेली एक पत्ती लेना काफी होगा और खाने का खास ख्याल रखना होगा जैसे कि चावल का वाइट करना है हो सके तो ब्राउन राइस यूज़ करिए या फिर उसके बजाय ऐसा कोई चीज है जो सबसे झूठ उसका ढूंढिए जो आपके लिए डायबिटीज पेशेंट के लिए बेहतर होगा उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद
Baal poochha gaya hai blad preshar aur daayabiteej donon se peedit logon ke lie kuchh svaasthy aahaar tips kya hai lekin blad preshar ek maanasik kaaran kee vajah se bhee blad preshar inakrees ho sakata hai lekin agar ham baat karate daayabiteej kee to is kaarakhaane ka kaaphee seedha seedha sambandh hota hai to agar aap taiping hai to aapako khaane mein bahut jyaada par ek karane kee aavashyakata hai aur aapako jo cheej aap letee hai usake sabseetyoot dhoondhane chaahie jaise ki normal aate kee jagah aapako hol gren aata ya phir singhaade ka aata upayog karana aapake lie achchha nahin hai kya isamen aur thoda sa shugar kantent kam hota hai aur usake alaava jo hai aapako kuchh aisee cheejen lenee chaahie agar aap daayabitik hain to keebord aaee insulin prodakshan jo aapake shareer mein badh jae na koee khaas cheej bata doon ki jitanee bhee cheej mein chikanaahat ekata parivartan se bhindee mein rahata hai us tareeke ke jitane bhee sab mein insulin prodakshan kaipesitee kaaphee achchhee hotee hai to aap apane khaane mein inako jyaada se jyaada shaamil keejie ab agar jaise ki agar ham baat karate bhindee kee to usako pata karane ke bajaay kachcha khaana jyaada behatar hota hai usaka jo ladaka chipachipa pan hai aapako aapake shareer mein daayarekt jaega ke patnee ke baad usaka las las aapan khatm ho jaata hai usake alaava kuchh paudhe hain jinake sevan se aapako daayabiteej mein bahut jyaada aaraam milega jinamen se insulin karake ek paudha hai insulin plaant karake pooree tarah ka ghar kaisa hota hai vah kandhavaala jo paudha hota hai jo bataata nahin sab apane ghar mein hoga sakate usaka aapako delee ek pattee lena kaaphee hoga aur khaane ka khaas khyaal rakhana hoga jaise ki chaaval ka vait karana hai ho sake to braun rais yooz karie ya phir usake bajaay aisa koee cheej hai jo sabase jhooth usaka dhoondhie jo aapake lie daayabiteej peshent ke lie behatar hoga ummeed karatee hoon aapako mera javaab pasand aaya hoga dhanyavaad

#जीवन शैली

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1:09
बाल पूछा गया है अगर कोई इंसान हमारे अच्छे ना देखने के लिए हमारा मजाक बनाता है तो मैं क्या करना चाहिए लेकिन सबसे पहली बात अगर कोई हमें अच्छे दिखने नहीं देखने पर जज करता है तो सबसे पहले कांति कीजिए उसका वाइट करिए ऐसे लोगों से मिलने जुलने की भी अगर अब कोई जरूरत नहीं है आपको मजबूरी में मिलना पड़ रहा है इसके बारे में मत सोचो कि हर इंसान अपने आप में खूबसूरत है अपने आप में उसकी एक अलग पहचान है कलाकार डमटीपी है अलग उसके पीछे से उसके परेशन है तो आप किसी इंसान को यह नहीं बोल सकते कि अच्छा नहीं दिखता हो सकता है कि किसी और को वह बेहतर देखता हूं यह बिल्कुल वैसा है जैसे कि बाद में 50 तरह के फूल और उनमें से आपको एक पसंद है इसका मतलब यह नहीं होता कि दूसरे फूल खूबसूरत नहीं है क्योंकि किसी और के लिए वह दूसरे फुल ज्यादा खूबसूरत होंगी तो यह बिल्कुल वैसे ही स्थिति है तो आप इन सब चीजों का वाइट करी है आपके अच्छे दिखते नहीं दिखती आप तय करेंगे उसको कोई नहीं होते कि वह तय करे कि आप अच्छे दिखते हैं या नहीं उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद
Baal poochha gaya hai agar koee insaan hamaare achchhe na dekhane ke lie hamaara majaak banaata hai to main kya karana chaahie lekin sabase pahalee baat agar koee hamen achchhe dikhane nahin dekhane par jaj karata hai to sabase pahale kaanti keejie usaka vait karie aise logon se milane julane kee bhee agar ab koee jaroorat nahin hai aapako majabooree mein milana pad raha hai isake baare mein mat socho ki har insaan apane aap mein khoobasoorat hai apane aap mein usakee ek alag pahachaan hai kalaakaar damateepee hai alag usake peechhe se usake pareshan hai to aap kisee insaan ko yah nahin bol sakate ki achchha nahin dikhata ho sakata hai ki kisee aur ko vah behatar dekhata hoon yah bilkul vaisa hai jaise ki baad mein 50 tarah ke phool aur unamen se aapako ek pasand hai isaka matalab yah nahin hota ki doosare phool khoobasoorat nahin hai kyonki kisee aur ke lie vah doosare phul jyaada khoobasoorat hongee to yah bilkul vaise hee sthiti hai to aap in sab cheejon ka vait karee hai aapake achchhe dikhate nahin dikhatee aap tay karenge usako koee nahin hote ki vah tay kare ki aap achchhe dikhate hain ya nahin ummeed karatee hoon aapako mera javaab pasand aaya hoga dhanyavaad

#रिश्ते और संबंध

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1:18
बाल पूछा के आप जिससे प्यार करते हो उसके साथ रहना हर दिन ही वैलेंटाइन है आप क्या सोचते हैं इस बारे में तो देखिए यह बहुत ही अच्छा विचार है एक तरह से क्योंकि हम एक किस से प्यार करते हो मेरे लिए बहुत स्पेशल होता है और उसको यह जताना कि वह स्पेशल उसके लिए एक दिन तो कभी भी काफी नहीं हो सकता मतलब आपको हमेशा अगर आप किसी से प्यार करते हैं तो हमेशा आपके पास एक वजह होती है उस को स्पेशल फील कराने के लिए तो सिर्फ वैलेंटाइन डे पर यह करना जरूरी नहीं है मेरा तो यही मानना है कि अगर आप किसी से सच में बहुत प्यार करते तो उसका उसका साथ जो है उसके साथ होना हर दिन वैलेंटाइन डे जैसा होता है उतनी ही खुशी आपको फील होती है तो स्पेस लिए वैलेंटाइन डे को जितना महत्व दिया जाता है यह फॉरेन में इसलिए होता है क्योंकि वहां पर लोग एक दूसरे को टाइम नहीं दे पाते हैं तो नहीं ले डिसाइड करके रखा है कि हां इस दिन हम एक दूसरे के लिए जरूर टाइम निकालेंगे लेकिन इंडियन सी कंट्री में जहां लोग एक दूसरे के साथ काफी समय एक साथ बिताते हैं परिवार में रहते हैं मिल जुल कर रहते तो वैलेंटाइन डे जैसी नीड तो मुझे नहीं लगती मेरे मरने की हर दिन ही स्पेशल होता है प्यार करने वालों के लिए उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद
Baal poochha ke aap jisase pyaar karate ho usake saath rahana har din hee vailentain hai aap kya sochate hain is baare mein to dekhie yah bahut hee achchha vichaar hai ek tarah se kyonki ham ek kis se pyaar karate ho mere lie bahut speshal hota hai aur usako yah jataana ki vah speshal usake lie ek din to kabhee bhee kaaphee nahin ho sakata matalab aapako hamesha agar aap kisee se pyaar karate hain to hamesha aapake paas ek vajah hotee hai us ko speshal pheel karaane ke lie to sirph vailentain de par yah karana jarooree nahin hai mera to yahee maanana hai ki agar aap kisee se sach mein bahut pyaar karate to usaka usaka saath jo hai usake saath hona har din vailentain de jaisa hota hai utanee hee khushee aapako pheel hotee hai to spes lie vailentain de ko jitana mahatv diya jaata hai yah phoren mein isalie hota hai kyonki vahaan par log ek doosare ko taim nahin de paate hain to nahin le disaid karake rakha hai ki haan is din ham ek doosare ke lie jaroor taim nikaalenge lekin indiyan see kantree mein jahaan log ek doosare ke saath kaaphee samay ek saath bitaate hain parivaar mein rahate hain mil jul kar rahate to vailentain de jaisee need to mujhe nahin lagatee mere marane kee har din hee speshal hota hai pyaar karane vaalon ke lie ummeed karatee hoon aapako mera javaab pasand aaya hoga dhanyavaad

#टेक्नोलॉजी

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भारत खुद का ट्विटर या व्हाट्सएप क्यों नहीं बनाता है?Bharat Khudh Ka Twitter Ya Whatsapp Kyo Nahi Bnata Hai
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1:18
अच्छा गया है भारत खुद का ट्विटर या व्हाट्सएप क्यों नहीं बताता है तो देखिए ऐसा बिल्कुल नहीं है भारत के पास व्हाट्सएप का बहुत अच्छा सब्सीट्यूट है जिसे हम टेलीग्राम कहते हैं जो व्हाट्सएप से काफी हद तक बेहतर है लेकिन हम मिनियंस जो हैं हम किसी भी चीज से एक बार हमारा लगा हो जाता तो उसको छोड़ना मेरे लिए काफी मुश्किल होता है इसलिए व्हाट्सएप का चलाना भी इंडिया से इतनी जल्दी जाना काफी मुश्किल है लेकिन काफी हद तक लोग टेलीग्राम पर शिफ्ट हो चुके हैं और व्हाट्सएप को काफी हद तक लोगों ने अवैध करना शुरू कर दिया है और एक समय ऐसा आएगा कि हम टेलीग्राम आप पूरी तरह से यूज करने लगेंगे क्योंकि टेलीग्राम के फीचर्स व्हाट्सएप से काफी ज्यादा बेहतर है और उसके अलावा गन बात कर रहे हैं ट्विटर की तो आपको पता होना चाहिए कि ट्विटर का भी सब्सीट्यूट इंडिया में बनाया गया जिसे ऐप के नाम से जाना जाता है वह बिल्कुल टि्वटर जैसा है और ट्विटर का इंडियन वर्जन आप इसको कह सकते हैं तो हमारे पास सर्विस सेक्टर बोल दिया पर टेक्नो सीआईडी वाला फील्ड है इसमें इंडिया तो किसी से पीछे नहीं है हमारे जो भी डेवलपमेंट से आईटीओ सर्विस सेक्टर में वह बेहतरीन है मैंने फैक्चरिंग में हम भले ही थोड़ा पीछे रह जाते हैं पर इन चीजों में हम सबसे अच्छा कर रहे हैं उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद
Achchha gaya hai bhaarat khud ka tvitar ya vhaatsep kyon nahin bataata hai to dekhie aisa bilkul nahin hai bhaarat ke paas vhaatsep ka bahut achchha sabseetyoot hai jise ham teleegraam kahate hain jo vhaatsep se kaaphee had tak behatar hai lekin ham miniyans jo hain ham kisee bhee cheej se ek baar hamaara laga ho jaata to usako chhodana mere lie kaaphee mushkil hota hai isalie vhaatsep ka chalaana bhee indiya se itanee jaldee jaana kaaphee mushkil hai lekin kaaphee had tak log teleegraam par shipht ho chuke hain aur vhaatsep ko kaaphee had tak logon ne avaidh karana shuroo kar diya hai aur ek samay aisa aaega ki ham teleegraam aap pooree tarah se yooj karane lagenge kyonki teleegraam ke pheechars vhaatsep se kaaphee jyaada behatar hai aur usake alaava gan baat kar rahe hain tvitar kee to aapako pata hona chaahie ki tvitar ka bhee sabseetyoot indiya mein banaaya gaya jise aip ke naam se jaana jaata hai vah bilkul tivatar jaisa hai aur tvitar ka indiyan varjan aap isako kah sakate hain to hamaare paas sarvis sektar bol diya par tekno seeaeedee vaala pheeld hai isamen indiya to kisee se peechhe nahin hai hamaare jo bhee devalapament se aaeeteeo sarvis sektar mein vah behatareen hai mainne phaikcharing mein ham bhale hee thoda peechhe rah jaate hain par in cheejon mein ham sabase achchha kar rahe hain ummeed karatee hoon aapako mera javaab pasand aaya hoga dhanyavaad

#धर्म और ज्योतिषी

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बसंत पंचमी जिसे सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है यह त्यौहार आप कैसे मनाते हैं?Basant Panchami Jise Saraswati Puja Ke Naam Se Bhi Jana Jata Hai Yah Tyohaar Aap Kese Manate Hai
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1:11
सजाया है बसंत पंचमी जैसे सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है यह त्यौहार आप कैसे मनाते हैं तो देखे बसंत पंचमी ऐसा समय है वह 2 दिन ऐसे समय पर आता है जब जो प्रकृति अपने सबसे खूबसूरत स्थिति में होती है मतलब सब तरफ फूल खिले होते हैं और बहुत अच्छा मौसम होता है ना ज्यादा सर्दी होती है ना गर्मी होती है और बसंत का मौसम होता है मतलब हर तरफ हरियाली फूल और पक्षी कुत्ते और इस तरीके की स्थिति रहती बहुत ही खूबसूरत समय होता है वह साल का और इसको सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है तो इस दिन में बहुत ही धूमधाम से हमारे हम मनाया जाता है और खासकर जो स्टूडेंट होते हैं उनके लिए काफी बड़ा दिन होता है जिन सरस्वती माता की पूजा की जाती है अपनी किताबों की अपनी कॉपी की पूजा की जाती है और उस दिन किताब कॉपी को हाथ नहीं लगाया जाता और हम धूमधाम से त्योहार को मनाया जाते स्टूडेंट्स के लिए काफी होता है कि खास त्यौहार होता है बसंत पंचमी उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद
Sajaaya hai basant panchamee jaise sarasvatee pooja ke naam se bhee jaana jaata hai yah tyauhaar aap kaise manaate hain to dekhe basant panchamee aisa samay hai vah 2 din aise samay par aata hai jab jo prakrti apane sabase khoobasoorat sthiti mein hotee hai matalab sab taraph phool khile hote hain aur bahut achchha mausam hota hai na jyaada sardee hotee hai na garmee hotee hai aur basant ka mausam hota hai matalab har taraph hariyaalee phool aur pakshee kutte aur is tareeke kee sthiti rahatee bahut hee khoobasoorat samay hota hai vah saal ka aur isako sarasvatee pooja ke naam se bhee jaana jaata hai to is din mein bahut hee dhoomadhaam se hamaare ham manaaya jaata hai aur khaasakar jo stoodent hote hain unake lie kaaphee bada din hota hai jin sarasvatee maata kee pooja kee jaatee hai apanee kitaabon kee apanee kopee kee pooja kee jaatee hai aur us din kitaab kopee ko haath nahin lagaaya jaata aur ham dhoomadhaam se tyohaar ko manaaya jaate stoodents ke lie kaaphee hota hai ki khaas tyauhaar hota hai basant panchamee ummeed karatee hoon aapako mera javaab pasand aaya hoga dhanyavaad

#रिश्ते और संबंध

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0:35
पूछा गया है वैलेंटाइन डे क्यों और कैसे मनाया जाता है वैलेंटाइन डे मनाने की इतिहास क्या है वैलेंटाइन डे मनाने के पीछे का इतिहास जो है कि हमारे पास अवेलेबल नहीं है सब लोग इस से रिलेटेड अलग-अलग कहानियां सुनाते हैं इनमें से कोई एक सबसे फेमस और जो सबसे ज्यादा प्रचलित कहानी कुछ ऐसी है कि कोई वैलेंटाइन नाम के साथ और लोगों को प्रेम का संदेश दिया करते थे और उन्हीं की याद में वैलेंटाइन डे जो है मनाया जाता है उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद
Poochha gaya hai vailentain de kyon aur kaise manaaya jaata hai vailentain de manaane kee itihaas kya hai vailentain de manaane ke peechhe ka itihaas jo hai ki hamaare paas avelebal nahin hai sab log is se rileted alag-alag kahaaniyaan sunaate hain inamen se koee ek sabase phemas aur jo sabase jyaada prachalit kahaanee kuchh aisee hai ki koee vailentain naam ke saath aur logon ko prem ka sandesh diya karate the aur unheen kee yaad mein vailentain de jo hai manaaya jaata hai ummeed karatee hoon aapako mera javaab pasand aaya hoga dhanyavaad

#रिश्ते और संबंध

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प्राचीन काल में जब कूलर एयर कंडीशनर नहीं थे तब लोग गर्मी से बचाव कैसे करते थे?Prachin Kaal Mein Jab Coolar Air Conditionar Nahi The Tab Log Garmi Se Bachav Kaise Karte The
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1:28
कुछ गया है प्राचीन काल में जब कूलर एयर कंडीशनर नहीं थे तब लोग गर्मी से बचाव कैसे करते थे तो देखे प्राचीन काल में जो घर बनाए जाते थे घर बनाने की व्यवस्था उसकी इंजीनियरिंग इतनी शानदार थी कि घर का टेंपरेचर लगभग 5 डिग्री सेंटीग्रेड बाहर के टेंपरेचर से कम होता था घरों का शेप घरों का डिजाइन कुछ इस तरीके से होता था कि बीच का हिस्सा उठा हुआ होता था लेकिन जो साइड वाला एरिया है जैसे घर साइड की तरफ बढ़ता जाता था बीच से और थोड़ा दबा दबा सा बना लेता तब बाहरी आउटर एरिया जो है बीच के पिक्चर काफी नीचे होता था तो बहुत ज्यादा गर्मी अगर के अंदर एंटर नहीं कर पाती थी उसके अलावा जो दिखा रहे थे वह मिट्टी के बने जाती थी और ऐसा कहा जाता है कि मिट्टी के दीवारें भी सांस लेती मिट्टी की मिट्टी की खासियत यह है कि वह सर्दी में गर्म गर्मी में ठंडी होती है यही कारण है कि अंदर का टेंपरेचर घर के जो है बार की अपेक्षा काफी कम रहता था और घर की डिजाइनिंग इतनी शानदार तेरी जाती फिर वेंटिलेशन इतना सही कहा जाता था कि गर्मी में टेंपरेचर 9 जून बहुत अच्छे सो जाता था और अगर उसके बावजूद भी अगर गर्मी ज्यादा लग रही है तो खिड़कियों पर मोटा कपड़ा जूतिया फिर भी मोटे कपड़े को गिला करके खिड़कियों पर सुखाया जाता है फिर उसे क्या पता कि गर्म हवा और जो है अंदर की तरफ ठंडी होकर आती थी उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद
Kuchh gaya hai praacheen kaal mein jab koolar eyar kandeeshanar nahin the tab log garmee se bachaav kaise karate the to dekhe praacheen kaal mein jo ghar banae jaate the ghar banaane kee vyavastha usakee injeeniyaring itanee shaanadaar thee ki ghar ka temparechar lagabhag 5 digree senteegred baahar ke temparechar se kam hota tha gharon ka shep gharon ka dijain kuchh is tareeke se hota tha ki beech ka hissa utha hua hota tha lekin jo said vaala eriya hai jaise ghar said kee taraph badhata jaata tha beech se aur thoda daba daba sa bana leta tab baaharee aautar eriya jo hai beech ke pikchar kaaphee neeche hota tha to bahut jyaada garmee agar ke andar entar nahin kar paatee thee usake alaava jo dikha rahe the vah mittee ke bane jaatee thee aur aisa kaha jaata hai ki mittee ke deevaaren bhee saans letee mittee kee mittee kee khaasiyat yah hai ki vah sardee mein garm garmee mein thandee hotee hai yahee kaaran hai ki andar ka temparechar ghar ke jo hai baar kee apeksha kaaphee kam rahata tha aur ghar kee dijaining itanee shaanadaar teree jaatee phir ventileshan itana sahee kaha jaata tha ki garmee mein temparechar 9 joon bahut achchhe so jaata tha aur agar usake baavajood bhee agar garmee jyaada lag rahee hai to khidakiyon par mota kapada jootiya phir bhee mote kapade ko gila karake khidakiyon par sukhaaya jaata hai phir use kya pata ki garm hava aur jo hai andar kee taraph thandee hokar aatee thee ummeed karatee hoon aapako mera javaab pasand aaya hoga dhanyavaad

#धर्म और ज्योतिषी

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क्या यह कहना सही है कि अब भारत में जॉइंट फैमेली की कोई जगह नहीं है?Kya Yehe Kehna Sahi Hai Ki Ab Bharat Mei Joint Family Ki Koi Jagae Nahi Hai
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2:01
हाल पूछा गया है क्या यह कहना सही है क्या भारत में संयुक्त परिवारों के कोई जगह नहीं है तो देखिए बात बिल्कुल गलत है भारत में ऐसी बहुत सारी जगह है और ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो अभी भी सहयोग परिवारों में रहना और संयुक्त परिवारों की महत्ता को समझते हैं देखिए जब आप किसी के साथ रहते हैं जब सेंट परिवार में रहते हैं तो मेरा यह मानना है कि थोड़े बहुत अच्छे सीमेंट आपको करने पड़ते लेकिन वह जो साहू लिए तो जो सुख और वह जो अपनेपन की भावना उसमें होती है वह कहीं और नहीं हो सकती जब मान लीजिए हस्बैंड वाइफ दोनों वर्किंग हैं तो बच्चों का ध्यान रखने के लिए सहित परिवारों में काफी लोग होते हैं जो बहुत लाड प्यार से बच्चों का ध्यान रखते हैं ना कि मीट की तरह की जो बस उसे एक जिम्मेदारी समझकर निभाती है और पहली बात तो बच्चों का वह बचपन वाला दौरी होता जब आप उसमें अच्छे संस्कार डाल सकते हैं और जो मैं खुद पैसे के लिए सारा काम कर रही है वह क्या यह बच्चे में संस्कार डाले कर लेकिन जब वही बच्चे का ध्यान उसकी दादी बुआ मौसी रखती हैं तो वह इस चीज का भी ध्यान रखती के बच्चे कुछ गलत ना सीखे और उनके हर चीज का ध्यान रखा जाता है वहां पर संयुक्त परिवारों की अगर हम बात कर रहे हैं तो तो इससे जो है एक अलग तरीके का जो आपको कंफर्ट है वह मिल जाता है अपने बच्चों को ले करके अपने आप को ले करके कभी कभी ऐसा होता जब आप एकल परिवार में आप भी मारे फिर भी आपको खाना बनाना पड़ रहा है या फिर आप को बाहर से ऑर्डर करना पड़ा मान लीजिए आपको बीमार है उसमें व्यापार का खाना खाएंगे तो आपकी सेहत का क्या हाल होगा लेकिन अगर आप संयुक्त परिवार में आप खाना नहीं बना पा रहे तो कोई ना कोई होगा जो आपके लिए प्रॉपर खाना लेकर आएगा घर का हेल्थी खाना आपको मिलेगा प्लीज आपको एकल परिवार में नहीं मिल पाएगी उम्मीद करती हूं कि इन सब चीजों से आप समझ गए होंगे कि बाद में आज भी लोग हैं जो इस चीज को मानते कि संयुक्त परिवार बेहतर होते हैं उम्मीद करती हूं आपको मेरे जवाब का मैं उनका धन्यवाद
Haal poochha gaya hai kya yah kahana sahee hai kya bhaarat mein sanyukt parivaaron ke koee jagah nahin hai to dekhie baat bilkul galat hai bhaarat mein aisee bahut saaree jagah hai aur aise bahut saare log hain jo abhee bhee sahayog parivaaron mein rahana aur sanyukt parivaaron kee mahatta ko samajhate hain dekhie jab aap kisee ke saath rahate hain jab sent parivaar mein rahate hain to mera yah maanana hai ki thode bahut achchhe seement aapako karane padate lekin vah jo saahoo lie to jo sukh aur vah jo apanepan kee bhaavana usamen hotee hai vah kaheen aur nahin ho sakatee jab maan leejie hasbaind vaiph donon varking hain to bachchon ka dhyaan rakhane ke lie sahit parivaaron mein kaaphee log hote hain jo bahut laad pyaar se bachchon ka dhyaan rakhate hain na ki meet kee tarah kee jo bas use ek jimmedaaree samajhakar nibhaatee hai aur pahalee baat to bachchon ka vah bachapan vaala dauree hota jab aap usamen achchhe sanskaar daal sakate hain aur jo main khud paise ke lie saara kaam kar rahee hai vah kya yah bachche mein sanskaar daale kar lekin jab vahee bachche ka dhyaan usakee daadee bua mausee rakhatee hain to vah is cheej ka bhee dhyaan rakhatee ke bachche kuchh galat na seekhe aur unake har cheej ka dhyaan rakha jaata hai vahaan par sanyukt parivaaron kee agar ham baat kar rahe hain to to isase jo hai ek alag tareeke ka jo aapako kamphart hai vah mil jaata hai apane bachchon ko le karake apane aap ko le karake kabhee kabhee aisa hota jab aap ekal parivaar mein aap bhee maare phir bhee aapako khaana banaana pad raha hai ya phir aap ko baahar se ordar karana pada maan leejie aapako beemaar hai usamen vyaapaar ka khaana khaenge to aapakee sehat ka kya haal hoga lekin agar aap sanyukt parivaar mein aap khaana nahin bana pa rahe to koee na koee hoga jo aapake lie propar khaana lekar aaega ghar ka helthee khaana aapako milega pleej aapako ekal parivaar mein nahin mil paegee ummeed karatee hoon ki in sab cheejon se aap samajh gae honge ki baad mein aaj bhee log hain jo is cheej ko maanate ki sanyukt parivaar behatar hote hain ummeed karatee hoon aapako mere javaab ka main unaka dhanyavaad

#धर्म और ज्योतिषी

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गर्मियों में धूप से बचने के लिए हमें किस तरह के वस्त्र पहनना चाहिए?Garmiyon Mein Dhoop Se Bachne Ke Liye Humein Kis Tarah Ke Vastr Pehanna Chahiye
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Unknown
0:50
छा गया गंगा में धूप से बचने के लिए हमें किस तरह के वस्त्र पहनना चाहिए तो दे क्या कर आप गर्मियों में धूप से बचने के लिए वस्त्र के बारे में जानना चाहते हैं तो ज्यादातर आपको लाइक कर ले के वस्त्र पहनना चाहिए और हो सके तो सफेद पहनी क्योंकि यह कपड़े वह है जो लाइट रेज आप के कपड़ो पर पड़े हैं उनमें से ज्यादातर को परावर्तित कर देंगे आप परावर्तित कर देंगे उस कपड़े में गर्मी नहीं बढ़ेगा कपड़े के दशक की बॉडी में गर्मी नहीं बढ़ेगी तो थोड़ा गर्मी है क्या सर आप पर काम आएगा इसके अलावा प्रेफर कीजिए के कॉटन के कपड़े पहने क्योंकि गर्मी में पसीना आता है और पसीना और नमी सपने में कॉटन से बेहतरीन कुछ नहीं आती आपके शरीर को सुखाकर के खुद को नमी को ब्लॉक कर लेता है तो इससे राजस्व कराने की समस्याओं से निजात पा सकते हैं उम्मीद करती आपको मैंने जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद
Chha gaya ganga mein dhoop se bachane ke lie hamen kis tarah ke vastr pahanana chaahie to de kya kar aap garmiyon mein dhoop se bachane ke lie vastr ke baare mein jaanana chaahate hain to jyaadaatar aapako laik kar le ke vastr pahanana chaahie aur ho sake to saphed pahanee kyonki yah kapade vah hai jo lait rej aap ke kapado par pade hain unamen se jyaadaatar ko paraavartit kar denge aap paraavartit kar denge us kapade mein garmee nahin badhega kapade ke dashak kee bodee mein garmee nahin badhegee to thoda garmee hai kya sar aap par kaam aaega isake alaava prephar keejie ke kotan ke kapade pahane kyonki garmee mein paseena aata hai aur paseena aur namee sapane mein kotan se behatareen kuchh nahin aatee aapake shareer ko sukhaakar ke khud ko namee ko blok kar leta hai to isase raajasv karaane kee samasyaon se nijaat pa sakate hain ummeed karatee aapako mainne javaab pasand aaya hoga dhanyavaad

#पढ़ाई लिखाई

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क्लाइंट से मिलने से पहले होमवर्क कितना महत्वपूर्ण है?Client Se Milne Se Pehle Homework Kitna Mehtvpurn Hai
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Unknown
1:04
पूछा गया है क्लाइंट से मिलने से पहले होमवर्क इतना मत हो तूने तो देखिए जब आप किसी क्लाइंट से किसी चीज के सिलसिले में मिल रहे हैं तो आपको उस चीज के बारे में पूरी तरीके से नॉलेज होनी चाहिए आपको इतना प्रिपेयर होना चाहिए कि फ्लाइंग किस तरह के सवाल पूछ सकते हैं और आपको उसका क्या जवाब देना अगर आपने होमवर्क नहीं किया था क्लाइंट के सामने हड़बड़ा जाएंगे और कई बार हड़बड़ाहट में हमारे इंप्रेशन जब्त खराब पढ़ते हम गलत बोलते थे या फिर हमारे डाटा सही नहीं होती हमारे फैक्ट सही में होते बच्चे पर गलत असर पड़ता है क्योंकि फिर आते इंप्रेशन ऐसा पता क्या गैर जिम्मेदार है लापरवाह तो आपके साथ आगे फरदर कोई बिजनेस करने में या किसी चीज में इंटरेस्ट नहीं होगे तो होमवर्क इस दिमाग अगर आपकी सीट लाइन से मिल रहे हैं तो आपको पहले प्रॉपर अपनी चीज के बारे में और उस लाइन के से होने वाले सवाल जवाब के बारे में थोड़ा सा अपना प्रिकॉशन निजी तौर पर होमवर्क करना बहुत जरूरी है मित्र क्यों आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद
Poochha gaya hai klaint se milane se pahale homavark itana mat ho toone to dekhie jab aap kisee klaint se kisee cheej ke silasile mein mil rahe hain to aapako us cheej ke baare mein pooree tareeke se nolej honee chaahie aapako itana pripeyar hona chaahie ki phlaing kis tarah ke savaal poochh sakate hain aur aapako usaka kya javaab dena agar aapane homavark nahin kiya tha klaint ke saamane hadabada jaenge aur kaee baar hadabadaahat mein hamaare impreshan jabt kharaab padhate ham galat bolate the ya phir hamaare daata sahee nahin hotee hamaare phaikt sahee mein hote bachche par galat asar padata hai kyonki phir aate impreshan aisa pata kya gair jimmedaar hai laaparavaah to aapake saath aage pharadar koee bijanes karane mein ya kisee cheej mein intarest nahin hoge to homavark is dimaag agar aapakee seet lain se mil rahe hain to aapako pahale propar apanee cheej ke baare mein aur us lain ke se hone vaale savaal javaab ke baare mein thoda sa apana prikoshan nijee taur par homavark karana bahut jarooree hai mitr kyon aapako mera javaab pasand aaya hoga dhanyavaad

#रिश्ते और संबंध

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Unknown
1:29
पूछा गया है लड़की बदसूरत होने की वजह से अगर हीन भावना से ग्रसित है तो आप उसको कैसे तनाव मुक्त करेंगे तो देखिए सर कोई लड़की बदसूरत है वैसे तो दुनिया में कोई भी लड़की या कोई भी इंसान बदसूरत नहीं होता हर कोई खूबसूरत होता है बस आप में वह नजरिया चाहिए लेकिन अगर लोग उसे टॉर्चर कर रहे हैं उसके अच्छे नहीं दिखने को लेकर कमेंट कर रहे इसके कारणों से इंसान में हीन भावना जाती है और अगर आपके आसपास कोई ऐसी लड़की है और आप उसको ऐसा हीन भावना से निकालना चाहते हैं तो सबसे बेहतर तरीका यह है कि वह जिस चीज में अच्छी है अब जैसी है उसको वैसे ही एक्सेप्ट करिए आप उसको ऐसा फील मत कराइए कि हां वह सच में खूबसूरत नहीं है और आप उस पर दया भावना दिखा रे बिल्कुल भी नहीं ऐसा करेंगे तो वो और ज्यादा अपने आप को कमजोर महसूस करेगी जिस चीज में बेहतर करती है उसको लेकर क्यों से अप्रिशिएट करिए और इन सब चीजों को लेकर के उस से मतलब बताइए मत कि आप को उस पर दया आती है आप उससे इसलिए दोस्ती कर रहे हैं कि बाकी सब लोग उसको हीन भावना से देखते बिल्कुल नहीं आप उसकी अच्छाइयों को ज्यादा मतलब ऐसा इस करके उसकी तारीफ करिए तो आ धीरे-धीरे देखे वह इन चीजों को इग्नोर करना शुरु कर देगी और अपने अपने काम में अपनी एक चीज जो मैं बेहतर करना शुरू कर देगी उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद
Poochha gaya hai ladakee badasoorat hone kee vajah se agar heen bhaavana se grasit hai to aap usako kaise tanaav mukt karenge to dekhie sar koee ladakee badasoorat hai vaise to duniya mein koee bhee ladakee ya koee bhee insaan badasoorat nahin hota har koee khoobasoorat hota hai bas aap mein vah najariya chaahie lekin agar log use torchar kar rahe hain usake achchhe nahin dikhane ko lekar kament kar rahe isake kaaranon se insaan mein heen bhaavana jaatee hai aur agar aapake aasapaas koee aisee ladakee hai aur aap usako aisa heen bhaavana se nikaalana chaahate hain to sabase behatar tareeka yah hai ki vah jis cheej mein achchhee hai ab jaisee hai usako vaise hee eksept karie aap usako aisa pheel mat karaie ki haan vah sach mein khoobasoorat nahin hai aur aap us par daya bhaavana dikha re bilkul bhee nahin aisa karenge to vo aur jyaada apane aap ko kamajor mahasoos karegee jis cheej mein behatar karatee hai usako lekar kyon se aprishiet karie aur in sab cheejon ko lekar ke us se matalab bataie mat ki aap ko us par daya aatee hai aap usase isalie dostee kar rahe hain ki baakee sab log usako heen bhaavana se dekhate bilkul nahin aap usakee achchhaiyon ko jyaada matalab aisa is karake usakee taareeph karie to aa dheere-dheere dekhe vah in cheejon ko ignor karana shuru kar degee aur apane apane kaam mein apanee ek cheej jo main behatar karana shuroo kar degee ummeed karatee hoon aapako mera javaab pasand aaya hoga dhanyavaad

#जीवन शैली

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Unknown
1:32
पूछा गया है सबसे ज्यादा गालियां महिलाओं को लेकर क्यों दी जाती इस मानसिकता को कैसे बदला जा सकता है तो देखिए गालियां वह लोग देते हैं जिनमें सभ्यता का गुण नहीं होता जो यह नहीं समझ सकते कि क्या सही है क्या नहीं है लेकिन आज का समय ऐसा हो गया जो पढ़े लिखे लोग हैं वह भी गालियां देने लगे गालियां देना आज कल ट्रेन में है लोग इसको कूल समझते अगर आप इलेवंथ ट्वेल्थ क्लास में चलिए छोड़िए लेवल बहुत बड़ी बात है समय का कोई लड़का है और वह गाली नहीं देता तो उसको उसके दोस्त उसका मजाक उड़ाते हैं लोग उसको पता नहीं क्या क्या कहते मतलब गाली देने से आपका जो है आपका लेवल पता चलता है कि लोगों को यह लगता है कि अगर आप गाली दे पाते तो आप बहुत खूब जो मानसिकता आजकल जो बच्चों में आ गई है आजकल के जोक्स कॉलेज गोइंग स्टूडेंट्स में आती है इस को बदलने की जरूरत है और मां को ले करके गाली या फिर इस तरीके की महिलाओं को लेकर की कोई गाली देना यह हमारी संकीर्ण सोच को दर्शाता है कि हम कितने गए गुजरे हैं हम कितनी संकीर्ण सोच रखते हैं कि जिसको हमको देवी का स्थान दिया गया हमारे धर्मों में हवाई ग्रंथों में उसको लेकर के हम गालियां बनाते तो असल में जो है कि यह जो गिरी हुई मानसिकता है लोगों की उसके कारण ऐसी स्थिति बनती है और इस को बदलने की बहुत अधिक जरूरत है उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद
Poochha gaya hai sabase jyaada gaaliyaan mahilaon ko lekar kyon dee jaatee is maanasikata ko kaise badala ja sakata hai to dekhie gaaliyaan vah log dete hain jinamen sabhyata ka gun nahin hota jo yah nahin samajh sakate ki kya sahee hai kya nahin hai lekin aaj ka samay aisa ho gaya jo padhe likhe log hain vah bhee gaaliyaan dene lage gaaliyaan dena aaj kal tren mein hai log isako kool samajhate agar aap ilevanth tvelth klaas mein chalie chhodie leval bahut badee baat hai samay ka koee ladaka hai aur vah gaalee nahin deta to usako usake dost usaka majaak udaate hain log usako pata nahin kya kya kahate matalab gaalee dene se aapaka jo hai aapaka leval pata chalata hai ki logon ko yah lagata hai ki agar aap gaalee de paate to aap bahut khoob jo maanasikata aajakal jo bachchon mein aa gaee hai aajakal ke joks kolej going stoodents mein aatee hai is ko badalane kee jaroorat hai aur maan ko le karake gaalee ya phir is tareeke kee mahilaon ko lekar kee koee gaalee dena yah hamaaree sankeern soch ko darshaata hai ki ham kitane gae gujare hain ham kitanee sankeern soch rakhate hain ki jisako hamako devee ka sthaan diya gaya hamaare dharmon mein havaee granthon mein usako lekar ke ham gaaliyaan banaate to asal mein jo hai ki yah jo giree huee maanasikata hai logon kee usake kaaran aisee sthiti banatee hai aur is ko badalane kee bahut adhik jaroorat hai ummeed karatee hoon aapako mera javaab pasand aaya hoga dhanyavaad

#जीवन शैली

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क्या अपने आवश्यकताएं कम कर देने से मन की शांति मिलना संभव है?Kya Apne Aavshyakataye Kam Kar Dene Se Man Ki Shaanti Milna Sambhav Hai
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Unknown
0:40
पूछा गया है क्या अपनी आवश्यकताएं कम कर देने से मन की शांति मिलना संभव है कि यह बात बिल्कुल सच है जब आप की आवश्यकता है कम होंगी आपकी इच्छा है कम होगी तब अपने आप को संतुष्ट महसूस करेंगे और अगर आपकी इच्छा है आवश्यकताएं ज्यादा होंगी तो आपको कौन को पाने के लिए मेहनत करनी पड़ेगी अगर आपको सब पाने में सक्षम है तो ठीक है लेकिन अगर आप उसको पाने में सक्षम नहीं है तो आपको दुख की अनुभूति होगी इसलिए अपनी इच्छाएं कम से कम रखी है अपनी जरूरत है कम से कम रखे आप ज्यादा सुख और शांति से दीपा की उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद
Poochha gaya hai kya apanee aavashyakataen kam kar dene se man kee shaanti milana sambhav hai ki yah baat bilkul sach hai jab aap kee aavashyakata hai kam hongee aapakee ichchha hai kam hogee tab apane aap ko santusht mahasoos karenge aur agar aapakee ichchha hai aavashyakataen jyaada hongee to aapako kaun ko paane ke lie mehanat karanee padegee agar aapako sab paane mein saksham hai to theek hai lekin agar aap usako paane mein saksham nahin hai to aapako dukh kee anubhooti hogee isalie apanee ichchhaen kam se kam rakhee hai apanee jaroorat hai kam se kam rakhe aap jyaada sukh aur shaanti se deepa kee ummeed karatee hoon aapako mera javaab pasand aaya hoga dhanyavaad

#जीवन शैली

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Unknown
2:13
कुछ आ गया है क्या आपको यह सच लगता है कि आज की युवा अपने माता-पिता की राय अपने जीवन से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय में नहीं शामिल करना चाहते तो देखिए सब बिल्कुल नहीं है बस एक चीज में आपको बता देना चाहती हूं जनरेशन गैप चौक बहुत ही फ्रिक्वेंटली बढ़ता जा रहा है मतलब हर 2 साल में चीजों में बहुत ज्यादा चेंज होते जा रहे हैं और इसका कारण इस कारण की वजह से जो है बच्चों को यह लगने लगा है कि उनके माता-पिता पुरानी पेंशन की उनके माता-पिता उनकी भावनाओं को समझ नहीं पाएंगे ऐसा कई फैमिली है तुम्हें होता है और यही कारण है कि बच्चे अपने माता-पिता को इंवॉल्व नहीं करना चाहते पर कई ऐसी फैमिली भी है जहां माता-पिता बच्चों को उनके समय के हिसाब से और जो है जिसे करने की आजादी रहते हैं पढ़ने की आजादी देते हैं सोचने की आजादी देते उन परिवारों में से समस्याएं पीके जैसे-जैसे जनरेशन आगे बढ़ेगी चीज से बदलेंगे और चीजों पर रेट करने का तरीका भी बदलेगा जब हम पढ़ते थे हम बुक से पढ़ते थे लेकिन आज की जनरेशन में मतलब मुझे पढ़ाई की हुई कुछ बात छे साल हुए हैं जब मैंने मतलब पर अल्फाज किया है तो इन 5 सालों में मैंने बहुत कुछ जानते थे कि यह लोगों के जीवन में ना पहले हम उनको से पढ़ते थे ढूंढ उनके बहुत मेहनत करके पढ़ते थे आजकल बच्चे फोन से यूट्यूब से वीडियो देखकर पढ़ लेते बहुत सारी चिंता इस बात से सालों में ही आ गया तो जो हमारे माता-पिता की जनरेशन थी तब से अब तक और अधिक देंगे साल के माता-पिता को थोड़ा बच्चों को समझ कर चलना चाहिए तो बच्चे अपने आप आपको अपनी जिंदगी की चीजों में शामिल करेंगे और एक तोता समझाने का तरीका क्या आप अपने बच्चों को चीजों को किस तरह से प्ले निकलते हैं लेकिन आज की युवा पीढ़ी को या आज के 10 साल पहले की युवा पीढ़ी उनको अपनी पुरानी पीढ़ी गलत नहीं लगती है तो बस थोड़ा उनसे फ्रेंडली नहीं सर से बात करने की कोशिश कीजिए वह जरूर आपकी बात समझेंगे और आपकी उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब दूंगा धन्यवाद
Kuchh aa gaya hai kya aapako yah sach lagata hai ki aaj kee yuva apane maata-pita kee raay apane jeevan se sambandhit mahatvapoorn nirnay mein nahin shaamil karana chaahate to dekhie sab bilkul nahin hai bas ek cheej mein aapako bata dena chaahatee hoon janareshan gaip chauk bahut hee phrikventalee badhata ja raha hai matalab har 2 saal mein cheejon mein bahut jyaada chenj hote ja rahe hain aur isaka kaaran is kaaran kee vajah se jo hai bachchon ko yah lagane laga hai ki unake maata-pita puraanee penshan kee unake maata-pita unakee bhaavanaon ko samajh nahin paenge aisa kaee phaimilee hai tumhen hota hai aur yahee kaaran hai ki bachche apane maata-pita ko involv nahin karana chaahate par kaee aisee phaimilee bhee hai jahaan maata-pita bachchon ko unake samay ke hisaab se aur jo hai jise karane kee aajaadee rahate hain padhane kee aajaadee dete hain sochane kee aajaadee dete un parivaaron mein se samasyaen peeke jaise-jaise janareshan aage badhegee cheej se badalenge aur cheejon par ret karane ka tareeka bhee badalega jab ham padhate the ham buk se padhate the lekin aaj kee janareshan mein matalab mujhe padhaee kee huee kuchh baat chhe saal hue hain jab mainne matalab par alphaaj kiya hai to in 5 saalon mein mainne bahut kuchh jaanate the ki yah logon ke jeevan mein na pahale ham unako se padhate the dhoondh unake bahut mehanat karake padhate the aajakal bachche phon se yootyoob se veediyo dekhakar padh lete bahut saaree chinta is baat se saalon mein hee aa gaya to jo hamaare maata-pita kee janareshan thee tab se ab tak aur adhik denge saal ke maata-pita ko thoda bachchon ko samajh kar chalana chaahie to bachche apane aap aapako apanee jindagee kee cheejon mein shaamil karenge aur ek tota samajhaane ka tareeka kya aap apane bachchon ko cheejon ko kis tarah se ple nikalate hain lekin aaj kee yuva peedhee ko ya aaj ke 10 saal pahale kee yuva peedhee unako apanee puraanee peedhee galat nahin lagatee hai to bas thoda unase phrendalee nahin sar se baat karane kee koshish keejie vah jaroor aapakee baat samajhenge aur aapakee ummeed karatee hoon aapako mera javaab doonga dhanyavaad
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