#रिश्ते और संबंध

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क्या चेहरा देख कर प्यार करना सही है?Kya Chehra Dekh Kar Pyaar Karna Sahi Hai
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1:40
उसने क्या चेहरा देख कर प्यार करना सही है आज के समय में देखा जाए तो लोग चेहरा देखकर ही प्यार करते हैं भी सकूं चेहरा कैसा भी हो इमली फर्क नहीं पड़ता है उचेहरा कहां से हो उसी क्या क्वालिटी है क्या खोया कुछ भी नहीं बस उन्हें चेहरा अगर पसंद आ गया तो प्यार करना शुरु कर देते उस प्यार में इतना समय देते हैं कि अपनी जिंदगी को भूल जाते हैं और यही कारण है कि प्यार अंधा होता है अब सोचिए कि आप चेहरा देखकर कैसे प्यार करते हैं और उसके एवज में अगर आपके पास खूबसूरत चेहरा जाए या कुछ अच्छे चेहरे आ जाए जिनकी जिनकी क्वालिटी अंदर से है जो आपको हमेशा संजोकर रखने वाले हैं लेकिन आप उनकी ना सुनते हुए आप क्या करते हैं जिसे पसंद आ गया वही काम करते मतलब कोई भी सामने वाला घर पसंद आ गया वह कैसा भी है बस आपके अंदर एक बार बस गया तो बस गया उसकी बुराइयां आप सुनना पसंद नहीं करते हैं अक्सर देखा जाता यही कारण है कि लोग कहीं न कहीं गलत डायरेक्शन में जाते हैं और जो प्यार करना चाहिए लेकिन प्यार पीछे प्यार बहुत सोच समझकर करनी चाहिए हर एक डायरेक्शन पर अपने आप को आंख कर अपने आपको कॉल की ही प्यार करना चाहिए क्योंकि ऐसा जो प्यार होता है ना कुछ पल के लिए होता है साड़ी खोज क्योंकि जब तक आप उनकी सुंदरता उनके हाव-भाव देखते रहेंगे तभी आपके प्यार में बहुत ज्यादा गहराई रहेगी जैसी वह धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा वह आपका प्यार धीरे-धीरे दम छोड़ता हो जाएगा मतलब पूरी तरह से विखंडन हो जाएगा तो ऐसा प्यार बहुत कम समय तक चलता है धन्यवाद

#खेल कूद

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हुक का नियम लिखिए?Hook Ka Niyam Likhiye
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1:15
क्यों का नियम लिखिए तू दिखे फ्रंट क्या होता है कि जो भूखे थे ब्रिटिश भौतिक शास्त्री रॉबर्ट हुक ने क्या हुआ था कि 1676 ईस्वी में युवकों ने किसी एक व्यक्ति को किसी वर्ग द्वारा विकृत करने की करने के बारे में एक सामान्य बात कही थी क्या सामान्य बातें थी वह सामान्य बात हुई थी कि किसी वस्तु की लंबाई में परिवर्तन उस पर आरोपित बल के समानुपाती होता है और समानुपाती होता है एकदम सटीक बैठता है स्प्रिंग स्प्रिंग क्या होती है कि जब हम एक स्प्रिंग को नार्मल लगा देते हैं उसी में जब खींचते हैं किसी बल के एक सवाल के काला जामुन खींचते हैं तो उसमें प्रत्यास्थ होते कुछ इसमें क्या होती है कि परिवर्तन होता है वही परिवर्तन क्या होता है कि जब हम दूर दूर से लगा कर सकते हैं तू प्रत्याशा दर से बढ़ जाती है इसी नियम को उन्होंने कहा कि इस स्ट्रेस स्ट्रेस और स्टैंड के समानुपाती होता है प्रतिबल और विकृति के समानुपाती होता है इसीलिए इस नियम को

#टेक्नोलॉजी

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विद्युत परिपथ में लगे एमसीबी कैसे काम करते हैं?Vidyut Paripath Mein Lage Emaseebee Kaise Kaam Karate Hain
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1:14
स्नेह की विद्युत परिपथ में लगे एमसीबी कैसे काम करता है तू दिखे फ्रेंडशिप एमसीबी जो होता है मिनिएचर सर्किट ब्रेकर होता है और इसका काम तेज होता है कोई भी ऑटोमेट प्लीज स्विच ऑफ करने वाला सर्किट एक होता एक प्रकार की अगर देखा जाए तो बस स्विच ऑफ कर दे वाली ऑटोमेटेकली होता है जोकि के कवि के साथ ओवरलोड करंट हो जाए शॉर्ट सर्किट हो जाए कभी अचानक फाल्ट हो जाए तो क्या होता है अपने आप को सीधे-सीधे ऑफ कर देता है तो मिली और आपकी सिस्टम को आपके पूरे घर में जो सिस्टम है आपकी कंपनी में सिस्टम उसको क्या करता है सिर्फ बचा देता है विश्व की सबसे बड़ी बात होती है कि एक बार ठीक होने के बाद फिर इसे आप फोन कर सकते हैं और कोई भी परेशानी नहीं होती है उसके अलावा क्या होता है क्यों फ्यूज जो हम अगर मल्टी यूज करते हैं तो उसे कंपैरिजन में देखा जाता है इसका यूज बहुत ज्यादा होता है क्योंकि एक बार यूज खराब हो जाने के बाद जल जाने के बाद हम एक नया फ्यूज यूज करना पड़ता है और एमसीबी क्या एक बार फ्री होने के बाद हम दोबारा इसे या कर सकते हैं चला सकते हैं और इसके इस को काम में ले सकते हैं

#भारत की राजनीति

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अगर हाई वोल्टेज बिजली की तारों पर आसमानी बिजली गिर जाए तो क्या होगा?Agar Haee Voltej Bijalee Kee Taaron Par Aasamaanee Bijalee Gir Jae To Kya Hoga
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1:06
अगर हाई वोल्टेज बिजली के तारों पर आसमानी बिजली गिर जाए तो क्या होगा कुछ विचित्र कुछ भी नहीं होगा क्योंकि उसमें प्रोटेक्शन दिया जाता है उस असामान्य जो हाई वोल्टेज की बिजली के तार होते हैं उस जखम में लगे होते हैं उसमें क्या होता है और थी उसे ग्राउंडिंग की जाती है एक ग्राउंडिंग इतनी ज्यादा मजबूत होती है कि आसमानी बिजली की कई हजार वोल्टेज भी अगर आ जाए तो इसे कुछ भी खास नहीं पता है और सीधे सीधे क्या होता है किलो रजिस्टेंस उसमें प्रोडक्शन नहीं होता है किलो रजिस्टेंस का ऐसा इंडिकेटर लगा दीजिए सारी बिजली क्या करती है वहां पर नगर की स्थिति इसकी डायरेक्शन में आकर जैसे गिरती है वहां से होते हुए एक पाठ बनता है और सीधे सीधे जाकर क्या होती है ग्राउंड हो जाती है इस वजह से क्या होता है कि उस पूरी तरह से सुरक्षित रहता है और किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती है और इससे यह भी होता है बस आपकी जो भी बिजली गिरती है उस तार पर एक्टिव लोगों के वह दूसरे फोन में एक्टिव हो जाती है जिससे कि हाई वोल्टेज और वोल्टेज नहीं बढ़ पाता है

#भारत की राजनीति

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मस्तिष्क पर चंदन क्यू लगाते है?Mastishk Par Chandan Kyoo Lagaate Hai
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2:26
प्रश्न है कि मस्तिष्क पर चंदन क्यों लगाते हैं तो दिखे फ्रेंड इसके पीछे कई राज है लोग अपने पूर्वजों की बात मानकर ही लगाते हैं कि वह हमारी परंपरा चली आ रही है इस वजह से लगाते हैं लेकिन जिसको घर नालेज होता है क्योंकि यह हमारे जो मस्ती के बीच का जो केंद्र होते जहां पर लगाते हैं वह हमारा एक केंद्र माना जाता हमारे मस्ती का केंद्र माना जाता है किंतु लगाने केंद्र पर लगाने के पीछे एक कारण है किस में सहायक छोटे ऊर्जा केंद्र होते हैं शरीर में जो हमारे साथ ऊर्जा केंद्र होते हैं यही सब की गुजरते हैं यही कारण है कि हमें क्या करता है एनर्जी वाहन करता है हमें एक एक्टिव अपना दिखाता है और यह बोलता है कि आप डायरेक्शन जाओ दर्शन में गलत रास्ता है आप बर्बादी के अलावा कुछ नहीं हुआ लेकिन इस डायरेक्शन में जाओगे तो आपकी उन्नति होगी आप का विकास होगा तो इसे क्यों होता है कारण से लोग क्या कर रहे हैं की मस्ती के बीच में लेते क्यों नहीं हम साइड में लगा देते भाई एडमिन नहीं लगाते लेकिन मस्तिक नहीं हम लगाते हैं इसका विशेष कारण यह होता है दूसरा कारण होता है की मस्ती के बीच का जो होता है इस बीच का आज्ञा चक्र होता है आज्ञा चक्र होने की वजह से कभी कभी आपने देखा है कि हम इस पर क्या करते अपनी अंगुली अंगुली को कैसे करते हैं तो हमारा जो बीच वाला हिस्सा होता है ना अजीब अजीब सी में शामिल ना होने लगती है अजीब सी समीना हुई लगती है तो आप को समझना चाहिए कि क्यों हो रही है क्योंकि यहां पर कर रहे तो नहीं हो रही क्यों नहीं हो रही है जब कभी भी आप खड़े रहे हैं बैठे रहे तो आपके ऊपर कोई उंगली करके इसे जहां पर लगाते हैं उसके पीछे आपके अंदर ही चीज अजीब सी फीलिंग होने लगता है और इसी फीलिंग को हम जिसे जो चक्र होता है उसी को ग्रुप चक्र भी कहते हैं गुरु चक्र क्या होता है कि हम की जो बातें हैं हम आपकी जो डायरेक्शन है एक गुरु के द्वारा दिखाया जाता है हमें अच्छे रास्ते पर लाया जाता है हमें हमेशा ही हमेशा ही क्या होता है कि अपने भविष्य के बारे में गुरुद्वारा सीखा जाता है चाहे मां मां बाप है वह भी हमारी तरफ से गुरु के रूप में है और हमें कहीं ना कहीं हमें अच्छे डायरेक्शन में ले जाने की कोशिश करने की सबसे बड़ा कारण है यही कारण होता है कि यहां पर हम बीच में ही चंदन लगाते हैं

#टेक्नोलॉजी

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मुझे सबसे ज्यादा आलस आता है मैं क्या करूं कोई उपाय बताइए?Muje Sabse Jyada Aalas Aata Hai Me Kya Karu Koi Upay Bataye
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2:18
नहीं कि मुझे सबसे ज्यादा आलस आता है मैं क्या करूं कोई उपाय बताइए लेकिन आलस कब आता है जब हम किसी चीज को इग्नोर करना शुरु कर देते हैं और नहीं यार अभी नहीं थोड़ा बाद में करेंगे अभी नहीं कल करेंगे परसों नर्सों करेंगे धीरे-धीरे हमारी आदत हो जाती है उसके साथ साथ हमें ऐसी हालत हो जाती हम क्या करते हैं कि सोने लगते हैं थोड़ा सा 10 मिनट हो रहे थे हम 2 घंटे 3 घंटे सो जाते हैं फिर रात में पूरी रात सोते हैं यह धीरे-धीरे हमारी दिनचर्या बन जाती हमारी आदत सी प्रजाति और कहीं ना कहीं हमारे लिए घातक साबित होती है और हमारी आगे बढ़ने में रुकावट पैदा करती है किसी और में देखा जाए तो जो आलस भरा जीवन होता है इसमें कुछ अपने आप को भी अपना विकास नहीं कर पाते और क्या बताएं जैसे पढ़ाई करते हो वैसे हम कहते हैं कि आज कर लेते हैं यार थोड़ा सा पड़ेंगे नहीं पड़ेंगे तो ऐसा होता है चलो कल पड़ेगा कल नहीं तो किसी ने देखा नहीं है इसीलिए दोहा बड़ा ही चर्चित है कि काल करे सो आज कर आज करे सो अब पल में प्रलय होएगी बहुरि करेगा कब का मतलब यही है कि हमें जो आज करने की बात करें आज कर लेंगे यार अभी करें किसी तरह टाइम निकालें और अभी उसको उसका निवारण करें तभी हमारे मन में तू तो हमारे दिमाग में एक योद्धा हमारे शरीर में एकता बनी रहेगी आज हर एक इंसान में आता है लेकिन उसको उसका निवारण यही होता है कि हम एक्टिव बना दिखाएं हम उसे जबरदस्ती करने की कोशिश करें 10 दिनों को जबरदस्ती करेंगे तो कहीं ना कहीं हमारी आदत बन जाएगी हम क्या करेंगे इस चीज को पहले नहीं उठाएंगे जो हमारी बहुत जरूरी चीजें होती हैं हम उसे छोड़ेंगे नहीं यही होता है कि हमें किसी भी चीज करने के लिए हमें एक अच्छा भरा जीवन बीते की बिताने के लिए हमें सबसे पहले अपने कार्य को करना चाहिए हमें और कामों को छोड़ देना चाहिए उसकी भाभी और अलग कामों को निपटारा करना चाहिए उसके साथ आप हमें व्यायाम म्यूटेशन इस जरूर करना चाहिए क्योंकि एबी क्या होता है कि आपके शरीर को एक्टिव साजा बनाते हैं इसे कि हमें लड़ने में कोई भी कठिनाई ना हो पाए

#भारत की राजनीति

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1:26
प्रश्न है कि भारत के लोग अपनी सरकार स्वयं बनाते हैं यह कार्य वह किस प्रकार करते हैं और किस प्रकार उस सरकार पर नियंत्रण रख सकते हैं या कर रखते हैं तो देखिए हमारा जो भारत है वह अखंडता का है इसमें प्रभु तो भारत को हम क्या करते हैं कि एक लोकतांत्रिक देश मानते हैं और इन लोगों का देश है तो क्या होता है लोगों के द्वारा चुना हुआ जो भी प्रत्याशी होता है उठा इंसान अपनी श्रद्धा संभालता है उतनी अगर गलत करने की कोशिश करता है तो कहीं न कहीं जनता उसे याद दिलाती है कि अगर आप गलत करोगे तो आपके ऊपर भी कुछ हमारी हमारे कानून है और आप कौन गिराने के लिए सक्षम तैयार हैं तो उन क्या होते हैं कि जनता के डर के कारण को क्या करते हैं कि गलत नहीं करते हैं और अच्छे काम करने की कोशिश करते फिर भी कुछ जानता है उनका विरोध करते हैं लेकिन अगर पूर्ण बहुमत में अगर रहे तो उसको ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है फिर भी क्या होती है कि जब सरकार बहुत ही ज्यादा करने लगती है तो कहीं न कहीं यह आंदोलन में बड़े-बड़े जो आंदोलन होने लगते हैं तो उससे भी सरकार की जो बागडोर होती है वह डगमगा जाती है तो यही कारण होता है सरकार को नियंत्रण करने का

#भारत की राजनीति

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एंटीबायोटिक दवा का क्या साइड इफेक्ट होता है?Antibiotic Dawa Ka Kya Side Effect Hota Hai
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1:34
कष्ट है की एंटीबायोटिक दवा का क्या साइड इफेक्ट होता है तो इसका सेवन ज्यादा करने से नुकसान हमारे शरीर को हो सकता है जैसे क्या होते हैं पेट की बहुत ज्यादा समस्या जो हो जाती है वह डायरिया जैसी समस्या बनने लगते हैं गलत एंटीबायोटिक लेना भी हमारे शरीर के लिए ज्यादा समस्या बन सकता है और इससे क्यों सकता है एलर्जी की ज्यादा परेशानियां हो सकती हैं हमारे शरीर पर बहुत छोटे छोटे दाने निकल जाते हैं एंटीबायोटिक की वजह से होता है गलत दवा को हम बार बार लेने से भी बताइए इसका इंफेक्शन होता है और हमारे शरीर के बहुत सारे अजीब से त्वचा होने लगती है कभी-कभी होता है त्वचा में बहुत ज्यादा बदलाव भी एंटीबायोटिक की वजह से दवा से होता है इसके अलावा हमारे शरीर में बहुत ज्यादा एंटीबायोटिक दवा लेने से क्या होता है कि आवाज शरीफ कुछ ज्यादा एनर्जी होने लगती है बहुत ज्यादा हमारा टेंपरेचर जरूरत है हमेशा हाजिर आता है हम बहुत ज्यादा चिड़चिड़ापन महसूस करने लगते हैं तो जो एंटीबायोटिक दवा है बहुत ही अपने एयर कंडीशन में और ऐसा हो कि हां जब हमें नहीं सहा जाए तभी इसका उपयोग करना चाहिए वरना इसे बंद कर देना चाहिए और नागमणि आपको हो सके तो आयुर्वेदिक चीजों पर विश्वास रखें क्योंकि यह चीज जो होती आयुर्वेदिक चीज का साइड इफेक्ट नहीं होता है वह आपको नुकसान या फायदा नहीं कर पा रही है तो नुकसान हरगिज़ नहीं करेगी

#जीवन शैली

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1:45
कबीर दास का बड़ा चर्च इन दोहा यह भी है कि बुरा जो देखन मैं चला बुरा न मिलिया कोय जो दिल खोजा आपना मुझसे बुरा ना कोई इसका मतलब निकलता है और इसका अर्थ जो है कि हम क्या किए कि जब बुराइयां ढूंढने गए हम गलतियां ढूंढने गए हम दूसरे लोगों में ढूंढ गलतियों को ढूंढ रहे थे लेकिन गलतियां जो थी वह मिली नहीं वहां पर जाने के बाद मुझे कुछ अलग एहसास हुआ लेकिन जब ऐसा महसूस हुआ कि वह चीज अपने अंदर खो जाएगा कि मुझ में कितनी बुराइयां लोगों में तो मैंने देख लिया दिखा जा तो मैं कैसा हूं तुझे वह अपनी खुद अंदर की भावनाओं से जब खुद को देखा तो उसने कहा कि यार मैं तो उनसे भी बहुत ज्यादा बुरा हूं मतलब मेरा ही मतलब उनसे भी बहुत ज्यादा खराब स्थिति है मैं दूसरों में झूठी ढूंढने गया बताओ कहा जाता है कि हम अपनी बुराइयों को दूसरे में ढूंढने की कोशिश करते हैं हम उनकी बुराइयों को प्रत्यक्ष रूप से दिखाने की कोशिश करते हैं बताने की कोशिश करते हैं लेकिन मैं अपने बारे में खुद नहीं जानते हैं कि हां खुद कैसे हैं क्या आप की भावना है क्या आपके अंदर विचार है लोगों के प्रति खुद डिसाइड करें तो हमें लगता है कि हम से बुरा कोई नहीं है और चीज हर एक इंसान को समझना चाहिए इसी यही सीख मिलती है कि हमें खुद को अच्छा करना चाहिए दूसरे की अपेक्षा खुद को ऐसा निष्पक्ष बनाना चाहिए कि हम लोगों के जवान पिया लोगों की मोटिवेशन बन सके तभी हम एक दूसरे में बुराई को झांक सकती दूसरे की बुराई को खत्म कर सकते हैं

#कुछ अलग

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8आदमी किसी काम को 15 दिन मे करते है तो 20 आदमी उसी काम को कितने दिन मे करेंगे8aadamee kisee kaam ko 15 din me karate hai to 20 aadamee usee kaam ko kitane din me kareng
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3:06
प्रश्न है कि गर्भनिरोधक क्या है इसकी विधियां विभिन्न विधियां कौन सी है जब क्या होता है कि जो भी महिला होती है गर्भधारण अगर नहीं करना चाहती है गर्भधारण को रोकना चाहती है जिसमें पुरुष या महिला दोनों में से क्या होती है कि जब इसकी रोकथाम के लिए जो उपकरण जो विधियां यूज़ करते हैं वही कहलाते हैं गर्भनिरोधक जैसे क्या पुरुष का प्रयोग करते हैं वही जो महिलाएं होती हो गर्भनिरोधक गोलियां होती है कुछ ऐसी गोली आती है जिसे खाने से कई दिनों तक का इंजेक्शन भी याद आने लगे हैं उसे क्या होता है कि इंजेक्शन लगवाने से आपको 1 महीने के लिए फुर्सत हो जाती है तो उसमें आप कुछ संभावना जो होती है दम जीरो हो जाती है और आप अपने जो भी सुख अपने प्यार का लेना चाहते हैं ओन्ली पाते हैं और अब बिना डर के मतलब आप कोई नहीं रहता है कि हम गर्भ धारण करेंगे हम बच्चे को जन्म नहीं देंगे इसका उपयोग करते हैं लेकिन वही में विभिन्न विधियां क्या होती है इसको क्या होता है कि रोकने के लिए या विभिन्न प्रकार की विधियां होती है जिसे क्या गर्भधारण करने के लिए आप क्या और रुकने के लिए इसमें क्या होती है कि जो एक तीन प्रकार की विधियां होती है गर्भनिरोधक की ज्योति तीन विधियां होती है पहली होती है कि रासायनिक विधि क्या होता है कि अनेक प्रकार की रासायनिक पदार्थ जो मादा होती है वह मतलब जो औरत होती है उन्हीं से चलकर रुक रुक सकते हैं इसी प्रकार क्या होता है कि उसमें स्त्रियों के द्वारा गर्भ निरोधक गोलियां प्रयुक्त की जाती है या जाग की गोली जैसी जेली जेली विभिन्न प्रकार की क्रीम या इंजेक्शन टाइप के आते हैं जो लगा लेने से उन्हें एकदम फ्री रिलैक्स हो जाते हैं वहीं दूसरी बीवी है जलेबी दी सेलिब्रिटी में क्या होता है कि पुरुष में नसबंदी या महिला में स्त्रियों में नसबंदी होती है कि द्वारा निषेचन को रोका जाता है पुरुषों की शल्य चिकित्सा में जो सुख वाहिनी को काटकर बांध दिया जाता है वहीं महिलाओं की स्थिति जो शुक्राणु होते हैं वह बाहर नहीं निकलते हैं उसकी उसे बांध बांध देने से क्या होता है कि जो स्त्रियों में अंडा वाहिनी होती है उसको काटकर बाहर दी जाती है जिससे क्या होता है कि अंडाशय में बने अंडे गर्भाशय गर्भाशय में नहीं पहुंच पाते हैं जैसे कि होती है कि गर्भधारण नहीं करवाती हैं तीसरी और आखिरी विधि है भौतिक विधि इसमें क्या होती है कि जो भी भौतिक विधियां से जो शुक्राणु क्या करते हैं स्त्री के गर्भ गर्भाशय में जाने से रोक दिया जाता है जैसे कि लैंगिक संपर्क में निरोध आदि जो भी युक्तियां उपयोग की जाती है इसके अंतर्गत आता है और गर्भधारण को रोकने के लिए रुपया का पलटी वह गर्भाशय में स्थापित कर दिया जाता है और इससे क्या होता है कि पूरी तरह से उन गर्भनिरोधक व्यवस्था हो जाती है और उन्हें किसी प्रकार की डर नहीं होती है धन

#भारत की राजनीति

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प्रकाश किसे कहते हैं और प्रकाश की खोज किसने की थी प्रकाश की चाल?Prakash Kise Kahte Hain Aur Prakash Kee Khoj Kisne Ki Thi Prakash Ki Chaal
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1:03
नहीं प्रकाश किसे कहते हैं और इसकी खोज किसने की थी प्रकाश की चाल क्या है तू दिखे फ्रेंड जो प्रकाश से एक प्रकार की ऊर्जा है और इसका सबसे बड़ा झूठ है प्रकाश का उस सूर्य है वहीं पे बात करें तो बीती चरण विद्युत चुंबकीय तरंग होती के रूप में यह संचालित होता है जो प्रकाश होता है प्रकाश में प्रकाश की तरंग है होती है होती है 39100 हिंदुस्तान से लेकर 78 साल तक होती है किसी भी माध्यम में प्रकाश की चाल होती है माध्यम के अपवर्तनांक पर डिपेंड करता है प्रकाश की जो खोज की गई थी अंग्रेजी वैज्ञानिक के द्वारा हम भी टीवी ने किया था और प्रकाश की जो चाल है एक भौतिक नियतांक है निर्वात में अगर देखी जाए तो इससे ठीक है कि 300000 किलो मीटर पर सेकंड के हिसाब से होती है
Nahin prakaash kise kahate hain aur isakee khoj kisane kee thee prakaash kee chaal kya hai too dikhe phrend jo prakaash se ek prakaar kee oorja hai aur isaka sabase bada jhooth hai prakaash ka us soory hai vaheen pe baat karen to beetee charan vidyut chumbakeey tarang hotee ke roop mein yah sanchaalit hota hai jo prakaash hota hai prakaash mein prakaash kee tarang hai hotee hai hotee hai 39100 hindustaan se lekar 78 saal tak hotee hai kisee bhee maadhyam mein prakaash kee chaal hotee hai maadhyam ke apavartanaank par dipend karata hai prakaash kee jo khoj kee gaee thee angrejee vaigyaanik ke dvaara ham bhee teevee ne kiya tha aur prakaash kee jo chaal hai ek bhautik niyataank hai nirvaat mein agar dekhee jae to isase theek hai ki 300000 kilo meetar par sekand ke hisaab se hotee hai

#टेक्नोलॉजी

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खिलौना के उद्योग के संबंध में आपके क्या विचार हैं?Khilauna Ke Udyog Ke Sambandh Mein Aapke Kya Vichaar Hai
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3:16
प्रश्न है कि खिलौना के उद्योग के संबंध में आपके क्या विचार हैं तो फ्रेंड क्या है कि देश में बहुत सारे सही युवाओं को रोजगार नहीं मिल पाता है और आज तो बेरोजगारी का बहुत ज्यादा असर पड़ा हुआ है सभी को अच्छी नौकरी है बिजनेस की तलाश रहती है लेकिन पर्याप्त जानकारी ना होने के कारण क्या होता है कि हम बिजनेस श्याम को अपने आगे नहीं बढ़ा सकते हैं और नहीं कर पाते हैं क्योंकि और देखा जाए तो यहां पर जो बच्चों की परसेंटेज है जनसंख्या के हिसाब से तो भारत में भारत सबसे बड़ा देश है वहीं पर कुल जनसंख्या का हर तीसरा भारतीय जो है वह बच्चा है और हर पैरंट अपने बच्चे को खिलौना दिलाते हैं और खिलौने से खेलना बहुत भारत में तेजी से बढ़ रहा है काफी प्रचलन है देखा जाए तो 15 से 20% जो है समय बिताने की कोशिश कर रहे हैं तू एक अच्छी बिजनेस स्टार्ट कर लेने के लिए खिलौने के तो आपको सही अस्थान का चुनाव करना चाहिए कि आपको एक सही स्थान का मतलब है कि आपकी सही मार्केट होनी चाहिए मेन मार्केट होने से पर्यटक स्थल होने चाहिए खिलौने के लिए प्रसिद्ध जैसे कि आप यहां पर चुनाव करें उसके साथ आपकी अगर कोई शॉप खोलना चाहते हो तो 200 वर्ग स्क्वायर फीट में साफ होनी चाहिए फिर डेकोरेशन अच्छा होना चाहिए अपनी सिंह अच्छा होना चाहिए उस आपकी दुकान की डेकोरेशन की शॉप से ही लोग वहां पर अट्रैक्शन बनेगा और अपनी दुकान का प्रचार करना चाहिए ऑनलाइन ऑफलाइन दोनों उसके अलावा आप जो भी ले रहे हैं खिलौने को थोक विक्रेता मैन्युफैक्चरिंग कंपनी से चुनाव करें जिससे कि आपको ज्यादा फायदे होंगे उसके अलावा आप अपनी दुकान में किस तरह के खिलौने रखेंगे जो भी बच्चों से जो फाइबर की चीजें हैं लकड़ी की चीजें हैं छोटी-छोटी डीजे होती है किचन से रिलेटेड चीजें छोटे बच्चों को खेलने के लिए लड़कियां होती है फिर बच्चों के लिए गाड़ी घोड़ा गाड़ी बहुत सारी ऐसी चीजें हैं जिसे रिमोट वाली गाड़ी होती है बिना रिमोट की गाड़ी होती है सामान्य प्लास्टिक की गाड़ी होती है फिर बैटरी वाली गुड़िया होती है फिर बिना बैटरी की गुड़िया सिंपल बेड गुड़िया होती है इस सॉफ्ट टायर होते हैं बच्चों की शिक्षा से संबंधित बहुत सारी चीजें हैं कि बच्चों को अट्रैक्शन हो तो बोल के पढ़ने से एबीसीडी से लेकर आप 120 सब पढ़ने से रिलेटेड उन्हें है गिनती सिखाने वाली चीजें होती हैं खिलौने होते हैं बच्चों के लिए वाकर होते हैं झूला होते हैं रिक्शा होते हैं प्लेन होते हैं ट्रेन होती है प्लास्टिक की सब कुछ चीजें होती है जो क्या होगा तुम में अट्रैक्शन होगा आप अपने बिजनेस को इवेंट पर भी प्रचार करें कहीं भी फंक्शन जाता है कई मेला वाला लगता है तो आप उनमें मिंटू पर प्रचार करें क्योंकि इससे क्या होगा कि आप आपकी जो बिजनेस होगी वह बहुत ज्यादा तेजी से ग्रोथ करेगी तू इस समय एक खिलौने का बिजनेस खुद ही अच्छा है आपका आईडिया बेस्ट है मैं यही कहूंगा कि अगर आप लगाना चाहते हैं तो एक अच्छी मैन्युफैक्चरिंग कंपनी भी लगा सकते हैं आप अच्छी शॉप खोल सकते हैं जो अच्छे डेकोरेशन में होनी चाहिए
Prashn hai ki khilauna ke udyog ke sambandh mein aapake kya vichaar hain to phrend kya hai ki desh mein bahut saare sahee yuvaon ko rojagaar nahin mil paata hai aur aaj to berojagaaree ka bahut jyaada asar pada hua hai sabhee ko achchhee naukaree hai bijanes kee talaash rahatee hai lekin paryaapt jaanakaaree na hone ke kaaran kya hota hai ki ham bijanes shyaam ko apane aage nahin badha sakate hain aur nahin kar paate hain kyonki aur dekha jae to yahaan par jo bachchon kee parasentej hai janasankhya ke hisaab se to bhaarat mein bhaarat sabase bada desh hai vaheen par kul janasankhya ka har teesara bhaarateey jo hai vah bachcha hai aur har pairant apane bachche ko khilauna dilaate hain aur khilaune se khelana bahut bhaarat mein tejee se badh raha hai kaaphee prachalan hai dekha jae to 15 se 20% jo hai samay bitaane kee koshish kar rahe hain too ek achchhee bijanes staart kar lene ke lie khilaune ke to aapako sahee asthaan ka chunaav karana chaahie ki aapako ek sahee sthaan ka matalab hai ki aapakee sahee maarket honee chaahie men maarket hone se paryatak sthal hone chaahie khilaune ke lie prasiddh jaise ki aap yahaan par chunaav karen usake saath aapakee agar koee shop kholana chaahate ho to 200 varg skvaayar pheet mein saaph honee chaahie phir dekoreshan achchha hona chaahie apanee sinh achchha hona chaahie us aapakee dukaan kee dekoreshan kee shop se hee log vahaan par atraikshan banega aur apanee dukaan ka prachaar karana chaahie onalain ophalain donon usake alaava aap jo bhee le rahe hain khilaune ko thok vikreta mainyuphaikcharing kampanee se chunaav karen jisase ki aapako jyaada phaayade honge usake alaava aap apanee dukaan mein kis tarah ke khilaune rakhenge jo bhee bachchon se jo phaibar kee cheejen hain lakadee kee cheejen hain chhotee-chhotee deeje hotee hai kichan se rileted cheejen chhote bachchon ko khelane ke lie ladakiyaan hotee hai phir bachchon ke lie gaadee ghoda gaadee bahut saaree aisee cheejen hain jise rimot vaalee gaadee hotee hai bina rimot kee gaadee hotee hai saamaany plaastik kee gaadee hotee hai phir baitaree vaalee gudiya hotee hai phir bina baitaree kee gudiya simpal bed gudiya hotee hai is sopht taayar hote hain bachchon kee shiksha se sambandhit bahut saaree cheejen hain ki bachchon ko atraikshan ho to bol ke padhane se ebeeseedee se lekar aap 120 sab padhane se rileted unhen hai ginatee sikhaane vaalee cheejen hotee hain khilaune hote hain bachchon ke lie vaakar hote hain jhoola hote hain riksha hote hain plen hote hain tren hotee hai plaastik kee sab kuchh cheejen hotee hai jo kya hoga tum mein atraikshan hoga aap apane bijanes ko ivent par bhee prachaar karen kaheen bhee phankshan jaata hai kaee mela vaala lagata hai to aap unamen mintoo par prachaar karen kyonki isase kya hoga ki aap aapakee jo bijanes hogee vah bahut jyaada tejee se groth karegee too is samay ek khilaune ka bijanes khud hee achchha hai aapaka aaeediya best hai main yahee kahoonga ki agar aap lagaana chaahate hain to ek achchhee mainyuphaikcharing kampanee bhee laga sakate hain aap achchhee shop khol sakate hain jo achchhe dekoreshan mein honee chaahie

#जीवन शैली

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1:24
प्रश्न है कि दीपक डिप्रेशन वाले व्यक्ति को कोई इंसान क्यों नहीं समझता है क्यों नहीं समझना चाहता है क्योंकि डिप्रेशन में जो भी रहता है वह कहीं ना कहीं एक डिप्रेशन का शिकार होता है और उसे जरूरत होती है मदद की और सबसे बड़ा कारण उसका होता है कि जिस वजह से वह डिप्रेशन में जिस कारण वह डिप्रेशन में आ जाता है उसकी उसका सलूशन ढूंढना चाहिए हमें उसकी मदद करनी चाहिए क्योंकि फ्रेंड जब उसकी मदद नहीं करेंगे तो कहीं ना कहीं मुझसे बात होगी और अपने आप को कंट्रोल नहीं कर पाएगा एक समय ऐसा आएगा कि अपनी सांसो से भी पूरी तरह छुटकारा ले सकता है क्योंकि डिप्रेशन ऐसा चीज है कि आपके शरीर को पूरी तरह से धीरे-धीरे तो खत्म करता है एक समय ऐसा आता है कि आप पूरी तरह से खत्म हो जाते हैं तो हमें उसकी मदद करनी चाहिए और जो मेन पॉइंट है जो उसकी ए डिप्रेशन का कारण है उसे ढूंढना चाहिए उसे कोशिश कर आना चाहिए कि हां क्या कारण था किस वजह से हुआ उसका रीजन क्या था तो उसी बेस पर आपको उन्हें मोटिवेट करना चाहिए और मोटिवेट इसमें में करिए आप भी इस दुनिया में है और आप जैसे लोग बहुत सारे लोगों की काबिलियत ही उन्हें रंग लाई और आज वह बहुत अच्छी पोजीशन पर उन्हें मोटिवेट करना चाहिए मोटिवेट ही एक डिप्रेशन आदमी को अच्छा बना सकता है
Prashn hai ki deepak dipreshan vaale vyakti ko koee insaan kyon nahin samajhata hai kyon nahin samajhana chaahata hai kyonki dipreshan mein jo bhee rahata hai vah kaheen na kaheen ek dipreshan ka shikaar hota hai aur use jaroorat hotee hai madad kee aur sabase bada kaaran usaka hota hai ki jis vajah se vah dipreshan mein jis kaaran vah dipreshan mein aa jaata hai usakee usaka salooshan dhoondhana chaahie hamen usakee madad karanee chaahie kyonki phrend jab usakee madad nahin karenge to kaheen na kaheen mujhase baat hogee aur apane aap ko kantrol nahin kar paega ek samay aisa aaega ki apanee saanso se bhee pooree tarah chhutakaara le sakata hai kyonki dipreshan aisa cheej hai ki aapake shareer ko pooree tarah se dheere-dheere to khatm karata hai ek samay aisa aata hai ki aap pooree tarah se khatm ho jaate hain to hamen usakee madad karanee chaahie aur jo men point hai jo usakee e dipreshan ka kaaran hai use dhoondhana chaahie use koshish kar aana chaahie ki haan kya kaaran tha kis vajah se hua usaka reejan kya tha to usee bes par aapako unhen motivet karana chaahie aur motivet isamen mein karie aap bhee is duniya mein hai aur aap jaise log bahut saare logon kee kaabiliyat hee unhen rang laee aur aaj vah bahut achchhee pojeeshan par unhen motivet karana chaahie motivet hee ek dipreshan aadamee ko achchha bana sakata hai

#पढ़ाई लिखाई

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इतिहास से संबंधित पुस्तक पढ़ने के लिए कौन सा अच्छा ऐप है?Itihaas Se Sambandhit Pustak Padhne Ke Lie Kaun Sa Acha App Hai
Er.Awadhesh kumar Bolkar App
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Unknown
1:05
प्रश्न है कि इतिहास से संबंधित पुस्तक पढ़ने के लिए कौन सा अच्छा ऐप है तो दिखे फ्रेंड अगर आपको हिस्ट्री के बारे में पढ़ना है तो कहीं ना कहीं के लिए बहुत ज्यादा मत अगर होल्ड सिलेबस हिस्ट्री का पढ़ना है तो अब यूनियन पब्लिक सर्विस सर्विस कमिशन यूपीएससी के नाम से आता है यह पर आप देख सकते हैं इसके अलावा दृष्टि का अभाव है जो दृष्टि आईएएस की कोचिंग है उसका एक आए भाग्य है उस ऐप के माध्यम से आप हिस्ट्री को बहुत गहराई से बहुत अच्छी तरीके से पढ़ सकते हैं अगर नॉर्मल ही आपको पढ़ना है इसे नॉर्मल एग्जाम के लिए आपको पढ़ना एसएससी बैंक रेलवे के लिए तो आपको एक मिनिस्ट्री जीके के माध्यम से आप पढ़ सकते हैं नहीं तो आपको लुसेंट हिस्ट्री लुसेंट की थी आप ले सकते हैं वह भी आपके लिए बहुत ही कारगर साबित होगी और आप अपने एंड्रॉयड फोन पर ए चीज डाउनलोड करके आप दिन पर हिस्ट्री के बारे में बहुत अच्छे नालेज पा सकते हैं
Prashn hai ki itihaas se sambandhit pustak padhane ke lie kaun sa achchha aip hai to dikhe phrend agar aapako histree ke baare mein padhana hai to kaheen na kaheen ke lie bahut jyaada mat agar hold silebas histree ka padhana hai to ab yooniyan pablik sarvis sarvis kamishan yoopeeesasee ke naam se aata hai yah par aap dekh sakate hain isake alaava drshti ka abhaav hai jo drshti aaeeees kee koching hai usaka ek aae bhaagy hai us aip ke maadhyam se aap histree ko bahut gaharaee se bahut achchhee tareeke se padh sakate hain agar normal hee aapako padhana hai ise normal egjaam ke lie aapako padhana esesasee baink relave ke lie to aapako ek ministree jeeke ke maadhyam se aap padh sakate hain nahin to aapako lusent histree lusent kee thee aap le sakate hain vah bhee aapake lie bahut hee kaaragar saabit hogee aur aap apane endroyad phon par e cheej daunalod karake aap din par histree ke baare mein bahut achchhe naalej pa sakate hain

#टेक्नोलॉजी

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ज्यादा मोबाइल यूज करने से होने वाले नुकसान के बारे में बताइए?Jyada Mobile Use Karne Se Hone Vale Nuksan Ke Baare Mein Btaiye
Er.Awadhesh kumar Bolkar App
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Unknown
1:58
ज्यादा मोबाइल यूज करने से होने वाले नुकसान के बारे में बताइए हमारी जो मोबाइल है इसका हम यूज करें तो हमारे जीवन में बहुत सारे इसके फायदे रेगुलर दीपक अब कहां जाएगी ज्यादा यूज करने के लिए कहीं ना कहीं हमारी सेहत के लिए नुकसानदेह होता है हमारी आंखों के लिए हमारी हेल्प पर बहुत ज्यादा करता है हमारे कानों की भुजा कहा जाए कि हमारी पूरी तरह से कर स्वास्थ्य से रिलेटेड देखा जाए तो ही ज्यादा मोबाइल का यूज करना हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है जिसे क्या है कि हम आंखों की रोशनी से कमजोर होते जा रहे हैं दिन बनी थी सबसे बड़ा कारण होता है कि हम मोबाइल को बहुत नजदीक करके बहुत ज्यादा इसमें समय बिताने की कोशिश करते हैं यह भी हमारे लिए बहुत ज्यादा घातक साबित हो रहा है उसके अलावा इसकी जो भी वेब कीड़े होते हैं वह भी हमारे शरीर को बहुत हानि या पहुंचा दे हमारे मस्तिष्क को कमजोर करते हैं क्योंकि हम मोबाइल की वजह से क्या होती है कि हमारी जो भूलने की प्रवृत्ति अबु ज्यादा बढ़ गई है तू कहीं न कहीं हमारे शरीर को नुकसान क्या फायदा नहीं दे रहा है लेकिन हम इसको कर समय के हिसाब से एक लिमिटेड में यूज करें तो हमारे जीवन में अनेकों इसके फायदे हम हर तरह की चीजों को एक्सेप्ट कर सकते हैं दूर एक जगह बैठकर हम पूरे देश की देश विदेश की खबर देख सकते हैं उनके बारे में जान सकते हैं उसके नाम पढ़ाई से रिलेटेड कर सकते हैं हमारी कोई गेमिंग प्लानिंग हो सकती हम ऑनलाइन पैसे कमा सकते हैं ऑनलाइन ट्रांजैक्शन ऑनलाइन कुछ भी काम करना होता है निमन वर्क कर सकते हैं लेकिन जब हम उसी को गलत डायरेक्शन में यूज करते हैं तो कहीं न कहीं हमारे लिए नुकसान और कहा जाए कि हमारे लिए घातक साबित होता है यही है कि ज्यादा ही मोबाइल यूज करना हमारे लिए बहुत ज्यादा नुकसान है इससे हमें बचकर और सटीक तरीके से यूज करना दी कि से किसमें लाइफ में इसे बेनिफिट मिले
Jyaada mobail yooj karane se hone vaale nukasaan ke baare mein bataie hamaaree jo mobail hai isaka ham yooj karen to hamaare jeevan mein bahut saare isake phaayade regular deepak ab kahaan jaegee jyaada yooj karane ke lie kaheen na kaheen hamaaree sehat ke lie nukasaanadeh hota hai hamaaree aankhon ke lie hamaaree help par bahut jyaada karata hai hamaare kaanon kee bhuja kaha jae ki hamaaree pooree tarah se kar svaasthy se rileted dekha jae to hee jyaada mobail ka yooj karana hamaare svaasthy ke lie haanikaarak hai jise kya hai ki ham aankhon kee roshanee se kamajor hote ja rahe hain din banee thee sabase bada kaaran hota hai ki ham mobail ko bahut najadeek karake bahut jyaada isamen samay bitaane kee koshish karate hain yah bhee hamaare lie bahut jyaada ghaatak saabit ho raha hai usake alaava isakee jo bhee veb keede hote hain vah bhee hamaare shareer ko bahut haani ya pahuncha de hamaare mastishk ko kamajor karate hain kyonki ham mobail kee vajah se kya hotee hai ki hamaaree jo bhoolane kee pravrtti abu jyaada badh gaee hai too kaheen na kaheen hamaare shareer ko nukasaan kya phaayada nahin de raha hai lekin ham isako kar samay ke hisaab se ek limited mein yooj karen to hamaare jeevan mein anekon isake phaayade ham har tarah kee cheejon ko eksept kar sakate hain door ek jagah baithakar ham poore desh kee desh videsh kee khabar dekh sakate hain unake baare mein jaan sakate hain usake naam padhaee se rileted kar sakate hain hamaaree koee geming plaaning ho sakatee ham onalain paise kama sakate hain onalain traanjaikshan onalain kuchh bhee kaam karana hota hai niman vark kar sakate hain lekin jab ham usee ko galat daayarekshan mein yooj karate hain to kaheen na kaheen hamaare lie nukasaan aur kaha jae ki hamaare lie ghaatak saabit hota hai yahee hai ki jyaada hee mobail yooj karana hamaare lie bahut jyaada nukasaan hai isase hamen bachakar aur sateek tareeke se yooj karana dee ki se kisamen laiph mein ise beniphit mile

#भारत की राजनीति

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हमारे भारत में ही जातिवाद क्यों होता है?Humare Bharat Mein He Jaativaad Kyun Hota Hai
Er.Awadhesh kumar Bolkar App
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Unknown
3:50
हमारे भारत में ही जातिवाद क्यों होता है तो दिखी हमारा जो भारत है भारत में जातिवाद की समस्या आज से नहीं है कई वर्षों सालों से चली आ रही है और भारत की जातिवाद की समस्या और जांच की जकड़न जो है हमारे पूरे लोकतंत्र को प्रभावित करता है हमारे देश को आजाद हुए 7 दशक से भी ज्यादा समय बीत गए हैं लेकिन जो जातिगत प्रथा के चुंगल से हम मुक्त नहीं हो पाए हैं वही आपको बता दें कि इस भेदभाव है भेदभाव जाति समुदाय लिंग के आधार पर जो हम एक दूसरे से बर्ताव रखते हैं की बड़ी चिंता का कारण है देश में हमारे जातिगत व्यवस्था खत्म होनी चाहिए लेकिन ही खत्म होने का नाम नहीं देती है क्योंकि हम अपनी जो भी बचपन होता है तो किस करते हैं कि इस जातिगत मैटर में ही भर देते हमारे जो बड़े बुजुर्ग लोग होते हैं वह हमारे मन में मस्तिक में ही ऊंच-नीच की भावना भर देते हैं कि बढ़ते बढ़ते एक बहुत बड़ा विशाल रूप ले लेती है और देश में जातिगत व्यवस्था खत्म होनी चाहिए लेकिन कोई खत्म करने को राजी नहीं हुई थी गरबा देखा जाए तो भारत जाति विहीन और वर्ग विहीन होना चाहिए क्योंकि इसमें क्या है कि विविधताओं का देश है जिसमें बहुत सारे ऐसे समाज के लोग बहुत सी झांकी लोग हैं जो अपने जीवन यापन करने में बाहरी गर्व महसूस करते हैं लेकिन जातिगत मुक्ति की वजह से वो क्या करते हैं यह दो गिरजाघर मस्जिद मस्जिद तनी की तरह तरह के भेदभाव में और जातिगत मैटर में समाज में बैठकर वह क्या करते हैं अपने आपको जीवन बिता देते हैं सबके लिए इस समस्या बना हुआ है वहीं पर देखा जाए तो हमारे संविधान में क्योंकि हमारा संविधान एक लोकतांत्रिक देश बनाता है और वही संविधान में 15 मई लिखा गया कि साथ जी के द्वारा धर्म मूल वंश जाति लिंग जन्म स्थान के आधार पर अगर देखा जाए तो नागरिकों के प्रति जीवन में किसी प्रकार का या जीवन में किसी क्षेत्र में आपको भेदभाव नहीं करने की बात कही गई है लेकिन कौन मानता है लेकिन यह बुरी केवल विरोधाभास बन के रह जाता है क्योंकि हम सरकारी नौकरी में सरकारी ओहदे में सरकारी आवेदन में चयन प्रक्रिया में हम रिलेशन बाद लगा दी है जातिवाद लगा दिए हैं इसको हम प्रमुखता से मानते हैं कि हमारा कोई नई बात नहीं है जो जातिगत रखा है यह न केवल केवल हमारे से है कि हमारी जो व्यवस्था थी उस से चलती आ रही है उसको क्या कर रहे हैं सूखे वन हार के रूप में खेती आ रहा है कि भाई झांसी गढ़ मैटर रहा है इनसे हमें ऐसे रहना है इनके साथ ऐसा व्यवहार करना है उनकी मस्तिक में ही भर दिया जाता है बच्चों के मस्तिक में ही भर दिया जाता है कि बचपन से ही उस नीच की उत्कृष्टता की निष्क्रियता के बीज बो दी जाती है जिससे कि जाति को बहुत ज्यादा प्रभावित करें तो कहीं न कहीं इस जातिगत जो मैटर है वो हमारे देश के लोग ही बोलते हैं हमारे घर के लोग ही बोलते हैं और उसे हम एक्सेप्ट करके अपने इस अखंड भारत में प्रभुत्व भारत में भारत में जातिगत मैटर फैलाकर कहीं न कहीं एक गलत डायरेक्शन में भेजने का काम करते हैं खुद कलर डायरेक्शन में जाने का काम करते हैं और भेदभाव पूर्वजों से चली आ रही है हम इस प्रथा को चेंज नहीं करते हैं और यही कहा जाता है कि ऊपर ही लिखे लोग नहीं थे फिर भी हम पढ़ लिखकर गधे हो गए हैं हम ऐसी छोटी-छोटी भावनाओं में रहते हैं धन
Hamaare bhaarat mein hee jaativaad kyon hota hai to dikhee hamaara jo bhaarat hai bhaarat mein jaativaad kee samasya aaj se nahin hai kaee varshon saalon se chalee aa rahee hai aur bhaarat kee jaativaad kee samasya aur jaanch kee jakadan jo hai hamaare poore lokatantr ko prabhaavit karata hai hamaare desh ko aajaad hue 7 dashak se bhee jyaada samay beet gae hain lekin jo jaatigat pratha ke chungal se ham mukt nahin ho pae hain vahee aapako bata den ki is bhedabhaav hai bhedabhaav jaati samudaay ling ke aadhaar par jo ham ek doosare se bartaav rakhate hain kee badee chinta ka kaaran hai desh mein hamaare jaatigat vyavastha khatm honee chaahie lekin hee khatm hone ka naam nahin detee hai kyonki ham apanee jo bhee bachapan hota hai to kis karate hain ki is jaatigat maitar mein hee bhar dete hamaare jo bade bujurg log hote hain vah hamaare man mein mastik mein hee oonch-neech kee bhaavana bhar dete hain ki badhate badhate ek bahut bada vishaal roop le letee hai aur desh mein jaatigat vyavastha khatm honee chaahie lekin koee khatm karane ko raajee nahin huee thee garaba dekha jae to bhaarat jaati viheen aur varg viheen hona chaahie kyonki isamen kya hai ki vividhataon ka desh hai jisamen bahut saare aise samaaj ke log bahut see jhaankee log hain jo apane jeevan yaapan karane mein baaharee garv mahasoos karate hain lekin jaatigat mukti kee vajah se vo kya karate hain yah do girajaaghar masjid masjid tanee kee tarah tarah ke bhedabhaav mein aur jaatigat maitar mein samaaj mein baithakar vah kya karate hain apane aapako jeevan bita dete hain sabake lie is samasya bana hua hai vaheen par dekha jae to hamaare sanvidhaan mein kyonki hamaara sanvidhaan ek lokataantrik desh banaata hai aur vahee sanvidhaan mein 15 maee likha gaya ki saath jee ke dvaara dharm mool vansh jaati ling janm sthaan ke aadhaar par agar dekha jae to naagarikon ke prati jeevan mein kisee prakaar ka ya jeevan mein kisee kshetr mein aapako bhedabhaav nahin karane kee baat kahee gaee hai lekin kaun maanata hai lekin yah buree keval virodhaabhaas ban ke rah jaata hai kyonki ham sarakaaree naukaree mein sarakaaree ohade mein sarakaaree aavedan mein chayan prakriya mein ham rileshan baad laga dee hai jaativaad laga die hain isako ham pramukhata se maanate hain ki hamaara koee naee baat nahin hai jo jaatigat rakha hai yah na keval keval hamaare se hai ki hamaaree jo vyavastha thee us se chalatee aa rahee hai usako kya kar rahe hain sookhe van haar ke roop mein khetee aa raha hai ki bhaee jhaansee gadh maitar raha hai inase hamen aise rahana hai inake saath aisa vyavahaar karana hai unakee mastik mein hee bhar diya jaata hai bachchon ke mastik mein hee bhar diya jaata hai ki bachapan se hee us neech kee utkrshtata kee nishkriyata ke beej bo dee jaatee hai jisase ki jaati ko bahut jyaada prabhaavit karen to kaheen na kaheen is jaatigat jo maitar hai vo hamaare desh ke log hee bolate hain hamaare ghar ke log hee bolate hain aur use ham eksept karake apane is akhand bhaarat mein prabhutv bhaarat mein bhaarat mein jaatigat maitar phailaakar kaheen na kaheen ek galat daayarekshan mein bhejane ka kaam karate hain khud kalar daayarekshan mein jaane ka kaam karate hain aur bhedabhaav poorvajon se chalee aa rahee hai ham is pratha ko chenj nahin karate hain aur yahee kaha jaata hai ki oopar hee likhe log nahin the phir bhee ham padh likhakar gadhe ho gae hain ham aisee chhotee-chhotee bhaavanaon mein rahate hain dhan

#भारत की राजनीति

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शरीर में कितने पोषक तत्व होते हैं?Shareer Mein Kitne Poshak Tatva Hote Hain
Er.Awadhesh kumar Bolkar App
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Unknown
1:53
प्रश्न है कि शरीर में कितने पोषक तत्व होते हैं तो हमारे शरीर में देखा जाए तो 7 पोषक तत्व होते हैं और हमारे शरीर के लिए बहुत बेहद जरूरी होते हैं क्योंकि हमारी यह शरीर होती है तो कुछ स्वास्थ्य फायदे के लिए क्या होता है कि विभिन्न पोषक तत्वों की जरूरत होती है जिसमें से है विटामिन ए विटामिन ए जूही प्रमुख पोषक तत्वों में से एक माना जाता है और हमारी स्वास्थ्य के लिए इसके कई प्रकार के लाभ होते हैं कि हमारी जो प्रतिरोधक क्षमता होती है हमारी आंखों की रोशनी बचा को काफी लाभ मिलते हैं विटामिन डी विटामिन डी हमें सूर्य से मिलता है इसे कि यह भी हमारे शरीर के लिए बहुत ज्यादा हड्डियों को और कैल्शियम के अवशोषण को बहुत जरूरी होता है तो इससे भी हमारी क्या होती है की पूर्ति होती है और शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है वही विटामिन बी12 की बात करें तो हमारे शरीर में रेड ब्लड की जरूरत होती है नर्वस सिस्टम को कार्य करने के लिए जॉब पोषक तत्व की जरूरत होती है तो यह अंडे चिकन तुषार ऐसी चीजों से हमें मिलता है फिर विटामिन बी सिक्स की जरूरत पड़ती है इसके बाद विटामिन सी से भरपूर मात्रा में हमें जरूरत होती है उसके बाद होता है विटामिन सी चीजें होती हैं लास्ट है साथ में फोलिक एसिड फोलिक एसिड हमें इसकी बहुत ही आवश्यकता होती है और इन हमारी शादी में छोटी-छोटी को दिखाओ से मिलकर बना होता है जो हमारे शरीर शरीर को स्वस्थ करने के लिए यह बहुत जरूरी होता है तो इस तरीके से अगर देखा जाए तो हमारे शरीर में पोषक तत्वों की संख्या जो होती है वह साथ होती है और बहुत ही जरूरत होती है सभी के
Prashn hai ki shareer mein kitane poshak tatv hote hain to hamaare shareer mein dekha jae to 7 poshak tatv hote hain aur hamaare shareer ke lie bahut behad jarooree hote hain kyonki hamaaree yah shareer hotee hai to kuchh svaasthy phaayade ke lie kya hota hai ki vibhinn poshak tatvon kee jaroorat hotee hai jisamen se hai vitaamin e vitaamin e joohee pramukh poshak tatvon mein se ek maana jaata hai aur hamaaree svaasthy ke lie isake kaee prakaar ke laabh hote hain ki hamaaree jo pratirodhak kshamata hotee hai hamaaree aankhon kee roshanee bacha ko kaaphee laabh milate hain vitaamin dee vitaamin dee hamen soory se milata hai ise ki yah bhee hamaare shareer ke lie bahut jyaada haddiyon ko aur kailshiyam ke avashoshan ko bahut jarooree hota hai to isase bhee hamaaree kya hotee hai kee poorti hotee hai aur shareer ke lie bahut jarooree hota hai vahee vitaamin bee12 kee baat karen to hamaare shareer mein red blad kee jaroorat hotee hai narvas sistam ko kaary karane ke lie job poshak tatv kee jaroorat hotee hai to yah ande chikan tushaar aisee cheejon se hamen milata hai phir vitaamin bee siks kee jaroorat padatee hai isake baad vitaamin see se bharapoor maatra mein hamen jaroorat hotee hai usake baad hota hai vitaamin see cheejen hotee hain laast hai saath mein pholik esid pholik esid hamen isakee bahut hee aavashyakata hotee hai aur in hamaaree shaadee mein chhotee-chhotee ko dikhao se milakar bana hota hai jo hamaare shareer shareer ko svasth karane ke lie yah bahut jarooree hota hai to is tareeke se agar dekha jae to hamaare shareer mein poshak tatvon kee sankhya jo hotee hai vah saath hotee hai aur bahut hee jaroorat hotee hai sabhee ke

#भारत की राजनीति

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नीति आयोग के सीईओ कौन है?Neeti Aayog Ke Ceo Kaun Hai
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Unknown
0:21
प्रश्न है नीति आयोग के सीईओ कौन है तू प्रजेंट में वर्तमान में नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत हैप्पी राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्था नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में है
Prashn hai neeti aayog ke seeeeo kaun hai too prajent mein vartamaan mein neeti aayog ke seeeeo amitaabh kaant haippee raashtreey bhaarat parivartan sanstha neeti aayog ke mukhy kaaryakaaree adhikaaree ke roop mein hai

#भारत की राजनीति

bolkar speaker
ऑनलाइन डॉक्टर की सलाह और ऑफलाइन डॉक्टर की सलाह में से कौन सी अच्छी सलाह मानी जाएगी?Onalain Doktar Kee Salaah Aur Ophalain Doktar Kee Salaah Mein Se Kaun See Achchhee Salaah Maanee Jaegee
Er.Awadhesh kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 66
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Unknown
0:44
नहीं कि ऑनलाइन डॉक्टर की सलाह और ऑफलाइन डॉक्टर की सलाह में कौन सी अच्छी सलाह मानी जाएगी तो दिखे फिर ऑनलाइन में आप अपनी बसें फिल्म दिखा सकते हैं और डॉक्टर आपको फील करके दवा दे सकता है लेकिन आप लाइन में आप हर एक सिचुएशन उसके सामने प्रदर्शित कर देते हैं जिससे कि उसे एहसास होगा और उसे ऐसी सिचुएशन पता चले कि आपकी हर एक सिचुएशन को पता कर लेगा उसके बाद क्योंकि आपको चेक भी कर सकता है जिसे कोरोनावायरस चेक किया जाता था लेकिन अब ऐसा है कि वह अपने हाथों से आपने जो भी स्टेटमेंट होते हैं चेक करने की उससे चेक कर सकता है आपकी हर एक सिचुएशन सिचुएशन को दे सकता है इसलिए ऑफलाइन डॉक्टर की सलाह बेस्ट है
Nahin ki onalain doktar kee salaah aur ophalain doktar kee salaah mein kaun see achchhee salaah maanee jaegee to dikhe phir onalain mein aap apanee basen philm dikha sakate hain aur doktar aapako pheel karake dava de sakata hai lekin aap lain mein aap har ek sichueshan usake saamane pradarshit kar dete hain jisase ki use ehasaas hoga aur use aisee sichueshan pata chale ki aapakee har ek sichueshan ko pata kar lega usake baad kyonki aapako chek bhee kar sakata hai jise koronaavaayaras chek kiya jaata tha lekin ab aisa hai ki vah apane haathon se aapane jo bhee stetament hote hain chek karane kee usase chek kar sakata hai aapakee har ek sichueshan sichueshan ko de sakata hai isalie ophalain doktar kee salaah best hai

#भारत की राजनीति

bolkar speaker
चांद पर सबसे पहले किसने कदम रखा?Chaand Par Sabse Pahale Kisne Kadam Rakha
Er.Awadhesh kumar Bolkar App
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Unknown
0:26
चांद पर सबसे पहले किसने कदम रखा तो आप सभी जानते होंगे कि नील आर्म्सट्रांग ने पहले कदम रखा था एक अमेरिकी खगोल शास्त्री और चंद्रमा पर कदम रखने वाले पहले व्यक्ति हैं एयरोस्पेस इंजीनियर नौसेना अधिकारी परीक्षण पायलट और प्रोफ़ेसर भी यह
Chaand par sabase pahale kisane kadam rakha to aap sabhee jaanate honge ki neel aarmsatraang ne pahale kadam rakha tha ek amerikee khagol shaastree aur chandrama par kadam rakhane vaale pahale vyakti hain eyarospes injeeniyar nausena adhikaaree pareekshan paayalat aur profesar bhee yah

#खेल कूद

Er.Awadhesh kumar Bolkar App
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Unknown
3:12
नहीं कि नवनिर्मित मोटेरा और मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में सबसे बेहतर जो क्रिकेट स्टेडियम कौन सा है तू जो नवनिर्मित मोटेरा है वह मेलबर्न ज्यादा बेस्ट है इसलिए बेस्ट है कि दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है और इसके साथ अगर देखा जाए तो गुजरात के अहमदाबाद में दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम मोटेरा स्टेडियम का उद्घाटन किया गया और उद्घाटन रामनाथ कोविंद के जी के द्वारा भूमि पूजन किया गया और इसकी खास बातें जो है क्यों ज्यादा बेस्ट है क्योंकि की ट्यूशन एकड़ में फैला हुआ है और तीन इंटीग्रेट्स है यह विश्व की सबसे बड़ी क्रिकेट स्टेडियम और टीम प्रैक्टिस ग्राउंड क्लब हाउस ओलंपिक साइज स्विमिंग पूल इंदौर क्रिकेट स्टेडियम में भी बनाया गया है इसके साथ-साथ देखा जाता है इसकी जो डिजाइन है जब भी कोई खिलाड़ी बाउंड्री मारे तो स्टेडियम में बैठने वाला हर क्रिकेट प्रेमी उस बाउंड्री को देख पाएगा इस सबसे खास बातें हैं जो मिल भर में ऐसा नहीं मिलेगा उसके अलावा है कि यह दुनिया का एकमात्र स्टेडियम है जिसमें अभ्यास एवं सेंटरपीस के लिए एक ही मिट्टी का इस्तेमाल किया जाएगा तो मतलब आप समझ रही जो ब्यास करेंगे जो सेंट्रल बीच है वह एक ही मिट्टी से बनाई जाएगी और बेहतर दृश्यता और परछाई को दूर करने के लिए पूरी तरह से एक गोलाकार छत का एलईडी लाइट लगाई गई है यह दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम में 11 सेंटर पीछे रहेंगे उसके बाद दुनिया का एकमात्र स्टेडियम है इसमें इसमें मुख्य मैदान पर 11 सेंटर पीछे हैं इसके साथ-साथ देखा जाए तो इस में बैठने की क्षमता है 110000 है वही दुनिया का ऐसा ही स्टेडियम है जिसमें चीन सहित चार विश्वेश्वरी ड्रेसिंग रूम है 25 लोगों की क्षमता वाले 76 कारपोरेट बाग से बनाए गए उसके नाम मैदान मैदान में जो खास होती है हंस के नीचे का इस्तेमाल किया गया है जिसकी मदद से भारी बारिश के बावजूद भी कुछ घंटे बाद दोबारा मैसेज बारिश हो तो उसके कुछ घंटे बाद ही दोबारा मैच शुरू हो जाता मैं तो नीचे की जरूरत का इस्तेमाल किया गया पूरे पानी को सूखने का काम करेगी लास्ट है इसमें कार पार्किंग स्कूटर पार्किंग की व्यवस्था की गई है जो सबसे ज्यादा है 4000 कार और 10,000 दो पहिया वाहन की पार्किंग की व्यवस्था की गई है खास वजह से यह क्या है मेलबर्न से ज्यादा मोटेरा नवनिर्मित जो मोटेरा है बेहतर क्रिकेट स्टेडियम है लेकिन इसका नाम जो है सरदार बल्लभ पटेल के नाम से चेंज करके नरेंद्र मोदी के नाम से यह क्रिकेट स्टेडियम रखा गया है जो काफी ट्रेड में है और चर्चा में है कि किस वजह से मोदी जी के नाम पर रखा गया
Nahin ki navanirmit motera aur melabarn kriket graund mein sabase behatar jo kriket stediyam kaun sa hai too jo navanirmit motera hai vah melabarn jyaada best hai isalie best hai ki duniya ka sabase bada kriket stediyam hai aur isake saath agar dekha jae to gujaraat ke ahamadaabaad mein duniya ke sabase bade kriket stediyam motera stediyam ka udghaatan kiya gaya aur udghaatan raamanaath kovind ke jee ke dvaara bhoomi poojan kiya gaya aur isakee khaas baaten jo hai kyon jyaada best hai kyonki kee tyooshan ekad mein phaila hua hai aur teen inteegrets hai yah vishv kee sabase badee kriket stediyam aur teem praiktis graund klab haus olampik saij sviming pool indaur kriket stediyam mein bhee banaaya gaya hai isake saath-saath dekha jaata hai isakee jo dijain hai jab bhee koee khilaadee baundree maare to stediyam mein baithane vaala har kriket premee us baundree ko dekh paega is sabase khaas baaten hain jo mil bhar mein aisa nahin milega usake alaava hai ki yah duniya ka ekamaatr stediyam hai jisamen abhyaas evan sentarapees ke lie ek hee mittee ka istemaal kiya jaega to matalab aap samajh rahee jo byaas karenge jo sentral beech hai vah ek hee mittee se banaee jaegee aur behatar drshyata aur parachhaee ko door karane ke lie pooree tarah se ek golaakaar chhat ka eleedee lait lagaee gaee hai yah duniya ka sabase bada kriket stediyam mein 11 sentar peechhe rahenge usake baad duniya ka ekamaatr stediyam hai isamen isamen mukhy maidaan par 11 sentar peechhe hain isake saath-saath dekha jae to is mein baithane kee kshamata hai 110000 hai vahee duniya ka aisa hee stediyam hai jisamen cheen sahit chaar vishveshvaree dresing room hai 25 logon kee kshamata vaale 76 kaaraporet baag se banae gae usake naam maidaan maidaan mein jo khaas hotee hai hans ke neeche ka istemaal kiya gaya hai jisakee madad se bhaaree baarish ke baavajood bhee kuchh ghante baad dobaara maisej baarish ho to usake kuchh ghante baad hee dobaara maich shuroo ho jaata main to neeche kee jaroorat ka istemaal kiya gaya poore paanee ko sookhane ka kaam karegee laast hai isamen kaar paarking skootar paarking kee vyavastha kee gaee hai jo sabase jyaada hai 4000 kaar aur 10,000 do pahiya vaahan kee paarking kee vyavastha kee gaee hai khaas vajah se yah kya hai melabarn se jyaada motera navanirmit jo motera hai behatar kriket stediyam hai lekin isaka naam jo hai saradaar ballabh patel ke naam se chenj karake narendr modee ke naam se yah kriket stediyam rakha gaya hai jo kaaphee tred mein hai aur charcha mein hai ki kis vajah se modee jee ke naam par rakha gaya

#भारत की राजनीति

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आपको क्या लगता है इस बार भाजपा बंगाल में सरकार बना पाएगी?Aapako Kya Lagata Hai Is Baar Bhaajapa Bangaal Mein Sarakaar Bana Paegee
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Unknown
1:23
प्रश्न है आपको क्या लगता है इस बार भाजपा बंगाल में सरकार बना पाएगी लिखेगा बंगाल की बात करें तो पश्चिम बंगाल में जो भाजपा है उसकी पोजीशन बहुत खराब रही है आने वाले जो पिछले बीते हुए समय इसमें बीजेपी की वहां पर मतलब देखा जाए तो बहुत ही खराब पोजीशन थी लेकिन जब से मोदी जी आए हैं हर देश में जिस जिस प्रदेश में अगर बीजेपी पूरी तरह से धराशाई थी पुलिस से बेकार थी अब क्या है कि उसका उत्थान और है वहां धीरे-धीरे उनका उसका पार्टी का विकास हो रहा है तू कुछ कर सकते हैं एक हमारी संभावना हो सकती है कि शायद सरकार बन पाएगी इतना उम्मीद है कि वहां पर एक अच्छी पार्टी बनकर पश्चिम बंगाल में उतरेगी बेशक सरकार बने या ना बने लेकिन वहां पर इसकी अच्छी पोजीशन रहेगी वहीं पर देखा जाए तो इसको सेकंड नंबर पर मतलब तृणमूल कांग्रेस के बाद इसे सेकंड नंबर का दर्जा दिया जा रहा है तू ही कहीं ना कहीं एक बीजेपी के लिए पुद्गल गौरव की बात है कि जहां पर कुछ भी पोजीशन नहीं हूं वहां पर हमने सेकंड नंबर अगर हो रहा है वह तो कहीं ना कहीं एग्जिट पोल के हिसाब से बेस्ट है या तो ए भी हो सकता है कि शायद सेकंड नंबर की है वह फर्स्ट पी भी आ सकती है और शायद सरकार बीजेपी की बन जाए
Prashn hai aapako kya lagata hai is baar bhaajapa bangaal mein sarakaar bana paegee likhega bangaal kee baat karen to pashchim bangaal mein jo bhaajapa hai usakee pojeeshan bahut kharaab rahee hai aane vaale jo pichhale beete hue samay isamen beejepee kee vahaan par matalab dekha jae to bahut hee kharaab pojeeshan thee lekin jab se modee jee aae hain har desh mein jis jis pradesh mein agar beejepee pooree tarah se dharaashaee thee pulis se bekaar thee ab kya hai ki usaka utthaan aur hai vahaan dheere-dheere unaka usaka paartee ka vikaas ho raha hai too kuchh kar sakate hain ek hamaaree sambhaavana ho sakatee hai ki shaayad sarakaar ban paegee itana ummeed hai ki vahaan par ek achchhee paartee banakar pashchim bangaal mein utaregee beshak sarakaar bane ya na bane lekin vahaan par isakee achchhee pojeeshan rahegee vaheen par dekha jae to isako sekand nambar par matalab trnamool kaangres ke baad ise sekand nambar ka darja diya ja raha hai too hee kaheen na kaheen ek beejepee ke lie pudgal gaurav kee baat hai ki jahaan par kuchh bhee pojeeshan nahin hoon vahaan par hamane sekand nambar agar ho raha hai vah to kaheen na kaheen egjit pol ke hisaab se best hai ya to e bhee ho sakata hai ki shaayad sekand nambar kee hai vah pharst pee bhee aa sakatee hai aur shaayad sarakaar beejepee kee ban jae

#भारत की राजनीति

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मोदी जी ने कोविड-19 वैक्सीन की खुराक इतनी देर से क्यों ली?Modi Ji Ne Covid 19 Vaccine Ki Khuraak Itni Der Se Kyun Li
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Unknown
3:32
सौरभ जी के तरफ से प्रश्न पूछा जा रहा है कि मोदी जी ने कोविड-19 वैक्सीन की खुराक इतनी देर से क्यों लिखी पब्लिक में और जो मीडिया में और जो पॉलिटिकल पार्टियां हैं उनकी इस खुराक लेने की वजह से मतलब मोदी जी ने वैक्सीन लगवाने की एवज में 9 लगवाने के बाद में दोनों भी चर्चाएं हैं अगर नहीं लगवा रहे हैं तो क्यों नहीं लगवा रहे थे और क्या कारण है कि सभी लगवा रहे हैं अगर देश के जो भी हेल्थ वर्कर है आप बहुत सारे ऐसे एम्पलाई है फिर तो पॉलिटिकल पार्टी है वह सारे लोग लगा रहे हैं मोदी जी क्यों नहीं लगा रहे क्या वजह अब लगवा लिए हैं तो यह वजह बताई जा रही है कि चुनाव की वजह से पीएम वैक्सीन लगाइए उसके अलावा देखा जाए तो कांग्रेस के अभी रंजन चौधरी ने यह बताया है कि कांग्रेसी चुनावी प्रक्रिया है चुनावी की वजह से ऐसा लगाएं यहां तक भी कह दिया कि पीएम ने असम का एकदम अच्छा-अच्छा गमछा पहने थे जो असम का लोगो होता है उस तरह का एक गमछा पहने थे और एक कहीं न कहीं चुनावी मिलता है उसके अलावा यह भी बता दीजिए कि केरल की नर्स ने यह लगाया है तो कहीं ना कहीं एक केरल में चुनाव होने वाले असम में चुनाव होने वाले हैं और उन्होंने कहा कि कुछ ऐसा कर दे कि वह पश्चिम बंगाल का भी कुछ लोगों मिल जाए और उनकी सहानुभूति मिले लेकिन अगर देखा जाए तो यह मुद्दा उठा रहा था इस वजह से मोदी जी ने देखा जाए तो दिल्ली एम्स में भारत बायतु बायोटेक की जो कंपनी है उनकी वैक्सीन लगाए उनको लगी है और वहीं पर देखा जाए तो यह पहली मैंने दूसरे चरण की पहली वैक्सीन की दूज मोदी जी को दी गई है और सबसे बड़ा मुद्दा है कि यह मोदी जी एवं तब इतनी देर से क्यों लगाए तो देखिए जो चर्चा हो रही है और यह भी हो सकता है कि उन्होंने यह आप संध्या हो कि पहले जो द्वारका रिपब्लिक में ज्यादा रह रहे हैं उनको यह वैक्सीन लगाई जाए हमें और हम जैसे लोगों को क्या का की थोड़ी सी देर में भी लगेगी तो चलेगा क्योंकि हम लोग ज्यादा पब्लिक से मिला जुला बहुत कम होता है मतलब उन से दूरियां होती है तू कहीं ना कहीं एक देश के हित में रहकर उन्होंने काम किया तूने नहीं सोचा कि जहां से ज्यादा पल अपने अभी क्या है पब्लिक सेक्टर से कुर्ला की तेजी से फैला है तो एक कोरोनावायरस इन वही जगह लगे जहां पर बहुत ज्यादा लोग हो या जहां से पनपने की हो क्योंकि हेल्थ वर्कर हर लोगों से जागे हर लोगों के आसपास जाते हैं वह अपना इस वजह से वह क्या किया था कि पहले हेल्थ वर्कर को लगवाए फिर धीरे-धीरे एंप्लॉई को लगवाए तू कहीं ना कहीं वैक्सीन कि उनकी एक थिंकिंग की अलग ही लुक स्कूल पॉलिटिकल में बनाया इसको राजनीति बनाया कुछ लोग पर्सनल यीशु बनाए तो अब तो यह चर्चा होने की मोदी जी लगवाए हैं तो पॉलिटिकल पार्टियां कीमत आपकी वजह से लगाया तो बहुत सारे ऐसे मुद्दे उठ रहे हैं लेकिन मेरा यह मानना है कि मोदी जी अभी समय दे रहे थे कि जो लोग ज्यादा पीड़ित है जो लोग ज्यादा जिनको ज्यादा जरूरी है वैक्सीन की पहली खेप में लगाएं उसके बाद दूसरे तीसरे चरण में जो लगाया जाएगा उसमें हम सब जैसे लोग हैं जो नॉरमल कंडीशन है जो जिनकी ऐसा नहीं है कि वैक्सीन को कोविड-19 का असर है तो उनके लिए बाद में लगेगा मेरा यही रीजन है और जो भी मीडिया में चर्चा चली मैं आप को शेयर किया शायद मेरा जवाब आपको पसंद लगे
Saurabh jee ke taraph se prashn poochha ja raha hai ki modee jee ne kovid-19 vaikseen kee khuraak itanee der se kyon likhee pablik mein aur jo meediya mein aur jo politikal paartiyaan hain unakee is khuraak lene kee vajah se matalab modee jee ne vaikseen lagavaane kee evaj mein 9 lagavaane ke baad mein donon bhee charchaen hain agar nahin lagava rahe hain to kyon nahin lagava rahe the aur kya kaaran hai ki sabhee lagava rahe hain agar desh ke jo bhee helth varkar hai aap bahut saare aise empalaee hai phir to politikal paartee hai vah saare log laga rahe hain modee jee kyon nahin laga rahe kya vajah ab lagava lie hain to yah vajah bataee ja rahee hai ki chunaav kee vajah se peeem vaikseen lagaie usake alaava dekha jae to kaangres ke abhee ranjan chaudharee ne yah bataaya hai ki kaangresee chunaavee prakriya hai chunaavee kee vajah se aisa lagaen yahaan tak bhee kah diya ki peeem ne asam ka ekadam achchha-achchha gamachha pahane the jo asam ka logo hota hai us tarah ka ek gamachha pahane the aur ek kaheen na kaheen chunaavee milata hai usake alaava yah bhee bata deejie ki keral kee nars ne yah lagaaya hai to kaheen na kaheen ek keral mein chunaav hone vaale asam mein chunaav hone vaale hain aur unhonne kaha ki kuchh aisa kar de ki vah pashchim bangaal ka bhee kuchh logon mil jae aur unakee sahaanubhooti mile lekin agar dekha jae to yah mudda utha raha tha is vajah se modee jee ne dekha jae to dillee ems mein bhaarat baayatu baayotek kee jo kampanee hai unakee vaikseen lagae unako lagee hai aur vaheen par dekha jae to yah pahalee mainne doosare charan kee pahalee vaikseen kee dooj modee jee ko dee gaee hai aur sabase bada mudda hai ki yah modee jee evan tab itanee der se kyon lagae to dekhie jo charcha ho rahee hai aur yah bhee ho sakata hai ki unhonne yah aap sandhya ho ki pahale jo dvaaraka ripablik mein jyaada rah rahe hain unako yah vaikseen lagaee jae hamen aur ham jaise logon ko kya ka kee thodee see der mein bhee lagegee to chalega kyonki ham log jyaada pablik se mila jula bahut kam hota hai matalab un se dooriyaan hotee hai too kaheen na kaheen ek desh ke hit mein rahakar unhonne kaam kiya toone nahin socha ki jahaan se jyaada pal apane abhee kya hai pablik sektar se kurla kee tejee se phaila hai to ek koronaavaayaras in vahee jagah lage jahaan par bahut jyaada log ho ya jahaan se panapane kee ho kyonki helth varkar har logon se jaage har logon ke aasapaas jaate hain vah apana is vajah se vah kya kiya tha ki pahale helth varkar ko lagavae phir dheere-dheere emploee ko lagavae too kaheen na kaheen vaikseen ki unakee ek thinking kee alag hee luk skool politikal mein banaaya isako raajaneeti banaaya kuchh log parsanal yeeshu banae to ab to yah charcha hone kee modee jee lagavae hain to politikal paartiyaan keemat aapakee vajah se lagaaya to bahut saare aise mudde uth rahe hain lekin mera yah maanana hai ki modee jee abhee samay de rahe the ki jo log jyaada peedit hai jo log jyaada jinako jyaada jarooree hai vaikseen kee pahalee khep mein lagaen usake baad doosare teesare charan mein jo lagaaya jaega usamen ham sab jaise log hain jo noramal kandeeshan hai jo jinakee aisa nahin hai ki vaikseen ko kovid-19 ka asar hai to unake lie baad mein lagega mera yahee reejan hai aur jo bhee meediya mein charcha chalee main aap ko sheyar kiya shaayad mera javaab aapako pasand lage

#टेक्नोलॉजी

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पब्लिक वाईफाई यूज करने के क्या क्या नुकसान हो सकते हैं?Public Wifi Use Karne Ke Kya Kya Nuksan Ho Sakte Hain
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Unknown
1:15
नहीं कि पब्लिक वाईफाई यूज करने के क्या क्या नुकसान हो सकते हैं तो देखिए बहुत सारे नुकसान हो सकते हैं क्योंकि आपकी प्राइवेसी जा सकती है और यह बहुत गंभीर समस्या है जैसे कि आप पब्लिक वाईफाई या फ्री वाई-फाई के जरिए कोई भी ट्रांजैक्शन करते हैं तो आपकी ही चीजें है को सकती है उसके अलावा कार्ड डिटेल्स भी चोरी हो सकते हैं पब्लिक वाईफाई खिचड़ी आपकी जो है कर्ज है आपकी स्मार्टफोन फोन में आसानी से मैलवेयर इंजेक्ट कर सकते हैं इसके अलावा देखा जाए तो इसके बाद भी आपकी जो स्मार्टफोन की रिमोट कंट्रोल नहीं होगी बहुत ही आसानी से और संवेदनशील हो जाएगी और सारी जानकारी आप की चोरी हो सकती हैं तो पब्लिक वाईफाई का यूज ना करें यही बेस्ट तरीका होगा क्योंकि पब्लिक वाई-फाई के जरिए उनके साथी इमरजेंसी में ही इसका यूज करते हैं और बहुत ही हमारा क्रिटिकल काम होता है तभी मिस यूज करते हैं और इसका यूज करने से मैं बहुत सारे जो प्राइवेसी आया हमारी खत्म हो सकती है हमारे डाटा है खोज सकते हैं हमारी कुछ पर्सनल चीजें होती हैं जो हम खुद रखना चाहते हैं वह भी हमारी चोरी हो सकती है तू ही चीज नुकसान है हमें बच के रहना चाहिए
Nahin ki pablik vaeephaee yooj karane ke kya kya nukasaan ho sakate hain to dekhie bahut saare nukasaan ho sakate hain kyonki aapakee praivesee ja sakatee hai aur yah bahut gambheer samasya hai jaise ki aap pablik vaeephaee ya phree vaee-phaee ke jarie koee bhee traanjaikshan karate hain to aapakee hee cheejen hai ko sakatee hai usake alaava kaard ditels bhee choree ho sakate hain pablik vaeephaee khichadee aapakee jo hai karj hai aapakee smaartaphon phon mein aasaanee se mailaveyar injekt kar sakate hain isake alaava dekha jae to isake baad bhee aapakee jo smaartaphon kee rimot kantrol nahin hogee bahut hee aasaanee se aur sanvedanasheel ho jaegee aur saaree jaanakaaree aap kee choree ho sakatee hain to pablik vaeephaee ka yooj na karen yahee best tareeka hoga kyonki pablik vaee-phaee ke jarie unake saathee imarajensee mein hee isaka yooj karate hain aur bahut hee hamaara kritikal kaam hota hai tabhee mis yooj karate hain aur isaka yooj karane se main bahut saare jo praivesee aaya hamaaree khatm ho sakatee hai hamaare daata hai khoj sakate hain hamaaree kuchh parsanal cheejen hotee hain jo ham khud rakhana chaahate hain vah bhee hamaaree choree ho sakatee hai too hee cheej nukasaan hai hamen bach ke rahana chaahie

#रिश्ते और संबंध

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Unknown
1:56
प्रश्न पूछा कि अधिकतर लड़कों को एक से ज्यादा लड़कियों की तरह टेकचंद क्यों होता है देखिए और यह भी पूछा जाए इसके पीछे रीजन क्या है कि वह एक सच्चा प्यार भी करते हैं और दूसरी लड़की की तरह टेक्शन एक इंसान के साथ ऐसा नहीं होता है कुछ लोग एक सफल होते हैं जो अपनी गर्लफ्रेंड होने की वजह से भी दूसरे के साथ रिलेशन रखना चाहते हैं लेकिन देखा जाए तू जो लड़के होते हैं जो तो कहा जाए कि उनका जो जैनुअल प्यार होता है एक ही प्यार होता है वह अपने लाइफ में और चाहते हैं कि हमारा प्यार हमारे साथ रहे और उनका ही वह जिंदगी के रूप में मानते हैं लेकिन आज के समय में देखा जाए तो बहुत ऐसे लोग हैं या लड़के ही लड़के भी हैं और लड़कियां भी है कि 1 से ज्यादा अपेक्षा रखने की मतलब रिलेशन रखने की कोशिश करते हैं और यही प्रसून की वजह से बहुत लड़कों के साथ धोखा या लड़कियों के साथ धोखा होता है यही कारण होता है कि उल्लू इस वजह से जान भी दे देते हैं सबसे बड़ा रीजन बताएं कि ऐसा अट्रैक्शन होता है कि एक दूसरे के साथ आपका रिलेशन बनता है और इसकी वजह से क्या होता है कि हम अगर देखते हैं कि अट्रैक्शन एक से ज्यादा तू जब आप अगर जैनुअल प्यार करते हैं मैं तो रियल अगर प्यार कर रहे हैं तो देखेंगे अट्रैक्शन होता है लेकिन जो आपकी फ्रेंडली अट्रैक्शन होता है ना कि आप एक रिलेशन में बनने के लिए ट्रैक्शन होते हैं और कुछ लोगों का ऐसा होता है कि वह एक के साथ दूसरा रिलेशन तीसरा चौथा रिलेशन की लड़कियां भी होती है लड़के भी होते हैं लेकिन अक्सर हम जानते हैं लेकिन बस में एक ही चीज खाना चाहिए जो रियल में प्यार होता है वह हकीकत में एक ही के साथ होता है वह बार-बार चेंज नहीं होता अट्रैक्शन नहीं होता है बस हमारी एक देखने की प्रवृत्ति होती है हम उन्हें देखते हैं लेकिन हमारा जो प्यार होता है उनकी प्रति नहीं होता है जिसके प्रति अगर एक बार हो जाता है उसे के प्रति बना रहता है
Prashn poochha ki adhikatar ladakon ko ek se jyaada ladakiyon kee tarah tekachand kyon hota hai dekhie aur yah bhee poochha jae isake peechhe reejan kya hai ki vah ek sachcha pyaar bhee karate hain aur doosaree ladakee kee tarah tekshan ek insaan ke saath aisa nahin hota hai kuchh log ek saphal hote hain jo apanee garlaphrend hone kee vajah se bhee doosare ke saath rileshan rakhana chaahate hain lekin dekha jae too jo ladake hote hain jo to kaha jae ki unaka jo jainual pyaar hota hai ek hee pyaar hota hai vah apane laiph mein aur chaahate hain ki hamaara pyaar hamaare saath rahe aur unaka hee vah jindagee ke roop mein maanate hain lekin aaj ke samay mein dekha jae to bahut aise log hain ya ladake hee ladake bhee hain aur ladakiyaan bhee hai ki 1 se jyaada apeksha rakhane kee matalab rileshan rakhane kee koshish karate hain aur yahee prasoon kee vajah se bahut ladakon ke saath dhokha ya ladakiyon ke saath dhokha hota hai yahee kaaran hota hai ki ulloo is vajah se jaan bhee de dete hain sabase bada reejan bataen ki aisa atraikshan hota hai ki ek doosare ke saath aapaka rileshan banata hai aur isakee vajah se kya hota hai ki ham agar dekhate hain ki atraikshan ek se jyaada too jab aap agar jainual pyaar karate hain main to riyal agar pyaar kar rahe hain to dekhenge atraikshan hota hai lekin jo aapakee phrendalee atraikshan hota hai na ki aap ek rileshan mein banane ke lie traikshan hote hain aur kuchh logon ka aisa hota hai ki vah ek ke saath doosara rileshan teesara chautha rileshan kee ladakiyaan bhee hotee hai ladake bhee hote hain lekin aksar ham jaanate hain lekin bas mein ek hee cheej khaana chaahie jo riyal mein pyaar hota hai vah hakeekat mein ek hee ke saath hota hai vah baar-baar chenj nahin hota atraikshan nahin hota hai bas hamaaree ek dekhane kee pravrtti hotee hai ham unhen dekhate hain lekin hamaara jo pyaar hota hai unakee prati nahin hota hai jisake prati agar ek baar ho jaata hai use ke prati bana rahata hai

#रिश्ते और संबंध

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ग्रीन टी पीने के क्या स्वास्थ्य लाभ हैं, यह कितने प्रकार की होती है?Green Tea Peene Ke Kya Swasthya Laabh Hain Yah Kitne Prakaar Ki Hoti Hai
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Unknown
4:30
प्रश्न है कि ग्रीन टी पीने के क्या स्वास्थ्य लाभ हैं यह कितने प्रकार की होती है तू फिटनेस और की बात करें और स्वास्थ्य की बात करें तो ग्रीन टी के जो बेनिफिट है उसे हम नकार नहीं सकते हैं ग्रीन टी के क्या फायदे हैं हम उसे नकार नहीं सकते तो बहुत सारे फायदे हैं ग्रीन टी के स्वास्थ्य की वजह से विश्व भर में इसका चलन बहुत तेजी से बढ़ रहा है कई शोध अध्ययन के द्वारा औषधि विज्ञान ने जो बताया है कि गुरु का खान है गुरु बहुत सारे ऐसे गुण हैं जो हमारे शरीर की कमियों को दूर करते हैं तो आइए जानते हैं कि कितने प्रकार के इसे फायदे हैं जो ग्रीन टी से होते हैं तो जो पहला है कि हमें क्या होता है कि ग्रीन टी पीने से हमारी जो वजन है वजन को कम किया जा सकता हम अक्सर देखते हैं की साइज करते हमारे वजन बहुत अच्छी तरीके से नहीं करती लेकिन ग्रीन टी ओ का साथ देती है तो हमारे जो भी शरीर में वजन कम करने की जो चाबियां होती है धीरे-धीरे घटने लगती है तू ही फायदेमंद होता है दूसरा है की मस्ती के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है जब हम टेंशन में होते हैं तो हमारी जो मस्ती की कार्यप्रणाली है बहुत खराब हो जाती है सुचारु रुप से नहीं चल पाती है तो ग्रीन टी पीने के फायदे होते हैं कि हमारी जो मस्ती की कार्यप्रणाली है सुधर जाती है एकाग्रता बढ़ती है सकारात्मक प्रभाव हमारे शरीर में पढ़ते हैं जिससे कि हमारा मस्तिष्क होता है एकदम शांत हो जाता है कि स्वास्थ्य जो है हमारे मुंह में अगर सही स्वास्थ्य नहीं बनते हैं तो क्या होता है कि इंफेक्शन होता है छाले पड़ जाते हैं दांत में या दांत के मसूड़े में मुझे तो इससे भी सही हो जाता है मधुमेह रोगी जो है वह ग्रीन टी पी ए तो बहुत ज्यादा उनके लिए फायदेमंद होता है कोलेस्ट्रॉल कि जो रोगी होते हैं उन्हें क्या होता है जो सही उधर हो गए ह्रदय रोग होते हैं उन्हें ग्रीन टी पीना चाहिए उनके अलावा कोई दूसरा चला है कि जो प्रतिरोधक क्षमता जिनके शरीर में कम है उनको ग्रीन टी पीना चाहिए अगला है कि कैंसर से अगर कोई आदमी बीमार है और उसे संभावना है तुलसी ग्रीन टी स्टार्ट कर देना चाहिए यह भी बहुत ज्यादा कारगर साबित होती है इसके अलावा हमारा जो रक्तचाप है वह क्या होता है कि उसको भी सुचारू रूप से आप कम एक स्तर बनाए रखने के लिए हमें ग्रीन टी का इस्तेमाल करना चाहिए ग्रीन टी पीने से क्या होता है पेट और पाचन क्रिया संबंधी जो चीजें होती हैं जिसे मेस्ट्रो स्टाइल विकार जो होते हैं वह क्या होती उसकी वजह से क्या बताएं हमारे पेट में बहुत सारी दिक्कतें होती है पहचान की जा नहीं हो पाती है तो ग्रीन टी पीने से हमें क्या बताएं वह फायदेमंद हो सकता है हड्डियों को मजबूत करने के लिए भी ग्रीन दिखा इस्तेमाल बहुत अच्छी तरीके से डॉक्टर डॉक्टर बोलते हैं क्योंकि हड्डियां जब हम क्या होता है कि ग्रीन टी पीने लगे तो हम जो नॉर्मल चाय पीते हैं जो मीठी वाली चाय पीते हैं चीनी कि उसे फ्रॉम यूपी के प्रकार सरकार जानते हैं जिसे की जयंती माता देवकी ड्रैगन भीम भीम की छोटा भीम की प्रशंसा ग्रीन टी ग्रीन टी ग्रीन टी विद मां शारदा माता ड्रीम की होती है बोलो क्योंकि मां सरस्वती के फायदेमंद होती देखा जाता मार्केट में अवेलेबल
Prashn hai ki green tee peene ke kya svaasthy laabh hain yah kitane prakaar kee hotee hai too phitanes aur kee baat karen aur svaasthy kee baat karen to green tee ke jo beniphit hai use ham nakaar nahin sakate hain green tee ke kya phaayade hain ham use nakaar nahin sakate to bahut saare phaayade hain green tee ke svaasthy kee vajah se vishv bhar mein isaka chalan bahut tejee se badh raha hai kaee shodh adhyayan ke dvaara aushadhi vigyaan ne jo bataaya hai ki guru ka khaan hai guru bahut saare aise gun hain jo hamaare shareer kee kamiyon ko door karate hain to aaie jaanate hain ki kitane prakaar ke ise phaayade hain jo green tee se hote hain to jo pahala hai ki hamen kya hota hai ki green tee peene se hamaaree jo vajan hai vajan ko kam kiya ja sakata ham aksar dekhate hain kee saij karate hamaare vajan bahut achchhee tareeke se nahin karatee lekin green tee o ka saath detee hai to hamaare jo bhee shareer mein vajan kam karane kee jo chaabiyaan hotee hai dheere-dheere ghatane lagatee hai too hee phaayademand hota hai doosara hai kee mastee ke lie bahut jyaada phaayademand hota hai jab ham tenshan mein hote hain to hamaaree jo mastee kee kaaryapranaalee hai bahut kharaab ho jaatee hai suchaaru rup se nahin chal paatee hai to green tee peene ke phaayade hote hain ki hamaaree jo mastee kee kaaryapranaalee hai sudhar jaatee hai ekaagrata badhatee hai sakaaraatmak prabhaav hamaare shareer mein padhate hain jisase ki hamaara mastishk hota hai ekadam shaant ho jaata hai ki svaasthy jo hai hamaare munh mein agar sahee svaasthy nahin banate hain to kya hota hai ki imphekshan hota hai chhaale pad jaate hain daant mein ya daant ke masoode mein mujhe to isase bhee sahee ho jaata hai madhumeh rogee jo hai vah green tee pee e to bahut jyaada unake lie phaayademand hota hai kolestrol ki jo rogee hote hain unhen kya hota hai jo sahee udhar ho gae hraday rog hote hain unhen green tee peena chaahie unake alaava koee doosara chala hai ki jo pratirodhak kshamata jinake shareer mein kam hai unako green tee peena chaahie agala hai ki kainsar se agar koee aadamee beemaar hai aur use sambhaavana hai tulasee green tee staart kar dena chaahie yah bhee bahut jyaada kaaragar saabit hotee hai isake alaava hamaara jo raktachaap hai vah kya hota hai ki usako bhee suchaaroo roop se aap kam ek star banae rakhane ke lie hamen green tee ka istemaal karana chaahie green tee peene se kya hota hai pet aur paachan kriya sambandhee jo cheejen hotee hain jise mestro stail vikaar jo hote hain vah kya hotee usakee vajah se kya bataen hamaare pet mein bahut saaree dikkaten hotee hai pahachaan kee ja nahin ho paatee hai to green tee peene se hamen kya bataen vah phaayademand ho sakata hai haddiyon ko majaboot karane ke lie bhee green dikha istemaal bahut achchhee tareeke se doktar doktar bolate hain kyonki haddiyaan jab ham kya hota hai ki green tee peene lage to ham jo normal chaay peete hain jo meethee vaalee chaay peete hain cheenee ki use phrom yoopee ke prakaar sarakaar jaanate hain jise kee jayantee maata devakee draigan bheem bheem kee chhota bheem kee prashansa green tee green tee green tee vid maan shaarada maata dreem kee hotee hai bolo kyonki maan sarasvatee ke phaayademand hotee dekha jaata maarket mein avelebal

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सूक्ष्म जीवों द्वारा बनाए गए खाने की चीजों के दो उदाहरण?Sookshm Jeevo Dwara Banaye Gaye Khane Ki Cheejo Ke Do Udahran
Er.Awadhesh kumar Bolkar App
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Unknown
0:44
प्रश्न है कि सूक्ष्म जीवों द्वारा बनाए गए खाने की चीजों के दो उदाहरण बताइए तो मैं प्रश्न का जवाब तो समझ पा रहा हूं देने की कोशिश करूंगा कि भगवान है इडली और डोसा इडली और डोसा जो होता है वह गीले आटे से बनाए जाते हैं इसमें क्या होता है किस सूक्ष्म जीवाणु द्वारा कड़वी किया गया होता है उसके अलावा अगर देखा जाए तो जीवाणु और कोको का प्रयोग करके हम चीज जो पनीर को एक विशेष बनावट या स्वाद या सुगंध देने की देने की जो प्रक्रिया होती है तो यह दो चीज हो सकते हैं जो पकवान में इटली डोसा और पनीर यह हो सकता है धन्यवाद
Prashn hai ki sookshm jeevon dvaara banae gae khaane kee cheejon ke do udaaharan bataie to main prashn ka javaab to samajh pa raha hoon dene kee koshish karoonga ki bhagavaan hai idalee aur dosa idalee aur dosa jo hota hai vah geele aate se banae jaate hain isamen kya hota hai kis sookshm jeevaanu dvaara kadavee kiya gaya hota hai usake alaava agar dekha jae to jeevaanu aur koko ka prayog karake ham cheej jo paneer ko ek vishesh banaavat ya svaad ya sugandh dene kee dene kee jo prakriya hotee hai to yah do cheej ho sakate hain jo pakavaan mein italee dosa aur paneer yah ho sakata hai dhanyavaad

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क्यों एक लड़की सच्चे लड़के की फीलिंग को समझ नहीं पाती?Kyun Ek Ladki Sache Ladke Ki Felling Ko Samajh Nahin Pati
Er.Awadhesh kumar Bolkar App
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Unknown
2:37
पूछा जा रहा है कि क्यों एक लड़की सच्चे लड़के की फीलिंग को समझ नहीं पाती है तो देखी इसमें एक कारण हो सकता है जो लड़का होता है वह अपनी बातों को रख नहीं पाते अपने आप को पूर्ण रूप से अगर प्रदर्शित नहीं कर पाता है अपनी फीलिंग को उससे उसके फीलिंग उस लड़की के कोई एहसास अगर नहीं करा पाता है तो इसमें क्या होता है कि उस सच्चाई तो है लड़के में प्यार करने की सच्चाई है लेकिन क्या है कि दूसरे को जब तक इंडिकेट नहीं करेगा 19 समझाएगा नहीं तब तक बातें नहीं समझ में आती है दूसरी बातें हो सकती है कि उनका एक गर्लफ्रेंड लेवल जो होता है लड़की का 208 अच्छा है लेकिन कॉन्फिडेंस लेवल नहीं बन पा बन पाता है उसे कहीं ना कहीं एक डर बनी रहती है और क्यों क्या होता है कि उस लड़की को नहीं बताना बता पाता है अपने प्यार का इजहार नहीं कर सकता है अपने प्यार का अट्रैक्शन नहीं दे पाता है इस वजह से लड़कियां नहीं समझ पाते हैं कि कुछ ना कुछ ऐसे ही सारे होते हैं कुछ न कुछ ऐसी बातें होती है चाहे दोस्त के दुख रूप चाहे अपने कुछ रिलेटिव के थ्रू हम उन तक मैसेज पहुंचाते हैं यह लेटर के माध्यम से मैसेज मैसेज को जाते हैं लेकिन कहीं ना कहीं उस लड़के में डर शिव बनी रहती है जैसे कि वह लड़की तक मैसेज नहीं पहुंचा पाता है और उस फीलिंग उस लड़की के अंदर नहीं जा पाती से क्या होता है कि लड़का तो सच्चा में प्यार करता है दिल से प्यार करता है लेकिन लड़की कुछ समझ ना होते हुए भी उसे प्यार नहीं करती है और किसी लड़की के बारे में क्या होता है सोच भी नहीं सोचती भी नहीं है ना समझती है ना अपने दिल में कुछ उसके लड़की के लिए अपनी लगती है क्योंकि अक्सर आपने देखा होगा कि जब मूवी में दिखाया जाता है जब कोई भी लड़की होती है या लड़का होता है वह अपने प्यार का इजहार नहीं कर पाता है और कहीं ना कहीं जो लड़की होती है या लड़का होता है दूसरे सेलेक्शन कर जाते हैं और इसी एवज में लड़की जो शादी में भी आ जाती है या जहर खा लेती है या कभी मरने की कगार तक जाती है लेकिन उसे बाद में एहसास होता है तब यह होता है कि अब तो कुछ नहीं होगा क्योंकि हम अभी तो आपको फ्रेंड के रुप में समझ रहे थे दोस्त के रुप में समझ रहे थे लेकिन आपने पहले एहसास दिलाया होता तो कहीं ना कहीं मैं भागता नहीं या भक्ति नहीं दूसरे के प्यार में मैं सस्ती नहीं मैं आप ही से प्यार करती तो कहीं ना कहीं भी चीज को जागृत करना भी प्यार होता है क्योंकि प्यार को बस प्यार नाम कि जीवन में धीरे प्यार को प्यार की तरह से एकत्रित करेंगे तभी आप की सच्चाई आपकी फीलिंग को किसी आपके जो पाटनर है वह समझ पाएगा धन्य
Poochha ja raha hai ki kyon ek ladakee sachche ladake kee pheeling ko samajh nahin paatee hai to dekhee isamen ek kaaran ho sakata hai jo ladaka hota hai vah apanee baaton ko rakh nahin paate apane aap ko poorn roop se agar pradarshit nahin kar paata hai apanee pheeling ko usase usake pheeling us ladakee ke koee ehasaas agar nahin kara paata hai to isamen kya hota hai ki us sachchaee to hai ladake mein pyaar karane kee sachchaee hai lekin kya hai ki doosare ko jab tak indiket nahin karega 19 samajhaega nahin tab tak baaten nahin samajh mein aatee hai doosaree baaten ho sakatee hai ki unaka ek garlaphrend leval jo hota hai ladakee ka 208 achchha hai lekin konphidens leval nahin ban pa ban paata hai use kaheen na kaheen ek dar banee rahatee hai aur kyon kya hota hai ki us ladakee ko nahin bataana bata paata hai apane pyaar ka ijahaar nahin kar sakata hai apane pyaar ka atraikshan nahin de paata hai is vajah se ladakiyaan nahin samajh paate hain ki kuchh na kuchh aise hee saare hote hain kuchh na kuchh aisee baaten hotee hai chaahe dost ke dukh roop chaahe apane kuchh riletiv ke throo ham un tak maisej pahunchaate hain yah letar ke maadhyam se maisej maisej ko jaate hain lekin kaheen na kaheen us ladake mein dar shiv banee rahatee hai jaise ki vah ladakee tak maisej nahin pahuncha paata hai aur us pheeling us ladakee ke andar nahin ja paatee se kya hota hai ki ladaka to sachcha mein pyaar karata hai dil se pyaar karata hai lekin ladakee kuchh samajh na hote hue bhee use pyaar nahin karatee hai aur kisee ladakee ke baare mein kya hota hai soch bhee nahin sochatee bhee nahin hai na samajhatee hai na apane dil mein kuchh usake ladakee ke lie apanee lagatee hai kyonki aksar aapane dekha hoga ki jab moovee mein dikhaaya jaata hai jab koee bhee ladakee hotee hai ya ladaka hota hai vah apane pyaar ka ijahaar nahin kar paata hai aur kaheen na kaheen jo ladakee hotee hai ya ladaka hota hai doosare selekshan kar jaate hain aur isee evaj mein ladakee jo shaadee mein bhee aa jaatee hai ya jahar kha letee hai ya kabhee marane kee kagaar tak jaatee hai lekin use baad mein ehasaas hota hai tab yah hota hai ki ab to kuchh nahin hoga kyonki ham abhee to aapako phrend ke rup mein samajh rahe the dost ke rup mein samajh rahe the lekin aapane pahale ehasaas dilaaya hota to kaheen na kaheen main bhaagata nahin ya bhakti nahin doosare ke pyaar mein main sastee nahin main aap hee se pyaar karatee to kaheen na kaheen bhee cheej ko jaagrt karana bhee pyaar hota hai kyonki pyaar ko bas pyaar naam ki jeevan mein dheere pyaar ko pyaar kee tarah se ekatrit karenge tabhee aap kee sachchaee aapakee pheeling ko kisee aapake jo paatanar hai vah samajh paega dhany

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क्या किसी को आर्मी बनना है तो उसे एनसीसी जरूरी है जल्दी से जल्दी बनने के लिए?Kya Kisee Ko Aarmee Banana Hai To Use Enaseesee Jarooree Hai Jaldee Se Jaldee Banane Ke Lie
Er.Awadhesh kumar Bolkar App
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Unknown
2:00
कुछ नहीं क्या किसी को आर्मी बनना है तो उसे एनसीसी जरूरी है जल्दी से जल्दी बनने के लिए लिखिए आपका हौसला ही आपको आगे बढ़ाता है अगर आपको एनसीसी अगर आपने हाई स्कूल इंटर में कर लिया है तो आपके लिए बेस्ट होता है कि आपको अपार छुट्टी मिल जाती है क्यों कर कहीं कम नंबर है इसकी वजह से आपको जो ऑप्शन मिलते हैं जो नंबर मिलता है 10 से 15 नंबर आपके लिए फायदेमंद फायदे हो सकता है और आपके कैरियर को बना सकता है क्योंकि आर्मी में मैक्सिमम 15 परसेंट एनसीसी के द्वारा मिलता है मदर 15 परसेंट का मतलब समझ रहे हैं कि कहीं आप अगर 24 नंबर की बात हो गिरते हैं तो कितना कष्ट होता है जब हम इस एग्जाम में 2 नंबर 3 नंबर एक नंबर से फेल हो जाते हैं तो बड़ा कष्ट होता है यहां तो हमें इसकी वजह से 15 नंबर मिलता है कि हमारे लिए बेस्ट होता है कहीं हम अगर कोई सी सब्जेक्ट में अगर कम हो जाते हैं एग्जाम देते हैं उसमें क्या होता कि हमारा 15 नंबर या 14 नंबर कम होता है इसकी वजह से क्या होता है कि हमें नॉट क्वालीफाई नहीं हम क्वालीफाई हो जाते हैं तो एक बात सही है कि आर्मी बनने के लिए हमें एनसीसी जरूरी तो कोई खास जरूरी नहीं है अगर नहीं भी है तभी लोग आर्मी में ज्वाइन करते हैं आर्मी में ड्यूटी करते हैं लेकिन उनका हौसला ही इतना ज्यादा होता है कि हर एक जाम को उपवास करते जाते हैं तो एक कहा जाए कि आर्मी में आर्मी मैन बनने के लिए आपको एनसीसी इसलिए जरूरी है कि आपको सपोर्ट मिलता है अगर सपोर्ट की नहीं जरूरत आप खुद उतना ही जीवन है तो आपके लिए तो आर्मी बहुत जल्दी से जल्दी मिल जाएगी अगर नहीं अगर क्वालीफाई कर पाते हैं तो एनसीसी होने के बावजूद भी कई लड़के ऐसे हैं जो आर्मी में नहीं भर्ती हो पाए मतलब उनके हौसले में कमी आ गई या उनकी पढ़ाई में या फिजिकल में कमजोर होकर जैसे कि वह आज भी नौकरी नहीं कर रहे हैं फिर भी उनका हौसला बना हुआ
Kuchh nahin kya kisee ko aarmee banana hai to use enaseesee jarooree hai jaldee se jaldee banane ke lie likhie aapaka hausala hee aapako aage badhaata hai agar aapako enaseesee agar aapane haee skool intar mein kar liya hai to aapake lie best hota hai ki aapako apaar chhuttee mil jaatee hai kyon kar kaheen kam nambar hai isakee vajah se aapako jo opshan milate hain jo nambar milata hai 10 se 15 nambar aapake lie phaayademand phaayade ho sakata hai aur aapake kairiyar ko bana sakata hai kyonki aarmee mein maiksimam 15 parasent enaseesee ke dvaara milata hai madar 15 parasent ka matalab samajh rahe hain ki kaheen aap agar 24 nambar kee baat ho girate hain to kitana kasht hota hai jab ham is egjaam mein 2 nambar 3 nambar ek nambar se phel ho jaate hain to bada kasht hota hai yahaan to hamen isakee vajah se 15 nambar milata hai ki hamaare lie best hota hai kaheen ham agar koee see sabjekt mein agar kam ho jaate hain egjaam dete hain usamen kya hota ki hamaara 15 nambar ya 14 nambar kam hota hai isakee vajah se kya hota hai ki hamen not kvaaleephaee nahin ham kvaaleephaee ho jaate hain to ek baat sahee hai ki aarmee banane ke lie hamen enaseesee jarooree to koee khaas jarooree nahin hai agar nahin bhee hai tabhee log aarmee mein jvain karate hain aarmee mein dyootee karate hain lekin unaka hausala hee itana jyaada hota hai ki har ek jaam ko upavaas karate jaate hain to ek kaha jae ki aarmee mein aarmee main banane ke lie aapako enaseesee isalie jarooree hai ki aapako saport milata hai agar saport kee nahin jaroorat aap khud utana hee jeevan hai to aapake lie to aarmee bahut jaldee se jaldee mil jaegee agar nahin agar kvaaleephaee kar paate hain to enaseesee hone ke baavajood bhee kaee ladake aise hain jo aarmee mein nahin bhartee ho pae matalab unake hausale mein kamee aa gaee ya unakee padhaee mein ya phijikal mein kamajor hokar jaise ki vah aaj bhee naukaree nahin kar rahe hain phir bhee unaka hausala bana hua

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भारत का सबसे महान सम्राट कौन था?Bharat Ka Sabse Mahan Samrat Kon Tha
Er.Awadhesh kumar Bolkar App
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Unknown
1:25
नहीं भारत का सबसे महान सम्राट कौन था जो भारत की महान सम्राटों के सम्राट अशोक को माना जाता है और इनका जो पूरा नाम था वह दीवाना अशोक मौर्य था मौर्य वंश के शक्तिशाली राजा कहे जाते थे इन्हीं सम्राटों का सम्राट भी कहा जाता था सम्राटों का सम्राट का मतलब होता है कि राजाओं का राजा तू इस तरीके से देखा जाए तो भारत का सबसे शक्तिशाली राजा था उस सम्राट अशोक को माना जाता है और अशोक के स्तंभ यहीं से लिया गया है इन्हीं के द्वारा बनाया गया यह स्तंभ जो है अशोक स्तंभ है और सबसे बड़ी बात है कि इस सभी महाद्वीपों में भी बहुत धर्म का प्रचार की और अपने इस प्रचार को आगे करने आगे बढ़ाने के लिए अपने पुत्र को धर्मेंद्र व संघमित्रा को इन्होंने लंका भेजा था बौद्ध धर्म का प्रचार करने के लिए इनका जो शासन अवधि था 269 ईसा पूर्व से 232 ईसा पूर्व तक इन्होंने शासन किया और इनके पिता का नाम बिंदुसार था माता का नाम शुभम दांगी था उनके दो पुत्र थे महेंद्र संघमित्रा
Nahin bhaarat ka sabase mahaan samraat kaun tha jo bhaarat kee mahaan samraaton ke samraat ashok ko maana jaata hai aur inaka jo poora naam tha vah deevaana ashok maury tha maury vansh ke shaktishaalee raaja kahe jaate the inheen samraaton ka samraat bhee kaha jaata tha samraaton ka samraat ka matalab hota hai ki raajaon ka raaja too is tareeke se dekha jae to bhaarat ka sabase shaktishaalee raaja tha us samraat ashok ko maana jaata hai aur ashok ke stambh yaheen se liya gaya hai inheen ke dvaara banaaya gaya yah stambh jo hai ashok stambh hai aur sabase badee baat hai ki is sabhee mahaadveepon mein bhee bahut dharm ka prachaar kee aur apane is prachaar ko aage karane aage badhaane ke lie apane putr ko dharmendr va sanghamitra ko inhonne lanka bheja tha bauddh dharm ka prachaar karane ke lie inaka jo shaasan avadhi tha 269 eesa poorv se 232 eesa poorv tak inhonne shaasan kiya aur inake pita ka naam bindusaar tha maata ka naam shubham daangee tha unake do putr the mahendr sanghamitra
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