#जीवन शैली

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तन और मन में किस की संतुष्टि बेहतर होती है उसके बेहतर होने के पीछे क्या कारण है?Tan Aur Man Mei Kis Ki Santushti Behtar Hoti Hai Uske Behtar Hone Ke Peche Kya Karan Hai
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2:41
तन और मन में अगर हमें किसी के घर संतुष्टि करनी है हमें चाहिए मन की संतुष्टि करना इसलिए मन जो होता है वह हमारे शरीर से कार्य करवाता है हमारे शरीर के ऊपर मन हमेशा रहता है जो मन कहता है वही हमारा शरीर कार्य करता है हमारे मन में चलता है यह को करना है या फिर हमारे मन में जो लालच आता है उसी का इंजॉय करता है दर्द सहना पड़ता है नीचे ही पड़ती है उनके अधिकार होता है जो है मन के अधीन है और मन जो कहता है वही करता है जो है हमको हर तरह से संतुष्ट करके बचा जा सकता है लेकिन शरीर जो है वह मन के अधीन जब होती है तो मन उससे अनेकों प्रकार के अच्छे और बुरे कार्य करवाता है ऐसे में जो कष्ट या सुख जो भी मिलता है वह हमारे शरीर को ही मिलता है ना कि मन को मन का क्या है मन एक ऐसा अंधा होता है जिसे कभी भी भरा नहीं जा सकता है मगर हम कोई भी चीज खाते हैं पीते हैं तन मन जो है वह दूसरी चीज के लिए और चेष्टा करने लगता है उस चीज भर गया फिर आप दूसरी चीज की ओर अग्रसर हो जाते हैं कि आपको नींद आने लगती है या फिर आप और किसी कार्य में लग जाते हैं आपको दूसरा दे देता है उसको छोड़ कर के हमें अगर अपने मन को कंट्रोल करने और मन को संतुष्ट कर कर लें जिससे हमारा शरीर जो है वह ऑटोमेटिक लीवर संतुष्ट हो जाएगा इसलिए जो हमारे शरीर को चलाने वाला है जो कार्यवाहक नेता है हम हमें जो चाहिए कि उस नेता को कंट्रोल होना चाहिए जो लीडर है तो मन हमारे शरीर का लीडर होता है जो मन कहता है वही करता है तो मन को कंट्रोल कर के मन को संतोष करके हम अपने शरीर को संतुष्टि प्रदान कर सकते हैं इसलिए हमें चाहिए हमेशा मन के पिछले गाने से बल्कि मन को कंट्रोल करके हमेशा अपने को संतुष्ट करने के लिए मन को काबू करना चाहिए ऑटोमैटिक कि हमारी तन को जो है संतुष्टि मिल जाएगी धन्यवाद
Tan aur man mein agar hamen kisee ke ghar santushti karanee hai hamen chaahie man kee santushti karana isalie man jo hota hai vah hamaare shareer se kaary karavaata hai hamaare shareer ke oopar man hamesha rahata hai jo man kahata hai vahee hamaara shareer kaary karata hai hamaare man mein chalata hai yah ko karana hai ya phir hamaare man mein jo laalach aata hai usee ka injoy karata hai dard sahana padata hai neeche hee padatee hai unake adhikaar hota hai jo hai man ke adheen hai aur man jo kahata hai vahee karata hai jo hai hamako har tarah se santusht karake bacha ja sakata hai lekin shareer jo hai vah man ke adheen jab hotee hai to man usase anekon prakaar ke achchhe aur bure kaary karavaata hai aise mein jo kasht ya sukh jo bhee milata hai vah hamaare shareer ko hee milata hai na ki man ko man ka kya hai man ek aisa andha hota hai jise kabhee bhee bhara nahin ja sakata hai magar ham koee bhee cheej khaate hain peete hain tan man jo hai vah doosaree cheej ke lie aur cheshta karane lagata hai us cheej bhar gaya phir aap doosaree cheej kee or agrasar ho jaate hain ki aapako neend aane lagatee hai ya phir aap aur kisee kaary mein lag jaate hain aapako doosara de deta hai usako chhod kar ke hamen agar apane man ko kantrol karane aur man ko santusht kar kar len jisase hamaara shareer jo hai vah otometik leevar santusht ho jaega isalie jo hamaare shareer ko chalaane vaala hai jo kaaryavaahak neta hai ham hamen jo chaahie ki us neta ko kantrol hona chaahie jo leedar hai to man hamaare shareer ka leedar hota hai jo man kahata hai vahee karata hai to man ko kantrol kar ke man ko santosh karake ham apane shareer ko santushti pradaan kar sakate hain isalie hamen chaahie hamesha man ke pichhale gaane se balki man ko kantrol karake hamesha apane ko santusht karane ke lie man ko kaaboo karana chaahie otomaitik ki hamaaree tan ko jo hai santushti mil jaegee dhanyavaad

#जीवन शैली

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अकाल मृत्यु से बचाव हेतु कौन-कौन से उपाय करने चाहिए?Akaal Mritiyu Se Bachaav Hetu Kaun Kaun Se Upaay Karne Chahiye
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2:57
अकाल मृत्यु से बचने के लिए आपको सिर्फ एक ही उपाय करना है और वह उपाय है कि आपको संतमत के मार्ग को अपनाना है लेकिन नाम की कमाई करना है इनकी भजन सिमरन जो व्यक्ति नाम से जुड़ जाता है जो व्यक्ति भजन और सिमरन प्रतिदिन नियमित रूप से करता है तो कल जो है यानी कि जो काल होता है तो यमराज यानी उसके पास नहीं आता है या फिर सो जाता है या नहीं चला जाता है जो है उससे पूछता है उसका जो है फ़िदा दीदार उस परमात्मा से ही होता है और परमात्मा से इस प्रकार से होगा कि आपके कर्म के अनुसार ही आपको फिर दूसरी शरीर मिलेगी और अगर आपके अच्छे अगर यदि कर्म है तो आपको मोक्ष की प्राप्ति भी हो सकती है तो इस प्रकार से बचने का बस और सीधा सरल उपाय है कि आप नाम के साथ जुड़ जाइए लेकिन नाम की कमाई कीजिए कि भजन और सिमरन आपको जो है अकाल मृत्यु आपको नहीं होगी यानी कि कल जो है आपके पास मरने के समय काल जो है आपको नहीं लेने आएंगे नहीं आएंगे आपको जो है सीना आपके कर्म के अनुसार एक यूनिट दूसरी होने में ट्रांसफर कर दिया जाएगा यानी कि जिस प्रकार उसी प्रकार से आपको सभी मिल जाएगी और आप अपने समय के अनुरूप ही मरेंगे यंकी जब भी आपकी मृत्यु अपने पूरे जीवन पूंजी करके उसके बाद ही मरेंगे और उसके बाद अकाल मृत्यु होती क्या है अकाउंट में तो देखे वह होती है इसके बारे में जानते हैं अकाल मृत्यु समय से पहले शरीर को त्याग ना पड़ जाए वह कार्यकाल आती है जैसे कि खुदकुशी करना है जहर खाना या फिर आत्महत्या करना जैसे जिस प्रकार से होता है या फिर किसी जहरीले सर्प बिच्छू इतिहास से अगर कोई प्राणी मरता है तो उसे अकाल मित्र की प्राप्ति होती है किंतु जो संतमत के नाम की कमाई करता है जो भजन और करता है कॉल भी डरता है यानी कि कल जो है फिर उस आत्मा को नहीं पूछता है उसकी काल से मुक्ति हो जाती है उसका सीधा लेखा-जोखा जो होता है वह सीधा परमात्मा के द्वारा होता है और जिस प्रकार से आप का कर्म होगा उसी के अनुरूप आपको सिम मिल जाएगी हां यह है कि आपको अकाल मित्र की प्राप्ति कभी भी नहीं होगी आप जो है जब भी मारेंगे आपको दूसरी शरीर धारण करनी पड़ेगी इस आधार पर के आत्मा प्रेत योनि में नहीं जाना पड़ेगा इसके लिए सबसे सरल उपाय है कि आप नाम की कमाई कीजिए नहीं भजन कीजिए सीमेंट कीजिए उस तंत्र से जुड़े रहिए जो आपको नामदान दे रहा है जिसने आप को नाम दान दिया है आप उसके मार को अपनाकर के नाम भी कमाई कीजिए अकाल मृत्यु आपको कभी भी नहीं होगी मतलब जब तक आप जाएंगे आप अपने स्वरूप जिएंगे आप अपनी आयु के अनुरूप ही जिएंगे उससे पहले आपको अकाउंट नहीं होनी है सीधा सा उपाय है कि नाम की कमाई कीजिए बस यही ऑप्शन है धन्यवाद
Akaal mrtyu se bachane ke lie aapako sirph ek hee upaay karana hai aur vah upaay hai ki aapako santamat ke maarg ko apanaana hai lekin naam kee kamaee karana hai inakee bhajan simaran jo vyakti naam se jud jaata hai jo vyakti bhajan aur simaran pratidin niyamit roop se karata hai to kal jo hai yaanee ki jo kaal hota hai to yamaraaj yaanee usake paas nahin aata hai ya phir so jaata hai ya nahin chala jaata hai jo hai usase poochhata hai usaka jo hai fida deedaar us paramaatma se hee hota hai aur paramaatma se is prakaar se hoga ki aapake karm ke anusaar hee aapako phir doosaree shareer milegee aur agar aapake achchhe agar yadi karm hai to aapako moksh kee praapti bhee ho sakatee hai to is prakaar se bachane ka bas aur seedha saral upaay hai ki aap naam ke saath jud jaie lekin naam kee kamaee keejie ki bhajan aur simaran aapako jo hai akaal mrtyu aapako nahin hogee yaanee ki kal jo hai aapake paas marane ke samay kaal jo hai aapako nahin lene aaenge nahin aaenge aapako jo hai seena aapake karm ke anusaar ek yoonit doosaree hone mein traansaphar kar diya jaega yaanee ki jis prakaar usee prakaar se aapako sabhee mil jaegee aur aap apane samay ke anuroop hee marenge yankee jab bhee aapakee mrtyu apane poore jeevan poonjee karake usake baad hee marenge aur usake baad akaal mrtyu hotee kya hai akaunt mein to dekhe vah hotee hai isake baare mein jaanate hain akaal mrtyu samay se pahale shareer ko tyaag na pad jae vah kaaryakaal aatee hai jaise ki khudakushee karana hai jahar khaana ya phir aatmahatya karana jaise jis prakaar se hota hai ya phir kisee jahareele sarp bichchhoo itihaas se agar koee praanee marata hai to use akaal mitr kee praapti hotee hai kintu jo santamat ke naam kee kamaee karata hai jo bhajan aur karata hai kol bhee darata hai yaanee ki kal jo hai phir us aatma ko nahin poochhata hai usakee kaal se mukti ho jaatee hai usaka seedha lekha-jokha jo hota hai vah seedha paramaatma ke dvaara hota hai aur jis prakaar se aap ka karm hoga usee ke anuroop aapako sim mil jaegee haan yah hai ki aapako akaal mitr kee praapti kabhee bhee nahin hogee aap jo hai jab bhee maarenge aapako doosaree shareer dhaaran karanee padegee is aadhaar par ke aatma pret yoni mein nahin jaana padega isake lie sabase saral upaay hai ki aap naam kee kamaee keejie nahin bhajan keejie seement keejie us tantr se jude rahie jo aapako naamadaan de raha hai jisane aap ko naam daan diya hai aap usake maar ko apanaakar ke naam bhee kamaee keejie akaal mrtyu aapako kabhee bhee nahin hogee matalab jab tak aap jaenge aap apane svaroop jienge aap apanee aayu ke anuroop hee jienge usase pahale aapako akaunt nahin honee hai seedha sa upaay hai ki naam kee kamaee keejie bas yahee opshan hai dhanyavaad

#जीवन शैली

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3:32
अगर यदि कहा जाए कि इंसान के जीवन की व्यवस्था कौन सी है जब से सारी संबंधों से मोहभंग होने लगता है तो यह कहना देखिए सभी लोग कह देंगे कि यह होते ही वृद्धावस्था जब लोग शारीरिक संबंधों से मोहभंग उनका होने लगता है इनकी वह सेक्स के प्रति उनके विचार जो है वह कम होने लगते हैं और उससे दूरी बना लेते हैं पर यह कहना पूर्णता गलत होगा आज के अगर देखा जाए वर्तमान के बात करें तो आज वृद्धावस्था के जो वृद्ध लोग हैं वह भी सारिक संबंध बनाने की चाहत रख रहे हैं तो ऐसे नहीं जो है चाहे किशोरावस्था हो या फिर वृद्धावस्था हो सभी के अंदर हो चाहत होती है किंतु अगर यदि आपके विचार करें भी अच्छे हैं आप को अच्छे संस्कार घर मिले हैं तो आप शरीर संबंधों से दूरी को आप बाल्यावस्था से ही बना सकते हैं किशोरावस्था में भी बना सकते हैं फर्क सिर्फ यहां पर यह है कि हमारे हमें जो संस्कार हो किस प्रकार से मिले हैं और वह हमारे जो विचारधारा है जो वह किस प्रकार की हैं अगर यदि किसी व्यक्ति को देखें तो बाल्यावस्था से ही उसका शारीरिक संबंध से यहां तक कि भौतिक सुखों से भी उसका मोह भंग हो जाता है और वह सरल और सादा जीवन जीने लगता है अगर उसी बात को करके अगर हम दूसरे नजर से देखें तो एक वृद्ध अगर आदमी को देखें तो वह अपनी वृद्धावस्था में भी सारी संबंध बनाने की चाहत रखता है उस व्यक्ति के उसके संस्कार और उसके कर्तव्यों के उसकी विचारधारा के ऊपर निर्भर करता है तिवारी संबंध जो है किस अवस्था में क्या करेगा यह जरूरी नहीं है सिर्फ वृद्धावस्था में क्या करें बहुत से लोग आपको उदाहरण मिल जाएंगे जब को बाल्यावस्था में ही आपको शरीर संबंध से मतलब दूर हो जाते हैं और साथ ही साथ किशोरावस्था में भी आपको दूर देखने को मिलेंगे अब किससे बात करें तो एग्जांपल के तौर पर उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ को देख लीजिए उन्होंने जो है संतमत को धारण किया है अभी बात और है कि उनके मन में क्या है उनके दिल में क्या है वह क्या करते हैं पलकें दिखावे के तौर पर उदाहरण के तौर पर पेश नहीं यही है कि उन्होंने जो है इन सब चीजों से दूरी बना ली है जबकि वह भी किशोरावस्था में ही मानते हैं क्योंकि उनको इस बात को बताते हैं कि संबंध से मोह भंग करने के लिए कोई व्यवस्था जरूरी नहीं है वह अवस्था बाल्यावस्था भी हो सकती है किशोरावस्था अब तो आमतौर पर वृद्धावस्था ही सही माना जाता है कि किशोरावस्था होती है तब तक हमारे मन में जो विचार होते हैं वह होते हैं और ऐसे में लोग जो हैं उसके प्रति आकर्षित होते रहते हैं लेकिन जब वृद्धावस्था कि जब उसकी उम्र हो जाते हैं तब व्यक्ति भौतिक सुखों का त्याग करके ईश्वर के प्रति उनका रुझान हो जाता है तो मेरी नजर में तो कोई व्यवस्था नहीं है मेरी नजर में सभी अवस्थाएं हैं बस अगर यह कोई चीज है तो वह जरूरी है कि उसके विचार और उसके संस्कार व किस तरफ अमल किस अवस्था में उसे मिलते हैं अगर से बाल अवस्था में अच्छे संस्कार मिल जाए तो वह है इन सब चीजों से बाल्यावस्था में दूरी बना सकता है नहीं तो किशोरावस्था सकता है लेकिन बना सकता है धन्यवाद
Agar yadi kaha jae ki insaan ke jeevan kee vyavastha kaun see hai jab se saaree sambandhon se mohabhang hone lagata hai to yah kahana dekhie sabhee log kah denge ki yah hote hee vrddhaavastha jab log shaareerik sambandhon se mohabhang unaka hone lagata hai inakee vah seks ke prati unake vichaar jo hai vah kam hone lagate hain aur usase dooree bana lete hain par yah kahana poornata galat hoga aaj ke agar dekha jae vartamaan ke baat karen to aaj vrddhaavastha ke jo vrddh log hain vah bhee saarik sambandh banaane kee chaahat rakh rahe hain to aise nahin jo hai chaahe kishoraavastha ho ya phir vrddhaavastha ho sabhee ke andar ho chaahat hotee hai kintu agar yadi aapake vichaar karen bhee achchhe hain aap ko achchhe sanskaar ghar mile hain to aap shareer sambandhon se dooree ko aap baalyaavastha se hee bana sakate hain kishoraavastha mein bhee bana sakate hain phark sirph yahaan par yah hai ki hamaare hamen jo sanskaar ho kis prakaar se mile hain aur vah hamaare jo vichaaradhaara hai jo vah kis prakaar kee hain agar yadi kisee vyakti ko dekhen to baalyaavastha se hee usaka shaareerik sambandh se yahaan tak ki bhautik sukhon se bhee usaka moh bhang ho jaata hai aur vah saral aur saada jeevan jeene lagata hai agar usee baat ko karake agar ham doosare najar se dekhen to ek vrddh agar aadamee ko dekhen to vah apanee vrddhaavastha mein bhee saaree sambandh banaane kee chaahat rakhata hai us vyakti ke usake sanskaar aur usake kartavyon ke usakee vichaaradhaara ke oopar nirbhar karata hai tivaaree sambandh jo hai kis avastha mein kya karega yah jarooree nahin hai sirph vrddhaavastha mein kya karen bahut se log aapako udaaharan mil jaenge jab ko baalyaavastha mein hee aapako shareer sambandh se matalab door ho jaate hain aur saath hee saath kishoraavastha mein bhee aapako door dekhane ko milenge ab kisase baat karen to egjaampal ke taur par uttar pradesh mukhyamantree seeem yogee aadityanaath ko dekh leejie unhonne jo hai santamat ko dhaaran kiya hai abhee baat aur hai ki unake man mein kya hai unake dil mein kya hai vah kya karate hain palaken dikhaave ke taur par udaaharan ke taur par pesh nahin yahee hai ki unhonne jo hai in sab cheejon se dooree bana lee hai jabaki vah bhee kishoraavastha mein hee maanate hain kyonki unako is baat ko bataate hain ki sambandh se moh bhang karane ke lie koee vyavastha jarooree nahin hai vah avastha baalyaavastha bhee ho sakatee hai kishoraavastha ab to aamataur par vrddhaavastha hee sahee maana jaata hai ki kishoraavastha hotee hai tab tak hamaare man mein jo vichaar hote hain vah hote hain aur aise mein log jo hain usake prati aakarshit hote rahate hain lekin jab vrddhaavastha ki jab usakee umr ho jaate hain tab vyakti bhautik sukhon ka tyaag karake eeshvar ke prati unaka rujhaan ho jaata hai to meree najar mein to koee vyavastha nahin hai meree najar mein sabhee avasthaen hain bas agar yah koee cheej hai to vah jarooree hai ki usake vichaar aur usake sanskaar va kis taraph amal kis avastha mein use milate hain agar se baal avastha mein achchhe sanskaar mil jae to vah hai in sab cheejon se baalyaavastha mein dooree bana sakata hai nahin to kishoraavastha sakata hai lekin bana sakata hai dhanyavaad

#धर्म और ज्योतिषी

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मनुष्य के दुख का सबसे बड़ा कारण क्या है?Manushya Ke Dukh Ka Sabse Bada Karan Kya Hai
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2:52
मनुष्य के दुख का सबसे बड़ा कारण अगर कोई है तो वह है उसकी इच्छाएं इंसान है उसके दुख का कारण बनता है वह बनती है इसकी छाया नहीं होती है होती है उसकी वजह से उसे दुख प्राप्त होता है मन की जगह देने के लिए अनेक प्रकार के करता है मन करता है अपने शारीरिक सुख के लिए या फिर अपने सगे संबंधियों के लिए क्या तुम्हारे तू करता है इस कार्य को करने के लिए अबे इस सुख को प्राप्त कर लेंगे इस प्रकार से हमारे मन में आती हैं इच्छाएं कभी खत्म नहीं होती हैं अगर खत्म हो जाती है मन एक ऐसा अंधा कुआं है जिसे कभी भी कोई भी उसे भर नहीं सकता है एक खत्म होती तो दूसरी उसके पीछे पर आ जाती है इसलिए मनुष्य को जाना है उसे मन के अधीन नहीं कार्य करना है उसे मन करता है वह हमारी इच्छा है हमें चाहिए अपनी इच्छाओं को जितना कम से कम हो सके हमें जीवन जीने के लिए कार्य करना है दुख का कारण बनती है कंट्रोल करें और अपने जीवन को सरल और सादा बनाने के लिए अपने मन को एकाग्र करके हमें उस ईश्वर का चिंतन करना है जिसने भी सृष्टि को भेजा है और अपना कार्य आसानी के साथ करके इस संसार से निकल जाना है यह होता है संतमत की विचारधारा से धन्यवाद
Manushy ke dukh ka sabase bada kaaran agar koee hai to vah hai usakee ichchhaen insaan hai usake dukh ka kaaran banata hai vah banatee hai isakee chhaaya nahin hotee hai hotee hai usakee vajah se use dukh praapt hota hai man kee jagah dene ke lie anek prakaar ke karata hai man karata hai apane shaareerik sukh ke lie ya phir apane sage sambandhiyon ke lie kya tumhaare too karata hai is kaary ko karane ke lie abe is sukh ko praapt kar lenge is prakaar se hamaare man mein aatee hain ichchhaen kabhee khatm nahin hotee hain agar khatm ho jaatee hai man ek aisa andha kuaan hai jise kabhee bhee koee bhee use bhar nahin sakata hai ek khatm hotee to doosaree usake peechhe par aa jaatee hai isalie manushy ko jaana hai use man ke adheen nahin kaary karana hai use man karata hai vah hamaaree ichchha hai hamen chaahie apanee ichchhaon ko jitana kam se kam ho sake hamen jeevan jeene ke lie kaary karana hai dukh ka kaaran banatee hai kantrol karen aur apane jeevan ko saral aur saada banaane ke lie apane man ko ekaagr karake hamen us eeshvar ka chintan karana hai jisane bhee srshti ko bheja hai aur apana kaary aasaanee ke saath karake is sansaar se nikal jaana hai yah hota hai santamat kee vichaaradhaara se dhanyavaad

#रिश्ते और संबंध

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आजकल की बहुएं कैसी होती है?Aajkal Ki Bahuein Kaisi Hoti Hai
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5:21
एक जमाना हुआ करता था अगर हम सभी की बात करें तो 80 से 90 से लेकर के 2001 तक की जो बनी थी उनके अंदर हमेशा कहता था कि उनकी जो सास होगी वो कैसी होगी यानी कि कहीं झगड़ालू प्रबुद्ध की तो उनके उनके साथ नहीं मिलेगी यानी कि उन्हें इस बात का डर रहता था और वह रिश्ते की अहमियत रखती थी कि वह कद्र करती थी उनके अंदर संस्था थी शर्म थी हर चीज थी किंतु आज के दौर की अगर बात करें तो ठीक इसी का उल्टा होता है मैं सभी की बातें नहीं करूंगा सभी बड़ों की 100 में 70% बहुए ऐसी आपको मिलेंगी जो संस्कार और सभ्यता को पीछे छोड़ करके उनके निर्मल लाज शर्म ऐसी कोई चीज है देखने को नहीं मिलेगी कि सामने वाला हमसे बड़ा है या छोटा है वह उनके साथ हमेशा बराबर में बैठकर के मतलब बातें करती हैं उनके अंदर शर्म नाम की चीज सब चीजें छूट गई हैं आजकल की जो बा हुए हैं वह अपने आप को पूरी तरह से फ्रीडम की आजादी चाहते हैं उन्हें कोई रोक-टोक करने वाला ना हो वह पूरी तरह से फैशन में मस्त रहते हैं और साथ ही साथ वह भी चैटिंग में उन्हें कोई काम करने के लिए ना कहा जाए उन्हें बस आजादी चाहिए और पूरी तरह से ऐसो आराम चाहिए ताकि वह बैठ करके सिर्फ टीवी सीरियल देख और उनके ऊपर को चलाने वाला ना हो और खास बात से ज्यादा जरूरी बात है कि वह हमेशा एकल परिवार चाहते हैं यानी कि परिवार में रहना पसंद नहीं है क्यों नहीं पसंद है अधिक देर तक काम करना पड़ेगा या नहीं खाना-पीना बनाना पड़ेगा लोगों की सेवा करनी पड़ेगी इन सब चीजों से बचने के लिए एकल परिवार में जाना पसंद करती हैं और यही कारण है कि वह यहां तक कि अपने से जो जेठ है लेकिन उनके जोजेट हैं उनके पति का जो बड़ा भाई होता है यहां तक कि उनके जो देवर होते हैं उनकी वह जरा सा भी रिस्पेक्ट नहीं करते हैं बात बात पर वह हमेशा उनके साथ लड़ाई झगड़ा करने लगती है जो हमारे से कम उम्र के जो हमारे फ्रेंड से 12 की शादी हो गई है उनके घरों में आए दिन हमेशा लड़ाई झगड़े होते रहते हैं कभी कभी अपने को बोल देता हूं तो उल्टी हुआ मुझको भी जवाब दे देती है और ऐसे में मुझे खुद संसार हो जाना पड़ता है और मैं वहां से निकल जाता हूं तुम्हें देखता हूं कि आज तक कि उनके अंदर संसार का नाम की कोई चीज नहीं खजराना चाहते हैं इस साल यही है कि आए दिन में जो हमें बदलाव देखने को मिल रहा है जो है वह है कि लड़कियों को आगे बढ़ाना यानी कि लड़कियों को उनके सोच को बदल दिया गया है ऐसे में लड़की है जो है वह उस सोच विचार के साथ आगे बढ़ रहे हैं कई लड़कियां इसका गलत फायदा भी उठाती हैं आज मैंने देखा है कई लोग जो है अपने पति को जेल भिजवा देते हैं 1 महीने की बात करता हूं तो एक लड़की जो है ना हमारे घर जबकि उसका पति से मिलने उसके घर गया था ना ससुराल गया था लेकिन उसने उसको फसा दिया इस प्रकार से कहकर कि मतलब कि यह किसी और स्त्री को रखा हुआ है और जिसकी वजह से जो है कि मुझे नहीं चाहत कर रहा है और ऐसे में पुलिस उल्टा कोई भी सवाल जवाब किए बगैर उसकी आदमी को उठाकर ले गई अंदर कर दी आजकल की बहु को मिली छूट जून को स्वतंत्र जो उनको मिली आजादी है उसको भरपूर फायदा उठा रहे हैं और यही कारण है कि आजकल की बहु जो अपने संस्कारों में सभ्यता को भूल कर के वह अपने आप को सबसे ऊपर रखना चाहते हैं यानी कि वह लोगों को हुकुम देना चाहती हैं ताकि पूरे घर में अगर राजनीति से उनका चलें और बाकी किसी का ना चले आओ की सबसे बड़ी जो है यही विडंबना है कि मतलब अपने आप को मालकिन समझती हैं और ताकि जो भी हो कहे सभी लोग उसकी बातों को मानें और उसकी सराहना करें बस यही सब आता कि बहुत सोचती हैं और उन्हें पूरी तरह से आजादी मिले हर काम करने के लिए वह भी बाहर आए जाए उन्हें कोई रोकने ठोकने वाला ना हो और कोई यार दोस्त आता है उनसे कोई बात करने के लिए कोई रोके ना सभी लड़कियों में छात्र परिषद आपको बहुत ऐसे मिलेंगे बाकी 30% बहुए ऐसी होगी मैंने अपने संस्कार अपने सभ्यता सब चीज का एहसास है और वह उसकी रिस्पेक्ट भी करती हैं पर बदलते समय के अनुसार जो है आज तक की बहू थी कि मिलती हैं इनकी कामचोर और साथ ही साथ होने वाली और अपने आपको हमेशा आराम करने के लिए अपने पति के साथ अलग होने के लिए हमेशा प्रयासरत रहती हैं धन्यवाद
Ek jamaana hua karata tha agar ham sabhee kee baat karen to 80 se 90 se lekar ke 2001 tak kee jo banee thee unake andar hamesha kahata tha ki unakee jo saas hogee vo kaisee hogee yaanee ki kaheen jhagadaaloo prabuddh kee to unake unake saath nahin milegee yaanee ki unhen is baat ka dar rahata tha aur vah rishte kee ahamiyat rakhatee thee ki vah kadr karatee thee unake andar sanstha thee sharm thee har cheej thee kintu aaj ke daur kee agar baat karen to theek isee ka ulta hota hai main sabhee kee baaten nahin karoonga sabhee badon kee 100 mein 70% bahue aisee aapako milengee jo sanskaar aur sabhyata ko peechhe chhod karake unake nirmal laaj sharm aisee koee cheej hai dekhane ko nahin milegee ki saamane vaala hamase bada hai ya chhota hai vah unake saath hamesha baraabar mein baithakar ke matalab baaten karatee hain unake andar sharm naam kee cheej sab cheejen chhoot gaee hain aajakal kee jo ba hue hain vah apane aap ko pooree tarah se phreedam kee aajaadee chaahate hain unhen koee rok-tok karane vaala na ho vah pooree tarah se phaishan mein mast rahate hain aur saath hee saath vah bhee chaiting mein unhen koee kaam karane ke lie na kaha jae unhen bas aajaadee chaahie aur pooree tarah se aiso aaraam chaahie taaki vah baith karake sirph teevee seeriyal dekh aur unake oopar ko chalaane vaala na ho aur khaas baat se jyaada jarooree baat hai ki vah hamesha ekal parivaar chaahate hain yaanee ki parivaar mein rahana pasand nahin hai kyon nahin pasand hai adhik der tak kaam karana padega ya nahin khaana-peena banaana padega logon kee seva karanee padegee in sab cheejon se bachane ke lie ekal parivaar mein jaana pasand karatee hain aur yahee kaaran hai ki vah yahaan tak ki apane se jo jeth hai lekin unake jojet hain unake pati ka jo bada bhaee hota hai yahaan tak ki unake jo devar hote hain unakee vah jara sa bhee rispekt nahin karate hain baat baat par vah hamesha unake saath ladaee jhagada karane lagatee hai jo hamaare se kam umr ke jo hamaare phrend se 12 kee shaadee ho gaee hai unake gharon mein aae din hamesha ladaee jhagade hote rahate hain kabhee kabhee apane ko bol deta hoon to ultee hua mujhako bhee javaab de detee hai aur aise mein mujhe khud sansaar ho jaana padata hai aur main vahaan se nikal jaata hoon tumhen dekhata hoon ki aaj tak ki unake andar sansaar ka naam kee koee cheej nahin khajaraana chaahate hain is saal yahee hai ki aae din mein jo hamen badalaav dekhane ko mil raha hai jo hai vah hai ki ladakiyon ko aage badhaana yaanee ki ladakiyon ko unake soch ko badal diya gaya hai aise mein ladakee hai jo hai vah us soch vichaar ke saath aage badh rahe hain kaee ladakiyaan isaka galat phaayada bhee uthaatee hain aaj mainne dekha hai kaee log jo hai apane pati ko jel bhijava dete hain 1 maheene kee baat karata hoon to ek ladakee jo hai na hamaare ghar jabaki usaka pati se milane usake ghar gaya tha na sasuraal gaya tha lekin usane usako phasa diya is prakaar se kahakar ki matalab ki yah kisee aur stree ko rakha hua hai aur jisakee vajah se jo hai ki mujhe nahin chaahat kar raha hai aur aise mein pulis ulta koee bhee savaal javaab kie bagair usakee aadamee ko uthaakar le gaee andar kar dee aajakal kee bahu ko milee chhoot joon ko svatantr jo unako milee aajaadee hai usako bharapoor phaayada utha rahe hain aur yahee kaaran hai ki aajakal kee bahu jo apane sanskaaron mein sabhyata ko bhool kar ke vah apane aap ko sabase oopar rakhana chaahate hain yaanee ki vah logon ko hukum dena chaahatee hain taaki poore ghar mein agar raajaneeti se unaka chalen aur baakee kisee ka na chale aao kee sabase badee jo hai yahee vidambana hai ki matalab apane aap ko maalakin samajhatee hain aur taaki jo bhee ho kahe sabhee log usakee baaton ko maanen aur usakee saraahana karen bas yahee sab aata ki bahut sochatee hain aur unhen pooree tarah se aajaadee mile har kaam karane ke lie vah bhee baahar aae jae unhen koee rokane thokane vaala na ho aur koee yaar dost aata hai unase koee baat karane ke lie koee roke na sabhee ladakiyon mein chhaatr parishad aapako bahut aise milenge baakee 30% bahue aisee hogee mainne apane sanskaar apane sabhyata sab cheej ka ehasaas hai aur vah usakee rispekt bhee karatee hain par badalate samay ke anusaar jo hai aaj tak kee bahoo thee ki milatee hain inakee kaamachor aur saath hee saath hone vaalee aur apane aapako hamesha aaraam karane ke lie apane pati ke saath alag hone ke lie hamesha prayaasarat rahatee hain dhanyavaad

#धर्म और ज्योतिषी

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वैराग्य कैसे होता है?Vairagya Kaise Hota Hai
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5:16
देखिए कोई भी कार्य होता है तो इंसान यह समझता है कि यह कल उसके द्वारा हो रहा है किंतु इंसान की सबसे बड़ी भूल होती हैं लिखित इंसानों को बनाने वाला जो वह परम शक्ति है जो परमात्मा है जो निरंकार है यानी कि जो कोई भी है जिसके जरिए सारा संसार चल रहा है इन्हीं संपूर्ण सृष्टि जिसके द्वारा रचित की गई है उसी के द्वारा हर इंसान को उसकी अलग अलग भूमिका दी जाती है जिसका से हम देखते हैं चलचित्र में आने की फिल्मों में एक अभिनेता एक अभिनेत्री और एक खलनायक के सभी लोग अपनी अलग अलग भूमिका निभाकर के इस फिल्म का निर्माण करते हैं उसे परमात्मा भी हम इस धरती पर भेजा है और सभी को अलग-अलग घूम कर दे रखा है चाहे छोटा सा जीव ही क्यों ना हो सभी को अपनी अपनी भूमिका निभाने के लिए उस परमात्मा ने उन्हें शरीर दिया है और सभी अपने अपने कार्यों में व्यस्त हैं यह एक प्रकार का नाटक ही है जिस्म फिल्म देखते हैं उसे परमात्मा एक कलयुग की फिल्म का निर्माण किया है कि जैसा कि फिलहाल आपका प्रश्न है कि बैरागी कैसे होता है मेरा काला पर सीधा चाहिए था कि बैरागी तभी हमारे अंदर आ सकता है जब उसकी कृपा होगी यानी कि हमारे कर्मों के द्वारा ही हमारे जो है मार्ग प्रशस्त होते हैं अगर हमारे कर्म अच्छे हैं तो हमारे मन में जो विचार होंगे वह भी अच्छे होंगे और इसी प्रकार से हम इस संसार के भौतिक सुखों को छोड़कर के वैराग्य धारण कर सकते हैं जब हमारे मन में अशांति होगी या नहीं हमारे दिल को हमारे मन को हमारे आत्मा को सुकून नहीं मिलेगा इस संसार में मतलब हमारे साले का कोई अच्छा ही आ जाए हमसे कसम मत बना लो लेकिन फिर भी हमारा मन जो होगा मन में वैराग्य भावना उत्पन्न हो गई तो और एकता उत्पन्न होगी जब उसकी मर्जी होगी इनकी जो परमात्मा जो है वह बैरागी या नहीं बैरागी एक साधु सन्यासी अगर बनने के लिए उसने लिखा है तो हम निश्चित हमारे मन में जो है वह वैराग्य की भावना आएगी और हमारे सामने हुआ है जो विश्व सुंदरी होगी वह भी हमारे लिए कुछ लगेगी तो यह सब उस परमात्मा के ऊपर होता है उसने हमको जो भी है हम अपनी भूमिका निभाते हैं यह है सच्चे मन से अपने मन पर कंट्रोल करके दिखाता है कि अगर तुम मेरी तरफ एक कदम बढ़ा रहा है इतना तेरी तरफ 10 कदम बढ़ाता हूं काम क्रोध लोभ मोह इन सब कुछ छोड़ कर के अगर अभी हम एक सरल जीवन जीने के लिए अगर अग्रसर होते हैं हम तो परमात्मा के द्वारा शास्त्री गायक कहा गया है कि अगर एक नंबर आता है तो मैं तेरी तरफ 10 कदम बढ़ा लूंगा अरे बात पूर्णता सत्य है इसी प्रकार होता है जब संसार की सारी सुख सुविधाएं हमारे लिए जो है वह कांटे के समान लगने लगती है लोग कामवासना में लिप्त रहते हैं और अनेक प्रकार के व्यंजन और भोजन पकवान खाने पीने में और शायद जीवन जो है आसाराम में बिताने के लिए मस्त रहते हैं किंतु यह सब चीजें हमारे लिए कुछ लगने लगेगी जब मेरे मन में वैराग्य की भावना आएगी बारात जब हमारे मन की आत्मा संसार की जो हमारे सुख शांति के लिए है यह सब चीज असली सुख और असली शांति में नहीं दे सकते हैं असली सुख और शांति हमें तब मिलेगी जब हम उस परमात्मा को यानी कि परमात्मा को ढूंढने परमात्मा को पाने की पहचान कर ले ऑटोमेटिक नहीं आ जाती है सनकी पता करना लेकिन वचन नहीं कर पाता है क्योंकि इसके पीछे स्वार्थ से जुड़ा होता है और वह अपने भौतिक सुखों के आनंद में इस प्रकार डूब जाता है कि उसे स्वयं की पहचान तो दूर ना तो पहचान पाता है ना तो पहचान पाता है और ऐसे में नहीं आती है त्याग करने की क्षमता होगी और हमें यह संसार जो है पूरी तरह से कष्टकारी लगेगा तब हमारे मन में यह भावना है कि हम इस संसार को छोड़कर के एकांत यानी कि शांति हो अपने आप को खोज करके उस परमात्मा विलीन होने के लिए तत्पर होंगे तब जो है बैरागी जो है आने लगेगा यानी कि जब हमें संसार में हर तरफ से हमें कष्ट मिलेगा अंधकार आ जाएगा यानी कि संसार वाले जो है तुम्हें जीने नहीं देंगे तब तुम्हारे अंदर मन में वैराग्य भावना अपना समझते हो वह अपने भी तुम्हारा साथ छोड़ करके चले जाएंगे यह तुम्हें धोखा देंगे तब तुम्हारे मन में जो है ना आ जाएगी
Dekhie koee bhee kaary hota hai to insaan yah samajhata hai ki yah kal usake dvaara ho raha hai kintu insaan kee sabase badee bhool hotee hain likhit insaanon ko banaane vaala jo vah param shakti hai jo paramaatma hai jo nirankaar hai yaanee ki jo koee bhee hai jisake jarie saara sansaar chal raha hai inheen sampoorn srshti jisake dvaara rachit kee gaee hai usee ke dvaara har insaan ko usakee alag alag bhoomika dee jaatee hai jisaka se ham dekhate hain chalachitr mein aane kee philmon mein ek abhineta ek abhinetree aur ek khalanaayak ke sabhee log apanee alag alag bhoomika nibhaakar ke is philm ka nirmaan karate hain use paramaatma bhee ham is dharatee par bheja hai aur sabhee ko alag-alag ghoom kar de rakha hai chaahe chhota sa jeev hee kyon na ho sabhee ko apanee apanee bhoomika nibhaane ke lie us paramaatma ne unhen shareer diya hai aur sabhee apane apane kaaryon mein vyast hain yah ek prakaar ka naatak hee hai jism philm dekhate hain use paramaatma ek kalayug kee philm ka nirmaan kiya hai ki jaisa ki philahaal aapaka prashn hai ki bairaagee kaise hota hai mera kaala par seedha chaahie tha ki bairaagee tabhee hamaare andar aa sakata hai jab usakee krpa hogee yaanee ki hamaare karmon ke dvaara hee hamaare jo hai maarg prashast hote hain agar hamaare karm achchhe hain to hamaare man mein jo vichaar honge vah bhee achchhe honge aur isee prakaar se ham is sansaar ke bhautik sukhon ko chhodakar ke vairaagy dhaaran kar sakate hain jab hamaare man mein ashaanti hogee ya nahin hamaare dil ko hamaare man ko hamaare aatma ko sukoon nahin milega is sansaar mein matalab hamaare saale ka koee achchha hee aa jae hamase kasam mat bana lo lekin phir bhee hamaara man jo hoga man mein vairaagy bhaavana utpann ho gaee to aur ekata utpann hogee jab usakee marjee hogee inakee jo paramaatma jo hai vah bairaagee ya nahin bairaagee ek saadhu sanyaasee agar banane ke lie usane likha hai to ham nishchit hamaare man mein jo hai vah vairaagy kee bhaavana aaegee aur hamaare saamane hua hai jo vishv sundaree hogee vah bhee hamaare lie kuchh lagegee to yah sab us paramaatma ke oopar hota hai usane hamako jo bhee hai ham apanee bhoomika nibhaate hain yah hai sachche man se apane man par kantrol karake dikhaata hai ki agar tum meree taraph ek kadam badha raha hai itana teree taraph 10 kadam badhaata hoon kaam krodh lobh moh in sab kuchh chhod kar ke agar abhee ham ek saral jeevan jeene ke lie agar agrasar hote hain ham to paramaatma ke dvaara shaastree gaayak kaha gaya hai ki agar ek nambar aata hai to main teree taraph 10 kadam badha loonga are baat poornata saty hai isee prakaar hota hai jab sansaar kee saaree sukh suvidhaen hamaare lie jo hai vah kaante ke samaan lagane lagatee hai log kaamavaasana mein lipt rahate hain aur anek prakaar ke vyanjan aur bhojan pakavaan khaane peene mein aur shaayad jeevan jo hai aasaaraam mein bitaane ke lie mast rahate hain kintu yah sab cheejen hamaare lie kuchh lagane lagegee jab mere man mein vairaagy kee bhaavana aaegee baaraat jab hamaare man kee aatma sansaar kee jo hamaare sukh shaanti ke lie hai yah sab cheej asalee sukh aur asalee shaanti mein nahin de sakate hain asalee sukh aur shaanti hamen tab milegee jab ham us paramaatma ko yaanee ki paramaatma ko dhoondhane paramaatma ko paane kee pahachaan kar le otometik nahin aa jaatee hai sanakee pata karana lekin vachan nahin kar paata hai kyonki isake peechhe svaarth se juda hota hai aur vah apane bhautik sukhon ke aanand mein is prakaar doob jaata hai ki use svayan kee pahachaan to door na to pahachaan paata hai na to pahachaan paata hai aur aise mein nahin aatee hai tyaag karane kee kshamata hogee aur hamen yah sansaar jo hai pooree tarah se kashtakaaree lagega tab hamaare man mein yah bhaavana hai ki ham is sansaar ko chhodakar ke ekaant yaanee ki shaanti ho apane aap ko khoj karake us paramaatma vileen hone ke lie tatpar honge tab jo hai bairaagee jo hai aane lagega yaanee ki jab hamen sansaar mein har taraph se hamen kasht milega andhakaar aa jaega yaanee ki sansaar vaale jo hai tumhen jeene nahin denge tab tumhaare andar man mein vairaagy bhaavana apana samajhate ho vah apane bhee tumhaara saath chhod karake chale jaenge yah tumhen dhokha denge tab tumhaare man mein jo hai na aa jaegee

#जीवन शैली

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सहवास करना और समागम करना में क्या अंतर होता है?Sehvaas Karna Aur Samagam Karna Mein Kya Antar Hota Hai
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1:28
देखिए सहवास करना और समागम करना दोनों में कोई फर्क नहीं है दोनों के अर्थ जो है एक ही है दोनों एक दूसरे के पूरक हैं दोनों एक दूसरे के पर्याय का अर्थ होगा जब दो विपरीत लिंग एक दूसरे के साथ मिलते हैं तो उनके मिलने की क्रिया को ही हम सहवास कहते हैं इनकी दो विपरीत लिंग स्त्री पुरुष का हो या फिर कोई भी जीव का लिंग से मतलब है यानी कि सहवास करने के लिए कि जब दो विपरीत लिंग एक दूसरे से मिलते हैं तो उस दौरान मिलने की उसके लिए कोई हमसे बात करते हैं इनकी सहवास करना कहते हैं और समागम समागम में भी होता है मैं वही मलक साथ लेकर चलना समागम साथ में चलना होता है तू भी जब दो विपरीत लिंग एक दूसरे जब मिलते हैं तो साथ ही साथ उनका मिलन होता है इसलिए उसे हम समागम करना कहते हैं ना कि दोनों में कोई विशेष फर्क नहीं है दोनों एक दूसरे के पूरक है तो समागम करना दोनों का एक ही होगा इसमें कोई अंतर नहीं है अंतर सिर्फ यह है कि यह होता है कि साथ साथ लेकर चलना और वह होता है के साथ में करना धन्यवाद
Dekhie sahavaas karana aur samaagam karana donon mein koee phark nahin hai donon ke arth jo hai ek hee hai donon ek doosare ke poorak hain donon ek doosare ke paryaay ka arth hoga jab do vipareet ling ek doosare ke saath milate hain to unake milane kee kriya ko hee ham sahavaas kahate hain inakee do vipareet ling stree purush ka ho ya phir koee bhee jeev ka ling se matalab hai yaanee ki sahavaas karane ke lie ki jab do vipareet ling ek doosare se milate hain to us dauraan milane kee usake lie koee hamase baat karate hain inakee sahavaas karana kahate hain aur samaagam samaagam mein bhee hota hai main vahee malak saath lekar chalana samaagam saath mein chalana hota hai too bhee jab do vipareet ling ek doosare jab milate hain to saath hee saath unaka milan hota hai isalie use ham samaagam karana kahate hain na ki donon mein koee vishesh phark nahin hai donon ek doosare ke poorak hai to samaagam karana donon ka ek hee hoga isamen koee antar nahin hai antar sirph yah hai ki yah hota hai ki saath saath lekar chalana aur vah hota hai ke saath mein karana dhanyavaad

#रिश्ते और संबंध

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प्यार और पैसा दोनों में से ज्यादा जरूरी क्या है?Pyaar Aur Paisa Dono Me Se Jyada Jaroori Kya Hai
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4:09
देखिए यह कहना बहुत ही मुश्किल होता है कि जीवन में प्यार चाहिए पैसा दोनों में से करीब एक आवश्यक हो तो यह बता पाना बड़ा मुश्किल होता है और सभी के अलग-अलग जो है राय होते हैं वही सबसे बड़ा है पैसे को अहमियत नहीं देता हूं क्योंकि आप मुझे एक शेर याद आ रहा है कि जो दूर से जो दिखता है वह वैसा नहीं होता जो चेहरे पर झलकता है वह वैसा नहीं दिखता हर चीज को पैसे से ना आगे क्योंकि हर चीज की कीमत पैसा नहीं होता जो रिश्ते और पैसे एक सिक्के के दो ऐसे पालू है जिसे हम एक दूसरे से अलग नहीं कर सकते हैं नीतू अगर यदि हम देखें आजकल की जो युवा पीढ़ी है वह अक्सर पैसो के पीछे भागती है और खास करके स्पेशल इसमें लड़कियां हैं लड़कियों को देखो अगर उनकी शादी की बात आती है तो आप चाहो लड़की हो या फिर उनके पैरों से क्यों ना हो हर कोई चाहता है कि उनकी लड़की जो है वह जहां भी जाए वह पैसा वाला हो हमेशा उसे हर प्रकार की सुविधा मिले उसे हर प्रकार की खुशी मिली इन सब के लिए क्या होना चाहिए बनियानी पैसा ज्यादा पसंद नहीं करती लड़की लड़कियां जितना की अन्य को पसंद करती हैं जो कम से कम मंत्री जूही 50,000 से अधिक इनकम मंत्री काम आता है उसकी तरफ ज्यादा लड़कियां भी होती हैं तो इससे साफ जाहिर होती है कि आज के इस जमाने में जो आए पैसे को अधिक अहमियत दी जाती है रिश्ते को कम और वैसे इस बात को करें कहूं तो देखी जो रिश्ते आजकल जो है वह बहुत ही नाजुक होते हैं हम अक्सर देखने जाओ कोर्ट कचहरी जा करके देखें मैट्रिमोनी रिश्ते टूटे हुए नजर आते हैं यही होता है कि लड़की को वहां पर पूरी खुशी नहीं मिली कि पैसा बहुत बड़ा अहमियत रखता है काम भी कही गई है कि बाप बड़ा ना भैया सबसे बड़ा रुपैया और जहां तक देखी आपने की मूवी देखोगे अमिताभ बच्चन की दीवार फिल्म थी जिसके द्वारा डायल बच्चन जी के द्वारा मेरे पास मां है लेकिन उसके पास मनाई थी और ऊपर से गर्मी सोंग तो देखे पैसे और रिश्ते में सबसे अधिक बड़ा तो होता है पैसा ही किंतु सभी के लिए पैसा जरूर नहीं होता है यह तो अभी की अपनी अलग अलग सोच है जो कई लोग आपको पैसे के लिए आपको अधिक सलाह देंगे कई लोग हैं रिश्ते को अधिक सलाह देने के लिए कहेंगे इंपॉर्टेंट है प्यार और रिश्ते कोई मायने नहीं रखता तो होती है जो एक पल आती जाती है जो कभी भी एक जगह स्थाई नहीं चाहती है किंतु आप किसी से अगर सच्चा रिश्ता करें आपके पास है आपके पास सच्ची प्रेम भावना है तो आपका वह प्रेम जो है हमेशा आपके पास आज है कल नहीं हो सकता है इसलिए जो हमें चाहिए
Dekhie yah kahana bahut hee mushkil hota hai ki jeevan mein pyaar chaahie paisa donon mein se kareeb ek aavashyak ho to yah bata paana bada mushkil hota hai aur sabhee ke alag-alag jo hai raay hote hain vahee sabase bada hai paise ko ahamiyat nahin deta hoon kyonki aap mujhe ek sher yaad aa raha hai ki jo door se jo dikhata hai vah vaisa nahin hota jo chehare par jhalakata hai vah vaisa nahin dikhata har cheej ko paise se na aage kyonki har cheej kee keemat paisa nahin hota jo rishte aur paise ek sikke ke do aise paaloo hai jise ham ek doosare se alag nahin kar sakate hain neetoo agar yadi ham dekhen aajakal kee jo yuva peedhee hai vah aksar paiso ke peechhe bhaagatee hai aur khaas karake speshal isamen ladakiyaan hain ladakiyon ko dekho agar unakee shaadee kee baat aatee hai to aap chaaho ladakee ho ya phir unake pairon se kyon na ho har koee chaahata hai ki unakee ladakee jo hai vah jahaan bhee jae vah paisa vaala ho hamesha use har prakaar kee suvidha mile use har prakaar kee khushee milee in sab ke lie kya hona chaahie baniyaanee paisa jyaada pasand nahin karatee ladakee ladakiyaan jitana kee any ko pasand karatee hain jo kam se kam mantree joohee 50,000 se adhik inakam mantree kaam aata hai usakee taraph jyaada ladakiyaan bhee hotee hain to isase saaph jaahir hotee hai ki aaj ke is jamaane mein jo aae paise ko adhik ahamiyat dee jaatee hai rishte ko kam aur vaise is baat ko karen kahoon to dekhee jo rishte aajakal jo hai vah bahut hee naajuk hote hain ham aksar dekhane jao kort kachaharee ja karake dekhen maitrimonee rishte toote hue najar aate hain yahee hota hai ki ladakee ko vahaan par pooree khushee nahin milee ki paisa bahut bada ahamiyat rakhata hai kaam bhee kahee gaee hai ki baap bada na bhaiya sabase bada rupaiya aur jahaan tak dekhee aapane kee moovee dekhoge amitaabh bachchan kee deevaar philm thee jisake dvaara daayal bachchan jee ke dvaara mere paas maan hai lekin usake paas manaee thee aur oopar se garmee song to dekhe paise aur rishte mein sabase adhik bada to hota hai paisa hee kintu sabhee ke lie paisa jaroor nahin hota hai yah to abhee kee apanee alag alag soch hai jo kaee log aapako paise ke lie aapako adhik salaah denge kaee log hain rishte ko adhik salaah dene ke lie kahenge importent hai pyaar aur rishte koee maayane nahin rakhata to hotee hai jo ek pal aatee jaatee hai jo kabhee bhee ek jagah sthaee nahin chaahatee hai kintu aap kisee se agar sachcha rishta karen aapake paas hai aapake paas sachchee prem bhaavana hai to aapaka vah prem jo hai hamesha aapake paas aaj hai kal nahin ho sakata hai isalie jo hamen chaahie

#जीवन शैली

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अपने जीवन में हमेशा खुशी और सुकून पाने के लिए क्या रास्ता है?Apne Jeevan Mein Hamesha Khushi Aur Sukun Pane Ke Lie Kya Rasta Hai
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2:09
मेरी बातें जो मैं कहूंगा वह आपको कल भी और थोड़ी सी अटपड़ी जरूर लगेगी बट जो भी बातें मैं कहूंगा वह पूर्णता सत्य होंगी अगर आपको अपने जीवन को हमेशा खुशी और सुकून बनाना है तो आपको बहुत ही सिखों का परित्याग करना पड़ेगा आप उस पर अंकुश लगाना पड़ेगा कुछ ना कुछ मांगता रहता है ऐसा हुआ है जिसमें आप जितना भी मिट्टी डालो नहीं है मन पर काबू पा लेते हैं पर हमें अपने जीवन में हर जगह से खुशी और सुकून मिलेगा इसका सीधा सा रास्ता है कि मैं बहुत ही शुभ होगा क्या करना पड़ेगा यानी कि संतमत की मार को गर्म और अपनाते हैं जिससे जो संत लोग होते हैं और उनके चेहरे पर हमेशा इतनी चमक और खुशी क्यों होती है इसलिए होती है क्योंकि वह जानते हैं कि भौतिक सुखों का आनंद अगर कोई लेगा तो फिर उसे दुख और दर्द झेलने पड़ेंगे इसलिए बहुत याद करते हैं तो निश्चित तौर पर आप जो है अपने जीवन को खुशहाल बना सकते हैं इसके लिए आपको निश्चित तौर पर अपनी जरूरतों को कम कीजिए कि जो भी हमसे जितना हो सकता है हमें जो अपनी जरूरतों को कम से कम इस्तेमाल में लाना है यानी कि मंजू है हमें इस पर नहीं चलना है हमारा दिल कहे उसके साथ काम करना है स्कूल से पर्याप्त होगा या नहीं कि हमारे जीवन में खुशियां और सुकून हमेशा हमारे पास होंगी और हर तरफ से आपको शांति मिलेगी इन सुकून मिलेगा
Meree baaten jo main kahoonga vah aapako kal bhee aur thodee see atapadee jaroor lagegee bat jo bhee baaten main kahoonga vah poornata saty hongee agar aapako apane jeevan ko hamesha khushee aur sukoon banaana hai to aapako bahut hee sikhon ka parityaag karana padega aap us par ankush lagaana padega kuchh na kuchh maangata rahata hai aisa hua hai jisamen aap jitana bhee mittee daalo nahin hai man par kaaboo pa lete hain par hamen apane jeevan mein har jagah se khushee aur sukoon milega isaka seedha sa raasta hai ki main bahut hee shubh hoga kya karana padega yaanee ki santamat kee maar ko garm aur apanaate hain jisase jo sant log hote hain aur unake chehare par hamesha itanee chamak aur khushee kyon hotee hai isalie hotee hai kyonki vah jaanate hain ki bhautik sukhon ka aanand agar koee lega to phir use dukh aur dard jhelane padenge isalie bahut yaad karate hain to nishchit taur par aap jo hai apane jeevan ko khushahaal bana sakate hain isake lie aapako nishchit taur par apanee jarooraton ko kam keejie ki jo bhee hamase jitana ho sakata hai hamen jo apanee jarooraton ko kam se kam istemaal mein laana hai yaanee ki manjoo hai hamen is par nahin chalana hai hamaara dil kahe usake saath kaam karana hai skool se paryaapt hoga ya nahin ki hamaare jeevan mein khushiyaan aur sukoon hamesha hamaare paas hongee aur har taraph se aapako shaanti milegee in sukoon milega

#जीवन शैली

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शीघ्रपतन का इलाज कैसे सही होगा?Sheeghrapatan Ka Ilaaj Kaise Sahi Hoga
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3:55
देख शीघ्रपतन जैसी बीमारियां आजकल के युवाओं में ज्यादा देखने को मिलते हैं मात्रा में जब हमारे सर को पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं जिसको जैसे हो जाते हैं जिसकी वजह से हम अपने पार्टनर को संतुष्ट नहीं कर पाते हैं और आजकल यह टूटते जो रिश्ते हैं इन सब की जो मुख्य वजह यही है शीघ्र पतन निश्चित एक पाठ में जो है जिसकी वजह से रिश्तो में कड़वाहट आ जाती हैं और एक दूसरे से दूरियां बन जाती है तो यहां पर बताऊंगा एलोपैथिक नहीं आ जाएंगे आयुर्वेदिक इस्तेमाल कर सकते हैं अथवा सारी सागर आयुर्वेद में आपको लेना है तो देखे हमारे एक फ्रेंड है उनके पिताजी उनकी आयुर्वेद की दुकान चलाते हैं वह तो उनके द्वारा एक करके तैयार पर उनके द्वारा दी जाती हैं और 6 महीने का कोर्स होता है उनकी आप जो है शाम तक हो सकते हैं लाइफ टाइम के लिए आप शीघ्रपतन से छुटकारा पा सकते हैं यह तो है आयुर्वेदिक दवा के इस्तेमाल में मिलाते हैं सफेद मूसली स्वर्ण भस्म और फिर उसके बाद जो है कि शतावर इत्यादि अनेक प्रकार की जड़ी बूटी मिलाते हैं उसको तैयार किया जाता है आ सकते हैं और उसके बाद घरेलू नुस्खे घरेलू मुक्ति पा सकते हैं तो चावल में अनेकों दीजिए और करके आपको चार छुहारे खाने हैं साथ-साथ एक गिलास दूध दूध गर्म करके उसमें 50 ग्राम मिश्री जो है मिला करके आप पी लीजिए जो होता है जो बगैर पतले होते हैं उसके बाद साथ-साथ अगर इसको भी नहीं करना चाहते हैं तो आप जब साहवा से चलते हैं बिरयानी कैसे बनाते बना होता है या ऑडियो सुखराम इतना करके गरीब नहीं होगा अगर यदि आप हमें सर की तरफ अधिक ध्यान दें जो कि अधिक से अधिक पोषक तत्व जो आपकी मिल सकते हैं कि आपको सिम से बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं तो आपको दोनों से मैंने बताया है अब उसको सेव करके शीघ्रपतन जैसी बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं
Dekh sheeghrapatan jaisee beemaariyaan aajakal ke yuvaon mein jyaada dekhane ko milate hain maatra mein jab hamaare sar ko poshak tatv nahin mil paate hain jisako jaise ho jaate hain jisakee vajah se ham apane paartanar ko santusht nahin kar paate hain aur aajakal yah tootate jo rishte hain in sab kee jo mukhy vajah yahee hai sheeghr patan nishchit ek paath mein jo hai jisakee vajah se rishto mein kadavaahat aa jaatee hain aur ek doosare se dooriyaan ban jaatee hai to yahaan par bataoonga elopaithik nahin aa jaenge aayurvedik istemaal kar sakate hain athava saaree saagar aayurved mein aapako lena hai to dekhe hamaare ek phrend hai unake pitaajee unakee aayurved kee dukaan chalaate hain vah to unake dvaara ek karake taiyaar par unake dvaara dee jaatee hain aur 6 maheene ka kors hota hai unakee aap jo hai shaam tak ho sakate hain laiph taim ke lie aap sheeghrapatan se chhutakaara pa sakate hain yah to hai aayurvedik dava ke istemaal mein milaate hain saphed moosalee svarn bhasm aur phir usake baad jo hai ki shataavar ityaadi anek prakaar kee jadee bootee milaate hain usako taiyaar kiya jaata hai aa sakate hain aur usake baad ghareloo nuskhe ghareloo mukti pa sakate hain to chaaval mein anekon deejie aur karake aapako chaar chhuhaare khaane hain saath-saath ek gilaas doodh doodh garm karake usamen 50 graam mishree jo hai mila karake aap pee leejie jo hota hai jo bagair patale hote hain usake baad saath-saath agar isako bhee nahin karana chaahate hain to aap jab saahava se chalate hain birayaanee kaise banaate bana hota hai ya odiyo sukharaam itana karake gareeb nahin hoga agar yadi aap hamen sar kee taraph adhik dhyaan den jo ki adhik se adhik poshak tatv jo aapakee mil sakate hain ki aapako sim se beemaaree se chhutakaara pa sakate hain to aapako donon se mainne bataaya hai ab usako sev karake sheeghrapatan jaisee beemaaree se chhutakaara pa sakate hain

#जीवन शैली

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प्रेम का शुरुआत किसने किया था मानव या प्रकृति ने?Prem Ka Shuruat Kisne Kiya Tha Manav Ya Prakriti Ne
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4:18
इस संसार में सबसे पहले प्रकृत ने ही प्रेम करना सिखाया प्रकृति वह गोद है मां की जिसने हर एक इंसान जो है उस मां की गोद में प्रतिदिन खेलता है और फलता फूलता बढ़ता है प्रकृति वह स्थान है जिसमें जो है इंसान एक छोटे से बच्चे के समान है ठीक उसी प्रकार से एक छोटा सा बच्चा होता है 1 साल या 2 साल का होता है अक्सर अपने मां के जब को तो बैठता है तब वह हमेशा उसके हाथों को और आंख कान नाक मुंह हमेशा उसे जो है नाश्ता खींचता रहता है किंतु माउस का बुरा नहीं मानती है क्योंकि वह जानते हैं कि यह अनजान है और बल्कि वह उसके साथ आमोद प्रमोद एंड विनोद उसके साथ हंसी मजाक का खेल खेलती है और सपने पूरी तरह से लाड प्यार करती हैं ठीक इसी प्रकार से और इंसान का भी रिश्ता है तो सबसे पहले इस संसार में प्रकृति आई और प्रकृति के जरिए इंसान जो है प्रेम करना सिखा जो तत्व कितने पाए जाते हैं और हम इसमें जो भी तत्व पाए जाते हैं या प्रकृति के जरिए इस संसार में जो कि पांचों तत्व है जल पावक गगन समीरा यानी की हवा आकाश पानी आग यह सब जो है जो पांचों तत्व है वह इंसान के अंदर पाए जाते हैं और वही तत्व प्रकृति के अंदर भी पाए जाते हैं इस प्रकार से प्रकृत जो है हमें सबसे पहले प्रेम करना सिखाती है जबकि इंसान जो है पर किसके साथ हमेशा परेशान करता रहता है एनी हमेशा उसे हर तरह से विनाश की तरफ अग्रसर करके उसे हमेशा नुकसान पहुंचाता रहता है जिससे एक छोटा बच्चा जो हमेशा अपनी मां की आंख कान को नमस्कार और खड़ा रहता है लेकिन माउस का बुरा नहीं मानती ठीक उसी प्रकार की स्थिति है इंसान को हर प्रकार से सुख-सुविधा देते हुए यहां तक कि वृक्ष के जरिए हमें शुद्ध व मिलते हैं और वृक्षों के जरिए हमें पानी मिलता है यह सब क्रिकेट की ही देन है न कि वह हमारे लिए हर तरह से वह हमारे हित में ही बसती है और हमें प्रेम करना सिखाती है किंतु इंसान उसके बदले में हमेशा उसे नुकसान ही पहुंचा जाता है पहुंचाता है इंसान इस धरती पर सबसे गया गुजरा हुआ जीव है यहां तक कि जानवर से भी बदतर होता है जानवर के पास तो इतना नहीं है लेकिन इंसान के पास चेतना होते हुए भी वह क्रिकेट को नुकसान पहुंचाता है लेकिन जानवर इंसान से बढ़िया है कि वह पोषण में ही अपना दिन व्यतीत करते हैं लेकिन इंसान जो है हमेशा अपने स्वार्थ के लिए हमेशा प्रकृति को नुकसान पहुंचाता रहता है पेड़ों की कटाई हुई या फिर चाहे जल को ही प्रदर्शित करना हुआ या नहीं अपने स्वार्थ के लिए कारखाने फैक्ट्रियों की जो पानी है उसका जो केमिकल है उसको पानी में छोड़ कर के उसे भी प्रदूषित करता रहता है पानी पहुंचाता रहता है सिर्फ अपने भौतिक सुखों की प्राप्ति के लिए लेकिन प्रकृति जो है इसके बाद में फिर भी हुआ है हमें जो है प्रेम ही करती है या नहीं हमें प्रेम ही सिखाती है और हमेशा हमारे लिए वह शुद्ध वातावरण और अनेक अलौकिक दृश्य जो है हमें इस धरती पर में देखने के लिए दुआ देती है इसका सबसे प्रेम की शुरुआत जो है प्राकृतिक प्रकृति अगर नहीं होती तो इंसान का सृजन ही नहीं होता इंसान प्राकृतिक बगैर जिंदा ही नहीं रह सकता है पर किसके जरिए इंसान जीवित है क्योंकि प्रकृति में शुद्ध पानी और हर एक चीज जो एक इंसान को जीने के लिए जो उपयोग में चाहिए होते हैं वह सब चीज प्रकृत हमें उपलब्ध कराते हैं इसलिए प्रकृत जो है में सब कुछ देती है प्रेम करना सिखाती हैं प्रकृति जरिए हम जीवित हैं
Is sansaar mein sabase pahale prakrt ne hee prem karana sikhaaya prakrti vah god hai maan kee jisane har ek insaan jo hai us maan kee god mein pratidin khelata hai aur phalata phoolata badhata hai prakrti vah sthaan hai jisamen jo hai insaan ek chhote se bachche ke samaan hai theek usee prakaar se ek chhota sa bachcha hota hai 1 saal ya 2 saal ka hota hai aksar apane maan ke jab ko to baithata hai tab vah hamesha usake haathon ko aur aankh kaan naak munh hamesha use jo hai naashta kheenchata rahata hai kintu maus ka bura nahin maanatee hai kyonki vah jaanate hain ki yah anajaan hai aur balki vah usake saath aamod pramod end vinod usake saath hansee majaak ka khel khelatee hai aur sapane pooree tarah se laad pyaar karatee hain theek isee prakaar se aur insaan ka bhee rishta hai to sabase pahale is sansaar mein prakrti aaee aur prakrti ke jarie insaan jo hai prem karana sikha jo tatv kitane pae jaate hain aur ham isamen jo bhee tatv pae jaate hain ya prakrti ke jarie is sansaar mein jo ki paanchon tatv hai jal paavak gagan sameera yaanee kee hava aakaash paanee aag yah sab jo hai jo paanchon tatv hai vah insaan ke andar pae jaate hain aur vahee tatv prakrti ke andar bhee pae jaate hain is prakaar se prakrt jo hai hamen sabase pahale prem karana sikhaatee hai jabaki insaan jo hai par kisake saath hamesha pareshaan karata rahata hai enee hamesha use har tarah se vinaash kee taraph agrasar karake use hamesha nukasaan pahunchaata rahata hai jisase ek chhota bachcha jo hamesha apanee maan kee aankh kaan ko namaskaar aur khada rahata hai lekin maus ka bura nahin maanatee theek usee prakaar kee sthiti hai insaan ko har prakaar se sukh-suvidha dete hue yahaan tak ki vrksh ke jarie hamen shuddh va milate hain aur vrkshon ke jarie hamen paanee milata hai yah sab kriket kee hee den hai na ki vah hamaare lie har tarah se vah hamaare hit mein hee basatee hai aur hamen prem karana sikhaatee hai kintu insaan usake badale mein hamesha use nukasaan hee pahuncha jaata hai pahunchaata hai insaan is dharatee par sabase gaya gujara hua jeev hai yahaan tak ki jaanavar se bhee badatar hota hai jaanavar ke paas to itana nahin hai lekin insaan ke paas chetana hote hue bhee vah kriket ko nukasaan pahunchaata hai lekin jaanavar insaan se badhiya hai ki vah poshan mein hee apana din vyateet karate hain lekin insaan jo hai hamesha apane svaarth ke lie hamesha prakrti ko nukasaan pahunchaata rahata hai pedon kee kataee huee ya phir chaahe jal ko hee pradarshit karana hua ya nahin apane svaarth ke lie kaarakhaane phaiktriyon kee jo paanee hai usaka jo kemikal hai usako paanee mein chhod kar ke use bhee pradooshit karata rahata hai paanee pahunchaata rahata hai sirph apane bhautik sukhon kee praapti ke lie lekin prakrti jo hai isake baad mein phir bhee hua hai hamen jo hai prem hee karatee hai ya nahin hamen prem hee sikhaatee hai aur hamesha hamaare lie vah shuddh vaataavaran aur anek alaukik drshy jo hai hamen is dharatee par mein dekhane ke lie dua detee hai isaka sabase prem kee shuruaat jo hai praakrtik prakrti agar nahin hotee to insaan ka srjan hee nahin hota insaan praakrtik bagair jinda hee nahin rah sakata hai par kisake jarie insaan jeevit hai kyonki prakrti mein shuddh paanee aur har ek cheej jo ek insaan ko jeene ke lie jo upayog mein chaahie hote hain vah sab cheej prakrt hamen upalabdh karaate hain isalie prakrt jo hai mein sab kuchh detee hai prem karana sikhaatee hain prakrti jarie ham jeevit hain

#रिश्ते और संबंध

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ब्रेकअप के बाद गर्लफ्रेंड वापस कैसे आएगी?Breakup Ke Baad Girlfriend Vapas Kaise Aaenge
A.k.s. Bolkar App
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Teacher
4:56
अगर आपको अपनी गर्लफ्रेंड को वापस लाना है तू ही उसके लिए मैं यहां पर आपको 4 टिप्स बताऊंगा जिसके जरिए जो है आप अपनी गर्लफ्रेंड को वापस ला सकते हैं तो सबसे पहली बात होगी कि नो रिएक्शन इज द बेस्ट रिएक्शन कहने का मतलब अगर या कब दे कब हो गए हैं तो आप अपने रिएक्शन को यानी कि आपके द्वारा जो हरकते की जाती हैं जैसे कि आप रोना धोना है फिर अपने दोस्तों के साथ अपने दुख को शेयर करना कि मालूम मेरा उसके साथ ब्रेकअप हो गया है हम उसके बगैर जी नहीं सकता हूं यह सब चीजें आप जो है मत करिए आप सोशल मीडिया के जरिए मतलब जैसे फेसबुक व्हाट्सएप इंस्टाग्राम वाला किसी भी पर आज जो है अपने किसी भी फ्रेंड के साथ अपने दुख को शेयर मत कीजिए कि दुनिया जो सिर्फ आपके सामने आपको सिर्फ दिखाने के लिए कि वह आपके साथ हैं लेकिन आपकी पीठ पीछे आपकी बुराई करती है और वह एक ही भले हुआ साले का इसका ब्रेकअप हो गया है इसी काबिल था ऐसा हुआ वह दुनिया भर की बातें जो हैं आपके फ्रेंड लोग सोचते हैं और ऐसा जो है वह मजा लेते हैं इसलिए को सबसे पहले दिखाना है मतलब कि आप को उस लड़की के साथ जब ब्रेकअप हुआ है तो आपको कोई भी दुख नहीं हुआ है आप अपने आपको हमेशा खुश रखिए लोगों के सामने यह तो बात और है कि जब किसी गर्लफ्रेंड के साथ कर जब मारी करना काफी समय से लंबे समय से अगर बातचीत होती आ रही होती है ऐसे में अगर कोई हमें छोड़ता है तो बहुत दुख होता है तो हमें लोगों को यह दिखाने की आवश्यकता है पहला पॉइंट है कि मतलब आप खुश हो और बल्कि पहले से बहुत ज्यादा खुश हो इस प्रकार से आप जो है लड़की को अपनी गर्लफ्रेंड को वापस पा सकते हैं पहला पॉइंट दूसरे पर जो है आप जो है उससे इनडायरेक्टली बात करेंगे इधर भी बात नहीं करनी है आपको उससे आपको इनडायरेक्टली बात करनी है इंडस्ट्री आप कैसे बात करेंगे आप जो है अपने फ्रेंड से उसकी कमियों को से बताइए मदद किया वह लड़की मेरी गर्लफ्रेंड तो है उसके द्वारा ऐसी गलती की है इसलिए मैंने उसको छोड़ दिया और मैं इस वक्त आप बहुत खुश हूं आपके फ्रेंड के द्वारा उसके फ्रेंड के पास मैसेज आएगा और उसके फ्रेंड जो है उसको मैसेज देंगे यार वह तो तुम्हारे ब्रेकअप हो तो उसके बाद खुश है वह तो बहुत अच्छी जिंदगी जी रहा है इतना वह नहीं होगा मतलब कि उसको बर्दाश्त नहीं होगा कि मैं यहां पर इतना दुख तकलीफ हो रही है 30 पॉइंट यह विशेष जब भी अगर अध्यापक अगर गर्लफ्रेंड से आपको मिलना नहीं है सबसे जरूरी बात है कि आप अपनी हंसी बढ़ाइए हंसी तो आप अपना स्टेटस बढ़ाइए ताकि वह आपको पाने के लिए वापस आए मेरे कहने का मतलब आप अपने आप को इतना कामयाब बनाएगी उसको छूने के बाद ताकि उसको इस बात की फीलिंग हो इस बात का एहसास हो कि मैं नहीं यार उसको छोड़ दिया मैंने उसके साथ गद्दारी किया मैंने उसको उसके दादा ने गलत किया यह मेरी बहुत जिंदगी की सबसे बड़ी भूल थी मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था इसलिए आप जो है अपने आपको हंसते हुए मतलब खुश रखते हुए दुनिया के सामने अपने स्टेटस को बढ़ाने की आवश्यकता है जब आपकी हंसी बढ़ेगी तो उसे इस बात का पता होगा कि मैंने उसके साथ बहुत बड़ी गलती की अगर पास में उसके साथ गलती नहीं की होती तो फिर आज मैं उसके साथ होती इसलिए आप भी अपने स्टेटस को यानी कि अपनी हैसियत को अपनी औकात को बढ़ाने के लिए अक्सर वही सब कुछ छोड़ छाड़ के रोना-धोना सब कुछ बंद करके डेफिनेटली जो है वह आपके प्यार को फिर से वापस पाने के लिए उत्तरदाई चौथी जो बात है वह है अगर यदि आप उसे सच्चा प्यार कर रहे हैं तो सबसे पहली बात है कि उसके दिल में आपके प्रति अगाध प्रेम होगा दोबारा तो वह निश्चित आएगी क्योंकि जब आपके द्वारा ऐसे कार्य किए जाएंगे इनकी उसको इनडायरेक्टली उसके पास मैसेज भेजा जाएगा उसके आपके फ्रेंड द्वारा उसके फ्रेंड को और फिर साथ ही साथ जब आपका स्टेटस बनेगा और उसके बाद जब लोगों के द्वारा उसके पास मैसेज आएगा कि यार वह तो पहले से अधिक हंसी खुशी जिंदगी जी रहा है बल्कि वह तो अब और भी खुश है मगर तुम्हें छोड़ कर गई है वह पूजा चालू हो जाएगी और वह अंडर पर्सेंट वापस वापस आएगी तुझा तो मुझे लगता है कि गर्लफ्रेंड को वापस पाने का यह सबसे अच्छा तरीका है
Agar aapako apanee garlaphrend ko vaapas laana hai too hee usake lie main yahaan par aapako 4 tips bataoonga jisake jarie jo hai aap apanee garlaphrend ko vaapas la sakate hain to sabase pahalee baat hogee ki no riekshan ij da best riekshan kahane ka matalab agar ya kab de kab ho gae hain to aap apane riekshan ko yaanee ki aapake dvaara jo harakate kee jaatee hain jaise ki aap rona dhona hai phir apane doston ke saath apane dukh ko sheyar karana ki maaloom mera usake saath brekap ho gaya hai ham usake bagair jee nahin sakata hoon yah sab cheejen aap jo hai mat karie aap soshal meediya ke jarie matalab jaise phesabuk vhaatsep instaagraam vaala kisee bhee par aaj jo hai apane kisee bhee phrend ke saath apane dukh ko sheyar mat keejie ki duniya jo sirph aapake saamane aapako sirph dikhaane ke lie ki vah aapake saath hain lekin aapakee peeth peechhe aapakee buraee karatee hai aur vah ek hee bhale hua saale ka isaka brekap ho gaya hai isee kaabil tha aisa hua vah duniya bhar kee baaten jo hain aapake phrend log sochate hain aur aisa jo hai vah maja lete hain isalie ko sabase pahale dikhaana hai matalab ki aap ko us ladakee ke saath jab brekap hua hai to aapako koee bhee dukh nahin hua hai aap apane aapako hamesha khush rakhie logon ke saamane yah to baat aur hai ki jab kisee garlaphrend ke saath kar jab maaree karana kaaphee samay se lambe samay se agar baatacheet hotee aa rahee hotee hai aise mein agar koee hamen chhodata hai to bahut dukh hota hai to hamen logon ko yah dikhaane kee aavashyakata hai pahala point hai ki matalab aap khush ho aur balki pahale se bahut jyaada khush ho is prakaar se aap jo hai ladakee ko apanee garlaphrend ko vaapas pa sakate hain pahala point doosare par jo hai aap jo hai usase inadaayarektalee baat karenge idhar bhee baat nahin karanee hai aapako usase aapako inadaayarektalee baat karanee hai indastree aap kaise baat karenge aap jo hai apane phrend se usakee kamiyon ko se bataie madad kiya vah ladakee meree garlaphrend to hai usake dvaara aisee galatee kee hai isalie mainne usako chhod diya aur main is vakt aap bahut khush hoon aapake phrend ke dvaara usake phrend ke paas maisej aaega aur usake phrend jo hai usako maisej denge yaar vah to tumhaare brekap ho to usake baad khush hai vah to bahut achchhee jindagee jee raha hai itana vah nahin hoga matalab ki usako bardaasht nahin hoga ki main yahaan par itana dukh takaleeph ho rahee hai 30 point yah vishesh jab bhee agar adhyaapak agar garlaphrend se aapako milana nahin hai sabase jarooree baat hai ki aap apanee hansee badhaie hansee to aap apana stetas badhaie taaki vah aapako paane ke lie vaapas aae mere kahane ka matalab aap apane aap ko itana kaamayaab banaegee usako chhoone ke baad taaki usako is baat kee pheeling ho is baat ka ehasaas ho ki main nahin yaar usako chhod diya mainne usake saath gaddaaree kiya mainne usako usake daada ne galat kiya yah meree bahut jindagee kee sabase badee bhool thee mujhe aisa nahin karana chaahie tha isalie aap jo hai apane aapako hansate hue matalab khush rakhate hue duniya ke saamane apane stetas ko badhaane kee aavashyakata hai jab aapakee hansee badhegee to use is baat ka pata hoga ki mainne usake saath bahut badee galatee kee agar paas mein usake saath galatee nahin kee hotee to phir aaj main usake saath hotee isalie aap bhee apane stetas ko yaanee ki apanee haisiyat ko apanee aukaat ko badhaane ke lie aksar vahee sab kuchh chhod chhaad ke rona-dhona sab kuchh band karake dephinetalee jo hai vah aapake pyaar ko phir se vaapas paane ke lie uttaradaee chauthee jo baat hai vah hai agar yadi aap use sachcha pyaar kar rahe hain to sabase pahalee baat hai ki usake dil mein aapake prati agaadh prem hoga dobaara to vah nishchit aaegee kyonki jab aapake dvaara aise kaary kie jaenge inakee usako inadaayarektalee usake paas maisej bheja jaega usake aapake phrend dvaara usake phrend ko aur phir saath hee saath jab aapaka stetas banega aur usake baad jab logon ke dvaara usake paas maisej aaega ki yaar vah to pahale se adhik hansee khushee jindagee jee raha hai balki vah to ab aur bhee khush hai magar tumhen chhod kar gaee hai vah pooja chaaloo ho jaegee aur vah andar parsent vaapas vaapas aaegee tujha to mujhe lagata hai ki garlaphrend ko vaapas paane ka yah sabase achchha tareeka hai

#धर्म और ज्योतिषी

bolkar speaker
क्या सिर्फ कलयुग की वजह से भगवान हमें दिखाई नहीं देते हैं?Kya Sirf Kalyug Ki Vajah Se Bhagwan Hume Dikhai Nahi Dete Hain
A.k.s. Bolkar App
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Teacher
2:03
सिर्फ कलयुग ही नहीं हर युग में ईश्वर जो है हमेशा हमारे साथ ही मौजूद होता है चाहे वह सतयुग त्रेता द्वापर हो या फिर कलयुग हो हर युग में परमात्मा यानी ईश्वर जो है वह हमेशा हमारे साथ है वह कण-कण में विद्यमान है फर्क सिर्फ इतना होता है कि हम अपने इन खुली आंखों से उसका दीदार नहीं कर पाते हैं क्योंकि हमें उसकी प्राप्ति के लिए हमें अंतरात्मा में झांकने की आवश्यकता है हम अंतर्ध्यान हो करके उसको देख सकते हैं किंतु सबसे बड़ी समस्या यह है कि हम अंतर्ध्यान तभी होंगे और हमारा ध्यान एकाग्र होकर के उस ईश्वर की तरफ तभी मिलेगा जब हम संसार की इन भौतिक सुखों का त्याग करके अपने मन से ईर्ष्या द्वेष क्रोध लोभ अहंकार यह सभी चीजें अगर यदि हमारे मन में ना हो तनी हमारा मन निर्मल हो साफ हो और हमारे मन में किसी के प्रति ईर्ष्या से लेकर के लालच या फिर अहंकार यह सब अगर धारणा अगर हमारे मन में नहीं आती हैं तो फिर हम उस ईश्वर का दीदार हर युग में कर सकते हैं इस कलयुग में तो और भी आसान है अगर हम ईश्वर को अगर यह देखना चाहते हैं तो फिर हमें जो है तन मन से अपने मन को साफ सुथरा रखते हुए देख सकते हैं सिर्फ इसके लिए हमें कर्म की आवश्यकता है और कुछ भी नहीं इसके लिए हमें लोभ मोह अहंकार इन सब का परित्याग करके हमें अंतर्ध्यान होने की आवश्यकता है बाकी हमें हर युग में दिखाई देता है चाहे वह कोई भी युग हो यह जरूरी नहीं कि कलयुग है इसीलिए में वह दिखाई नहीं देता हमें सिर्फ कर्म की आवश्यकता है बाकी हमें हर युग में दर्शन दे सकते हैं धन्यवाद
Sirph kalayug hee nahin har yug mein eeshvar jo hai hamesha hamaare saath hee maujood hota hai chaahe vah satayug treta dvaapar ho ya phir kalayug ho har yug mein paramaatma yaanee eeshvar jo hai vah hamesha hamaare saath hai vah kan-kan mein vidyamaan hai phark sirph itana hota hai ki ham apane in khulee aankhon se usaka deedaar nahin kar paate hain kyonki hamen usakee praapti ke lie hamen antaraatma mein jhaankane kee aavashyakata hai ham antardhyaan ho karake usako dekh sakate hain kintu sabase badee samasya yah hai ki ham antardhyaan tabhee honge aur hamaara dhyaan ekaagr hokar ke us eeshvar kee taraph tabhee milega jab ham sansaar kee in bhautik sukhon ka tyaag karake apane man se eershya dvesh krodh lobh ahankaar yah sabhee cheejen agar yadi hamaare man mein na ho tanee hamaara man nirmal ho saaph ho aur hamaare man mein kisee ke prati eershya se lekar ke laalach ya phir ahankaar yah sab agar dhaarana agar hamaare man mein nahin aatee hain to phir ham us eeshvar ka deedaar har yug mein kar sakate hain is kalayug mein to aur bhee aasaan hai agar ham eeshvar ko agar yah dekhana chaahate hain to phir hamen jo hai tan man se apane man ko saaph suthara rakhate hue dekh sakate hain sirph isake lie hamen karm kee aavashyakata hai aur kuchh bhee nahin isake lie hamen lobh moh ahankaar in sab ka parityaag karake hamen antardhyaan hone kee aavashyakata hai baakee hamen har yug mein dikhaee deta hai chaahe vah koee bhee yug ho yah jarooree nahin ki kalayug hai iseelie mein vah dikhaee nahin deta hamen sirph karm kee aavashyakata hai baakee hamen har yug mein darshan de sakate hain dhanyavaad

#जीवन शैली

A.k.s. Bolkar App
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Teacher
2:51
मानव जीवन की जो सबसे बड़ी सच्चाई है वह यह है कि वह स्वयं से रूबरू नहीं हो पाता है इनकी पहचान नहीं कर पाता है जैसा कि इंग्लिश में एक कहावत भी कही गई है कि सेल्फ रिलाइजेशन बिफोर गार्ड रिलाइजेशन ईश्वर की पहचान करने से पहले तो इनकी पहचान करनी बहुत ही आवश्यक है यही बात है कि जो मानव जीवन की जो हमारी ओर से बड़ी गाड़ी जो सबसे बड़ी सच्चाई है वही है इनकी पहचान करना इंसान को लेकिन इस बात से हर कोई वाकिफ होते हुए भी इन सब बातों को नजरअंदाज करता है और जब तक जिंदा रहता है तब तक मेरा और मेरी के पीछे भागता रहता है मेरा और मेरे से मतलब की है मेरी बीवी है मेरा बच्चा है मेरी मां है यह मेरी प्रॉपर्टी है मेरा पैसा है या मेरा दोस्त है यह मेरा रिश्तेदार है किंतु जब मौत आती है तब उसके साथ कुछ भी नहीं जाता या नहीं कोई भी चीज नहीं जाती है सब चीज कभी रिश्ते नाते जो है तभी धन दौलत सब कुछ उस से रिश्ता तोड़ देते हैं इनकी कोई रिश्तेदार पता नहीं रहता है जब जाता तो अकेले ही जाता है और खाली हाथ जाता है तो बस यही माना जाता है लाइफ पूरी जिंदगी जो है बस ऐसे झूठ के पीछे भागता है अपने भौतिक सुखों के लिए ऐसे सूट करता है जिससे कि वह से रूबरू हो ही नहीं पाता है और जब मरने की बारी आती है तब जब खाली आने लगता है तब उसे इस बात का अहसास होता है पर लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती है यानी कि जब तक जीवित रहता है तब तक वह अपने वास्तविक सैनिक अपने स्वयं के परिचय के सेवा रूबरू नहीं हो पाता अपने आप से नहीं रूबरू हो पता है कि मैं कौन हूं मैं कहां से आया हूं और मौत के बाद मैं कहां जाऊंगा क्या मेरे साथ मेरे यार दोस्त नाते नाते रिश्ते ऐसे ही मेरे साथ जाएंगे इन सब के बारे में कोई सोचता ही नहीं है बस दोनों हाथों से बस यह मेरा है यह मेरी है बस इन दो बड़ों के पीछे इंसान भागता रहता है सारी जिंदगी जीवन की यही जो है सच्चाई है और वह अपने आप से नहीं हो पाता सेवा अपने आप की पहचान नहीं करता अपने आप से रूबरू नहीं हो पाता कि मैं कौन हूं मेरा वजूद क्या है धरती पर आया हूं तू कौन है मैं मर रहा हूं तो क्यों मर रहा हूं और मरने के बाद मैं कहां रहूंगा इन सब से इंसान रूबरू नहीं हो पाता है यही जिंदगी का सबसे बड़ा कड़वा सच है
Maanav jeevan kee jo sabase badee sachchaee hai vah yah hai ki vah svayan se roobaroo nahin ho paata hai inakee pahachaan nahin kar paata hai jaisa ki inglish mein ek kahaavat bhee kahee gaee hai ki selph rilaijeshan biphor gaard rilaijeshan eeshvar kee pahachaan karane se pahale to inakee pahachaan karanee bahut hee aavashyak hai yahee baat hai ki jo maanav jeevan kee jo hamaaree or se badee gaadee jo sabase badee sachchaee hai vahee hai inakee pahachaan karana insaan ko lekin is baat se har koee vaakiph hote hue bhee in sab baaton ko najarandaaj karata hai aur jab tak jinda rahata hai tab tak mera aur meree ke peechhe bhaagata rahata hai mera aur mere se matalab kee hai meree beevee hai mera bachcha hai meree maan hai yah meree propartee hai mera paisa hai ya mera dost hai yah mera rishtedaar hai kintu jab maut aatee hai tab usake saath kuchh bhee nahin jaata ya nahin koee bhee cheej nahin jaatee hai sab cheej kabhee rishte naate jo hai tabhee dhan daulat sab kuchh us se rishta tod dete hain inakee koee rishtedaar pata nahin rahata hai jab jaata to akele hee jaata hai aur khaalee haath jaata hai to bas yahee maana jaata hai laiph pooree jindagee jo hai bas aise jhooth ke peechhe bhaagata hai apane bhautik sukhon ke lie aise soot karata hai jisase ki vah se roobaroo ho hee nahin paata hai aur jab marane kee baaree aatee hai tab jab khaalee aane lagata hai tab use is baat ka ahasaas hota hai par lekin tab tak bahut der ho chukee hotee hai yaanee ki jab tak jeevit rahata hai tab tak vah apane vaastavik sainik apane svayan ke parichay ke seva roobaroo nahin ho paata apane aap se nahin roobaroo ho pata hai ki main kaun hoon main kahaan se aaya hoon aur maut ke baad main kahaan jaoonga kya mere saath mere yaar dost naate naate rishte aise hee mere saath jaenge in sab ke baare mein koee sochata hee nahin hai bas donon haathon se bas yah mera hai yah meree hai bas in do badon ke peechhe insaan bhaagata rahata hai saaree jindagee jeevan kee yahee jo hai sachchaee hai aur vah apane aap se nahin ho paata seva apane aap kee pahachaan nahin karata apane aap se roobaroo nahin ho paata ki main kaun hoon mera vajood kya hai dharatee par aaya hoon too kaun hai main mar raha hoon to kyon mar raha hoon aur marane ke baad main kahaan rahoonga in sab se insaan roobaroo nahin ho paata hai yahee jindagee ka sabase bada kadava sach hai

#टेक्नोलॉजी

bolkar speaker
सावित्रीबाई फुले ने किस क्षेत्र में काम किया था?Savitribai Phule Ne Kis Shetr Mein Kaam Kiya Tha
A.k.s. Bolkar App
Top Speaker,Level 55
सुनिए A.k.s. जी का जवाब
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5:33
सावित्रीबाई फुले जी जो एक दलित वर्ग की महिला थी उनके द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान अविस्मरणीय और सराहनीय और अतुलनीय है सब तेरी बाई फुले जी का जन्म 3 जनवरी 18 से 31 ईसवी में हुआ था उनके द्वारा बियर के शिक्षा के क्षेत्र में योगदान जो है वह बहुत ही सराहनीय हैं 1821 में जन्म हुआ और नव वर्ष की उम्र में उनकी शादी जो है ज्योति राव फुले फुले जी के साथ हो गई थी उनके पति ज्योतिराव फुले वह भी एक बहुत ही अच्छे देशभक्त और छुआछूत और विधवा के प्रति अत्याचार बाल शोषण बाल विवाह जैसी कुरीतियों के खिलाफ भी आवाज उठाते थे किंतु सावित्रीबाई फुले जो इस देश की हरीश भारत देश की जो पहली महिला शिक्षक थी उनके द्वारा महिलाओं के लिए नहीं लड़कियों के लिए अट्ठारह स्कूल खुल गए थे यहां तक कि सावित्रीबाई फुले जी के जीवन काल में उन्हें अनेक कष्टों का सामना करना पड़ा जब वह स्कूल उनके द्वारा खोला गया था जब पढ़ाने जाती थी रास्ते में तब उनके ऊपर लोग पत्थर मारते थे और उनके ऊपर गंदगी में फेंका करते थे गलत अवधारणा रखने वाले जो कुरीतियों को बढ़ावा देने वाले जो व्यक्ति थे उनके द्वारा अधिक जो है शक्ति बाई फुले जी को बहुत ही प्रताड़ित किया जाता था किंतु सावित्रीबाई फुले फ्री इन्होंने हार नहीं माना अपनी जिंदगी में और यह प्रतिदिन विद्यालय जाकर के बच्चियों को शिक्षा देने के लिए घर से जब निकलती थी पुराने गंदे कपड़े दूसरा बस उसके बाद जब विद्यालय पहुंची थी विद्यालय में बच्चों को शिक्षा देती है जो गुणवत्ता थी इनके अंदर जो धैर्य था जो सच था वह बहुत ही अतुलनीय था सावित्रीबाई फुले जी जैसी जो महिला जिनके द्वारा दिए गए योगदान को किन के द्वारा किए गए प्रयास को आज भारत देश जो है वह पूरी तरह से भुला चुका है इसके पीछे का जो मुख्य रीजन जो कारण है वजह है कि वह दलित वर्ग से संबंध रखती थी दलित वर्ग का कोई व्यक्ति होता है अगर उसके द्वारा कोई भी कार्य विशेष विशेष हो जाता है उसकी विशेषताओं को भी नजरअंदाज करके उसकी यादों को भुला दिया जाता है मैं तो चाहूंगा इस भारत देश को ऐसे लोगों की उनकी यादों को हमें हमेशा याद करके रखना चाहिए और उनकी पुण्यतिथि को जो आज 3 जनवरी को है ऐसे में हमारे देश को चाहिए कि उनकी इस पॉलिसी को याद करके हमें जो है जिन्होंने बालिकाओं के लिए महिलाओं के लिए विशेष योगदान दिया शिक्षा क्षेत्र में महिलाओं को भी पढ़ने लिखने का दिया जाना चाहिए इस प्रकार से शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा दिया गया और महिलाओं के प्रति नहीं जिस प्रकार से मदर टेरेसा थी जो लोगों के हमेशा दुख तकलीफों में काम आती थी उसी प्रकार से सावित्रीबाई फुले भी जो है वह लोगों के हित में काम करती थी एक बार की बात थी एक विधवा ब्राह्मण महिला थी जो कि उनके पेट में बच्चा यानी कि वह गर्भवती थी इस दौरान को घर से निकाल दिया था कि वह प्रेग्नेंट हो गए उनके द्वारा उत्पन्न बच्चे को जो पैदा जो बच्चा पैदा हुआ उसका नाम यश उन्होंने उसे गोद लेने के बच्चे को सावित्रीबाई फुले ने बनाया इसके लिए उन्होंने लोगों ने एक नेक इंसान बनाया था यह सावित्रीबाई फुले जी की महानता थी जो कि वह इस देश से भारत देश में उस वक्त जो पूरी तरह से छुआछूत और अराजकता की तरह है जो फैली हुई थी जाति धर्म के नाम पर इस देश में बटवारा हो गया था बल्कि लोग दलित वर्ग से भेदभाव इतना ज्यादा करते थे ऐसे में वह महिला जो है इस देश के लिए पहला महिलाओं के लिए नहीं बच्चियों के लिए उन्होंने स्कूल खोला था जो पुणे में स्थित था और 58 स्कूल भी उन्होंने पूरी में खोला था प्लेग की बीमारी में जब लोगों की सेवा देते हुए उन्होंने अपने आपको सहित कर लिया याने कि वह भी प्ले की चपेट में आ गई थी 1890 आसपास की पोस्ट की थी जब प्ले की बीमारी फैली थी और उन लोगों की सेवा करने में उन्होंने अपनी जान निछावर कर दिया महिला को शत शत नमन है कोर्ट कोर्ट नंबर है जो कि आज मेरा भारत देश जो है ऐसी महिलाओं के दिए गए योगदान को भी भुला दिया है मुझे शर्म आती है तो भारत देश के लोगों के ऊपर जो ऐसी महिलाओं की कदर नहीं करते हैं उनको याद भी नहीं करते हैं धन्यवाद
Saavitreebaee phule jee jo ek dalit varg kee mahila thee unake dvaara shiksha ke kshetr mein die gae yogadaan avismaraneey aur saraahaneey aur atulaneey hai sab teree baee phule jee ka janm 3 janavaree 18 se 31 eesavee mein hua tha unake dvaara biyar ke shiksha ke kshetr mein yogadaan jo hai vah bahut hee saraahaneey hain 1821 mein janm hua aur nav varsh kee umr mein unakee shaadee jo hai jyoti raav phule phule jee ke saath ho gaee thee unake pati jyotiraav phule vah bhee ek bahut hee achchhe deshabhakt aur chhuaachhoot aur vidhava ke prati atyaachaar baal shoshan baal vivaah jaisee kureetiyon ke khilaaph bhee aavaaj uthaate the kintu saavitreebaee phule jo is desh kee hareesh bhaarat desh kee jo pahalee mahila shikshak thee unake dvaara mahilaon ke lie nahin ladakiyon ke lie atthaarah skool khul gae the yahaan tak ki saavitreebaee phule jee ke jeevan kaal mein unhen anek kashton ka saamana karana pada jab vah skool unake dvaara khola gaya tha jab padhaane jaatee thee raaste mein tab unake oopar log patthar maarate the aur unake oopar gandagee mein phenka karate the galat avadhaarana rakhane vaale jo kureetiyon ko badhaava dene vaale jo vyakti the unake dvaara adhik jo hai shakti baee phule jee ko bahut hee prataadit kiya jaata tha kintu saavitreebaee phule phree inhonne haar nahin maana apanee jindagee mein aur yah pratidin vidyaalay jaakar ke bachchiyon ko shiksha dene ke lie ghar se jab nikalatee thee puraane gande kapade doosara bas usake baad jab vidyaalay pahunchee thee vidyaalay mein bachchon ko shiksha detee hai jo gunavatta thee inake andar jo dhairy tha jo sach tha vah bahut hee atulaneey tha saavitreebaee phule jee jaisee jo mahila jinake dvaara die gae yogadaan ko kin ke dvaara kie gae prayaas ko aaj bhaarat desh jo hai vah pooree tarah se bhula chuka hai isake peechhe ka jo mukhy reejan jo kaaran hai vajah hai ki vah dalit varg se sambandh rakhatee thee dalit varg ka koee vyakti hota hai agar usake dvaara koee bhee kaary vishesh vishesh ho jaata hai usakee visheshataon ko bhee najarandaaj karake usakee yaadon ko bhula diya jaata hai main to chaahoonga is bhaarat desh ko aise logon kee unakee yaadon ko hamen hamesha yaad karake rakhana chaahie aur unakee punyatithi ko jo aaj 3 janavaree ko hai aise mein hamaare desh ko chaahie ki unakee is polisee ko yaad karake hamen jo hai jinhonne baalikaon ke lie mahilaon ke lie vishesh yogadaan diya shiksha kshetr mein mahilaon ko bhee padhane likhane ka diya jaana chaahie is prakaar se shiksha ke kshetr mein unake dvaara diya gaya aur mahilaon ke prati nahin jis prakaar se madar teresa thee jo logon ke hamesha dukh takaleephon mein kaam aatee thee usee prakaar se saavitreebaee phule bhee jo hai vah logon ke hit mein kaam karatee thee ek baar kee baat thee ek vidhava braahman mahila thee jo ki unake pet mein bachcha yaanee ki vah garbhavatee thee is dauraan ko ghar se nikaal diya tha ki vah pregnent ho gae unake dvaara utpann bachche ko jo paida jo bachcha paida hua usaka naam yash unhonne use god lene ke bachche ko saavitreebaee phule ne banaaya isake lie unhonne logon ne ek nek insaan banaaya tha yah saavitreebaee phule jee kee mahaanata thee jo ki vah is desh se bhaarat desh mein us vakt jo pooree tarah se chhuaachhoot aur araajakata kee tarah hai jo phailee huee thee jaati dharm ke naam par is desh mein batavaara ho gaya tha balki log dalit varg se bhedabhaav itana jyaada karate the aise mein vah mahila jo hai is desh ke lie pahala mahilaon ke lie nahin bachchiyon ke lie unhonne skool khola tha jo pune mein sthit tha aur 58 skool bhee unhonne pooree mein khola tha pleg kee beemaaree mein jab logon kee seva dete hue unhonne apane aapako sahit kar liya yaane ki vah bhee ple kee chapet mein aa gaee thee 1890 aasapaas kee post kee thee jab ple kee beemaaree phailee thee aur un logon kee seva karane mein unhonne apanee jaan nichhaavar kar diya mahila ko shat shat naman hai kort kort nambar hai jo ki aaj mera bhaarat desh jo hai aisee mahilaon ke die gae yogadaan ko bhee bhula diya hai mujhe sharm aatee hai to bhaarat desh ke logon ke oopar jo aisee mahilaon kee kadar nahin karate hain unako yaad bhee nahin karate hain dhanyavaad

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हेलो फ्रेंड हमारे बोलकर आपके सभी मित्रों को नमस्कार जैसा की है अनुदित क्वेश्चन अमित सिंह बघेल जी के द्वारा किया गया है बट मेरे पास जो है या अनुचित क्वेश्चन का जवाब क्या है तो मैं अपने सभी मित्रों को 2020 के के इस जाते हुए समय के साथ साथ जो भी मारे बोलकर आपके जो भी मित्र इस क्वेश्चन के जरिए अपने गीत को प्रस्तुत किया है तो शायद मैं भी चाहूंगा कि मैं यहां पर अपने छोटे शब्दों में अपनों के साथ एक फोटो शेयर करना चाहूंगा और अगर कोई भी अगर गीत के बोल अगर कोई मिस्टेक होता है तो उसके लिए क्षमा चाहता हूं तुझको ना देखूं तो जी घबराता है तुझको ना देखूं तो जी घबराता है देखकर तुझको दिल को मेरे चैन आता है देखकर तुझको दिल को मेरे चैन आता है यह कैसा रिश्ता है कैसा नाता है यह कैसा रिश्ता है कैसा नाता है देख के तुझको दिल को मेरे चैन आता है देखकर तुझको दिल को मेरे चैन आता है हर गम उठा लो तंहा अकेला तेरे लिए है खुशियों का मेला सारा संसार दूं जीवन भी वार दूं जितना कहे तू इतना मैं प्यार दूं जितना कहे तू इतना मैं प्यार दूं मेरे लिए तू कितना दर्द उठाता है मेरे लिए तू कितना दर्द उठाता है देखकर तुझको दिल को मेरे चैन आता है देखकर तुझको दिल को मेरे चैन आता है माफी चाहता हूं थैंक यू टेक केयर मैं ईश्वर से यही कामना करता हूं
Helo phrend hamaare bolakar aapake sabhee mitron ko namaskaar jaisa kee hai anudit kveshchan amit sinh baghel jee ke dvaara kiya gaya hai bat mere paas jo hai ya anuchit kveshchan ka javaab kya hai to main apane sabhee mitron ko 2020 ke ke is jaate hue samay ke saath saath jo bhee maare bolakar aapake jo bhee mitr is kveshchan ke jarie apane geet ko prastut kiya hai to shaayad main bhee chaahoonga ki main yahaan par apane chhote shabdon mein apanon ke saath ek photo sheyar karana chaahoonga aur agar koee bhee agar geet ke bol agar koee mistek hota hai to usake lie kshama chaahata hoon tujhako na dekhoon to jee ghabaraata hai tujhako na dekhoon to jee ghabaraata hai dekhakar tujhako dil ko mere chain aata hai dekhakar tujhako dil ko mere chain aata hai yah kaisa rishta hai kaisa naata hai yah kaisa rishta hai kaisa naata hai dekh ke tujhako dil ko mere chain aata hai dekhakar tujhako dil ko mere chain aata hai har gam utha lo tanha akela tere lie hai khushiyon ka mela saara sansaar doon jeevan bhee vaar doon jitana kahe too itana main pyaar doon jitana kahe too itana main pyaar doon mere lie too kitana dard uthaata hai mere lie too kitana dard uthaata hai dekhakar tujhako dil ko mere chain aata hai dekhakar tujhako dil ko mere chain aata hai maaphee chaahata hoon thaink yoo tek keyar main eeshvar se yahee kaamana karata hoon

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क्या हाथों की लकीरों में तकदीर के बारे में लिखा होता है?Kya Haatho Ki Lakeero Mein Takdeer Ke Baare Mein Likha Hota Hai
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#धर्म और ज्योतिषी

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भौतिक संपदा से क्या ईश्वर की प्राप्ति हो सकती है?Bhautik Sampda Se Kya Ishvar Kee Prapti Ho Sakti Hai
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#धर्म और ज्योतिषी

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ध्यान की एकाग्रता में हरि मिलन की इच्छा होती है तब आंसू क्यों आता है?Dhyaan Ki Ekagrata Mein Hari Milan Ki Icha Hoti Hai Tab Aansu Kyun Aata Hai
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#धर्म और ज्योतिषी

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हमें गुरु और ईश्वर दोनों से प्यार है किन्तु हम ध्यान किसका करें?Hume Guru Aur Ishvar Donon Se Pyaar Hai Kintu Ham Dhyan Kiska Kare
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#धर्म और ज्योतिषी

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शारीरिक कष्ट के कारण ध्यान में सीधा नहीं बैठ सकते, क्या करें?Shareerik Kasht Ke Karan Dhyaan Mein Sidha Nahin Baith Sakte Kya Kare
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#रिश्ते और संबंध

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#खेल कूद

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ऐसा कौन सा जीव है जिसके बचपन में चार , जवानी में दो और बुढ़ापे में तीन पैर होते हैं?Aisa Kaun Sa Jeev Hai Jisake Bachapan Mein Chaar Javaanee Mein Do Aur Budhaape Mein Teen Pair Hote Hain
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#जीवन शैली

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मृत्यु होना अधिक कष्टदायक है या जन्म लेना अधिक कष्टदायक है?mrtyu hona adhik kashtadaayak hai ya janm lena adhik kashtadaayak hai
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बॉलीवुड के अजीब-ओ-ग़रीब शब्द 'पिंगा' का मतलब क्या होता है?boleevud ke ajeeb-o-gareeb shabd pinga ka matalab kya hota hai
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