#कुछ अलग

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बॉयफ्रेंड बनाने के क्या लाभ है?Boyaphrend Banaane Ke Kya Laabh Hai
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#कुछ अलग

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इन दोनों (🐄+🌳) को मिलाकर लड़की का नाम क्या बन रहा हैIn Donon ( ) Ko Milaakar Ladakee Ka Naam Kya Ban Raha Ha
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#कुछ अलग

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इन दोनों को मिलाकर एक लड़की का नाम बन रहा है ( 💯 + 🚰 ) वो नाम क्या हैIn Donon Ko Milaakar Ek Ladakee Ka Naam Ban Raha Hai ( ) Vo Naam Kya Ha
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#कुछ अलग

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#कुछ अलग

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धर्म और प्रेम दोनों में कौन श्रेष्ठ है?Dharm Aur Prem Donon Mein Kaun Shreshth Hai
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#कुछ अलग

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मेरी बीवी ५२ की है उसे वियाग्रा देना चाहता हु ये सही रहेगा?Meree Beevee 52 Kee Hai Use Viyaagra Dena Chaahata Hu Ye Sahee Rahega
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#कुछ अलग

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ऐसा क्या है जिसका सिर्फ गला है सर नहीं जिसकी सिर्फ बाजू में हाथ नहीं बताइए?Aisa Kya Hai Jisaka Sirph Gala Hai Sar Nahin Jisakee Sirph Baajoo Mein Haath Nahin Bataie
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#कुछ अलग

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ek truck driver wrong side ja rha tha lakin police ne usse roka nhi aakhir Kyu?Ek Trak Draivar Rong Said Ja Raha Tha Lekin Pulis Ne Use Roka Nahee Aakhir Kyon
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#कुछ अलग

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#कुछ अलग

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input the correct pattern 4 29 19 24 34 19 ___ ___ 64 9?>
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#कुछ अलग

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मानव शरीर में जड़ किस हिस्से को कहते हैं?Maanav Shareer Mein Jad Kis Hisse Ko Kahate Hain
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#कुछ अलग

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हम अपनी विधवा बहन की मदद कैसे करें जबकि हमारी पत्नी उसकी मदद करने से इंकार करती है?Ham Apanee Vidhava Bahan Kee Madad Kaise Karen Jabaki Hamaaree Patnee Usakee Madad Karane Se Inkaar Karatee Hai
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#कुछ अलग

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दहेज प्रथा का दूसरा विकल्प क्या होना चाहिए?Dahej Pratha Ka Dusra Vikalp Kya Hona Chahiye
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#कुछ अलग

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क्या हाथों से गाय को सहलाने से कैंसर ठीक हो जाता है?Kya Haathon Se Gaay Ko Sahalaane Se Kainsar Theek Ho Jaata Hai
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#कुछ अलग

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_ - ' : ; " / * का उपयोग लिखते समय कब किया जाता है?<!doctype Html> <html Lang=en> <meta
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#कुछ अलग

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जीत और हार के ऊपर क्या है?Jeet Aur Haar Ke Upar Kya Hai
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#कुछ अलग

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ज्यादा ताकतवर कौन सी चीज होती है?Jyada Taakatvar Kaun Si Chij Hoti Hai
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#कुछ अलग

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ब्रेस्ट बढ़ाने का कोई क्रीम बताइए?Breast Badhane Ka Koi Cream Bataye
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#कुछ अलग

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3:53

#धर्म और ज्योतिषी

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कूची शब्द का क्या अर्थ है?Kuchi Shabd Ka Kya Arth Hai
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#पढ़ाई लिखाई

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रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सून में कौन सा छंद है?Rahiman Paani Rakhiye Bin Paani Sab Soon Mein Kaun Sa Chhand Hai
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#धर्म और ज्योतिषी

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श्री कृष्ण जी की बांसुरी किस बांस की बनी थी?Shree Krishna Ji Ki Bansuri Kis Baans Ki Bani Thi
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#मनोरंजन

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कानूनी रूप से नई फिल्में देखने के लिए सबसे अच्छी वेबसाइट कौन सी है?Kanooni Roop Se Nayi Filmein Dekhne Ke Liye Sabse Achhi Website Kaun Si Hai
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#जीवन शैली

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वो क्या चीज है जो आगे से भगवान ने बनाया पीछे से इंसान ने?Vo Kya Cheej Hai Jo Aage Se Bhagvan Ne Banaya Peeche Se Insan Ne
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0:26

#जीवन शैली

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4:36

#जीवन शैली

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तन और मन में किस की संतुष्टि बेहतर होती है उसके बेहतर होने के पीछे क्या कारण है?Tan Aur Man Mei Kis Ki Santushti Behtar Hoti Hai Uske Behtar Hone Ke Peche Kya Karan Hai
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2:41
तन और मन में अगर हमें किसी के घर संतुष्टि करनी है हमें चाहिए मन की संतुष्टि करना इसलिए मन जो होता है वह हमारे शरीर से कार्य करवाता है हमारे शरीर के ऊपर मन हमेशा रहता है जो मन कहता है वही हमारा शरीर कार्य करता है हमारे मन में चलता है यह को करना है या फिर हमारे मन में जो लालच आता है उसी का इंजॉय करता है दर्द सहना पड़ता है नीचे ही पड़ती है उनके अधिकार होता है जो है मन के अधीन है और मन जो कहता है वही करता है जो है हमको हर तरह से संतुष्ट करके बचा जा सकता है लेकिन शरीर जो है वह मन के अधीन जब होती है तो मन उससे अनेकों प्रकार के अच्छे और बुरे कार्य करवाता है ऐसे में जो कष्ट या सुख जो भी मिलता है वह हमारे शरीर को ही मिलता है ना कि मन को मन का क्या है मन एक ऐसा अंधा होता है जिसे कभी भी भरा नहीं जा सकता है मगर हम कोई भी चीज खाते हैं पीते हैं तन मन जो है वह दूसरी चीज के लिए और चेष्टा करने लगता है उस चीज भर गया फिर आप दूसरी चीज की ओर अग्रसर हो जाते हैं कि आपको नींद आने लगती है या फिर आप और किसी कार्य में लग जाते हैं आपको दूसरा दे देता है उसको छोड़ कर के हमें अगर अपने मन को कंट्रोल करने और मन को संतुष्ट कर कर लें जिससे हमारा शरीर जो है वह ऑटोमेटिक लीवर संतुष्ट हो जाएगा इसलिए जो हमारे शरीर को चलाने वाला है जो कार्यवाहक नेता है हम हमें जो चाहिए कि उस नेता को कंट्रोल होना चाहिए जो लीडर है तो मन हमारे शरीर का लीडर होता है जो मन कहता है वही करता है तो मन को कंट्रोल कर के मन को संतोष करके हम अपने शरीर को संतुष्टि प्रदान कर सकते हैं इसलिए हमें चाहिए हमेशा मन के पिछले गाने से बल्कि मन को कंट्रोल करके हमेशा अपने को संतुष्ट करने के लिए मन को काबू करना चाहिए ऑटोमैटिक कि हमारी तन को जो है संतुष्टि मिल जाएगी धन्यवाद
Tan aur man mein agar hamen kisee ke ghar santushti karanee hai hamen chaahie man kee santushti karana isalie man jo hota hai vah hamaare shareer se kaary karavaata hai hamaare shareer ke oopar man hamesha rahata hai jo man kahata hai vahee hamaara shareer kaary karata hai hamaare man mein chalata hai yah ko karana hai ya phir hamaare man mein jo laalach aata hai usee ka injoy karata hai dard sahana padata hai neeche hee padatee hai unake adhikaar hota hai jo hai man ke adheen hai aur man jo kahata hai vahee karata hai jo hai hamako har tarah se santusht karake bacha ja sakata hai lekin shareer jo hai vah man ke adheen jab hotee hai to man usase anekon prakaar ke achchhe aur bure kaary karavaata hai aise mein jo kasht ya sukh jo bhee milata hai vah hamaare shareer ko hee milata hai na ki man ko man ka kya hai man ek aisa andha hota hai jise kabhee bhee bhara nahin ja sakata hai magar ham koee bhee cheej khaate hain peete hain tan man jo hai vah doosaree cheej ke lie aur cheshta karane lagata hai us cheej bhar gaya phir aap doosaree cheej kee or agrasar ho jaate hain ki aapako neend aane lagatee hai ya phir aap aur kisee kaary mein lag jaate hain aapako doosara de deta hai usako chhod kar ke hamen agar apane man ko kantrol karane aur man ko santusht kar kar len jisase hamaara shareer jo hai vah otometik leevar santusht ho jaega isalie jo hamaare shareer ko chalaane vaala hai jo kaaryavaahak neta hai ham hamen jo chaahie ki us neta ko kantrol hona chaahie jo leedar hai to man hamaare shareer ka leedar hota hai jo man kahata hai vahee karata hai to man ko kantrol kar ke man ko santosh karake ham apane shareer ko santushti pradaan kar sakate hain isalie hamen chaahie hamesha man ke pichhale gaane se balki man ko kantrol karake hamesha apane ko santusht karane ke lie man ko kaaboo karana chaahie otomaitik ki hamaaree tan ko jo hai santushti mil jaegee dhanyavaad

#जीवन शैली

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अकाल मृत्यु से बचाव हेतु कौन-कौन से उपाय करने चाहिए?Akaal Mritiyu Se Bachaav Hetu Kaun Kaun Se Upaay Karne Chahiye
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2:57
अकाल मृत्यु से बचने के लिए आपको सिर्फ एक ही उपाय करना है और वह उपाय है कि आपको संतमत के मार्ग को अपनाना है लेकिन नाम की कमाई करना है इनकी भजन सिमरन जो व्यक्ति नाम से जुड़ जाता है जो व्यक्ति भजन और सिमरन प्रतिदिन नियमित रूप से करता है तो कल जो है यानी कि जो काल होता है तो यमराज यानी उसके पास नहीं आता है या फिर सो जाता है या नहीं चला जाता है जो है उससे पूछता है उसका जो है फ़िदा दीदार उस परमात्मा से ही होता है और परमात्मा से इस प्रकार से होगा कि आपके कर्म के अनुसार ही आपको फिर दूसरी शरीर मिलेगी और अगर आपके अच्छे अगर यदि कर्म है तो आपको मोक्ष की प्राप्ति भी हो सकती है तो इस प्रकार से बचने का बस और सीधा सरल उपाय है कि आप नाम के साथ जुड़ जाइए लेकिन नाम की कमाई कीजिए कि भजन और सिमरन आपको जो है अकाल मृत्यु आपको नहीं होगी यानी कि कल जो है आपके पास मरने के समय काल जो है आपको नहीं लेने आएंगे नहीं आएंगे आपको जो है सीना आपके कर्म के अनुसार एक यूनिट दूसरी होने में ट्रांसफर कर दिया जाएगा यानी कि जिस प्रकार उसी प्रकार से आपको सभी मिल जाएगी और आप अपने समय के अनुरूप ही मरेंगे यंकी जब भी आपकी मृत्यु अपने पूरे जीवन पूंजी करके उसके बाद ही मरेंगे और उसके बाद अकाल मृत्यु होती क्या है अकाउंट में तो देखे वह होती है इसके बारे में जानते हैं अकाल मृत्यु समय से पहले शरीर को त्याग ना पड़ जाए वह कार्यकाल आती है जैसे कि खुदकुशी करना है जहर खाना या फिर आत्महत्या करना जैसे जिस प्रकार से होता है या फिर किसी जहरीले सर्प बिच्छू इतिहास से अगर कोई प्राणी मरता है तो उसे अकाल मित्र की प्राप्ति होती है किंतु जो संतमत के नाम की कमाई करता है जो भजन और करता है कॉल भी डरता है यानी कि कल जो है फिर उस आत्मा को नहीं पूछता है उसकी काल से मुक्ति हो जाती है उसका सीधा लेखा-जोखा जो होता है वह सीधा परमात्मा के द्वारा होता है और जिस प्रकार से आप का कर्म होगा उसी के अनुरूप आपको सिम मिल जाएगी हां यह है कि आपको अकाल मित्र की प्राप्ति कभी भी नहीं होगी आप जो है जब भी मारेंगे आपको दूसरी शरीर धारण करनी पड़ेगी इस आधार पर के आत्मा प्रेत योनि में नहीं जाना पड़ेगा इसके लिए सबसे सरल उपाय है कि आप नाम की कमाई कीजिए नहीं भजन कीजिए सीमेंट कीजिए उस तंत्र से जुड़े रहिए जो आपको नामदान दे रहा है जिसने आप को नाम दान दिया है आप उसके मार को अपनाकर के नाम भी कमाई कीजिए अकाल मृत्यु आपको कभी भी नहीं होगी मतलब जब तक आप जाएंगे आप अपने स्वरूप जिएंगे आप अपनी आयु के अनुरूप ही जिएंगे उससे पहले आपको अकाउंट नहीं होनी है सीधा सा उपाय है कि नाम की कमाई कीजिए बस यही ऑप्शन है धन्यवाद
Akaal mrtyu se bachane ke lie aapako sirph ek hee upaay karana hai aur vah upaay hai ki aapako santamat ke maarg ko apanaana hai lekin naam kee kamaee karana hai inakee bhajan simaran jo vyakti naam se jud jaata hai jo vyakti bhajan aur simaran pratidin niyamit roop se karata hai to kal jo hai yaanee ki jo kaal hota hai to yamaraaj yaanee usake paas nahin aata hai ya phir so jaata hai ya nahin chala jaata hai jo hai usase poochhata hai usaka jo hai fida deedaar us paramaatma se hee hota hai aur paramaatma se is prakaar se hoga ki aapake karm ke anusaar hee aapako phir doosaree shareer milegee aur agar aapake achchhe agar yadi karm hai to aapako moksh kee praapti bhee ho sakatee hai to is prakaar se bachane ka bas aur seedha saral upaay hai ki aap naam ke saath jud jaie lekin naam kee kamaee keejie ki bhajan aur simaran aapako jo hai akaal mrtyu aapako nahin hogee yaanee ki kal jo hai aapake paas marane ke samay kaal jo hai aapako nahin lene aaenge nahin aaenge aapako jo hai seena aapake karm ke anusaar ek yoonit doosaree hone mein traansaphar kar diya jaega yaanee ki jis prakaar usee prakaar se aapako sabhee mil jaegee aur aap apane samay ke anuroop hee marenge yankee jab bhee aapakee mrtyu apane poore jeevan poonjee karake usake baad hee marenge aur usake baad akaal mrtyu hotee kya hai akaunt mein to dekhe vah hotee hai isake baare mein jaanate hain akaal mrtyu samay se pahale shareer ko tyaag na pad jae vah kaaryakaal aatee hai jaise ki khudakushee karana hai jahar khaana ya phir aatmahatya karana jaise jis prakaar se hota hai ya phir kisee jahareele sarp bichchhoo itihaas se agar koee praanee marata hai to use akaal mitr kee praapti hotee hai kintu jo santamat ke naam kee kamaee karata hai jo bhajan aur karata hai kol bhee darata hai yaanee ki kal jo hai phir us aatma ko nahin poochhata hai usakee kaal se mukti ho jaatee hai usaka seedha lekha-jokha jo hota hai vah seedha paramaatma ke dvaara hota hai aur jis prakaar se aap ka karm hoga usee ke anuroop aapako sim mil jaegee haan yah hai ki aapako akaal mitr kee praapti kabhee bhee nahin hogee aap jo hai jab bhee maarenge aapako doosaree shareer dhaaran karanee padegee is aadhaar par ke aatma pret yoni mein nahin jaana padega isake lie sabase saral upaay hai ki aap naam kee kamaee keejie nahin bhajan keejie seement keejie us tantr se jude rahie jo aapako naamadaan de raha hai jisane aap ko naam daan diya hai aap usake maar ko apanaakar ke naam bhee kamaee keejie akaal mrtyu aapako kabhee bhee nahin hogee matalab jab tak aap jaenge aap apane svaroop jienge aap apanee aayu ke anuroop hee jienge usase pahale aapako akaunt nahin honee hai seedha sa upaay hai ki naam kee kamaee keejie bas yahee opshan hai dhanyavaad

#जीवन शैली

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अगर यदि कहा जाए कि इंसान के जीवन की व्यवस्था कौन सी है जब से सारी संबंधों से मोहभंग होने लगता है तो यह कहना देखिए सभी लोग कह देंगे कि यह होते ही वृद्धावस्था जब लोग शारीरिक संबंधों से मोहभंग उनका होने लगता है इनकी वह सेक्स के प्रति उनके विचार जो है वह कम होने लगते हैं और उससे दूरी बना लेते हैं पर यह कहना पूर्णता गलत होगा आज के अगर देखा जाए वर्तमान के बात करें तो आज वृद्धावस्था के जो वृद्ध लोग हैं वह भी सारिक संबंध बनाने की चाहत रख रहे हैं तो ऐसे नहीं जो है चाहे किशोरावस्था हो या फिर वृद्धावस्था हो सभी के अंदर हो चाहत होती है किंतु अगर यदि आपके विचार करें भी अच्छे हैं आप को अच्छे संस्कार घर मिले हैं तो आप शरीर संबंधों से दूरी को आप बाल्यावस्था से ही बना सकते हैं किशोरावस्था में भी बना सकते हैं फर्क सिर्फ यहां पर यह है कि हमारे हमें जो संस्कार हो किस प्रकार से मिले हैं और वह हमारे जो विचारधारा है जो वह किस प्रकार की हैं अगर यदि किसी व्यक्ति को देखें तो बाल्यावस्था से ही उसका शारीरिक संबंध से यहां तक कि भौतिक सुखों से भी उसका मोह भंग हो जाता है और वह सरल और सादा जीवन जीने लगता है अगर उसी बात को करके अगर हम दूसरे नजर से देखें तो एक वृद्ध अगर आदमी को देखें तो वह अपनी वृद्धावस्था में भी सारी संबंध बनाने की चाहत रखता है उस व्यक्ति के उसके संस्कार और उसके कर्तव्यों के उसकी विचारधारा के ऊपर निर्भर करता है तिवारी संबंध जो है किस अवस्था में क्या करेगा यह जरूरी नहीं है सिर्फ वृद्धावस्था में क्या करें बहुत से लोग आपको उदाहरण मिल जाएंगे जब को बाल्यावस्था में ही आपको शरीर संबंध से मतलब दूर हो जाते हैं और साथ ही साथ किशोरावस्था में भी आपको दूर देखने को मिलेंगे अब किससे बात करें तो एग्जांपल के तौर पर उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ को देख लीजिए उन्होंने जो है संतमत को धारण किया है अभी बात और है कि उनके मन में क्या है उनके दिल में क्या है वह क्या करते हैं पलकें दिखावे के तौर पर उदाहरण के तौर पर पेश नहीं यही है कि उन्होंने जो है इन सब चीजों से दूरी बना ली है जबकि वह भी किशोरावस्था में ही मानते हैं क्योंकि उनको इस बात को बताते हैं कि संबंध से मोह भंग करने के लिए कोई व्यवस्था जरूरी नहीं है वह अवस्था बाल्यावस्था भी हो सकती है किशोरावस्था अब तो आमतौर पर वृद्धावस्था ही सही माना जाता है कि किशोरावस्था होती है तब तक हमारे मन में जो विचार होते हैं वह होते हैं और ऐसे में लोग जो हैं उसके प्रति आकर्षित होते रहते हैं लेकिन जब वृद्धावस्था कि जब उसकी उम्र हो जाते हैं तब व्यक्ति भौतिक सुखों का त्याग करके ईश्वर के प्रति उनका रुझान हो जाता है तो मेरी नजर में तो कोई व्यवस्था नहीं है मेरी नजर में सभी अवस्थाएं हैं बस अगर यह कोई चीज है तो वह जरूरी है कि उसके विचार और उसके संस्कार व किस तरफ अमल किस अवस्था में उसे मिलते हैं अगर से बाल अवस्था में अच्छे संस्कार मिल जाए तो वह है इन सब चीजों से बाल्यावस्था में दूरी बना सकता है नहीं तो किशोरावस्था सकता है लेकिन बना सकता है धन्यवाद
Agar yadi kaha jae ki insaan ke jeevan kee vyavastha kaun see hai jab se saaree sambandhon se mohabhang hone lagata hai to yah kahana dekhie sabhee log kah denge ki yah hote hee vrddhaavastha jab log shaareerik sambandhon se mohabhang unaka hone lagata hai inakee vah seks ke prati unake vichaar jo hai vah kam hone lagate hain aur usase dooree bana lete hain par yah kahana poornata galat hoga aaj ke agar dekha jae vartamaan ke baat karen to aaj vrddhaavastha ke jo vrddh log hain vah bhee saarik sambandh banaane kee chaahat rakh rahe hain to aise nahin jo hai chaahe kishoraavastha ho ya phir vrddhaavastha ho sabhee ke andar ho chaahat hotee hai kintu agar yadi aapake vichaar karen bhee achchhe hain aap ko achchhe sanskaar ghar mile hain to aap shareer sambandhon se dooree ko aap baalyaavastha se hee bana sakate hain kishoraavastha mein bhee bana sakate hain phark sirph yahaan par yah hai ki hamaare hamen jo sanskaar ho kis prakaar se mile hain aur vah hamaare jo vichaaradhaara hai jo vah kis prakaar kee hain agar yadi kisee vyakti ko dekhen to baalyaavastha se hee usaka shaareerik sambandh se yahaan tak ki bhautik sukhon se bhee usaka moh bhang ho jaata hai aur vah saral aur saada jeevan jeene lagata hai agar usee baat ko karake agar ham doosare najar se dekhen to ek vrddh agar aadamee ko dekhen to vah apanee vrddhaavastha mein bhee saaree sambandh banaane kee chaahat rakhata hai us vyakti ke usake sanskaar aur usake kartavyon ke usakee vichaaradhaara ke oopar nirbhar karata hai tivaaree sambandh jo hai kis avastha mein kya karega yah jarooree nahin hai sirph vrddhaavastha mein kya karen bahut se log aapako udaaharan mil jaenge jab ko baalyaavastha mein hee aapako shareer sambandh se matalab door ho jaate hain aur saath hee saath kishoraavastha mein bhee aapako door dekhane ko milenge ab kisase baat karen to egjaampal ke taur par uttar pradesh mukhyamantree seeem yogee aadityanaath ko dekh leejie unhonne jo hai santamat ko dhaaran kiya hai abhee baat aur hai ki unake man mein kya hai unake dil mein kya hai vah kya karate hain palaken dikhaave ke taur par udaaharan ke taur par pesh nahin yahee hai ki unhonne jo hai in sab cheejon se dooree bana lee hai jabaki vah bhee kishoraavastha mein hee maanate hain kyonki unako is baat ko bataate hain ki sambandh se moh bhang karane ke lie koee vyavastha jarooree nahin hai vah avastha baalyaavastha bhee ho sakatee hai kishoraavastha ab to aamataur par vrddhaavastha hee sahee maana jaata hai ki kishoraavastha hotee hai tab tak hamaare man mein jo vichaar hote hain vah hote hain aur aise mein log jo hain usake prati aakarshit hote rahate hain lekin jab vrddhaavastha ki jab usakee umr ho jaate hain tab vyakti bhautik sukhon ka tyaag karake eeshvar ke prati unaka rujhaan ho jaata hai to meree najar mein to koee vyavastha nahin hai meree najar mein sabhee avasthaen hain bas agar yah koee cheej hai to vah jarooree hai ki usake vichaar aur usake sanskaar va kis taraph amal kis avastha mein use milate hain agar se baal avastha mein achchhe sanskaar mil jae to vah hai in sab cheejon se baalyaavastha mein dooree bana sakata hai nahin to kishoraavastha sakata hai lekin bana sakata hai dhanyavaad

#धर्म और ज्योतिषी

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मनुष्य के दुख का सबसे बड़ा कारण क्या है?Manushya Ke Dukh Ka Sabse Bada Karan Kya Hai
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2:52
मनुष्य के दुख का सबसे बड़ा कारण अगर कोई है तो वह है उसकी इच्छाएं इंसान है उसके दुख का कारण बनता है वह बनती है इसकी छाया नहीं होती है होती है उसकी वजह से उसे दुख प्राप्त होता है मन की जगह देने के लिए अनेक प्रकार के करता है मन करता है अपने शारीरिक सुख के लिए या फिर अपने सगे संबंधियों के लिए क्या तुम्हारे तू करता है इस कार्य को करने के लिए अबे इस सुख को प्राप्त कर लेंगे इस प्रकार से हमारे मन में आती हैं इच्छाएं कभी खत्म नहीं होती हैं अगर खत्म हो जाती है मन एक ऐसा अंधा कुआं है जिसे कभी भी कोई भी उसे भर नहीं सकता है एक खत्म होती तो दूसरी उसके पीछे पर आ जाती है इसलिए मनुष्य को जाना है उसे मन के अधीन नहीं कार्य करना है उसे मन करता है वह हमारी इच्छा है हमें चाहिए अपनी इच्छाओं को जितना कम से कम हो सके हमें जीवन जीने के लिए कार्य करना है दुख का कारण बनती है कंट्रोल करें और अपने जीवन को सरल और सादा बनाने के लिए अपने मन को एकाग्र करके हमें उस ईश्वर का चिंतन करना है जिसने भी सृष्टि को भेजा है और अपना कार्य आसानी के साथ करके इस संसार से निकल जाना है यह होता है संतमत की विचारधारा से धन्यवाद
Manushy ke dukh ka sabase bada kaaran agar koee hai to vah hai usakee ichchhaen insaan hai usake dukh ka kaaran banata hai vah banatee hai isakee chhaaya nahin hotee hai hotee hai usakee vajah se use dukh praapt hota hai man kee jagah dene ke lie anek prakaar ke karata hai man karata hai apane shaareerik sukh ke lie ya phir apane sage sambandhiyon ke lie kya tumhaare too karata hai is kaary ko karane ke lie abe is sukh ko praapt kar lenge is prakaar se hamaare man mein aatee hain ichchhaen kabhee khatm nahin hotee hain agar khatm ho jaatee hai man ek aisa andha kuaan hai jise kabhee bhee koee bhee use bhar nahin sakata hai ek khatm hotee to doosaree usake peechhe par aa jaatee hai isalie manushy ko jaana hai use man ke adheen nahin kaary karana hai use man karata hai vah hamaaree ichchha hai hamen chaahie apanee ichchhaon ko jitana kam se kam ho sake hamen jeevan jeene ke lie kaary karana hai dukh ka kaaran banatee hai kantrol karen aur apane jeevan ko saral aur saada banaane ke lie apane man ko ekaagr karake hamen us eeshvar ka chintan karana hai jisane bhee srshti ko bheja hai aur apana kaary aasaanee ke saath karake is sansaar se nikal jaana hai yah hota hai santamat kee vichaaradhaara se dhanyavaad

#रिश्ते और संबंध

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आजकल की बहुएं कैसी होती है?Aajkal Ki Bahuein Kaisi Hoti Hai
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Teacher
5:21
एक जमाना हुआ करता था अगर हम सभी की बात करें तो 80 से 90 से लेकर के 2001 तक की जो बनी थी उनके अंदर हमेशा कहता था कि उनकी जो सास होगी वो कैसी होगी यानी कि कहीं झगड़ालू प्रबुद्ध की तो उनके उनके साथ नहीं मिलेगी यानी कि उन्हें इस बात का डर रहता था और वह रिश्ते की अहमियत रखती थी कि वह कद्र करती थी उनके अंदर संस्था थी शर्म थी हर चीज थी किंतु आज के दौर की अगर बात करें तो ठीक इसी का उल्टा होता है मैं सभी की बातें नहीं करूंगा सभी बड़ों की 100 में 70% बहुए ऐसी आपको मिलेंगी जो संस्कार और सभ्यता को पीछे छोड़ करके उनके निर्मल लाज शर्म ऐसी कोई चीज है देखने को नहीं मिलेगी कि सामने वाला हमसे बड़ा है या छोटा है वह उनके साथ हमेशा बराबर में बैठकर के मतलब बातें करती हैं उनके अंदर शर्म नाम की चीज सब चीजें छूट गई हैं आजकल की जो बा हुए हैं वह अपने आप को पूरी तरह से फ्रीडम की आजादी चाहते हैं उन्हें कोई रोक-टोक करने वाला ना हो वह पूरी तरह से फैशन में मस्त रहते हैं और साथ ही साथ वह भी चैटिंग में उन्हें कोई काम करने के लिए ना कहा जाए उन्हें बस आजादी चाहिए और पूरी तरह से ऐसो आराम चाहिए ताकि वह बैठ करके सिर्फ टीवी सीरियल देख और उनके ऊपर को चलाने वाला ना हो और खास बात से ज्यादा जरूरी बात है कि वह हमेशा एकल परिवार चाहते हैं यानी कि परिवार में रहना पसंद नहीं है क्यों नहीं पसंद है अधिक देर तक काम करना पड़ेगा या नहीं खाना-पीना बनाना पड़ेगा लोगों की सेवा करनी पड़ेगी इन सब चीजों से बचने के लिए एकल परिवार में जाना पसंद करती हैं और यही कारण है कि वह यहां तक कि अपने से जो जेठ है लेकिन उनके जोजेट हैं उनके पति का जो बड़ा भाई होता है यहां तक कि उनके जो देवर होते हैं उनकी वह जरा सा भी रिस्पेक्ट नहीं करते हैं बात बात पर वह हमेशा उनके साथ लड़ाई झगड़ा करने लगती है जो हमारे से कम उम्र के जो हमारे फ्रेंड से 12 की शादी हो गई है उनके घरों में आए दिन हमेशा लड़ाई झगड़े होते रहते हैं कभी कभी अपने को बोल देता हूं तो उल्टी हुआ मुझको भी जवाब दे देती है और ऐसे में मुझे खुद संसार हो जाना पड़ता है और मैं वहां से निकल जाता हूं तुम्हें देखता हूं कि आज तक कि उनके अंदर संसार का नाम की कोई चीज नहीं खजराना चाहते हैं इस साल यही है कि आए दिन में जो हमें बदलाव देखने को मिल रहा है जो है वह है कि लड़कियों को आगे बढ़ाना यानी कि लड़कियों को उनके सोच को बदल दिया गया है ऐसे में लड़की है जो है वह उस सोच विचार के साथ आगे बढ़ रहे हैं कई लड़कियां इसका गलत फायदा भी उठाती हैं आज मैंने देखा है कई लोग जो है अपने पति को जेल भिजवा देते हैं 1 महीने की बात करता हूं तो एक लड़की जो है ना हमारे घर जबकि उसका पति से मिलने उसके घर गया था ना ससुराल गया था लेकिन उसने उसको फसा दिया इस प्रकार से कहकर कि मतलब कि यह किसी और स्त्री को रखा हुआ है और जिसकी वजह से जो है कि मुझे नहीं चाहत कर रहा है और ऐसे में पुलिस उल्टा कोई भी सवाल जवाब किए बगैर उसकी आदमी को उठाकर ले गई अंदर कर दी आजकल की बहु को मिली छूट जून को स्वतंत्र जो उनको मिली आजादी है उसको भरपूर फायदा उठा रहे हैं और यही कारण है कि आजकल की बहु जो अपने संस्कारों में सभ्यता को भूल कर के वह अपने आप को सबसे ऊपर रखना चाहते हैं यानी कि वह लोगों को हुकुम देना चाहती हैं ताकि पूरे घर में अगर राजनीति से उनका चलें और बाकी किसी का ना चले आओ की सबसे बड़ी जो है यही विडंबना है कि मतलब अपने आप को मालकिन समझती हैं और ताकि जो भी हो कहे सभी लोग उसकी बातों को मानें और उसकी सराहना करें बस यही सब आता कि बहुत सोचती हैं और उन्हें पूरी तरह से आजादी मिले हर काम करने के लिए वह भी बाहर आए जाए उन्हें कोई रोकने ठोकने वाला ना हो और कोई यार दोस्त आता है उनसे कोई बात करने के लिए कोई रोके ना सभी लड़कियों में छात्र परिषद आपको बहुत ऐसे मिलेंगे बाकी 30% बहुए ऐसी होगी मैंने अपने संस्कार अपने सभ्यता सब चीज का एहसास है और वह उसकी रिस्पेक्ट भी करती हैं पर बदलते समय के अनुसार जो है आज तक की बहू थी कि मिलती हैं इनकी कामचोर और साथ ही साथ होने वाली और अपने आपको हमेशा आराम करने के लिए अपने पति के साथ अलग होने के लिए हमेशा प्रयासरत रहती हैं धन्यवाद
Ek jamaana hua karata tha agar ham sabhee kee baat karen to 80 se 90 se lekar ke 2001 tak kee jo banee thee unake andar hamesha kahata tha ki unakee jo saas hogee vo kaisee hogee yaanee ki kaheen jhagadaaloo prabuddh kee to unake unake saath nahin milegee yaanee ki unhen is baat ka dar rahata tha aur vah rishte kee ahamiyat rakhatee thee ki vah kadr karatee thee unake andar sanstha thee sharm thee har cheej thee kintu aaj ke daur kee agar baat karen to theek isee ka ulta hota hai main sabhee kee baaten nahin karoonga sabhee badon kee 100 mein 70% bahue aisee aapako milengee jo sanskaar aur sabhyata ko peechhe chhod karake unake nirmal laaj sharm aisee koee cheej hai dekhane ko nahin milegee ki saamane vaala hamase bada hai ya chhota hai vah unake saath hamesha baraabar mein baithakar ke matalab baaten karatee hain unake andar sharm naam kee cheej sab cheejen chhoot gaee hain aajakal kee jo ba hue hain vah apane aap ko pooree tarah se phreedam kee aajaadee chaahate hain unhen koee rok-tok karane vaala na ho vah pooree tarah se phaishan mein mast rahate hain aur saath hee saath vah bhee chaiting mein unhen koee kaam karane ke lie na kaha jae unhen bas aajaadee chaahie aur pooree tarah se aiso aaraam chaahie taaki vah baith karake sirph teevee seeriyal dekh aur unake oopar ko chalaane vaala na ho aur khaas baat se jyaada jarooree baat hai ki vah hamesha ekal parivaar chaahate hain yaanee ki parivaar mein rahana pasand nahin hai kyon nahin pasand hai adhik der tak kaam karana padega ya nahin khaana-peena banaana padega logon kee seva karanee padegee in sab cheejon se bachane ke lie ekal parivaar mein jaana pasand karatee hain aur yahee kaaran hai ki vah yahaan tak ki apane se jo jeth hai lekin unake jojet hain unake pati ka jo bada bhaee hota hai yahaan tak ki unake jo devar hote hain unakee vah jara sa bhee rispekt nahin karate hain baat baat par vah hamesha unake saath ladaee jhagada karane lagatee hai jo hamaare se kam umr ke jo hamaare phrend se 12 kee shaadee ho gaee hai unake gharon mein aae din hamesha ladaee jhagade hote rahate hain kabhee kabhee apane ko bol deta hoon to ultee hua mujhako bhee javaab de detee hai aur aise mein mujhe khud sansaar ho jaana padata hai aur main vahaan se nikal jaata hoon tumhen dekhata hoon ki aaj tak ki unake andar sansaar ka naam kee koee cheej nahin khajaraana chaahate hain is saal yahee hai ki aae din mein jo hamen badalaav dekhane ko mil raha hai jo hai vah hai ki ladakiyon ko aage badhaana yaanee ki ladakiyon ko unake soch ko badal diya gaya hai aise mein ladakee hai jo hai vah us soch vichaar ke saath aage badh rahe hain kaee ladakiyaan isaka galat phaayada bhee uthaatee hain aaj mainne dekha hai kaee log jo hai apane pati ko jel bhijava dete hain 1 maheene kee baat karata hoon to ek ladakee jo hai na hamaare ghar jabaki usaka pati se milane usake ghar gaya tha na sasuraal gaya tha lekin usane usako phasa diya is prakaar se kahakar ki matalab ki yah kisee aur stree ko rakha hua hai aur jisakee vajah se jo hai ki mujhe nahin chaahat kar raha hai aur aise mein pulis ulta koee bhee savaal javaab kie bagair usakee aadamee ko uthaakar le gaee andar kar dee aajakal kee bahu ko milee chhoot joon ko svatantr jo unako milee aajaadee hai usako bharapoor phaayada utha rahe hain aur yahee kaaran hai ki aajakal kee bahu jo apane sanskaaron mein sabhyata ko bhool kar ke vah apane aap ko sabase oopar rakhana chaahate hain yaanee ki vah logon ko hukum dena chaahatee hain taaki poore ghar mein agar raajaneeti se unaka chalen aur baakee kisee ka na chale aao kee sabase badee jo hai yahee vidambana hai ki matalab apane aap ko maalakin samajhatee hain aur taaki jo bhee ho kahe sabhee log usakee baaton ko maanen aur usakee saraahana karen bas yahee sab aata ki bahut sochatee hain aur unhen pooree tarah se aajaadee mile har kaam karane ke lie vah bhee baahar aae jae unhen koee rokane thokane vaala na ho aur koee yaar dost aata hai unase koee baat karane ke lie koee roke na sabhee ladakiyon mein chhaatr parishad aapako bahut aise milenge baakee 30% bahue aisee hogee mainne apane sanskaar apane sabhyata sab cheej ka ehasaas hai aur vah usakee rispekt bhee karatee hain par badalate samay ke anusaar jo hai aaj tak kee bahoo thee ki milatee hain inakee kaamachor aur saath hee saath hone vaalee aur apane aapako hamesha aaraam karane ke lie apane pati ke saath alag hone ke lie hamesha prayaasarat rahatee hain dhanyavaad
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